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मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे रायबरेली के कलेक्ट्रेट परिसर में विभिन्न संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि इस पुलिस कार्रवाई के जरिए छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
रोहित यादव भारत न्यूज़ 24
मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे रायबरेली के कलेक्ट्रेट परिसर में विभिन्न संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि इस पुलिस कार्रवाई के जरिए छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
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- मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे रायबरेली के कलेक्ट्रेट परिसर में विभिन्न संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि इस पुलिस कार्रवाई के जरिए छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।1
- मोदी जी द्वारा अपने ही देश के बच्चों पर किया गया बर्बरतापूर्ण हमला बेहद शर्मनाक है। कभी अंग्रेजों ने भी स्वतंत्रता सेनानियों पर इस तरह का हमला नहीं किया होगा, जैसा मोदी जी ने अपने ही देश के बच्चों पर हमला किया है। यह हमला इतना क्रूर है कि इसने जालियांवाला बाग में जनरल डायर द्वारा किए गए कृत्य को भी पीछे छोड़ दिया है।1
- रायबरेली में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की हिरासत के विरोध में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष वीरेंद्र यादव के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उग्र कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री की तस्वीर के साथ धक्का-मुक्की करने की कोशिश की। स्थिति को बिगड़ते देख मौके पर मौजूद सीओ सिटी आशीष निगम, सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार और शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह ने पुलिस बल के सहयोग से कार्यकर्ताओं को रोक दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय तक तनाव बना रहा, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रही है।2
- रायबरेली जिले के डीह ब्लॉक अंतर्गत मझिलहा गांव में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, पाइपलाइन बिछाने के दौरान रास्ते में लगे खड़ंजे को उखाड़ा गया था, जिसे कार्य पूरा होने के बाद सही तरीके से वापस नहीं बिछाया गया। इसके कारण खड़ंजे टूट-फूट गए और रास्ता खराब हो गया, जिससे छोटे बच्चों सहित अन्य ग्रामीणों का घर से निकलना और आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या के बारे में जल जीवन मिशन के कर्मचारियों को कई बार सूचित किया और हर बार उन्हें केवल जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस अनदेखी से परेशान होकर त्रिवेणी प्रसाद, सावित्री देवी, रोहित कुमार, मनीदास और प्रिया सहित गांव के लोगों ने स्वयं ही इस खराब खड़ंजे को ठीक करने का बीड़ा उठाया है। इसके अतिरिक्त, बिछाई गई पाइपलाइन से अभी भी लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस रिसाव को जल्द से जल्द ठीक किया जाए, ताकि खड़ंजे पर पानी जमा न हो और आवागमन सुचारु रूप से चलता रहे।1
- रायबरेली के करहिया बाजार में मच्छरों का प्रकोप बेहद बढ़ गया है और यहां बहुत बड़े-बड़े मच्छर हो गए हैं। हालत यह है कि रात तो दूर, दिन के समय भी बहुत ज्यादा मच्छर लग रहे हैं। इस समस्या को देखते हुए स्थानीय स्तर पर शासन और प्रशासन से पुरजोर अनुरोध किया गया है कि वे यहां जल्द से जल्द दवा का छिड़काव कराएं ताकि लोगों को मच्छरों के इस बढ़ते प्रकोप से राहत मिल सके।1
- आरएसएस की शाखा वाली यूनिफॉर्म पहने एक व्यक्ति द्वारा पुलिस के साथ मिलकर प्रदर्शनकारी छात्रों को बर्बरतापूर्वक पीटने का गंभीर आरोप लगा है, जिसका वीडियो सबूत भी सामने आने की बात कही जा रही है। इस घटना को लेकर तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या छात्रों को पीटने के लिए भाजपा और आरएसएस के गुंडों को भेजा गया था। अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच के महासचिव पराग प्रसाद रावत ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए मांग की है कि केन्द्रीय गृहमंत्री तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें, क्योंकि उनके पद पर रहते हुए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होना बिल्कुल भी संभव नहीं है। प्रदर्शन में शामिल निहत्थे छात्र और छात्राओं पर पुलिस के साथ मिलकर बाहरी गुंडों द्वारा की गई इस बर्बरता को लेकर सुप्रीम कोर्ट से अपील की गई है। मांग की गई है कि वीडियो के आधार पर सुप्रीम कोर्ट स्वयं इस मामले का संज्ञान ले और अपनी निगरानी में इसकी निष्पक्ष जांच कराए। आरोप लगाया गया है कि दिल्ली पुलिस केन्द्रीय गृह मंत्री के अधीन है और बीजेपी सरकार के कार्यकाल में पुलिस के साथ मिलकर बाहरी लोग जिस तरह से बर्बरता कर रहे हैं, ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1