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उदयपुर रोड मैहर का विकास तेज़ी से हो रहा है। यह विकास सतना जिले के मैहर उप-जिले में हो रहा है। इस विकास का मुख्य केंद्र उदयपुर रोड है, जहां पर कई परियोजनाएं चल रही हैं। इस विकास से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है और वे इस पहल की सराहना कर रहे हैं।

3 hrs ago
user_Satyanarayan tiwari
Satyanarayan tiwari
Local News Reporter मैहर•
3 hrs ago

उदयपुर रोड मैहर का विकास तेज़ी से हो रहा है। यह विकास सतना जिले के मैहर उप-जिले में हो रहा है। इस विकास का मुख्य केंद्र उदयपुर रोड है, जहां पर कई परियोजनाएं चल रही हैं। इस विकास से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है और वे इस पहल की सराहना कर रहे हैं।

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  • मैहर जिले के रामनगर विकास खण्ड के अमिलिया गांव में एक किसान के कुएं में मगरमच्छ दिखाई देने से हड़कंप मच गया। जैसे ही इस बारे में पता चला, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। हालांकि, कुएं में पानी भरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं किया जा सका। मगरमच्छ को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कुएं का पानी खाली कराया जा रहा है, ताकि रेस्क्यू का कार्य शुरू किया जा सके। वन विभाग की पूरी टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई है और मगरमच्छ के रेस्क्यू की तैयारी हो चुकी है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कुएं के आसपास भीड़ न लगाएं और रेस्क्यू टीम के कार्य में सहयोग करें।
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    मैहर जिले के रामनगर विकास खण्ड के अमिलिया गांव में एक किसान के कुएं में मगरमच्छ दिखाई देने से हड़कंप मच गया। जैसे ही इस बारे में पता चला, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई।

हालांकि, कुएं में पानी भरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं किया जा सका। मगरमच्छ को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कुएं का पानी खाली कराया जा रहा है, ताकि रेस्क्यू का कार्य शुरू किया जा सके। वन विभाग की पूरी टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई है और मगरमच्छ के रेस्क्यू की तैयारी हो चुकी है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कुएं के आसपास भीड़ न लगाएं और रेस्क्यू टीम के कार्य में सहयोग करें।
    user_Satyaprakash Media Maihar
    Satyaprakash Media Maihar
    Photographer मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मैहर के भरौली में आयोजित RCCPL प्राइवेट लिमिटेड की क्षमता विस्तार (सेकेंड यूनिट) से संबंधित लोकसुनवाई में जिला पंचायत सदस्य जयंती तिवारी ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की। इस सुनवाई में अपर कलेक्टर संजना जैन और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सुधांशु तिवारी भी मौजूद थे। जयंती तिवारी ने कहा कि कंपनी का सीएसआर (CSR) फंड प्रभावित गांवों के विकास पर खर्च किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित हुई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए। इसके अलावा, प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी और पारदर्शी उपाय सुनिश्चित किए जाएं। तिवारी ने जोर देकर कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ जनहित और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
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    मैहर के भरौली में आयोजित RCCPL प्राइवेट लिमिटेड की क्षमता विस्तार (सेकेंड यूनिट) से संबंधित लोकसुनवाई में जिला पंचायत सदस्य जयंती तिवारी ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की। इस सुनवाई में अपर कलेक्टर संजना जैन और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सुधांशु तिवारी भी मौजूद थे।

जयंती तिवारी ने कहा कि कंपनी का सीएसआर (CSR) फंड प्रभावित गांवों के विकास पर खर्च किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित हुई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए। इसके अलावा, प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी और पारदर्शी उपाय सुनिश्चित किए जाएं। तिवारी ने जोर देकर कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ जनहित और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
    user_Sunil kumar dahiya
    Sunil kumar dahiya
    मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सतना शहर के गुप्ता पैलेस पुष्कर्णी पार्क कांड में फर्जी मेडिकल बनाने वाले मास्टरमाइंड और जबलपुर स्थित स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल के संचालक अमित खरे का एक और कारनामा सामने आया है। अमित खरे ने सुनियोजित तरीके से पांच लोगों को डंपर से कुचलवाकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। इस घटना का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने मास्टरमाइंड अमित खरे को उसके साथियों के साथ जेल भेज दिया है।
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    सतना शहर के गुप्ता पैलेस पुष्कर्णी पार्क कांड में फर्जी मेडिकल बनाने वाले मास्टरमाइंड और जबलपुर स्थित स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल के संचालक अमित खरे का एक और कारनामा सामने आया है। अमित खरे ने सुनियोजित तरीके से पांच लोगों को डंपर से कुचलवाकर मौत के घाट उतार दिया।

पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। इस घटना का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने मास्टरमाइंड अमित खरे को उसके साथियों के साथ जेल भेज दिया है।
    user_खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के सतना जिले के नागौद में प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस) इकाई द्वारा आयोजित एक परिचर्चा गोष्ठी में मुंशी प्रेमचंद के साहित्य, सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों पर गहन विमर्श हुआ। यह आयोजन प्रेमचंद की जयंती पखवाड़े के अंतर्गत अखंड ज्योति विद्यालय, इंदिरा नगर, नागौद में किया गया था। गोष्ठी के मुख्य अतिथि पद्मश्री बाबूलाल दाहिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रेमचंद ने अपेक्षाकृत अल्प जीवन में जो विराट साहित्य-संपदा रची, वह हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद की रचनाएँ केवल कथाएँ नहीं, बल्कि भारतीय समाज के नैतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक यथार्थ का जीवंत दस्तावेज हैं। उनकी सहज भाषा, जीवन से जुड़े पात्र, गहरी मानवीय संवेदना और अंतर्निहित सामाजिक संदेश ही उनकी रचनाओं को कालजयी बनाते हैं। दाहिया ने 'नमक का दरोगा' और 'ईदगाह' जैसी कहानियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रेमचंद का साहित्य मनोरंजन से कहीं आगे बढ़कर मूल्यबोध, सामाजिक चेतना और मानवीय नैतिकता का साहित्य है। यही कारण है कि उनकी रचनाएँ समय के साथ पुरानी नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि यदि आज़ादी से पूर्व के भारत का वास्तविक सामाजिक चित्र देखना हो, तो उसे प्रेमचंद के साहित्य में सहजता से देखा जा सकता है। अध्यक्षीय उद्बोधन में रामलाल सिंह परिहार ने कहा कि प्रेमचंद को समझने के लिए उनके साहित्य को जीवनानुभवों के साथ जोड़कर पढ़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट लेखन का आधार गंभीर अध्ययन और सतत पठन है। साहित्यकार समाज का पथप्रदर्शक होता है और प्रेमचंद इस परंपरा के सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि हैं। विशिष्ट अतिथि विजयशंकर चतुर्वेदी ने कहा कि प्रेमचंद भारतीय जनजीवन के सबसे विश्वसनीय कथाकार हैं। उन्होंने किसान, स्त्री, श्रमिक और समाज के उपेक्षित वर्गों के संघर्ष को साहित्य में अमर कर दिया। उन्होंने प्रेमचंद के प्रसिद्ध कथन 'साहित्य का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज के आगे मशाल लेकर चलना है' का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आज भी साहित्यकारों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद को सच्ची श्रद्धांजलि उनकी रचनाओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने और उनके साहित्यिक अवदान को संरक्षित रखने में निहित है। कालिका त्रिपाठी ने अपनी कविता के माध्यम से प्रेमचंद को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने समाज के उपेक्षित, वंचित और शोषित वर्गों को अपनी लेखनी का केंद्र बनाया। उनकी कहानियाँ आज भी सामाजिक विषमताओं, अन्याय और मानवीय संघर्ष की उतनी ही प्रामाणिक अभिव्यक्ति हैं, जितनी अपने समय में थीं। राजेंद्र सिंह परमार ने कहा कि हिंदी साहित्य में दलितों, किसानों और शोषित समाज के जीवन का जितना संवेदनशील एवं यथार्थपरक चित्रण प्रेमचंद ने किया, वह अप्रतिम है। रामहित त्रिपाठी ने कहा कि प्रेमचंद की रचनाएँ मनुष्य के भीतर मानवीय मूल्यों को जागृत करती हैं और सामाजिक उत्तरदायित्व का बोध कराती हैं। बालेंदु प्रभाकर मिश्र ने कहा कि प्रेमचंद केवल कथाकार नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना के अग्रदूत थे। उन्होंने किसानों, श्रमिकों, दलितों और वंचित वर्गों की पीड़ा को साहित्य की मुख्यधारा में प्रतिष्ठित किया। अरुण पयासी ने कहा कि प्रेमचंद ने साहित्य को कल्पना के सीमित दायरे से निकालकर सामाजिक यथार्थ का दर्पण बनाया। उनका लेखन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि वैचारिक जागृति और सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम है। पी.के. अहिरवार ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य केवल अध्ययन का विषय नहीं, बल्कि जीवन में आत्मसात किए जाने योग्य मूल्य-परंपरा है। उनके विचारों को व्यवहार में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर के. दाहिया, पुष्पेंद्र पाठक, सीताशरण परासर अमन त्रिपाठी तथा अनुपम दाहिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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    मध्य प्रदेश के सतना जिले के नागौद में प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस) इकाई द्वारा आयोजित एक परिचर्चा गोष्ठी में मुंशी प्रेमचंद के साहित्य, सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों पर गहन विमर्श हुआ। यह आयोजन प्रेमचंद की जयंती पखवाड़े के अंतर्गत अखंड ज्योति विद्यालय, इंदिरा नगर, नागौद में किया गया था।

गोष्ठी के मुख्य अतिथि पद्मश्री बाबूलाल दाहिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रेमचंद ने अपेक्षाकृत अल्प जीवन में जो विराट साहित्य-संपदा रची, वह हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद की रचनाएँ केवल कथाएँ नहीं, बल्कि भारतीय समाज के नैतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक यथार्थ का जीवंत दस्तावेज हैं। उनकी सहज भाषा, जीवन से जुड़े पात्र, गहरी मानवीय संवेदना और अंतर्निहित सामाजिक संदेश ही उनकी रचनाओं को कालजयी बनाते हैं। दाहिया ने 'नमक का दरोगा' और 'ईदगाह' जैसी कहानियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रेमचंद का साहित्य मनोरंजन से कहीं आगे बढ़कर मूल्यबोध, सामाजिक चेतना और मानवीय नैतिकता का साहित्य है। यही कारण है कि उनकी रचनाएँ समय के साथ पुरानी नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि यदि आज़ादी से पूर्व के भारत का वास्तविक सामाजिक चित्र देखना हो, तो उसे प्रेमचंद के साहित्य में सहजता से देखा जा सकता है।

अध्यक्षीय उद्बोधन में रामलाल सिंह परिहार ने कहा कि प्रेमचंद को समझने के लिए उनके साहित्य को जीवनानुभवों के साथ जोड़कर पढ़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट लेखन का आधार गंभीर अध्ययन और सतत पठन है। साहित्यकार समाज का पथप्रदर्शक होता है और प्रेमचंद इस परंपरा के सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि हैं। विशिष्ट अतिथि विजयशंकर चतुर्वेदी ने कहा कि प्रेमचंद भारतीय जनजीवन के सबसे विश्वसनीय कथाकार हैं। उन्होंने किसान, स्त्री, श्रमिक और समाज के उपेक्षित वर्गों के संघर्ष को साहित्य में अमर कर दिया। उन्होंने प्रेमचंद के प्रसिद्ध कथन 'साहित्य का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज के आगे मशाल लेकर चलना है' का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आज भी साहित्यकारों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद को सच्ची श्रद्धांजलि उनकी रचनाओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने और उनके साहित्यिक अवदान को संरक्षित रखने में निहित है।

कालिका त्रिपाठी ने अपनी कविता के माध्यम से प्रेमचंद को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने समाज के उपेक्षित, वंचित और शोषित वर्गों को अपनी लेखनी का केंद्र बनाया। उनकी कहानियाँ आज भी सामाजिक विषमताओं, अन्याय और मानवीय संघर्ष की उतनी ही प्रामाणिक अभिव्यक्ति हैं, जितनी अपने समय में थीं। राजेंद्र सिंह परमार ने कहा कि हिंदी साहित्य में दलितों, किसानों और शोषित समाज के जीवन का जितना संवेदनशील एवं यथार्थपरक चित्रण प्रेमचंद ने किया, वह अप्रतिम है। रामहित त्रिपाठी ने कहा कि प्रेमचंद की रचनाएँ मनुष्य के भीतर मानवीय मूल्यों को जागृत करती हैं और सामाजिक उत्तरदायित्व का बोध कराती हैं।

बालेंदु प्रभाकर मिश्र ने कहा कि प्रेमचंद केवल कथाकार नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना के अग्रदूत थे। उन्होंने किसानों, श्रमिकों, दलितों और वंचित वर्गों की पीड़ा को साहित्य की मुख्यधारा में प्रतिष्ठित किया। अरुण पयासी ने कहा कि प्रेमचंद ने साहित्य को कल्पना के सीमित दायरे से निकालकर सामाजिक यथार्थ का दर्पण बनाया। उनका लेखन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि वैचारिक जागृति और सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम है। पी.के. अहिरवार ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य केवल अध्ययन का विषय नहीं, बल्कि जीवन में आत्मसात किए जाने योग्य मूल्य-परंपरा है। उनके विचारों को व्यवहार में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर के. दाहिया, पुष्पेंद्र पाठक, सीताशरण परासर अमन त्रिपाठी तथा अनुपम दाहिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
    user_अनुपम दाहिया
    अनुपम दाहिया
    Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सतना जिले की उचेहरा थाना पुलिस ने शनिवार और रविवार की दरमियानी रात अपराध नियंत्रण और लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में दबिश देकर कुल 17 वारंटियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपियों में 3 से 15 वर्षों से फरार चल रहे 7 स्थायी वारंटी और 10 गिरफ्तारी वारंटी शामिल हैं। अभियान के दौरान सालों से पुलिस को चकमा दे रहे स्थायी वारंटियों पर शिकंजा कसा गया। इनमें भूरूहुरा निवासी राकेश यादव (15 वर्ष से फरार), मतरी निवासी राजमन सिंह (14 वर्ष से फरार), झुरखुलू निवासी पूरन लाल पटेल (12 वर्ष से फरार), सखौहा खुर्द निवासी महेश कोल (4 वर्ष से फरार), देवार निवासी श्रीराम लोधी (3 वर्ष से फरार) और गढ़ी टोला निवासी मधुसूदन पाण्डेय शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने 10 ऐसे आरोपियों को भी दबोचा जिनके खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी थे। इनमें दो बार वारंट जारी हो चुके इटहा खोखरा निवासी गोकुल पाल सहित इटहा निवासी रामसजीवन पाल व रामविश्वास पाल, संजय नगर नई बस्ती निवासी अंकित वर्मा, बडखुरा निवासी साजन कछेर, महाराजपुर निवासी लल्लू यादव, खम्हरिया निवासी रामसुजन कोल व सरमन कोल और बसहा मोहल्ला निवासी करन बंशकार शामिल हैं। उचेहरा थाना पुलिस ने रात भर चले इस सघन अभियान के बाद सभी 17 आरोपियों को हिरासत में लेकर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की और रविवार को उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया। पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।
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    सतना जिले की उचेहरा थाना पुलिस ने शनिवार और रविवार की दरमियानी रात अपराध नियंत्रण और लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में दबिश देकर कुल 17 वारंटियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपियों में 3 से 15 वर्षों से फरार चल रहे 7 स्थायी वारंटी और 10 गिरफ्तारी वारंटी शामिल हैं।

अभियान के दौरान सालों से पुलिस को चकमा दे रहे स्थायी वारंटियों पर शिकंजा कसा गया। इनमें भूरूहुरा निवासी राकेश यादव (15 वर्ष से फरार), मतरी निवासी राजमन सिंह (14 वर्ष से फरार), झुरखुलू निवासी पूरन लाल पटेल (12 वर्ष से फरार), सखौहा खुर्द निवासी महेश कोल (4 वर्ष से फरार), देवार निवासी श्रीराम लोधी (3 वर्ष से फरार) और गढ़ी टोला निवासी मधुसूदन पाण्डेय शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने 10 ऐसे आरोपियों को भी दबोचा जिनके खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी थे। इनमें दो बार वारंट जारी हो चुके इटहा खोखरा निवासी गोकुल पाल सहित इटहा निवासी रामसजीवन पाल व रामविश्वास पाल, संजय नगर नई बस्ती निवासी अंकित वर्मा, बडखुरा निवासी साजन कछेर, महाराजपुर निवासी लल्लू यादव, खम्हरिया निवासी रामसुजन कोल व सरमन कोल और बसहा मोहल्ला निवासी करन बंशकार शामिल हैं।

उचेहरा थाना पुलिस ने रात भर चले इस सघन अभियान के बाद सभी 17 आरोपियों को हिरासत में लेकर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की और रविवार को उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया। पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।
    user_Unchehra news
    Unchehra news
    News Anchor उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • मैहर में आज छात्रों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। NSUI जिलाध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी की अगुवाई में हजारों युवाओं की उग्र भीड़ ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यालय को चारों तरफ से घेर लिया। इस घेराव में भारी भीड़ दिखी और पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। सरकार की तानाशाही नीतियों और छात्र विरोधी रवैये के खिलाफ उग्र हुए कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की पुरजोर मांग की। NSUI जिलाध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी ने सरकार को सीधे शब्दों में ललकारा और कहा, 'छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने की हिम्मत अब कोई न करे! अगर हमारी माँगें नहीं मानी गईं और अत्याचार बंद नहीं हुआ, तो यह उग्र आंदोलन सरकार की नींव हिलाकर रख देगा। हम ईंट से ईंट बजा देंगे, लेकिन छात्रों का हक़ छीनने नहीं देंगे!' BJP दफ़्तर के बाहर घंटों तक चले इस उग्र घेराव और प्रचंड नारेबाजी से माहौल पूरी तरह गरमा गया है। युवाओं का यह रौद्र रूप देखकर साफ है कि छात्र अब आर-पार के मूड में हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या अंधी-बहरी सरकार इन युवाओं का जलजला देखकर जागेगी, या फिर यह ज्वाला पूरे प्रदेश को अपनी ज़द में लेगी?
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    मैहर में आज छात्रों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। NSUI जिलाध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी की अगुवाई में हजारों युवाओं की उग्र भीड़ ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यालय को चारों तरफ से घेर लिया। इस घेराव में भारी भीड़ दिखी और पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।

सरकार की तानाशाही नीतियों और छात्र विरोधी रवैये के खिलाफ उग्र हुए कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की पुरजोर मांग की। NSUI जिलाध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी ने सरकार को सीधे शब्दों में ललकारा और कहा, 'छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने की हिम्मत अब कोई न करे! अगर हमारी माँगें नहीं मानी गईं और अत्याचार बंद नहीं हुआ, तो यह उग्र आंदोलन सरकार की नींव हिलाकर रख देगा। हम ईंट से ईंट बजा देंगे, लेकिन छात्रों का हक़ छीनने नहीं देंगे!'

BJP दफ़्तर के बाहर घंटों तक चले इस उग्र घेराव और प्रचंड नारेबाजी से माहौल पूरी तरह गरमा गया है। युवाओं का यह रौद्र रूप देखकर साफ है कि छात्र अब आर-पार के मूड में हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या अंधी-बहरी सरकार इन युवाओं का जलजला देखकर जागेगी, या फिर यह ज्वाला पूरे प्रदेश को अपनी ज़द में लेगी?
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    5 hrs ago
  • मैहर में NSUI जिलाध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी के नेतृत्व में छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर एक विशाल धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी कार्यालय का घेराव किया और अपनी मांगों को लेकर जोरदार आवाज बुलंद की। इस दौरान, NSUI जिलाध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और छात्र हितों की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ी जाएगी। प्रदर्शन के दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार छात्रों की आवाज सुनेगी और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर कोई ठोस कदम उठाएगी? इस प्रदर्शन से स्पष्ट है कि छात्र संगठन किसी भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
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    मैहर में NSUI जिलाध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी के नेतृत्व में छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर एक विशाल धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी कार्यालय का घेराव किया और अपनी मांगों को लेकर जोरदार आवाज बुलंद की। इस दौरान, NSUI जिलाध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और छात्र हितों की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ी जाएगी।

प्रदर्शन के दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार छात्रों की आवाज सुनेगी और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर कोई ठोस कदम उठाएगी? इस प्रदर्शन से स्पष्ट है कि छात्र संगठन किसी भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    4 hrs ago
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