गोसेवा को जनआंदोलन बना रही योगी सरकार, संतकबीरनगर की 12 गोशालाओं में 1369 निराश्रित गोवंश सुरक्षित-महेश शुक्ला सीसीटीवी निगरानी, गोपालकों को आर्थिक सहायता और पारदर्शी व्यवस्था से मजबूत हो रहा गो-संरक्षण अभियान संतकबीरनगर।। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित गो-संरक्षण अभियान जनपद संतकबीरनगर में लगातार प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निराश्रित एवं असहाय गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और बेहतर देखभाल के लिए जिले में व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में जनपद की 12 गो-आश्रय स्थलों में 1369 निराश्रित गोवंश का सुरक्षित संरक्षण किया जा रहा है।जिला प्रशासन के अनुसार गो-आश्रय स्थलों पर गोवंश को नियमित चारा, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सकीय सुविधाएं तथा सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार प्रत्येक निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु की दर से धनराशि उपलब्ध करा रही है। 22 सीसीटीवी कैमरों से हो रही 24 घंटे निगरानी गोशालाओं के संचालन को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए जिले की 12 गोशालाओं में 22 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है, जिससे गोवंश की सुरक्षा, देखभाल और व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। गोपालकों को भी मिल रहा आर्थिक सहयोग मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के अंतर्गत जिले में 229 गोवंश को 139 इच्छुक एवं जिम्मेदार गोपालकों को सुपुर्द किया गया है। सरकार इन गोवंशों के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु की सहायता राशि सीधे गोपालकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेज रही है। इससे गोपालकों की आय बढ़ने के साथ-साथ गो-संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है। गोवंश की सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गोवंश की सुरक्षा के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गो-तस्करी और गोवंश से जुड़े अपराधों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अफवाह फैलाकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि गो-संरक्षण से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें तथा किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर प्रशासन को अवगत कराएं। सरकार गोसेवा को सामाजिक सहभागिता और सुशासन का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए निरंतर कार्य कर रही है।
गोसेवा को जनआंदोलन बना रही योगी सरकार, संतकबीरनगर की 12 गोशालाओं में 1369 निराश्रित गोवंश सुरक्षित-महेश शुक्ला सीसीटीवी निगरानी, गोपालकों को आर्थिक सहायता और पारदर्शी व्यवस्था से मजबूत हो रहा गो-संरक्षण अभियान संतकबीरनगर।। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित गो-संरक्षण अभियान जनपद संतकबीरनगर में लगातार प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निराश्रित एवं असहाय गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और बेहतर देखभाल के लिए जिले में व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में जनपद की 12 गो-आश्रय स्थलों में 1369 निराश्रित गोवंश का सुरक्षित संरक्षण किया जा रहा है।जिला प्रशासन के अनुसार गो-आश्रय स्थलों पर गोवंश को नियमित चारा, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सकीय सुविधाएं तथा सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार प्रत्येक निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु की दर से धनराशि उपलब्ध करा रही है। 22 सीसीटीवी कैमरों से हो रही 24 घंटे निगरानी गोशालाओं के संचालन को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए जिले की 12 गोशालाओं में 22 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है, जिससे गोवंश की सुरक्षा, देखभाल और व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। गोपालकों को भी मिल रहा आर्थिक सहयोग मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के अंतर्गत जिले में 229 गोवंश को 139 इच्छुक एवं जिम्मेदार गोपालकों को सुपुर्द किया गया है। सरकार इन गोवंशों के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु की सहायता राशि सीधे गोपालकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेज रही है। इससे गोपालकों की आय बढ़ने के साथ-साथ गो-संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है। गोवंश की सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गोवंश की सुरक्षा के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गो-तस्करी और गोवंश से जुड़े अपराधों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अफवाह फैलाकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि गो-संरक्षण से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें तथा किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर प्रशासन को अवगत कराएं। सरकार गोसेवा को सामाजिक सहभागिता और सुशासन का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए निरंतर कार्य कर रही है।
- साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को मिली बड़ी राहत, मेहदावल साइबर सेल ने वापस कराए 30 हजार रुपये मोबाइल फोन गुम होने के बाद खाते से निकाले गए थे 51,900 रुपये, त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को वापस मिली धनराशि संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में संचालित 'क्रैक साइबर क्राइम' अभियान के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के लिए जनपद पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में साइबर सेल थाना मेहदावल की टीम ने साइबर ठगी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित को 30,000 रुपये की धनराशि वापस कराकर बड़ी राहत प्रदान की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना मेहदावल क्षेत्र के ग्राम एवं पोस्ट सांडे खुर्द निवासी जयनाथ पुत्र रामायन का मोबाइल फोन गुम हो गया था। मोबाइल फोन गुम होने के बाद अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल नंबर का दुरुपयोग कर बैंक खाते से 51,900 रुपये की धनराशि धोखाधड़ी कर निकाल ली। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसकी शिकायत संख्या 23103260042828 पंजीकृत की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल थाना मेहदावल की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। आरक्षी संदीप कुमार गौतम एवं आरक्षी सौरभ कुमार ने संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित कर तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से धोखाधड़ी की गई धनराशि को होल्ड कराया। आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत पीड़ित के खाते में 30,000 रुपये की धनराशि सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर पीड़ित ने संतकबीरनगर पुलिस एवं साइबर सेल टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहना की। पीड़ित एवं उनके परिजनों ने थाना मेहदावल पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। इस सराहनीय कार्यवाही में प्रभारी निरीक्षक थाना मेहदावल राकेश कुमार सिंह, प्रभारी साइबर सेल उपनिरीक्षक संजय कुमार वर्मा, आरक्षी संदीप कुमार गौतम, आरक्षी सौरभ कुमार तथा रिक्रूट आरक्षी अमित कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जनता से अपील : जनपद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल अथवा संदेश पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति रिश्तेदार या मित्र बनकर धनराशि की मांग करे तो उसकी पहचान की पुष्टि किए बिना पैसे न भेजें। साइबर अपराधी अक्सर आवाज बदलकर अथवा भावनात्मक दबाव बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। किसी भी संदिग्ध साइबर लेनदेन की शिकायत तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराएं।1
- गोसेवा को जनआंदोलन बना रही योगी सरकार, संतकबीरनगर की 12 गोशालाओं में 1369 निराश्रित गोवंश सुरक्षित-महेश शुक्ला सीसीटीवी निगरानी, गोपालकों को आर्थिक सहायता और पारदर्शी व्यवस्था से मजबूत हो रहा गो-संरक्षण अभियान संतकबीरनगर।। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित गो-संरक्षण अभियान जनपद संतकबीरनगर में लगातार प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निराश्रित एवं असहाय गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और बेहतर देखभाल के लिए जिले में व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में जनपद की 12 गो-आश्रय स्थलों में 1369 निराश्रित गोवंश का सुरक्षित संरक्षण किया जा रहा है।जिला प्रशासन के अनुसार गो-आश्रय स्थलों पर गोवंश को नियमित चारा, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सकीय सुविधाएं तथा सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार प्रत्येक निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु की दर से धनराशि उपलब्ध करा रही है। 22 सीसीटीवी कैमरों से हो रही 24 घंटे निगरानी गोशालाओं के संचालन को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए जिले की 12 गोशालाओं में 22 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है, जिससे गोवंश की सुरक्षा, देखभाल और व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। गोपालकों को भी मिल रहा आर्थिक सहयोग मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के अंतर्गत जिले में 229 गोवंश को 139 इच्छुक एवं जिम्मेदार गोपालकों को सुपुर्द किया गया है। सरकार इन गोवंशों के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु की सहायता राशि सीधे गोपालकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेज रही है। इससे गोपालकों की आय बढ़ने के साथ-साथ गो-संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है। गोवंश की सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गोवंश की सुरक्षा के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गो-तस्करी और गोवंश से जुड़े अपराधों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अफवाह फैलाकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि गो-संरक्षण से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें तथा किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर प्रशासन को अवगत कराएं। सरकार गोसेवा को सामाजिक सहभागिता और सुशासन का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए निरंतर कार्य कर रही है।1
- *क्रैक साइबर क्राइम के तहत साइबर ठगी के शिकार हुए पीड़ित को साइबर सेल थाना मेंहदावल पुलिस टीम ने दिलाई राहत, वापस कराई गई 30,000.00 रू की धनराशि पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में क्रैक साइबर क्राइम के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने हेतु *साइबर सेल थाना मेंहदावल टीम* द्वारा सतत प्रभावी कार्यवाई करते हुए अज्ञात व्यक्ति द्वारा आवेदक का मोबाइल फ़ोन गुम हो जाने के उपरान्त आवेदक का मोबाइल नंबर का गलत तरीके से उपयोग कर आवेदक के खाते से 51,900.00 रूपये निकालकर आवेदक के साथ धोखाधड़ी कर साइबर ठगी की गयी, ठगी के शिकार हुए पीड़ित को 30,000.00 रुपये की धनराशि आवेदक के खाते में सफलतापूर्वक वापस करायी गयी। घटना का संक्षिप्त विवरण पीड़ित जयनाथ पुत्र रामायन, निवासी ग्राम एवं पोस्ट सांडे खुर्द, थाना मेंहदावल, जनपद संतकबीरनगर का मोबाइल फोन गुम हो जाने के उपरांत अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा उनके मोबाइल नंबर का दुरुपयोग कर उनके बैंक खाते से ₹51,900/- की धोखाधड़ी कर ली गई। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित को अपने साथ साइबर ठगी होने का एहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने तत्काल साइबर हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत संख्या 23103260042828 पंजीकृत की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरक्षी संदीप कुमार गौतम एवं आरक्षी सौरभ कुमार द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित किया गया तथा तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से धनराशि को होल्ड कराया गया। आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत पीड़ित के खाते में ₹30,000/- की धनराशि सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। अपनी मेहनत की कमाई वापस प्राप्त होने पर पीड़ित ने संतकबीरनगर पुलिस एवं साइबर टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही की सराहना की। *साइबर सेल टीम-* प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह, उ0नि0 संजय कुमार वर्मा, आरक्षी संदीप कुमार गौतम , आरक्षी सौरभ कुमार व रिक्रूट आरक्षी अमित कुमार । *साइबर सेल टीम-* प्रभारी निरीक्षक थाना मेहदावल राकेश कुमार सिंह, उ0नि0 संजय कुमार वर्मा(प्रभारी साइबर सेल), आरक्षी संदीप कुमार गौतम , आरक्षी सौरभ कुमार व रिक्रूट आरक्षी अमित कुमार ।1
- एकबार अपनी समस्या को बताकर और चर्चा करके तो देखें समझ में ना आएं तो कहना1
- जिला गोरखपुर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिला** लोक जनशक्ति पार्टी **जिला गोरखपुर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिला** लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री परम आदरणीय श्री चिराग पासवान जी के निर्देशानुसार तथा उत्तर प्रदेश प्रभारी सह सांसद आदरणीय श्री अरुण भारती एवं उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय श्री राजीव पासवान जी के निर्देशानुसार पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल 10 वर्षीय पीड़ित बच्ची के परिजनों से मिलने पहुँचा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रदेश उपाध्यक्ष **सौरभ त्रिपाठी** ने किया। प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष **हिमांशु सिंह**, महानगर वरिष्ठ उपाध्यक्ष **अनुराग तिवारी**, जिला महासचिव **विभास कुमार पासवान**, ब्लॉक अध्यक्ष सहजनवा **भानु प्रताप मिश्रा**, **अनिल साहनी**, **युवराज**, **विशाल**, **अजय दुबे**, **अतुलेश्वर पांडेय** तथा **श्रवण**संदीप सिंह सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए आश्वासन दिया कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। पार्टी ने मांग की कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, सुरक्षा तथा हर संभव सरकारी सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर दोषी के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।2
- सहजनवा बाल विकास परियोजना कार्यालय में मुख्य सेविका यशवंता देवी को भावभीनी विदाई, नम आंखों से दी गई शुभकामनाएं सहजनवा बाल विकास परियोजना कार्यालय में मुख्य सेविका यशवंता देवी को भावभीनी विदाई, नम आंखों से दी गई शुभकामनाएं सहजनवा, गोरखपुर। बाल विकास परियोजना कार्यालय सहजनवा में शुक्रवार को मुख्य सेविका यशवंता देवी के विदाई अवसर पर भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने उन्हें अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीडीपीओ ऋचा पांडेय ने कहा कि यशवंता देवी ने अपने कार्यकाल के दौरान पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ विभागीय दायित्वों का निर्वहन किया। उनका सहज, सरल और सहयोगी स्वभाव सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहा। उन्होंने नव नियुक्त मुख्य सेविकाओं का मार्गदर्शन कर उन्हें कार्य के प्रति दक्ष बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बताया गया कि यशवंता देवी वर्ष 2019 से बाल विकास परियोजना कार्यालय सहजनवा में मुख्य सेविका के रूप में कार्यरत थीं। इससे पूर्व उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं और पदोन्नति के बाद मुख्य सेविका बनीं। अपने उत्कृष्ट कार्य, अनुशासन और मिलनसार व्यक्तित्व के कारण वे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं विभागीय कर्मचारियों के बीच काफी लोकप्रिय रहीं। विदाई समारोह के दौरान सीडीपीओ सहित समस्त कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने उनके साथ बिताए गए अनुभव साझा किए। भावुक माहौल में सभी ने उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर सीडीपीओ ऋचा पांडेय, मुख्य सेविका सरिता यादव, साधना सिंह, प्रियदर्शिनी, पूजा, संजली जायसवाल, कार्यालय सहायक शैलेंद्र, धर्मदेव यादव, बीपीएम अनिल मिश्रा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुष्पा शुक्ला, कंचनपति, रीना यादव, इंदु शुक्ला, मधु सिंह, सावित्री देवी, निर्मला देवी, पद्मावती शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां उपस्थित रहीं। समारोह का समापन यशवंता देवी के सम्मान में तालियों की गड़गड़ाहट और उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।4
- रणबीर कपूर की 'रामायण' का ट्रेलर रिलीज: 4000 करोड़ रुपये के मेगा बजट वाली फिल्म में राम से ज्यादा रावण के किरदार ने बटोरी सुर्खियां, दमदार लुक, प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस और शानदार विजुअल्स के चलते यश का रावण दर्शकों के बीच खास चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन ट्रेलर देखने के बाद सोशल मीडिया पर कई दर्शकों का मानना है कि रावण का किरदार अधिक प्रभावशाली नजर आया। रणबीर कपूर की 'रामायण' का ट्रेलर रिलीज: 4000 करोड़ रुपये के मेगा बजट वाली फिल्म में राम से ज्यादा रावण के किरदार ने बटोरी सुर्खियां, दमदार लुक, प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस और शानदार विजुअल्स के चलते यश का रावण दर्शकों के बीच खास चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन ट्रेलर देखने के बाद सोशल मीडिया पर कई दर्शकों का मानना है कि रावण का किरदार अधिक प्रभावशाली नजर आया।1
- पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने पहले जवानों संग दौड़कर बढ़ाया मनोबल, फिर सड़क सुरक्षा के लिए दो इंटरसेप्टर वाहनों को दिखाई हरी झंडी फिटनेस, अनुशासन और हाईटेक पुलिसिंग पर एसपी संदीप कुमार मीना का जोर संतकबीरनगर, 31 जुलाई। जनपद में अनुशासित, फिट और तकनीक से लैस पुलिसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण पहल कीं। एक ओर उन्होंने रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित साप्ताहिक शुक्रवार परेड का निरीक्षण कर स्वयं जवानों के साथ दौड़ लगाकर उनका उत्साहवर्धन किया, वहीं दूसरी ओर सड़क सुरक्षा को नई मजबूती देने के लिए दो नए दोपहिया इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।रिजर्व पुलिस लाइन स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित साप्ताहिक शुक्रवार परेड की सलामी लेने के बाद पुलिस अधीक्षक ने अधिकारी एवं कर्मचारियों के टर्नआउट, अनुशासन, वर्दी की गुणवत्ता, ड्रिल तथा शारीरिक दक्षता का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को साफ-सुथरी वर्दी पहनने, अनुशासित कार्यशैली अपनाने तथा आमजन के साथ विनम्र, संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुशासन, शारीरिक दक्षता और उत्कृष्ट व्यवहार ही पुलिस की सबसे बड़ी पहचान हैं।परेड के उपरांत पुलिस अधीक्षक स्वयं जवानों के साथ दौड़ में शामिल हुए और नियमित व्यायाम व फिटनेस का संदेश दिया। साथ ही टोलीवार ड्रिल का अभ्यास कराते हुए समन्वय, एकरूपता और टीम भावना पर विशेष बल दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस लाइन परिसर का भ्रमण कर मेस, शस्त्रागार, डायल-112 कार्यालय, यातायात कार्यालय, आर्मी बैरक सहित विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया तथा साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन्स परिसर में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए दो नए दोपहिया इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों को प्राप्त करने के लिए नामित यातायात पुलिसकर्मियों को सुरक्षित यात्रा एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए। एसपी संदीप कुमार मीना ने कहा कि इंटरसेप्टर वाहनों के जनपद में शामिल होने से ओवरस्पीडिंग, यातायात नियमों के उल्लंघन और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी। साथ ही सड़क सुरक्षा अभियान को नई गति मिलेगी और आमजन को सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना और अधिक आसान होगा। फिटनेस, अनुशासन और आधुनिक तकनीक को एक साथ जोड़ते हुए संतकबीरनगर पुलिस की यह पहल बेहतर पुलिसिंग और जनसुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।1