ओमान के तट के पास समुद्र में अमेरिकी मिसाइल हमले के बाद तेल टैंकर एमटी मारिवेक्स में आग लगने और उसके डूबने से उस पर सवार 24 भारतीय नाविकों की जान खतरे में पड़ गई थी। इस संकट के दौरान जहाज से भेजी गई एक SOS कॉल, जिसमें एक क्रू सदस्य लगातार मदद की गुहार लगा रहा था, अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रू सदस्य ने बताया कि यूएस नेवी के हमले में मिसाइल उनके इंजन रूम में लगी, जिससे जहाज में आग लग गई और नीचे एक बड़ा छेद हो गया था। यह घटना सोमवार को ओमान के मसिराह तट के पास हुई, जहाँ अमेरिकी सेना ने पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी मारिवेक्स को निशाना बनाया। अमेरिका का आरोप था कि यह जहाज ईरान के बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था और उसने अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन किया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि यूएसएस अब्राहम लिंकन पर तैनात एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान ने जहाज के इंजन और स्टीयरिंग सेक्शन पर सटीक हमला किया था। अमेरिका ने दावा किया कि जहाज को पहले कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसने निर्देशों का पालन नहीं किया। घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय तटरक्षक बल का मुंबई स्थित मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (MRCC) सक्रिय हो गया। दोपहर करीब 2:20 बजे सूचना मिलने के बाद, MRCC ने तुरंत ओमान मैरीटाइम सर्च एंड रेस्क्यू सेंटर (OMSC) से संपर्क साधा और पूरे बचाव अभियान की निगरानी शुरू की। इसके बाद ओमान की रॉयल एयर फोर्स ने बचाव अभियान शुरू किया, जिसमें मसिराह द्वीप के एयरबेस से उड़े एक हेलीकॉप्टर ने लगभग 20 मिनट में जहाज तक पहुँचकर सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। भारतीय तटरक्षक बल ने इस अभियान की जानकारी देते हुए भारत और ओमान के बीच बेहतरीन समन्वय को सराहा, जिसके कारण सभी भारतीय नागरिकों की जान बचाई जा सकी। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि जहाज पर मौजूद सभी 24 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ओमान सरकार का धन्यवाद किया और बताया कि भारतीय दूतावास लगातार नाविकों के संपर्क में है और उनकी हरसंभव सहायता की जा रही है।
ओमान के तट के पास समुद्र में अमेरिकी मिसाइल हमले के बाद तेल टैंकर एमटी मारिवेक्स में आग लगने और उसके डूबने से उस पर सवार 24 भारतीय नाविकों की जान खतरे में पड़ गई थी। इस संकट के दौरान जहाज से भेजी गई एक SOS कॉल, जिसमें एक क्रू सदस्य लगातार मदद की गुहार लगा रहा था, अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रू सदस्य ने बताया कि यूएस नेवी के हमले में मिसाइल उनके इंजन रूम में लगी, जिससे जहाज में आग लग गई और नीचे एक बड़ा छेद हो गया था। यह घटना सोमवार को ओमान के मसिराह तट के पास हुई, जहाँ अमेरिकी सेना ने पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी मारिवेक्स को निशाना बनाया।
अमेरिका का आरोप था कि यह जहाज ईरान के बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था और उसने अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन किया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि यूएसएस अब्राहम लिंकन पर तैनात एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान ने जहाज के इंजन और स्टीयरिंग सेक्शन पर सटीक हमला किया था। अमेरिका ने दावा किया कि जहाज को पहले कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसने निर्देशों का पालन नहीं किया। घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय तटरक्षक बल का मुंबई स्थित मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (MRCC) सक्रिय हो गया। दोपहर करीब 2:20 बजे सूचना मिलने के बाद, MRCC ने तुरंत ओमान मैरीटाइम सर्च एंड रेस्क्यू सेंटर (OMSC) से संपर्क साधा और पूरे बचाव अभियान की निगरानी
शुरू की। इसके बाद ओमान की रॉयल एयर फोर्स ने बचाव अभियान शुरू किया, जिसमें मसिराह द्वीप के एयरबेस से उड़े एक हेलीकॉप्टर ने लगभग 20 मिनट में जहाज तक पहुँचकर सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। भारतीय तटरक्षक बल ने इस अभियान की जानकारी देते हुए भारत और ओमान के बीच बेहतरीन समन्वय को सराहा, जिसके कारण सभी भारतीय नागरिकों की जान बचाई जा सकी। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि जहाज पर मौजूद सभी 24 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ओमान सरकार का धन्यवाद किया और बताया कि भारतीय दूतावास लगातार नाविकों के संपर्क में है और उनकी हरसंभव सहायता की जा रही है।
- Ajay GautamAsaura👌8 hrs ago
- गुना जिले में दस बच्चों के अचानक बीमार होने की सूचना मिलने पर कलेक्टर तत्काल अस्पताल पहुँचे। उन्होंने वहाँ बच्चों का हालचाल जाना और स्थिति की जानकारी ली।1
- ओमान के तट के पास समुद्र में अमेरिकी मिसाइल हमले के बाद तेल टैंकर एमटी मारिवेक्स में आग लगने और उसके डूबने से उस पर सवार 24 भारतीय नाविकों की जान खतरे में पड़ गई थी। इस संकट के दौरान जहाज से भेजी गई एक SOS कॉल, जिसमें एक क्रू सदस्य लगातार मदद की गुहार लगा रहा था, अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रू सदस्य ने बताया कि यूएस नेवी के हमले में मिसाइल उनके इंजन रूम में लगी, जिससे जहाज में आग लग गई और नीचे एक बड़ा छेद हो गया था। यह घटना सोमवार को ओमान के मसिराह तट के पास हुई, जहाँ अमेरिकी सेना ने पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी मारिवेक्स को निशाना बनाया। अमेरिका का आरोप था कि यह जहाज ईरान के बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था और उसने अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन किया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि यूएसएस अब्राहम लिंकन पर तैनात एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान ने जहाज के इंजन और स्टीयरिंग सेक्शन पर सटीक हमला किया था। अमेरिका ने दावा किया कि जहाज को पहले कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसने निर्देशों का पालन नहीं किया। घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय तटरक्षक बल का मुंबई स्थित मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (MRCC) सक्रिय हो गया। दोपहर करीब 2:20 बजे सूचना मिलने के बाद, MRCC ने तुरंत ओमान मैरीटाइम सर्च एंड रेस्क्यू सेंटर (OMSC) से संपर्क साधा और पूरे बचाव अभियान की निगरानी शुरू की। इसके बाद ओमान की रॉयल एयर फोर्स ने बचाव अभियान शुरू किया, जिसमें मसिराह द्वीप के एयरबेस से उड़े एक हेलीकॉप्टर ने लगभग 20 मिनट में जहाज तक पहुँचकर सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। भारतीय तटरक्षक बल ने इस अभियान की जानकारी देते हुए भारत और ओमान के बीच बेहतरीन समन्वय को सराहा, जिसके कारण सभी भारतीय नागरिकों की जान बचाई जा सकी। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि जहाज पर मौजूद सभी 24 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ओमान सरकार का धन्यवाद किया और बताया कि भारतीय दूतावास लगातार नाविकों के संपर्क में है और उनकी हरसंभव सहायता की जा रही है।3
- अखबार का उपयोग करके भोजन परोसने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही गई है। हालांकि, इस बात को लेकर स्पष्टता नहीं है कि यदि कोई व्यक्ति अखबार में भोजन देता है तो उसके खिलाफ क्या विशिष्ट कार्रवाई की जाएगी।1
- नेपाल ने भारतीय आमों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम सीमा संगरोध निरीक्षकों द्वारा भारत से आयात किए गए आमों में रासायनिक कीटनाशकों की अत्यधिक मात्रा पाए जाने के बाद उठाया गया। काठमांडू के कृषि एवं पशुधन विकास मंत्रालय द्वारा लगाए गए ये आयात प्रतिबंध अप्रैल-मई से प्रभावी हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि जापान ने भी पहले भारतीय आमों पर प्रतिबंध लगाया था। नेपाली अधिकारी इस प्रतिबंध को अपने घरेलू आम की किस्मों के लिए लाभकारी मान रहे हैं। मधेस प्रांत के भूमि प्रबंधन, कृषि और सहकारिता मंत्रालय के प्रवक्ता मनीष कुमार पाल ने इस संबंध में बताया कि इस प्रतिबंध ने स्थानीय स्तर पर उत्पादित “स्वास्थ्यवर्धक फलों” के लिए अधिक अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने कहा कि संघीय सरकार के इस निर्णय से स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा और नागरिकों को स्वस्थ तथा सुरक्षित उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे। हालांकि, देश में आम के व्यापारी इस प्रतिबंध से चिंतित हैं। उन्हें आम की संभावित कमी, कीमतों में बढ़ोतरी और भारी नुकसान की आशंका है। नेपाल भले ही आम का एक प्रमुख उत्पादक है और आयात की तुलना में अधिक निर्यात करता है, लेकिन घरेलू उत्पादन स्थानीय मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है, साथ ही नेपाली आमों का मौसम भी केवल दो महीने तक ही रहता है। इन चिंताओं के कारण, फल विक्रेता अब भारतीय फलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बजाय एक सख्त संगरोध प्रणाली लागू करने की मांग कर रहे हैं। भारत के लिए यह स्थिति कुछ सवाल खड़े करती है। हालांकि नेपाल भारत के सबसे बड़े आम निर्यातक बाजारों में से नहीं है — भारत के शीर्ष पांच आम निर्यातक देश अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, नीदरलैंड और सऊदी अरब हैं — फिर भी आयातित आमों में रासायनिक कीटनाशकों की उपस्थिति भारत के फल उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र के लिए चिंता का विषय है।1
- गाजियाबाद के लोनी में एक गली पिछले करीब दो-तीन साल से बदहाल पड़ी है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह गली, जो गलियों के अंदर के हिस्सों में से एक है और जिसमें लगभग 12-13 मकान हैं, आगे एक लंबी गली से जुड़ती है, लेकिन काफी समय से इसी तरह टूटी-फूटी हालत में है। इस बदहाल स्थिति के कारण लोगों को आने-जाने में बहुत दिक्कत होती है। बच्चों को स्कूल जाने में भी कठिनाई हो रही है, और गंदगी व पानी जमा होने से डेंगू जैसी बीमारियां फैल रही हैं। मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ बढ़ गई हैं। शिकायत के बावजूद, पिछले दो-तीन सालों से इस गली को बनवाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है। स्थानीय निवासियों ने अब प्रशासन से गुजारिश की है कि वे इस गली का निर्माण करवाकर उनकी मदद करें ताकि उन्हें इन परेशानियों से मुक्ति मिल सके।1
- अलम_मलिक143143 ने अपने सभी दर्शकों से अनुरोध किया है कि वे उनके यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक चैनलों को फॉलो करें।1
- समाधान दिवस के दौरान असेसमेंट के कार्य के लिए ₹5000 की रिश्वत मांगने के आरोप में नगर पालिका के संपत्ति बाबू को SDM ने नोटिस जारी किया है।1
- भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने समोसे-कचौरी और अन्य खाद्य पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है। भारत में खाद्य सुरक्षा का ख्याल रखने वाली इस एजेंसी ने साफ कर दिया है कि यदि कोई दुकानदार खाने-पीने की चीजों को अखबार में लपेटकर बेचता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। FSSAI की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि खाने-पीने की चीजों में अखबार का उपयोग तुरंत बंद करना होगा, क्योंकि इससे स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंच सकते हैं। एजेंसी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में चेतावनी देते हुए बताया कि अखबारों की छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही में सीसा और अन्य भारी धातुओं के साथ-साथ हानिकारक रसायन भी होते हैं। यदि इनका इस्तेमाल खाद्य पदार्थ को रखने के लिए किया जाता है, तो ये रसायन मानव शरीर में पहुंचकर बड़ी हानि कर सकते हैं, इसलिए इनके इस्तेमाल से बचना चाहिए।1
- ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। अमेरिकी आरोपों के बाद शुरू हुई सैन्य कार्रवाई में ईरान के 8 प्रमुख इलाकों को निशाना बनाए जाने की खबर है। इन निशाना बनाए गए क्षेत्रों में केशम आईलैंड, सिरिक आईलैंड, होर्मुज प्रांत, जस्क सिटी, बुशहर, बंदर अब्बास, इस्फहान और ऑयल कैपिटल अहवाज शामिल हैं। इन हमलों के जवाब में, ईरान ने भी बहरीन, कुवैत और जॉर्डन की दिशा में ड्रोन और मिसाइलें दागीं हैं। लगातार बढ़ती इन सैन्य गतिविधियों ने पूरे पश्चिम एशिया में चिंता बढ़ा दी है, और माना जा रहा है कि यह क्षेत्र एक बड़े संघर्ष की ओर बढ़ रहा है।1