समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक संपन्न बनी रणनीति समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक संपन्न बनी रणनीति बेलहर,संतकबीरनगर । समाजवादी पार्टी ने आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार करने हेतु सेक्टर और बूथ प्रभारियों की बैठकें आयोजित कीं। ये बैठकें शनिवार को बेलहर विकास खंड क्षेत्र के बेलवा सेगर चौराहा, मनैतापुर, सियाकटाई और मंझरिया पठान में हुईं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना था। कार्यक्रम का संचालन ओमकार यादव ने किया। बैठकों को संबोधित करते हुए पूर्व विधानसभा प्रत्याशी जयराम पांडेय ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों, असहायों और पिछड़े वर्ग की उपेक्षा कर रही है। पांडेय ने यह भी कहा कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने अयोध्या में कथित चंदा चोरी के मुद्दे का भी जिक्र करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। जयराम पांडेय ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के लिए काम करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। बैठकों को पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव, अनवारूल हक, प्रिया पाठक, इसहाक अंसारी, श्याम जी यादव और भावी जिला पंचायत प्रत्याशी वार्ड संख्या-7 राधेश्याम यादव सहित कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से संगठन की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने और बूथ स्तर पर मजबूती से काम करने का आग्रह किया। इस दौरान रियाज अहमद, अमित सिंह, उमाशंकर चौधरी, अमर सिंह यादव, राधेश्याम यादव, उमेश कुमार निषाद और संदीप कुमार यादव आर सी कन्नौजिया जैसे कई कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।
समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक संपन्न बनी रणनीति समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक संपन्न बनी रणनीति बेलहर,संतकबीरनगर । समाजवादी पार्टी ने आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार करने हेतु सेक्टर और बूथ प्रभारियों की बैठकें आयोजित कीं। ये बैठकें शनिवार को बेलहर विकास खंड क्षेत्र के बेलवा सेगर चौराहा, मनैतापुर, सियाकटाई और मंझरिया पठान में हुईं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय
करना था। कार्यक्रम का संचालन ओमकार यादव ने किया। बैठकों को संबोधित करते हुए पूर्व विधानसभा प्रत्याशी जयराम पांडेय ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों, असहायों और पिछड़े वर्ग की उपेक्षा कर रही है। पांडेय ने यह भी कहा कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने अयोध्या में कथित चंदा चोरी के मुद्दे का भी जिक्र करते
हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। जयराम पांडेय ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के लिए काम करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। बैठकों को पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव, अनवारूल हक, प्रिया पाठक, इसहाक अंसारी, श्याम जी यादव और
भावी जिला पंचायत प्रत्याशी वार्ड संख्या-7 राधेश्याम यादव सहित कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से संगठन की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने और बूथ स्तर पर मजबूती से काम करने का आग्रह किया। इस दौरान रियाज अहमद, अमित सिंह, उमाशंकर चौधरी, अमर सिंह यादव, राधेश्याम यादव, उमेश कुमार निषाद और संदीप कुमार यादव आर सी कन्नौजिया जैसे कई कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।
- साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को मिली बड़ी राहत, मेहदावल साइबर सेल ने वापस कराए 30 हजार रुपये मोबाइल फोन गुम होने के बाद खाते से निकाले गए थे 51,900 रुपये, त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को वापस मिली धनराशि संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में संचालित 'क्रैक साइबर क्राइम' अभियान के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के लिए जनपद पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में साइबर सेल थाना मेहदावल की टीम ने साइबर ठगी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित को 30,000 रुपये की धनराशि वापस कराकर बड़ी राहत प्रदान की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना मेहदावल क्षेत्र के ग्राम एवं पोस्ट सांडे खुर्द निवासी जयनाथ पुत्र रामायन का मोबाइल फोन गुम हो गया था। मोबाइल फोन गुम होने के बाद अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल नंबर का दुरुपयोग कर बैंक खाते से 51,900 रुपये की धनराशि धोखाधड़ी कर निकाल ली। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसकी शिकायत संख्या 23103260042828 पंजीकृत की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल थाना मेहदावल की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। आरक्षी संदीप कुमार गौतम एवं आरक्षी सौरभ कुमार ने संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित कर तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से धोखाधड़ी की गई धनराशि को होल्ड कराया। आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत पीड़ित के खाते में 30,000 रुपये की धनराशि सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर पीड़ित ने संतकबीरनगर पुलिस एवं साइबर सेल टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहना की। पीड़ित एवं उनके परिजनों ने थाना मेहदावल पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। इस सराहनीय कार्यवाही में प्रभारी निरीक्षक थाना मेहदावल राकेश कुमार सिंह, प्रभारी साइबर सेल उपनिरीक्षक संजय कुमार वर्मा, आरक्षी संदीप कुमार गौतम, आरक्षी सौरभ कुमार तथा रिक्रूट आरक्षी अमित कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जनता से अपील : जनपद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल अथवा संदेश पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति रिश्तेदार या मित्र बनकर धनराशि की मांग करे तो उसकी पहचान की पुष्टि किए बिना पैसे न भेजें। साइबर अपराधी अक्सर आवाज बदलकर अथवा भावनात्मक दबाव बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। किसी भी संदिग्ध साइबर लेनदेन की शिकायत तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराएं।1
- गोसेवा को जनआंदोलन बना रही योगी सरकार, संतकबीरनगर की 12 गोशालाओं में 1369 निराश्रित गोवंश सुरक्षित-महेश शुक्ला सीसीटीवी निगरानी, गोपालकों को आर्थिक सहायता और पारदर्शी व्यवस्था से मजबूत हो रहा गो-संरक्षण अभियान संतकबीरनगर।। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित गो-संरक्षण अभियान जनपद संतकबीरनगर में लगातार प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निराश्रित एवं असहाय गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और बेहतर देखभाल के लिए जिले में व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में जनपद की 12 गो-आश्रय स्थलों में 1369 निराश्रित गोवंश का सुरक्षित संरक्षण किया जा रहा है।जिला प्रशासन के अनुसार गो-आश्रय स्थलों पर गोवंश को नियमित चारा, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सकीय सुविधाएं तथा सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार प्रत्येक निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु की दर से धनराशि उपलब्ध करा रही है। 22 सीसीटीवी कैमरों से हो रही 24 घंटे निगरानी गोशालाओं के संचालन को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए जिले की 12 गोशालाओं में 22 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है, जिससे गोवंश की सुरक्षा, देखभाल और व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। गोपालकों को भी मिल रहा आर्थिक सहयोग मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के अंतर्गत जिले में 229 गोवंश को 139 इच्छुक एवं जिम्मेदार गोपालकों को सुपुर्द किया गया है। सरकार इन गोवंशों के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु की सहायता राशि सीधे गोपालकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेज रही है। इससे गोपालकों की आय बढ़ने के साथ-साथ गो-संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है। गोवंश की सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गोवंश की सुरक्षा के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गो-तस्करी और गोवंश से जुड़े अपराधों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अफवाह फैलाकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि गो-संरक्षण से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें तथा किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर प्रशासन को अवगत कराएं। सरकार गोसेवा को सामाजिक सहभागिता और सुशासन का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए निरंतर कार्य कर रही है।1
- *ल्हा*ड़ी से वार,बहू ने ससुर को मौ*त के घाट उतारा, पुलिस ने आरोपी शिक्षामित्र महिला को हिरासत में लिया! फरेंदा क्षेत्र का मामला, #Maharajganj #police #murder #case #phrendha #reelsviral #fecbookreels #CMYogi #Adityanath #UttarPradesh1
- गोरखपुर दीपिका हत्याकांड: CM को सौंपा गया ज्ञापन, पीड़ित परिवार के लिए 7 बड़ी मांगें | Gorakhpur News1
- जमीनी विवाद में दो पक्षों में हुई लड़ाई नाबालिग लड़की को भी छेड़ने से बाज नहीं आये हमलावर। उत्तर प्रदेश में कानून का राज है, किसी भी सूरत में अपराधियों को छोड़ा नहीं जाएगा, ऐसा राग अलापने वाले सीएम योगी आदित्यनाथ को आईना दिखाने का काम किया है इस अधिवक्ता ने। एक साथ पुलिस कार्यप्रणाली को नंगा करके रख दिया।।1
- महुडर गांव में खूनी संघर्ष: 29 जुलाई की शाम हुए विवाद में एक पक्ष की 8 महिलाओं के सिर पर आईं गंभीर चोटें, बुजुर्ग महिला का हाथ टूटा। अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती: पुरानी बस्ती पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, गंभीर चोटों को भी मामूली धाराओं में दबाने का आरोप महुडर गांव में खूनी संघर्ष: 29 जुलाई की शाम हुए विवाद में एक पक्ष की 8 महिलाओं के सिर पर आईं गंभीर चोटें, बुजुर्ग महिला का हाथ टूटा। तहरीर बदलवाने का गंभीर आरोप: पीड़िताओं का दावा, थाने पर पुलिस ने दबाव बनाकर बदलवाई तहरीर और संगीन मामले को किया हल्का। तहसील समाधान दिवस में पहुंचा पीड़िताओं का दर्द: न्याय की गुहार लगाते हुए मुकदमा अपराध संख्या 148/26 में BNS की धारा 109 बढ़ाने की उठी जोरदार मांग। बस्ती: जनपद के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर खासे चर्चा और सवालों के घेरे में है। यहां न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचने वाले फरियादियों को शायद यह नहीं पता होगा कि खाकी के दरबार में न्याय की परिभाषा अब दर्द और सबूतों की गंभीरता से नहीं, बल्कि शायद किसी और पैमाने पर तय होती है। ताजा मामला थाना क्षेत्र के महुडर गांव का है, जहां जमीन विवाद के खूनी संघर्ष में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन पुलिस की मेहरबानी से संगीन मामले को महज मामूली धाराओं में दर्ज कर खानापूर्ति कर ली गई। क्या है पूरा मामला? बीती 29 जुलाई को शाम 4:00 बजे महुडर गांव में जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। यह मारपीट इतनी उग्र थी कि इसमें एक पक्ष की 8 महिलाओं के सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि एक बुजुर्ग महिला का हाथ तक टूट गया। खून से लथपथ और दर्द से कराहती ये महिलाएं जब न्याय की आस लेकर पुरानी बस्ती थाने पहुंचीं, तो पुलिस का रवैया देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़िताओं का सीधा आरोप है कि थाने पर उनसे जबरन तहरीर बदलवाई गई और इतनी भीषण मारपीट व गंभीर चोटों के बावजूद पुलिस ने मुकदमे को महज मामूली धाराओं में दर्ज कर आरोपियों को बचाने का खुला रास्ता तैयार कर दिया। तहसील समाधान दिवस में गूंजा दर्द, न्याय की गुहार थानों से नाउम्मीद होने के बाद पीड़ित महिलाएं अपनी टूटी हड्डियों और सिर पर लगे गंभीर जख्मों को लेकर तहसील समाधान दिवस पहुंचीं। वहां उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित पक्ष की साफ और दो टूक मांग है कि मुकदमा अपराध संख्या 148/26 में महज औपचारिकता निभाने वाली धाराओं के बजाय भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (प्रयास या ऐसी चोट जो मृत्यु का कारण बन सके) जैसी गंभीर धाराएं बढ़ाई जाएं, ताकि आरोपियों को उनके किए की सही सजा मिल सके। तीखा सवाल: क्या खाकी के लिए इंसानियत के दर्द के कोई मायने नहीं? यह घटना पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर एक बड़ा और गंभीर सवालिया निशान लगाती है— क्या पुरानी बस्ती थाने की पुलिस किसी बड़े दबाव में काम कर रही है? क्या एक बुजुर्ग महिला का हाथ टूटना और 8 महिलाओं के सिर फटना पुलिस की नजर में 'मामूली बात' है? अगर थाने की चौखट पर ही फरियादियों की तहरीर बदलवाकर उनके जख्मों का मजाक उड़ाया जाएगा, तो आम जनता कानून और न्याय व्यवस्था पर कैसे भरोसा करेगी? जिले के उच्चाधिकारियों को इस मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। महुडर गांव के इस प्रकरण में लिप्त लापरवाह पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मुकदमे में तत्काल गंभीर धाराएं जोड़कर पीड़िताओं को वास्तविक न्याय दिलाया जाना चाहिए, ताकि खाकी की वर्दी पर लगे इस दाग को धोया जा सके।1