मां गोमती को बचाने के लिए जनभागीदारी जरूरी: अतुल रस्तोगी मोहम्दी खीरी/लखनऊ। आदि गंगा मां गोमती के संरक्षण और पुनर्जीवन को लेकर लोक भारती अवध प्रांत के सह संयोजक अतुल रस्तोगी ने सरकार और समाज से संयुक्त प्रयास करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पीलीभीत के माधोटांडा स्थित गोमत ताल से निकलकर गाजीपुर के कैथी में गंगा नदी से मिलने वाली लगभग 960 किलोमीटर लंबी गोमती आज प्रदूषण, अतिक्रमण और घटते जलप्रवाह के कारण अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। उन्होंने बताया कि लखनऊ, सुल्तानपुर और जौनपुर जैसे शहरों में बिना शोधन का सीवेज, औद्योगिक इकाइयों का रासायनिक अपशिष्ट, प्लास्टिक कचरा तथा अवैध निर्माण नदी को लगातार प्रदूषित कर रहे हैं। भूजल के अत्यधिक दोहन से गोमती की अनेक सहायक नदियां भी सूख चुकी हैं, जिससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हुआ है। अतुल रस्तोगी ने सुझाव दिया कि नदी में गिरने वाले सभी नालों का पानी शत-प्रतिशत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाए, सूख चुकी सहायक नदियों और गोमत ताल का पुनर्जीवन कराया जाए तथा नदी किनारे हरित पट्टी विकसित कर जामुन, पीपल, बरगद, शीशम, महुआ और बांस जैसे पौधों का रोपण किया जाए। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने, नालों पर जाली लगाने, पूजा सामग्री व मूर्ति विसर्जन के लिए अलग कुंड बनाने तथा जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नदी संरक्षण तभी सफल होगा, जब यह जन-आंदोलन का स्वरूप लेगा। स्कूलों, सामाजिक संगठनों और धर्मगुरुओं की सक्रिय भागीदारी से लोगों को नदी संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सकता है। लोक भारती द्वारा गोमती एवं उसकी सहायक नदियों के संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि भैंसी, मंदाकिनी, कल्याणी, कुकरैल, पीली तथा अन्य नदियों के पुनर्जीवन में जनसहयोग से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मोहमदी क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर भी सामाजिक संगठनों द्वारा सेवा एवं संरक्षण कार्य शुरू किए गए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से मां गोमती को पुनः स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाया जा सकता है।
मां गोमती को बचाने के लिए जनभागीदारी जरूरी: अतुल रस्तोगी मोहम्दी खीरी/लखनऊ। आदि गंगा मां गोमती के संरक्षण और पुनर्जीवन को लेकर लोक भारती अवध प्रांत के सह संयोजक अतुल रस्तोगी ने सरकार और समाज से संयुक्त प्रयास करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पीलीभीत के माधोटांडा स्थित गोमत ताल से निकलकर गाजीपुर के कैथी में गंगा नदी से मिलने वाली लगभग 960 किलोमीटर लंबी गोमती आज प्रदूषण, अतिक्रमण और घटते जलप्रवाह के कारण अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। उन्होंने बताया कि लखनऊ, सुल्तानपुर और जौनपुर जैसे शहरों में बिना शोधन का सीवेज, औद्योगिक इकाइयों का रासायनिक अपशिष्ट, प्लास्टिक कचरा तथा अवैध निर्माण नदी को लगातार प्रदूषित कर रहे हैं। भूजल के अत्यधिक दोहन से गोमती की अनेक सहायक नदियां भी सूख चुकी हैं, जिससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हुआ है। अतुल रस्तोगी ने सुझाव दिया कि नदी में गिरने वाले सभी नालों का पानी शत-प्रतिशत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाए, सूख चुकी सहायक नदियों और गोमत ताल का पुनर्जीवन
कराया जाए तथा नदी किनारे हरित पट्टी विकसित कर जामुन, पीपल, बरगद, शीशम, महुआ और बांस जैसे पौधों का रोपण किया जाए। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने, नालों पर जाली लगाने, पूजा सामग्री व मूर्ति विसर्जन के लिए अलग कुंड बनाने तथा जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नदी संरक्षण तभी सफल होगा, जब यह जन-आंदोलन का स्वरूप लेगा। स्कूलों, सामाजिक संगठनों और धर्मगुरुओं की सक्रिय भागीदारी से लोगों को नदी संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सकता है। लोक भारती द्वारा गोमती एवं उसकी सहायक नदियों के संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि भैंसी, मंदाकिनी, कल्याणी, कुकरैल, पीली तथा अन्य नदियों के पुनर्जीवन में जनसहयोग से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मोहमदी क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर भी सामाजिक संगठनों द्वारा सेवा एवं संरक्षण कार्य शुरू किए गए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से मां गोमती को पुनः स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाया जा सकता है।
- "जब बीच बजरिया तूने मेरी पकड़ी.." UP- मेरठ के सरकारी बस अड्डे पर ड्राइवर पदम सिंह आज रिटायर हुए उनकी बेहतरीन सेवाओं के लिए ड्राइवर संघ ने नृत्यांगना का रंगारंग डांस करवाया चारों ओर माहौल खुशी से भर गया "जब बीच बजरिया तूने मेरी पकड़ी.." UP- मेरठ के सरकारी बस अड्डे पर ड्राइवर पदम सिंह आज रिटायर हुए उनकी बेहतरीन सेवाओं के लिए ड्राइवर संघ ने नृत्यांगना का रंगारंग डांस करवाया चारों ओर माहौल खुशी से भर गया1
- लखीमपुर - शहर में एक लंगूर के हमलों से लोगों में दहशत है। यह बंदर अब तक कई लोगों को काट चुका है लखीमपुर - शहर में एक लंगूर के हमलों से लोगों में दहशत है। यह बंदर अब तक कई लोगों को काट चुका है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लंगूर पहले एक व्यक्ति के सिर पर हाथ रखता है, फिर अचानक गर्दन पर हमला कर देता है। एक अन्य वीडियो में भी वह राहगीर पर झपटता दिखाई देता है। इसके अलावा लंगूर सड़क पर चल रही एक कार की छत पर बैठकर सफर करता भी नजर आया। शहर के छाऊछ चौराहे से सामने आए इस वीडियो के बाद लोगों में भय का माहौल है1
- पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी मामले में नाबालिग ने मांगी माफी नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित अभद्र भाषा के प्रयोग के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद 15 वर्षीय रुचिका सिंह ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने कहा, "मैं मात्र 15 साल की हूं। मैंने जो किया, वह माफी के लायक नहीं था। मैं पूरे देश से माफी मांगती हूं।" इस मामले में पुलिस ने पहले उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।1
- सीतापुर। बेहटा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सुमेर का जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय समय से पहले बंद मिला। इंचार्ज प्रधानाध्यापक समेत दो शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। मामले में दोनों शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोकने के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में एमडीएम रजिस्टर में 20 जुलाई से कोई प्रविष्टि दर्ज नहीं मिली। विद्यालय की रंगाई-पुताई और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी बीएसए ने नाराजगी जताई। विद्यालय के सभी शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोकते हुए एक सप्ताह के भीतर सुधार की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। ऊँचगांव विद्यालय में दो शिक्षक निलंबित प्राथमिक विद्यालय ऊँचगांव के निरीक्षण में परिसर में गंदगी, बड़ी घास, जाले और बिजली की लटकती तारें मिलीं। बीएसए ने विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए 10 दिन का समय दिया। विद्यालय में रिकॉर्ड और किताबें जलाने से संबंधित वायरल वीडियो की जांच के दौरान बताया गया कि पुराने फटे रजिस्टर, किताबें और रद्दी जलाए गए थे। जांच में विद्यालय के चार्ज को लेकर गुटबाजी और विभाग की छवि धूमिल करने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई। मामले में इंचार्ज प्रधानाध्यापक रणविजय सिंह और सहायक अध्यापक जीतपाल सिंह को निलंबित कर दिया गया। साथ ही विद्यालय के सभी शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। बीईओ कार्यालय में भी मिली गंदगी बीईओ बेहटा कार्यालय के निरीक्षण में गंदगी मिलने पर अनुचर अमर बहादुर यादव का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई। वहीं बीईओ बेहटा को नोटिस जारी कर कार्यालय में तत्काल साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा बीएसए ने आधार केंद्र का भी निरीक्षण किया और वहां मौजूद लोगों से केंद्र पर मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। बीएसए के निरीक्षण और कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी रही। अधिकारियों ने विद्यालयों में साफ-सफाई, शिक्षण कार्य और विभागीय व्यवस्थाओं में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं।1
- ग्राम पंचायत चपकहा नाली सफाई नहीं हो रही है 6 महीने बाद होती है रोटो पर पानी चलता है1
- शारदा नहर में छलांग लगाने वाला युवक लापता, गोताखोरों की मदद से तलाश जारी मौसी के घर जा रहा था 20 वर्षीय युवक, पुल पर मिली चप्पलों से नहर में कूदने की पुष्टि लखीमपुर जिला के फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के ग्राम गंगाबेहड़ निवासी 20 वर्षीय शादाब पुत्र चुन्ना उर्फ हिदायत अली ने शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे शारदा नहर के बड़ागांव पुल से नहर में छलांग लगा दी। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश शुरू कर दी, जो देर शाम तक जारी रही। परिजनों के अनुसार शादाब अपनी मौसी के घर नौधन पटना जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि युवक ने बड़ागांव पुल पर पहुंचकर अचानक नहर में छलांग लगा दी। घटना के बाद पुल के किनारे उसकी चप्पलें बरामद हुईं हैं, जिससे उसके नहर में कूदने की पुष्टि हुई। सूचना मिलते ही शारदानगर थाना प्रभारी पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे और तलाशी अभियान शुरू कराया। बता दें कि इस समय शारदा नहर में पानी का बहाव काफी तेज होने के कारण तलाशी अभियान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद स्थानीय गोताखोर लगातार युवक की खोज में जुटे हुए हैं। पुलिस का कहना है कि युवक द्वारा नहर में छलांग लगाने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण भी युवक के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।3