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मोहम्मद सदाकत 4 महीने से रूस में हैं! बिहार पुलिस ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट में उनके खिलाफ भी FIR दर्ज कर दी!
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मोहम्मद सदाकत 4 महीने से रूस में हैं! बिहार पुलिस ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट में उनके खिलाफ भी FIR दर्ज कर दी!
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- आईआईटी कानपुर की महिला प्रोफेसर ने अपने पति पर मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है,, कल्याणपुर थाने में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर निशीथ श्रीवास्तव के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के साथ मामले की जांच शुरू हो गई है,,,,, प्रोफेसर निशीथ श्रीवास्तव पर यह मुकदमा उनकी ही पत्नी डॉ. अन्वेषणा श्रीवस्तव ने दर्ज कराया है,,,, महिला प्रोफेसर ने अपने पति पर घरेलू हिंसा, शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न, मानसिक क्रूरता, आर्थिक क्षति, वैवाहिक दुष्कर्म के प्रयास और धमकी देने के आरोप लगाए हैं,,,, आईआईटी की सहायक प्रोफेसर ने जो एफआईआर दर्ज करायी है, उसके अनुसार, प्रो. निशीथ श्रीवास्तव ने उनका विवाह साल 2012 में हुआ था,,, महिला प्रोफेसर का आरोप है कि उनके पति के एक पीएचडी छात्रा से अवैध संबंध रहे,,, इसके अलावा एक महिला सहकर्मी प्रोफेसर के साथ ही अवैध संबंध का आरोप लगाया,,, महिला प्रोफेसर का दावा है कि दिसंबर 2025 में उनके पति ने खुद इन बातों को स्वीकार किया था,,, आरोप है कि पिछले नौ महीने से प्रोफेसर श्रीवास्तव लगातार झूठ बोल रहे हैं, महिला प्रोफेसर के विरोध करने पर मारपीट, तोड़फोड़ के आरोप लगाए,,, महिला प्रोफेसर का कहना है कि इसकी वजह से उन्हें एंजाइटी का अटैक भी आ चुका है, जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा,,,, महिला प्रोफसर का आरोप है कि उनके पति ने वकीलों के साथ उनके अश्लील ब्योरे को भी ईमेल से पोस्ट किया,, इसके अलावा उन्होंने वैवाहिक दुष्कर्म का भी प्रयास किया, एसीपी कल्याणपुर का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है.2
- रूस-यूक्रेन युद्ध में मौत! डीएम पहुंचे सागर के घर...... कानपुरः में मर्चेंट नेवी के दिवंगत चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता के घर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, संयुक्त पुलिस आयुक्त विपिन ताडा और एसडीएम सदर अनुभव सिंह पहुंचे। अधिकारियों ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। 18 जुलाई को रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान सागर गुप्ता की मौत हो गई थी। घटना के कई दिन बाद भी उनका शव भारत नहीं पहुंचने पर परिजनों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। प्रशासन ने परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।1
- वार्ड नंबर 12 पार्षद पुष्पा सिंह कुशवाहा राम गली में क्षेत्र की जनता की शिकायत नालियों में गंदगी का अंबार गोबर से भरी हुई नालिया गंदगी को दे रही हैं आमंत्रण जनता की शिकायत कानपुर ब्रेकिंग न्यूज़, नगर निगम अधिकारी ध्यान दें वार्ड नंबर 12 पार्षद पुष्पा सिंह कुशवाहा रुमा क्षेत्र की जनता की शिकायत नमस्कार आप देख रहे हैं वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ एवं समृद्ध भारत समाचार पत्र की रिपोर्ट कथित तौर पर और सूत्रों के हवाले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें आपके कानपुर नगर थाना महाराजपुर चौकी कुलगांव रुमा राम गली के पास गंदगी का अंबार लगा हुआ है जिसके कारण वहां की नालियां जानवरों के गोबर से बंद पड़ी हैं और वहां का वातावरण प्रदूषित हो रहा है जिसके कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है और बीमारियों को आमंत्रण दिया जा रहा है आए दिन वहां गंदगी की वजह से बीमारियां उत्पन्न हो रही हैं इसलिए नगर निगम अधिकारी महोदय और वार्ड नंबर 12 के पार्षद पुष्पा सिंह कुशवाहा जी जनता की शिकायत जो है उस पर एक बार विचार किया जाए नाम ना बताने की शर्त पर यह वीडियो प्रकाशित किया जा रहा है कानपुर से वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ एवं समृद्ध भारत समाचार पत्र पत्रकार दिनकर जी की रिपोर्ट वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ एवं समृद्ध भारत समाचार पत्र द्वारा वीडियो की पुष्टि नहीं की जाती है न्यूज़ विज्ञापन समाचार खोया पाया के लिए संपर्क करें1
- कानपुर प्राणि उद्यान में उत्साह के साथ मनाया गया ग्लोबल टाइगर डे, बाघ संरक्षण का दिया संदेश कानपुर, 29 जुलाई। विश्व बाघ दिवस (ग्लोबल टाइगर डे) के अवसर पर बुधवार को कानपुर प्राणि उद्यान में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वन संरक्षक एवं निदेशक डॉ. कन्हैया पटेल के निर्देशन में बाघ बाड़े के समीप आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे आगंतुकों को बाघों के संरक्षण, उनके महत्व और पर्यावरण में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान प्राणि उद्यान घूमने आए बच्चों को आकर्षक टाइगर मुखौटे वितरित किए गए, जिससे उनमें वन्यजीव संरक्षण के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़े। वहीं सभी आगंतुकों को सूक्ष्म स्वल्पाहार भी वितरित किया गया। प्राणि उद्यान प्रशासन ने बताया कि ग्लोबल टाइगर डे का उद्देश्य बाघों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा जैव विविधता को सुरक्षित रखने का संदेश देना है। कार्यक्रम में अधिकारियों ने आगंतुकों से वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करने की अपील भी की। इस अवसर पर क्षेत्रीय वन अधिकारी अजय सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी मोहम्मद फिरोज खान, पशु चिकित्सक डॉ. मोहम्मद नासिर, डॉ. नितेश कुमार कटियार, वन दरोगा सादाब अहमद, वन दरोगा सौरभ पाण्डेय, कीपर करन सिंह सहित प्राणि उद्यान के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी ने दिवंगत सागर गुप्ता के परिजनों से की मुलाकात, हरसंभव सहायता का दिया आश्वासन जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने संयुक्त पुलिस आयुक्त विपिन ताडा एवं उप जिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह के साथ शास्त्री नगर स्थित दिवंगत सागर गुप्ता के आवास पर पहुंचकर उनके शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की। जिलाधिकारी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने का संबल दिया। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनकी हरसंभव सहायता के लिए सदैव तत्पर है तथा शासन स्तर से अनुमन्य सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।2
- कानपुर वार्ड नं 105 बाबू पुरवा में डेढ़ साल से खुदी गली का काम न कराने पार्षद ठेकेदार नगर निगम कर्मियो द्वारा मिली भगत कर बंदरबाट कर क्षेत्र में कार्य न करने साबिर के मैदान में पुरानी ईट लगा कर सरकार को चूना लगाने आदि समस्याओं को लेकर आज बाबू पुरवा साबिर के मैदान के रहने वाले चर्चित नेता सैयद इक़्तेदार हुसैन रिजवी ने समाजवादी पार्टी के क्षेत्रीय विधायक पर भी अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया, यूपी, कानपुर ब्रेकिंग4
- असम को 5 साल दीजिए, बाढ़-मुक्त बना देंगे...!! 2021 में गृह मंत्री अमित शाह का यह वादा।। आज 2026 में असम की डूबती हकीकत पर सबसे बड़ा सवाल है। तारीखें बदल गईं, पर असम का दर्द नहीं बदला। आखिर कब तक खोखले वादों की कीमत जनता अपनी जान देकर चुकाएगी? असम में बाढ़ से हाहाकार मचा है। चराइदेव और शिवसागर समेत कई जिलों में 4.45 लाख से अधिक लोग संकट में हैं और इस सीजन में 68 मौतें हो चुकी हैं। लेकिन सबसे शर्मनाक बात यह है कि खुद मुख्यमंत्री के अनुसार 20% से 25% प्रभावित इलाके आज भी प्रशासनिक पहुँच से पूरी तरह बाहर हैं। करीब 80,000 लोग सुदूर गाँवों में छतों पर भूखे-प्यासे मदद का इंतज़ार कर रहे हैं। कटे हुए इलाकों में खाना गिराने के लिए इस्तेमाल किए गए ड्रोन्स फेल साबित हुए। आपदा प्रबंधन के बड़े-बड़े दावे ज़मीनी स्तर पर दम तोड़ रहे हैं। सरकार हर साल इसे 'प्राकृतिक और भौगोलिक चुनौती' बताकर पल्ला झाड़ लेती है, लेकिन सच यह है कि यह वार्षिक प्रशासनिक विफलता है। फरवरी 2026 की चुनावी रैलियों में इस वादे को अगले 5 साल के लिए फिर आगे बढ़ा दिया गया। असम को अब 'तारीख पर तारीख' वाले चुनावी भाषण नहीं, बल्कि स्थाई समाधान और जवाबदेही चाहिए!1