विजिन कुमार बालियान के प्रयासों से देश की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी की बदली तस्वीर, सफाई व्यवस्था हुई दुरुस्त, जलभराव से मिली राहत देश की सबसे बड़ी फल एवं सब्जी मंडी में लंबे समय से चली आ रही गंदगी और जलभराव की समस्या अब काफी हद तक दूर हो गई है। मंडी के चेयरमैन विजिन कुमार बालियान के लगातार प्रयासों के चलते मंडी परिसर में व्यापक स्तर पर साफ-सफाई अभियान चलाया गया, जिससे पूरे परिसर की व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। बारिश के दौरान मंडी में जलभराव के कारण व्यापारियों, किसानों और ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। लेकिन जल निकासी की बेहतर व्यवस्था और नियमित सफाई अभियान के चलते अब मंडी में जलभराव की समस्या से काफी राहत मिली है। मंडी के व्यापारियों और किसानों ने साफ-सफाई व्यवस्था में हुए सुधार पर संतोष जताते हुए कहा कि अब मंडी का वातावरण पहले की तुलना में अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित हो गया है। उनका कहना है कि बेहतर व्यवस्थाओं से व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिली है और आवागमन सुगम हुआ है। मंडी सचिव विजिन कुमार बालियान ने कहा कि मंडी को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी साफ-सफाई, जल निकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य किए जाएंगे, ताकि किसानों, व्यापारियों और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बाईट-- विजिन कुमार बालियान ( मंडी सचिव )
विजिन कुमार बालियान के प्रयासों से देश की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी की बदली तस्वीर, सफाई व्यवस्था हुई दुरुस्त, जलभराव से मिली राहत देश की सबसे बड़ी फल एवं सब्जी मंडी में लंबे समय से चली आ रही गंदगी और जलभराव की समस्या अब काफी हद तक दूर हो गई है। मंडी के चेयरमैन विजिन कुमार बालियान के लगातार प्रयासों के चलते मंडी परिसर में व्यापक स्तर पर साफ-सफाई अभियान चलाया गया, जिससे पूरे परिसर की व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। बारिश के दौरान मंडी में जलभराव के कारण व्यापारियों, किसानों और ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। लेकिन जल निकासी की बेहतर व्यवस्था और नियमित सफाई अभियान के चलते अब मंडी में जलभराव की समस्या
से काफी राहत मिली है। मंडी के व्यापारियों और किसानों ने साफ-सफाई व्यवस्था में हुए सुधार पर संतोष जताते हुए कहा कि अब मंडी का वातावरण पहले की तुलना में अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित हो गया है। उनका कहना है कि बेहतर व्यवस्थाओं से व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिली है और आवागमन सुगम हुआ है। मंडी सचिव विजिन कुमार बालियान ने कहा कि मंडी को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी साफ-सफाई, जल निकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य किए जाएंगे, ताकि किसानों, व्यापारियों और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बाईट-- विजिन कुमार बालियान ( मंडी सचिव )
- कानपुर: आईआईटी में एडमिशन नहीं मिला तो छात्र ने हैक की वेबसाइट, संस्थान ने दिया दूसरा मौका कानपुर: आईआईटी कानपुर में बैचलर इन साइबर सिक्योरिटी कोर्स में एडमिशन नहीं मिलने पर एक छात्र ने बड़ा कदम उठाया। उसने मंगलवार को संस्थान की हाई-सिक्योरिटी वेबसाइट को हैक कर लिया और उस पर संदेश लिखा- "साइट हैक है, मुझे बस एक मौका चाहिए।" छात्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और रेडिट पर हैकिंग के स्क्रीनशॉट शेयर कर जिम्मेदारी ली। उसने लिखा कि उसने आवेदन प्रक्रिया पूरी की, फीस जमा की, दस्तावेज अपलोड किए और साइबर सुरक्षा में अपने काम के सबूत दिए, लेकिन उसे शॉर्टलिस्ट नहीं किया गया और हैकाथॉन में शामिल होने का मौका नहीं दिया गया। आईआईटी ने बदला फैसला मामला सामने आने के बाद आईआईटी प्रशासन ने पहले एफआईआर दर्ज कराने पर विचार किया, लेकिन बाद में छात्र के भविष्य को देखते हुए फैसला बदल दिया। आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि चूंकि इस सत्र के लिए एडमिशन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, इसलिए अब दाखिला संभव नहीं है। हालांकि, छात्र को संस्थान बुलाकर उसके तकनीकी कौशल का टेस्ट लिया जाएगा। यदि वह अपनी क्षमता साबित करता है, तो उसे अगले एडमिशन साइकिल में मौका दिया जाएगा। निदेशक ने स्पष्ट किया कि "किसी भी साइबर सिस्टम में अवैध तरीके से घुसना साइबर सुरक्षा कौशल दिखाने का सही तरीका नहीं है।" संस्थान छात्र को C3iHub में इंटर्नशिप का अवसर देने पर भी विचार कर रहा है और उसे अगले साल दोबारा आवेदन करने को कहा गया है। B.Cyber कोर्स में एडमिशन कैसे मिलता है? आईआईटी कानपुर के बैचलर इन साइबर सिक्योरिटी (B.Cyber) कोर्स में दाखिला सिर्फ जेईई मेन के नंबरों के आधार पर नहीं मिलता। प्रवेश प्रक्रिया 1. जेईई मेन स्कोर - पहले छात्रों के जेईई मेन प्रदर्शन को देखा जाता है 2. पिछला अनुभव - जांचा जाता है कि छात्र ने साइबर सुरक्षा में कोई काम किया है (बग बाउंटी, CTF प्रतियोगिता, ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट आदि) 3. हैकाथॉन - शॉर्टलिस्ट छात्रों को आईआईटी कानपुर बुलाकर उनकी असली क्षमता परखी जाती है पात्रता · 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) से पास होना अनिवार्य · 60 सीटों वाले इस कोर्स के लिए JEE Advanced स्कोर की आवश्यकता नहीं कोर्स की संरचना · पहले 2 साल: आईआईटी कानपुर परिसर में क्लासरूम और लैब ट्रेनिंग · अगले 2 साल: विभिन्न सरकारी सुरक्षा संगठनों में इंटर्नशिप दिलचस्प बात गौरतलब है कि आईआईटी कानपुर पहले भी साइबर सिक्योरिटी में अच्छा काम करने वाले युवाओं को मौका देता रहा है। हाल ही में सीबीएसई के ऑनलाइन पोर्टल की सुरक्षा में कमी बताने वाले एक युवक को संस्थान के C3iHub में नौकरी दी गई थी।2
- मोहम्मद सदाकत 4 महीने से रूस में हैं! बिहार पुलिस ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट में उनके खिलाफ भी FIR दर्ज कर दी!1
- गुरुपूर्णिमा: बिठूर घाट पर डीसीपी पश्चिम ने संभाली सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमान, लिया तैयारियों का जायजा कानपुर। गुरुपूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) एस.एम. कासिम आबिदी ने बुधवार को बिठूर घाट का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने घाटों पर तैनात पुलिस बल, बैरिकेडिंग, यातायात प्रबंधन तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों का बारीकी से निरीक्षण किया।डीसीपी पश्चिम ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी सतर्कता और मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुगम आवाजाही सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करें।निरीक्षण के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त (कल्याणपुर) भी मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने गुरुपूर्णिमा पर बिठूर आने वाले श्रद्धालुओं से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने और सहयोग बनाए रखने की अपील की है।1
- yah jhalla Baba ka sthan jo ki puratav se chalte hue Sanatan Dharm ka Pratik Hindu ki Aastha ka sailab girta Hai Jay Jhala Baba Jay Shri Ram Prabhu ka Naam loot mein jivan ke uddhar karo2
- गाजियाबाद, Uttar Pradesh में भयंकर दुर्गंध, गंदगी के बीच बन रही 200 किलो चाप नष्ट कराई गई। दो दिन पहले Social Media में एक Video भी वायरल हुआ था, जिसमें एक लड़का लेट–लेटकर चाप बना रहा था।1
- रूस-यूक्रेन युद्ध में मौत! डीएम पहुंचे सागर के घर...... कानपुरः में मर्चेंट नेवी के दिवंगत चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता के घर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, संयुक्त पुलिस आयुक्त विपिन ताडा और एसडीएम सदर अनुभव सिंह पहुंचे। अधिकारियों ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। 18 जुलाई को रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान सागर गुप्ता की मौत हो गई थी। घटना के कई दिन बाद भी उनका शव भारत नहीं पहुंचने पर परिजनों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। प्रशासन ने परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।1
- कानपुर के वकीलों में खुशी की लहर, कल सीएम योगी के कैशलेस इलाज के ऐलान पर विधायक ने बांटी मिठाई* अधिवक्ताओं के लिए कैशलेस इलाज की बड़ी घोषणा की, जिसका असर आज कानपुर में साफ देखने को मिला। कानपुर शताब्दी गेट पर वकीलों ने गोविंद नगर विधायक सुरेंद्र मैथानी का स्वागत करते हुए इस फैसले पर खुशी जताई। पूर्व लायर्स अध्यक्ष पंडित रविंद्र शर्मा ने विधायक मैथानी को माला पहनाकर और लड्डू खिलाकर सीएम के फैसले के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा, "हमारी यह मांग लंबे समय से थी। सीएम योगी ने गोरखपुर में जो ऐलान किया, उससे प्रदेश के सभी वकीलों को राहत मिलेगी। इस लड़ाई में समय जरूर लगा, लेकिन विधायक सुरेंद्र मैथानी के सहयोग से यह संभव हो पाया। विधायक सुरेंद्र मैथानी ने भी अधिवक्ताओं के बीच मिठाई बांटी और कहा कि सरकार वकालत पेशे की हर संभव मदद कर रही है। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री जी का यह कदम ऐतिहासिक है। जल्द ही प्रदेश के सभी अस्पतालों में वकीलों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।2
- कानपुर IIT के प्रोफेसर पर घरेलू हिंसा का आरोप, मानसिक उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कानपुर IIT कानपुर के प्रोफेसर निशीथ श्रीवास्तव पर दर्ज हुआ मुकदमा, पत्नी ने लगाया मारपीट और प्रताड़ना का आरोप। IIT कानपुर की असिस्टेंट प्रोफेसर पत्नी ने दर्ज कराया केस,पति पर घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न का आरोप। प्रोफेसर पर विवाहित छात्रा और सहकर्मी से अवैध संबंध का आरोप, विरोध करने पर चाकू से डराने और मारपीट का केस दर्ज।1
- असम को 5 साल दीजिए, बाढ़-मुक्त बना देंगे...!! 2021 में गृह मंत्री अमित शाह का यह वादा।। आज 2026 में असम की डूबती हकीकत पर सबसे बड़ा सवाल है। तारीखें बदल गईं, पर असम का दर्द नहीं बदला। आखिर कब तक खोखले वादों की कीमत जनता अपनी जान देकर चुकाएगी? असम में बाढ़ से हाहाकार मचा है। चराइदेव और शिवसागर समेत कई जिलों में 4.45 लाख से अधिक लोग संकट में हैं और इस सीजन में 68 मौतें हो चुकी हैं। लेकिन सबसे शर्मनाक बात यह है कि खुद मुख्यमंत्री के अनुसार 20% से 25% प्रभावित इलाके आज भी प्रशासनिक पहुँच से पूरी तरह बाहर हैं। करीब 80,000 लोग सुदूर गाँवों में छतों पर भूखे-प्यासे मदद का इंतज़ार कर रहे हैं। कटे हुए इलाकों में खाना गिराने के लिए इस्तेमाल किए गए ड्रोन्स फेल साबित हुए। आपदा प्रबंधन के बड़े-बड़े दावे ज़मीनी स्तर पर दम तोड़ रहे हैं। सरकार हर साल इसे 'प्राकृतिक और भौगोलिक चुनौती' बताकर पल्ला झाड़ लेती है, लेकिन सच यह है कि यह वार्षिक प्रशासनिक विफलता है। फरवरी 2026 की चुनावी रैलियों में इस वादे को अगले 5 साल के लिए फिर आगे बढ़ा दिया गया। असम को अब 'तारीख पर तारीख' वाले चुनावी भाषण नहीं, बल्कि स्थाई समाधान और जवाबदेही चाहिए!1