उचेहरा (सतना, म.प्र.): बिजली संकट को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी उचेहरा ने विद्युत विभाग को ज्ञापन सौंपा है। क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती, लंबे समय से जले पड़े ट्रांसफार्मर और सड़कों व खेतों में लटकती खतरनाक तारों की समस्या से जूझ रही जनता और किसानों की परेशानी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण आम जनता और किसान बेहद परेशान हैं, जिससे खेती का काम ठप पड़ा है और जान-माल का खतरा बना हुआ है। ज्ञापन में उठाई गई मुख्य माँगों में शामिल हैं: गाँवों में लंबे समय से जले पड़े ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदला जाए, सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति और सही वोल्टेज सुनिश्चित किया जाए, लगभग 80% ट्रांसफार्मरों से जुड़ी पुरानी व जली हुई तारों को तुरंत बदला जाए, पोलों और पेड़ों पर लटक रही खतरनाक तारों का सुधार किया जाए और झाड़ियों की सफाई कराई जाए ताकि फॉल्ट न हो, शिकायत करने पर विभागीय कर्मचारियों द्वारा फोन न उठाने और ढिलाई बरतने के रवैये में सुधार किया जाए। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने विद्युत विभाग को चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि यदि 3 दिनों के भीतर ज्ञापन में दी गई समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो उचेहरा विद्युत विभाग कार्यालय के सामने उग्र धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग और प्रशासन की होगी। ज्ञापन प्राप्त करते हुए कनिष्ठ यंत्री (JE) ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि वे स्वयं किसान पृष्ठभूमि से आते हैं और समस्या की गंभीरता को समझते हैं। उन्होंने 2 दिनों के भीतर प्राथमिकता के आधार पर ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कराने और विद्युत सप्लाई दुरुस्त करने का आश्वासन दिया। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोतीलाल कुशवाहा, युवा कांग्रेस ब्लॉक उपाध्यक्ष निखिल कुशवाहा, शुभम कुशवाहा, कमलेश पाल, सुखेंद्र कुशवाहा, शिवपूजन त्रिवेदी, शीलभद्र कुशवाहा, रूपकुमार गौतम, रामबालक विश्वकर्मा सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उचेहरा (सतना, म.प्र.): बिजली संकट को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी उचेहरा ने विद्युत विभाग को ज्ञापन सौंपा है। क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती, लंबे समय से जले पड़े ट्रांसफार्मर और सड़कों व खेतों में लटकती खतरनाक तारों की समस्या से जूझ रही जनता और किसानों की परेशानी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण आम जनता और किसान बेहद परेशान हैं, जिससे खेती का काम ठप पड़ा है और जान-माल का खतरा बना हुआ है। ज्ञापन में उठाई गई मुख्य माँगों में शामिल हैं: गाँवों में लंबे समय से जले पड़े ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदला जाए, सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति और सही वोल्टेज सुनिश्चित किया जाए, लगभग 80% ट्रांसफार्मरों से जुड़ी पुरानी व जली हुई तारों को तुरंत बदला जाए, पोलों और पेड़ों पर लटक रही खतरनाक तारों का सुधार किया जाए और झाड़ियों की सफाई कराई जाए ताकि फॉल्ट न हो, शिकायत करने पर विभागीय कर्मचारियों द्वारा फोन न उठाने और ढिलाई बरतने के रवैये में सुधार किया जाए। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने विद्युत विभाग को चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि यदि 3 दिनों के भीतर ज्ञापन में दी गई समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो उचेहरा विद्युत विभाग कार्यालय के सामने उग्र धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग और प्रशासन की होगी। ज्ञापन प्राप्त करते हुए कनिष्ठ यंत्री (JE) ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि वे स्वयं किसान पृष्ठभूमि से आते हैं और समस्या की गंभीरता को समझते हैं। उन्होंने 2 दिनों के भीतर प्राथमिकता के आधार पर ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कराने और विद्युत सप्लाई दुरुस्त करने का आश्वासन दिया। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोतीलाल कुशवाहा, युवा कांग्रेस ब्लॉक उपाध्यक्ष निखिल कुशवाहा, शुभम कुशवाहा, कमलेश पाल, सुखेंद्र कुशवाहा, शिवपूजन त्रिवेदी, शीलभद्र कुशवाहा, रूपकुमार गौतम, रामबालक विश्वकर्मा सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- ग्राम ककरा की आंगनवाड़ी में बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि आंगनवाड़ी केंद्र में शासन द्वारा निर्धारित पोषण आहार उपलब्ध कराने की बजाय बच्चों को केवल नमक और पूड़ी परोसी जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण आहार योजना संचालित की जा रही है, लेकिन ग्राम ककरा में योजना के क्रियान्वयन को लेकर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। मामले में शिवम स्व-सहायता समूह की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बच्चों को वास्तव में पौष्टिक आहार की जगह सिर्फ नमक-पूड़ी दी जा रही है तो यह बच्चों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर लापरवाही है। ग्रामीणों ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों सहित जिला कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्र का मौके पर निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति सामने लाने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के पोषण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और जांच के बाद क्या कार्रवाई की जाती है।2
- उदयपुर रोड मैहर का विकास तेज़ी से हो रहा है। यह विकास सतना जिले के मैहर उप-जिले में हो रहा है। इस विकास का मुख्य केंद्र उदयपुर रोड है, जहां पर कई परियोजनाएं चल रही हैं। इस विकास से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है और वे इस पहल की सराहना कर रहे हैं।1
- मैहर के भरौली में आयोजित RCCPL प्राइवेट लिमिटेड की क्षमता विस्तार (सेकेंड यूनिट) से संबंधित लोकसुनवाई में जिला पंचायत सदस्य जयंती तिवारी ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की। इस सुनवाई में अपर कलेक्टर संजना जैन और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सुधांशु तिवारी भी मौजूद थे। जयंती तिवारी ने कहा कि कंपनी का सीएसआर (CSR) फंड प्रभावित गांवों के विकास पर खर्च किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित हुई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए। इसके अलावा, प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी और पारदर्शी उपाय सुनिश्चित किए जाएं। तिवारी ने जोर देकर कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ जनहित और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।1
- मध्य प्रदेश के मैहर में सोमवार को राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर भाजपा कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र एवं युवा कार्यकर्ता शामिल हुए। रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ी। गायत्री मंदिर के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जिसके चलते कुछ समय तक पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक की स्थिति भी बनी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दे उठाए तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। NSUI जिला अध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी ने कहा कि यदि छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ, तो संगठन भविष्य में आंदोलन को और व्यापक करेगा। प्रदर्शन के बाद पुलिस की निगरानी में स्थिति सामान्य रही। प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कीं।4
- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर क्षेत्र के जंगल में एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बाघिन का खराब 'रेडियो कॉलर' सुरक्षित रूप से हटा दिया गया है। इस व्यापक अभियान में 60 से अधिक सदस्यों की टीम और 4 प्रशिक्षित हाथियों की मदद ली गई। रेस्क्यू के बाद बाघिन का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और सब कुछ सामान्य पाए जाने पर उसे वापस उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया है।1
- मैहर जिले के रामनगर विकास खण्ड के अमिलिया गांव में एक किसान के कुएं में मगरमच्छ दिखाई देने से हड़कंप मच गया। जैसे ही इस बारे में पता चला, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। हालांकि, कुएं में पानी भरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं किया जा सका। मगरमच्छ को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कुएं का पानी खाली कराया जा रहा है, ताकि रेस्क्यू का कार्य शुरू किया जा सके। वन विभाग की पूरी टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई है और मगरमच्छ के रेस्क्यू की तैयारी हो चुकी है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कुएं के आसपास भीड़ न लगाएं और रेस्क्यू टीम के कार्य में सहयोग करें।2
- मैहर के एनएच30 पर ग्राम नरौरा के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ। एक पैदल जा रहे व्यक्ति को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर के बाद कई अन्य वाहन भी मृतक के ऊपर से गुजर गए, जिससे शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। स्थानीय ग्रामीणों ने इस हादसे की सूचना डॉयल 112 और हाईवे पेट्रोलिंग टीम को दी। सूचना मिलते ही दोनों टीमें मौके पर पहुंची। हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने मृतक के शव को सिविल अस्पताल मैहर पहुंचाया।1