बिहार के समस्तीपुर जिले के डीबीकेएन कॉलेज, नरहन में सभी विषयों में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई शुरू कराने की मांग को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन आज सातवें दिन भी जारी रहा। भारत का छात्र फेडरेशन (एसएफआई) के बैनर तले चार दिनों के अनिश्चितकालीन धरना के बाद शुरू हुई भूख हड़ताल आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गई है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता केशव झा की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार, उन्हें रक्तचाप (बीपी) और पल्स रेट से संबंधित समस्याएं थीं। उपचार के बाद केशव झा पुनः आंदोलन स्थल पर लौटे और आंदोलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस बीच, अंशु कश्यप, प्रिंस कुमार, राहुल कुमार और दीपांशु कुमार सहित अन्य छात्र भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि यह लड़ाई केवल कुछ छात्रों की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य की लड़ाई है, और वे शहीद भगत सिंह के संघर्ष से प्रेरणा लेकर शिक्षा के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। छात्रों ने अपनी मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही है। आंदोलन स्थल पर एसएफआई के पूर्व जिला मंत्री संजय कुमार, जनवादी नौजवान सभा के अंचल अध्यक्ष बबलू कुमार, पूर्व छात्र नेता छोटन सहनी, पंचायत समिति सदस्य चांदनी देवी, मुखिया संघ के अध्यक्ष एवं भुसवर पंचायत के मुखिया रंजीत कुमार महतो सहित कई सामाजिक एवं जनप्रतिनिधि छात्रों का हालचाल जानने और उन्हें समर्थन देने पहुंचे। मुखिया संघ अध्यक्ष रंजीत कुमार महतो ने छात्रों की मांग को पूरी तरह न्यायसंगत बताते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। छात्रों ने विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय प्रशासन की चुप्पी पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी छात्र के स्वास्थ्य को गंभीर क्षति पहुँचती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय प्रशासन की होगी। यह जानकारी भारत का छात्र फेडरेशन (एसएफआई), डीबीकेएन कॉलेज नरहन इकाई द्वारा प्रेस को उपलब्ध कराई गई।
बिहार के समस्तीपुर जिले के डीबीकेएन कॉलेज, नरहन में सभी विषयों में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई शुरू कराने की मांग को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन आज सातवें दिन भी जारी रहा। भारत का छात्र फेडरेशन (एसएफआई) के बैनर तले चार दिनों के अनिश्चितकालीन धरना के बाद शुरू हुई भूख हड़ताल आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गई है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता केशव झा की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार, उन्हें रक्तचाप (बीपी) और पल्स रेट से संबंधित समस्याएं थीं। उपचार के बाद केशव झा पुनः आंदोलन स्थल पर लौटे और आंदोलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस बीच, अंशु कश्यप, प्रिंस कुमार, राहुल कुमार और दीपांशु कुमार सहित अन्य छात्र भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि यह लड़ाई केवल कुछ छात्रों की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य की लड़ाई है, और वे शहीद भगत सिंह के संघर्ष से प्रेरणा लेकर शिक्षा के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। छात्रों ने अपनी मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही है। आंदोलन स्थल पर एसएफआई के पूर्व जिला मंत्री संजय कुमार, जनवादी नौजवान सभा के अंचल अध्यक्ष बबलू कुमार, पूर्व छात्र नेता छोटन सहनी, पंचायत समिति सदस्य चांदनी देवी, मुखिया संघ के अध्यक्ष एवं भुसवर पंचायत के मुखिया रंजीत कुमार महतो सहित कई सामाजिक एवं जनप्रतिनिधि छात्रों का हालचाल जानने और उन्हें समर्थन देने पहुंचे। मुखिया संघ अध्यक्ष रंजीत कुमार महतो ने छात्रों की मांग को पूरी तरह न्यायसंगत बताते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। छात्रों ने विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय प्रशासन की चुप्पी पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी छात्र के स्वास्थ्य को गंभीर क्षति पहुँचती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय प्रशासन की होगी। यह जानकारी भारत का छात्र फेडरेशन (एसएफआई), डीबीकेएन कॉलेज नरहन इकाई द्वारा प्रेस को उपलब्ध कराई गई।
- समस्तीपुर में नगर थाना पुलिस ने ब्राउन शुगर के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मगरदही घाट के बाईपास क्षेत्र में हुई है। पुलिस ने इसे एक 'बड़ी कार्रवाई' बताया है, लेकिन मगरदही घाट के बाईपास में फैले इस पूरे रैकेट को समाप्त करना अभी भी पुलिस के लिए एक चुनौती बना हुआ है।1
- समस्तीपुर जिले के उजियारपुर में एक बिजली का खंभा झुक गया है। स्थानीय लोगों ने इसे सीधा करने की आवश्यकता बताई है।1
- नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, देश में पेट्रोल और डीज़ल के दाम लगातार बढ़ने से जनता को लूटा जा रहा है। आरोप लगाया गया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चुनावी राज्यों में हुए अपने खर्चे को अब देश की जनता से वसूल रही है। साथ ही, यह भी कहा गया है कि सरकार के पास आर्थिक संकट को नियंत्रित करने के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है, और 'मोदी जी' ने सब कुछ जनता के ऊपर छोड़ दिया है। इस सरकार को अपनी ज़िम्मेदारियों से भागने वाली सरकार बताया गया है। इमरान प्रताप गाड़ी ने भी इस बात पर ज़ोर दिया है कि पेट्रोल और डीज़ल के दामों में लगातार वृद्धि करके देश की जनता को लूटा जा रहा है।1
- बिहार के समस्तीपुर जिले में स्थित मथुरापुर घाट से एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में तेज़ हवा, आंधी और पानी का ज़बरदस्त मंजर दिखाया जा रहा है। यह वीडियो विशेष रूप से समस्तीपुर के मथुरापुर घाट का है, जहाँ प्रकृति का यह विकराल रूप स्पष्ट देखा जा सकता है।1
- समस्तीपुर जिले के सरायरंजन में कपिन पंडित के घर के पास नल जल का एक पाइप कटा हुआ है। इस पाइप के कटे होने के कारण सारा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय जनता को आवागमन तथा अन्य दैनिक गतिविधियों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- एक 'छपरी यूट्यूबर' पर वीडियो बनाने के नाम पर आम आदमी को लूटने का गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि इस यूट्यूबर की हरकतों ने सभी यूट्यूबर्स को कलंकित किया है। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि ईलमासनगर टुडे टीम द्वारा नहीं की जाती।1
- देश में आम आदमी, खासकर ग़रीबों की हालत पर चिंता जताते हुए, एक ऑटो चालक के मार्मिक बयान को उजागर किया गया है। चालक ने कहा, "हम तो तबाह हो गए हैं - और सुनने वाला कोई नहीं।" यह एक वाक्य देश के लाखों ग़रीबों की पूरी कहानी बयाँ करता है, जहाँ उनकी आमदनी का मीटर बंद हो चुका है, लेकिन महंगाई का ब्रेक फेल हो गया है, और कथित तौर पर सुनने वाली सरकार बहरी बनी हुई है। सीएनजी से लेकर एलपीजी तक, बच्चों की पढ़ाई से लेकर इलाज तक, और दूध से लेकर खाने के तेल तक, हर बढ़ती कीमत ग़रीबों के बजट और उनकी रसोई पर सीधा वार कर रही है। इस स्थिति पर कटाक्ष करते हुए, 'महंगाई मानव मोदी जी' पर आरोप लगाया गया है कि वे एक ओर सार्वजनिक परिवहन इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं, वहीं दूसरी ओर वे लोग जो सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ हैं, आज महंगाई के भारी बोझ तले टूट रहे हैं। आज इन लोगों की थाली में रोटी-दाल के साथ यह सवाल भी मौजूद है कि कल की रोटी कहाँ से आएगी।1
- दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पंडासराय गुमटी के समीप स्थित एक मकान में शनिवार को कथित रूप से नाबालिग लड़की से अवैध धंधा कराए जाने के आरोप को लेकर घंटों हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। सूचना मिलने पर बहादुरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और बंद कमरे की जाँच की, लेकिन वहाँ कोई लड़की नहीं मिली। इस मामले में एक महिला, जिसने खुद को आर्केस्ट्रा संचालिका बताया, ने आरोप लगाया कि एक नाबालिग लड़की ने उन्हें जानकारी दी थी कि उसे एक युवक द्वारा जबरन रखा गया है और उससे अवैध गतिविधियाँ कराई जा रही हैं। महिला ने दावा किया कि 27 मई को राधेश्याम नामक युवक लड़की को अपने साथ ले गया था, जिसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा है। इसी आशंका के आधार पर वह अन्य लड़कियों के साथ उस मकान पर पहुँची थी। हालाँकि, मकान का दरवाजा खुलवाने पर कथित तौर पर लापता लड़की वहाँ नहीं मिली, लेकिन आरोप लगाने वाली महिलाओं ने कमरे से लड़की के कपड़े और अन्य सामान बरामद होने का दावा किया, जिससे उसके वहाँ रहने की आशंका को बल मिला। वहीं, आरोपित युवक कृष्ण कन्हैया उर्फ राधेश्याम ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह लड़की उसकी पत्नी है और दोनों ने मंदिर में शादी की है। हालांकि, वह मौके पर विवाह से संबंधित कोई दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस युवक को पूछताछ के लिए थाने ले गई, जहाँ थाना परिसर में भी महिला और उसके साथ आई अन्य लड़कियां कथित रूप से लापता लड़की को सामने लाने की मांग करती रहीं ताकि पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो सके। बाद में महिला ने बहेड़ी थाना जाकर प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही। इस घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए। कुछ स्थानीय लोगों ने युवक की गतिविधियों पर संदेह जताते हुए दावा किया कि उसके यहाँ देर रात लोगों का आना-जाना होता था। उन्होंने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन की जांच कर मामले की निष्पक्ष पड़ताल करने की मांग की। कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है, तो विवाह की वैधता और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच आवश्यक होगी। फिलहाल, पुलिस की ओर से मामले में आधिकारिक बयान आने और जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है ताकि लड़की की वास्तविक स्थिति, उम्र और दोनों पक्षों के दावों की पुष्टि हो सके।1