पीपलखेड़ा गांव से मानवता को शर्मसार और सरकारी दावों की खुली पोल बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार बारिश में किया तिरपाल के नीचे कामां से खबर संवाददाता नरेंद्र सिंह शेखावत पीपलखेड़ा गांव से मानवता को शर्मसार और सरकारी दावों की खुली पोल बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार बारिश में किया तिरपाल के नीचे कामां - पहाड़ी क्षेत्र में स्थित पीपलखेड़ा गांव से मानवता को शर्मसार और सरकारी दावों की पोल खोलती हुई एक विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है। गांव में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में एक बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार तिरपाल के नीचे करना पड़ा था। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने साल बाद भी गांवों में एक व्यवस्थित श्मशान घाट और टीनशेड तक नसीब नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द श्मशान घाट में पक्के शेड का निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी बेबसी का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों के अनुसार पीपलखेड़ा गांव में एक बुजुर्ग महिला के निधन के बाद परिजन और ग्रामीण शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट लेकर पहुंचे थे कि इसी दौरान अचानक तेज बारिश और भीषण तूफान शुरू हो गया था। श्मशान घाट पर पक्का शेड (टीनशेड) न होने के कारण अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। श*व और चिता को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल का इंतजाम किया था। ग्रामीणों ने जलती चिता के ऊपर तिरपाल तानकर उसे बचाने का भरसक प्रयास किया था पर तूफान और मूसलाधार बारिश के आगे उनकी हर कोशिश नाकाम साबित हुई थी तथा चिता और श*व को भीगने से नहीं बचाया जा सका था। ग्रामीणों के अनुसार जब तिरपाल के सहारे भी अंतिम संस्कार संभव नहीं हो सका, तो मजबूरन परिजनों और ग्रामीणों को भारी मन से बारिश रुकने का लंबा इंतजार करना पड़ा था तथा इस दौरान शव यात्रा में शामिल हुए लोग भी खुले आसमान के नीचे पूरी तरह भीग रहे थे। घटना के बाद से पीपलखेड़ा और आस-पास के ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने साल बाद भी गांवों में एक व्यवस्थित श्मशान घाट और टीनशेड तक नसीब नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द श्मशान घाट में पक्के शेड का निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी बेबसी का सामना न करना पड़े।
पीपलखेड़ा गांव से मानवता को शर्मसार और सरकारी दावों की खुली पोल बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार बारिश में किया तिरपाल के नीचे कामां से खबर संवाददाता नरेंद्र सिंह शेखावत पीपलखेड़ा गांव से मानवता को शर्मसार और सरकारी दावों की खुली पोल बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार बारिश में किया तिरपाल के नीचे कामां - पहाड़ी क्षेत्र में स्थित पीपलखेड़ा गांव से मानवता को शर्मसार और सरकारी दावों की पोल खोलती हुई एक विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है। गांव में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में एक बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार तिरपाल के नीचे करना पड़ा था। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने साल बाद भी गांवों में एक व्यवस्थित श्मशान घाट और टीनशेड तक नसीब नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द श्मशान घाट में पक्के शेड का निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी बेबसी का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों के अनुसार पीपलखेड़ा गांव में एक बुजुर्ग महिला के निधन के बाद परिजन और ग्रामीण शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट लेकर पहुंचे थे कि इसी दौरान अचानक तेज बारिश और भीषण तूफान शुरू हो गया था। श्मशान घाट पर पक्का शेड (टीनशेड) न होने के कारण अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। श*व और चिता को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल का इंतजाम किया था। ग्रामीणों ने जलती चिता के ऊपर तिरपाल तानकर उसे बचाने का भरसक प्रयास किया था पर तूफान और मूसलाधार बारिश के आगे उनकी हर कोशिश नाकाम साबित हुई थी तथा चिता और श*व को भीगने से नहीं बचाया जा सका था। ग्रामीणों के अनुसार जब तिरपाल के सहारे भी अंतिम संस्कार संभव नहीं हो सका, तो मजबूरन परिजनों और ग्रामीणों को भारी मन से बारिश रुकने का लंबा इंतजार करना पड़ा था तथा इस दौरान शव यात्रा में शामिल हुए लोग भी खुले आसमान के नीचे पूरी तरह भीग रहे थे। घटना के बाद से पीपलखेड़ा और आस-पास के ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने साल बाद भी गांवों में एक व्यवस्थित श्मशान घाट और टीनशेड तक नसीब नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द श्मशान घाट में पक्के शेड का निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी बेबसी का सामना न करना पड़े।
- पीपलखेड़ा गांव से मानवता को शर्मसार और सरकारी दावों की खुली पोल बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार बारिश में किया तिरपाल के नीचे कामां से खबर संवाददाता नरेंद्र सिंह शेखावत पीपलखेड़ा गांव से मानवता को शर्मसार और सरकारी दावों की खुली पोल बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार बारिश में किया तिरपाल के नीचे कामां - पहाड़ी क्षेत्र में स्थित पीपलखेड़ा गांव से मानवता को शर्मसार और सरकारी दावों की पोल खोलती हुई एक विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है। गांव में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में एक बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार तिरपाल के नीचे करना पड़ा था। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने साल बाद भी गांवों में एक व्यवस्थित श्मशान घाट और टीनशेड तक नसीब नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द श्मशान घाट में पक्के शेड का निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी बेबसी का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों के अनुसार पीपलखेड़ा गांव में एक बुजुर्ग महिला के निधन के बाद परिजन और ग्रामीण शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट लेकर पहुंचे थे कि इसी दौरान अचानक तेज बारिश और भीषण तूफान शुरू हो गया था। श्मशान घाट पर पक्का शेड (टीनशेड) न होने के कारण अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। श*व और चिता को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल का इंतजाम किया था। ग्रामीणों ने जलती चिता के ऊपर तिरपाल तानकर उसे बचाने का भरसक प्रयास किया था पर तूफान और मूसलाधार बारिश के आगे उनकी हर कोशिश नाकाम साबित हुई थी तथा चिता और श*व को भीगने से नहीं बचाया जा सका था। ग्रामीणों के अनुसार जब तिरपाल के सहारे भी अंतिम संस्कार संभव नहीं हो सका, तो मजबूरन परिजनों और ग्रामीणों को भारी मन से बारिश रुकने का लंबा इंतजार करना पड़ा था तथा इस दौरान शव यात्रा में शामिल हुए लोग भी खुले आसमान के नीचे पूरी तरह भीग रहे थे। घटना के बाद से पीपलखेड़ा और आस-पास के ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने साल बाद भी गांवों में एक व्यवस्थित श्मशान घाट और टीनशेड तक नसीब नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द श्मशान घाट में पक्के शेड का निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी बेबसी का सामना न करना पड़े।1
- अजमेर जेल से सामने आया मामला सिर्फ जेल प्रशासन की लापरवाही नहीं, बल्कि पूरे जेल सिस्टम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है #Rajasthan #RajasthanGovernment #AjmerJail #Ajmer1
- जयपुर उत्तर में महिला और साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान, 1500 महिलाओं-बालिकाओं से किया संवाद जयपुर। महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव को लेकर जयपुर उत्तर पुलिस की ओर से विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। डीजीपी /आईजीपी पुलिस सम्मेलन-2024 की सिफारिश संख्या-12 के क्रम में आयोजित इस अभियान के तहत आमजन को महिला सुरक्षा हेल्पलाइन और साइबर हेल्पलाइन सहित विभिन्न सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इसी कड़ी में जलमहल की पाल, थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर करण शर्मा, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर (SIUCAW) सुरेन्द्र सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त आमेर सुरेन्द्र सिंह राणावत और एवं कर्मचारी मौजूद रहे। थानाधिकारी ब्रह्मपुरी हेमन्त सिंह सहित पुलिस अधिकारी कार्यक्रम में सुरक्षा सखी, छात्र-छात्राएं, सीएलजी एवं मोहल्ला समिति के सदस्यों समेत करीब 1500 लोग शामिल हुए। पुलिस अधिकारियों ने करीब 1500 महिलाओं एवं बालिकाओं से संवाद कर उन्हें सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी।1
- SMS अस्पताल में मरीज हित में बड़े फैसले, ₹2.5 करोड़ से अधिक के IT उपकरणों की खरीद को मंजूरी जयपुर, 8 अगस्त। राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी की कार्यकारिणी समिति की बैठक शनिवार को एसएमएस अस्पताल, जयपुर में आयोजित हुई। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ की अध्यक्षता में हुई बैठक में मरीजों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ अस्पताल की डिजिटल, प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव स्कीम के तहत ₹2.5 करोड़ से अधिक के IT उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई। साथ ही अस्पताल में IT हार्डवेयर की खरीद और अपग्रेडेशन के प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए। अस्पताल के रिकॉर्ड होंगे डिजिटल SMS अस्पताल में उपलब्ध रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप देने का निर्णय लिया गया है। इससे रिकॉर्ड सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के साथ जरूरत पड़ने पर मरीजों से जुड़ी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों के बीच बेहतर संवाद के लिए विभिन्न DDC, पंजीयन डेस्क और मरीज इंटरफेस काउंटरों पर 100 टू-वे माइक्रोफोन सिस्टम लगाए जाएंगे। ‘अपना घर’ और निजी बीमा लाभार्थी वर्ग में शामिल मरीजों को उपचार सुविधाओं का लाभ व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने के लिए ‘अपना घर’ और ‘प्राइवेट इंश्योरेंस’ को नए लाभार्थी वर्ग के रूप में शामिल करने की मंजूरी दी गई है। यूनिट हेड्स को वित्तीय अधिकार अस्पताल की छोटी और तत्काल आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सभी यूनिट हेड्स को वित्तीय अधिकार दिए गए हैं। RTTP के वित्तीय नियमों के अनुसार एक बार में ₹10 हजार तक और एक वर्ष में अधिकतम ₹50 हजार तक का व्यय किया जा सकेगा। इससे छोटी जरूरतों के लिए निर्णय लेने में तेजी आएगी। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद को मंजूरी मरीजों को अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एडवांस्ड एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन की खरीद को मंजूरी दी गई। इसके अलावा न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, PMR और पैलिएटिव मेडिसिन समेत विभिन्न विभागों के ऑपरेशन थिएटर और डायग्नोस्टिक उपकरणों से जुड़े प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए। ट्रॉमा इंस्टीट्यूट में PM राहत काउंटर ट्रॉमा एंड ऑर्थोपेडिक इंस्टीट्यूट में PM राहत काउंटर के संचालन के लिए आवश्यक ऑपरेशनल और वित्तीय व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई। इससे ट्रॉमा सेवाओं को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। सुरक्षा और सफाई कर्मचारियों के लिए हाई-रिस्क अलाउंस अस्पताल की सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था में लगे कार्मिकों के लिए हाई-रिस्क अलाउंस के रूप में 25 प्रतिशत वेतन वृद्धि के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। वहीं, अस्पताल परिसर स्थित निजी अस्पताल कॉटेज के किराये में 10 प्रतिशत वृद्धि करने का निर्णय लिया गया। बैठक में अधिवक्ताओं के एम्पैनलमेंट एवं पारिश्रमिक, खरीद प्रक्रिया, मानव संसाधन, वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और मरीज सुविधाओं से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए। इन फैसलों से एसएमएस अस्पताल में मरीज-केंद्रित सेवाओं, डिजिटल हेल्थ, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और प्रशासनिक दक्षता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।1
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- राजस्थान में बारिश का दौर जारी:जयपुर समेत कई जिलों में सुबह से बरसात,30 जिलों में अलर्ट; सीकर-झुंझुनूं में ऑरेंज अलर्ट राजस्थान में तेज बारिश का दौर लगातार जारी है। तेज बारिश के अलर्ट के बीच आज सुबह से जयपुर, कोटपूतली-बहरोड़, दौसा समेत कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कोटपूतली-बहरोड़ जिले से होकर गुजरने वाले जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर जगह-जगह पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जयपुर में लगातार दूसरे दिन सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया है। वहीं मौसम विभाग के निर्देशक राधेश्याम शर्मा ने शनिवार को सुबह करीब 11 बजे प्रदेश के 30 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। सीकर और झुंझुनूं में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, अन्य कई जिलों में भी तेज बारिश और खराब मौसम की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में आगामी 3 से 4 दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने और जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। इससे पहले शुक्रवार को जयपुर और भरतपुर संभाग के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई। कुछ स्थानों पर करीब 3 इंच तक बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही।1
- 🚨 चोरी की सूचना | JUST JAIPUR LIVE 🚨 सावधान जयपुर! गाड़ी चोरी होने की सूचना 📅 दिनांक: 07 अगस्त 2026 🕑 समय: दोपहर करीब 2 बजे 📍 स्थान: दुर्गापुरा, जयपुर 🚗 गाड़ी: CD Deluxe 🔢 नंबर: RJ14 HF 2942 बताया गया है कि उक्त मोटरसाइकिल दुर्गापुरा क्षेत्र से चोरी हो गई है। 🙏 सभी ड्राइवर भाइयों एवं आमजन से अपील: अगर यह गाड़ी कहीं दिखाई दे या इसके संबंध में कोई जानकारी मिले तो तुरंत नीचे दिए नंबर पर संपर्क करें। 📞 संपर्क: 9119202994 ⚠️ कृपया सूचना को अधिक से अधिक शेयर करें, ताकि गाड़ी जल्द बरामद हो सके। JUST JAIPUR LIVE 24×7 — आपके साथ, हर खबर में।1
- CM भजनलाल शर्मा ने हथकरघा दिवस पर क्या कहा? 🎙️ सुनिए... #BhajanLalSharma #CMBhajanLalSharma #हथकरघादिवस #HandloomDay #RajasthanNews #RajasthanPolitics #JaipurNews #ViralVideo #BreakingNews #NewsUpdate1