Shuru
Apke Nagar Ki App…
पिछले ढाई वर्षों के दौरान, राजस्थान राज्य में सहकारिता आंदोलन ने उल्लेखनीय प्रगति की है और अब यह गाँव-गाँव तक पहुँच चुका है।
Kailash Fulwari
पिछले ढाई वर्षों के दौरान, राजस्थान राज्य में सहकारिता आंदोलन ने उल्लेखनीय प्रगति की है और अब यह गाँव-गाँव तक पहुँच चुका है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- पीह के एक पूर्व सरपंच के भाई की छातड़ी गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना के बाद मृतक के परिजन अपनी मांगों को लेकर जेएलएन की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं।1
- रियान बड़ी क्षेत्र में राजस्व विभाग ने जड़ाऊ मार्ग पर स्थित सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटा दिया है। यह कार्रवाई भू-अभिलेख निरीक्षक रणजीत सिंह चौहान, भू-अभिलेख निरीक्षक चेना राम और पटवारी समय सिंह मीणा की मौजूदगी में जेसीबी मशीन की सहायता से की गई। प्रशासन को सरकारी भूमि पर लंबे समय से किए गए अवैध कब्जों की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के बाद राजस्व विभाग ने मौके पर पहुंचकर भूमि का निरीक्षण किया और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया। जेसीबी मशीन का उपयोग कर भूमि पर बने अस्थायी निर्माणों और अन्य अवैध कब्जों को ध्वस्त किया गया, जिससे सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त हो गई। इस कार्रवाई के दौरान, राजस्व विभाग के अधिकारियों ने संबंधित लोगों को सरकारी भूमि पर दोबारा कब्जा न करने की सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ भी एकत्रित हो गई थी, जिसे प्रशासनिक टीम ने शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाया। अधिकारियों ने बताया कि सरकारी भूमि की सुरक्षा और संरक्षण प्रशासन की प्राथमिकता है, और सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। राजस्व विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि वे सरकारी भूमि पर किसी प्रकार का अतिक्रमण न करें। साथ ही, यदि कहीं अवैध कब्जे की जानकारी हो तो उसकी सूचना प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने दोहराया कि सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और सरकारी भूमि को सुरक्षित रखने के लिए नियमित रूप से निरीक्षण भी किए जाएंगे।1
- राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तावित राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 के संबंध में आमजन एवं विभिन्न वर्गों से सुझाव प्राप्त करने के उद्देश्य से सोमवार, 6 जुलाई को एक संभाग स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया। ब्यावर जिले में यह जनसुनवाई कलेक्ट्रेट सभागार स्थित वीसी कक्ष से वर्चुअल माध्यम से हुई। जनसुनवाई की अध्यक्षता राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 प्रारूप समिति के सदस्य और राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर के अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत सिंह छाबा ने की। इसमें जिले के जनप्रतिनिधियों, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, सामाजिक विज्ञान एवं विधि विषय से जुड़े शिक्षाविदों, सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों तथा चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता करते हुए अपने सुझाव एवं विचार प्रस्तुत किए। श्री छाबा ने प्रस्तुत सभी सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुना और बताया कि उन्हें नियमानुसार संकलित कर प्रारूप समिति के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया जाएगा। इस जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 के संबंध में समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए व्यापक जनपरामर्श के आधार पर सुझाव प्राप्त करना था। इस दौरान जिला कलक्टर ब्यावर श्री कमल राम मीना, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री ब्रह्मलाल जाट सहित समान नागरिक संहिता हेतु गठित जिला स्तरीय कमेटी के सभी सदस्य उपस्थित रहे।2
- नागौर जिले के थांवला स्थित बस स्टैंड पर राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने लंबे समय से अवैध और बेतरतीब तरीके से खड़ी मोटरसाइकिलों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई स्थानीय लोगों से मिली शिकायतों के बाद एक विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस ने मौके से कुल 8 मोटरसाइकिलों को जब्त किया और उन्हें एक पिकअप वाहन की सहायता से थाने पहुंचाया। इस संबंध में एएसआई सुरेंद्र मीणा ने बताया कि जब्त की गई मोटरसाइकिलों में से 4 के चालान काटे गए हैं, जबकि शेष 4 मोटरसाइकिलों को सीज़ कर दिया गया है। इस कार्रवाई से स्कूल के बाहर सड़क और प्रवेश मार्ग खाली हो गए हैं, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को आवागमन में बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने पुलिस की इस पहल का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया और लोगों से स्कूल के सामने वाहन खड़े नहीं करने तथा यातायात नियमों का पालन करने की अपील भी की।3
- देवकरण जाजड़ा की मौत से जुड़े मामले में, उनके परिवारजनों और प्रशासन के बीच आखिरकार सहमति बन गई है।1
- कांग्रेस ने जिस क्षेत्र को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया था, भाजपा सरकार ने उसे 'सहकारिता से समृद्धि' का एक नया मंत्र दिया है। इस कदम से देश और प्रदेश को एक नई दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला है।1
- अजमेर में वाल्मीकि समाज ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। समाज ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो भविष्य में एक उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।1
- रियान बड़ी कस्बे में सोमवार को पुलिस चौकी के पास स्थित महादेव मंदिर की विवादित भूमि का स्थानीय प्रशासन द्वारा न्यायालय के आदेश पर सीमांकन किया गया। यह कार्रवाई भूमि के स्वामित्व और अतिक्रमण को लेकर शिव मंदिर समिति और नाथ समुदाय के बीच चल रहे लंबे समय के विवाद के संदर्भ में की गई है, जिसका मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए, तहसीलदार अशोक कुमार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची और विवादित भूमि का सीमांकन किया। इस दौरान भू-अभिलेख निरीक्षक रणजीत सिंह चौहान, राजस्व कर्मी चेना राम, समय सिंह मीणा, पटवारी राजू पारीक सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सीमांकन की यह प्रक्रिया शिव मंदिर समिति और नाथ समुदाय, दोनों ही पक्षों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पूरी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर मौजूद थे। प्रशासन ने राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि की सीमाओं का निर्धारण किया और मौके की स्थिति का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने विवादित भूमि पर स्थित धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों का भी निरीक्षण किया, जहाँ एक शिव मंदिर, एक गोरखनाथ मंदिर और एक सार्वजनिक नाड़ी (जल स्रोत) पाई गई। इन सभी स्थलों का विवरण देते हुए एक विस्तृत मौका रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसे आगे न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीमांकन की यह पूरी प्रक्रिया न्यायालय के आदेशों के अनुरूप और पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई गई है। दोनों पक्षों को मौके पर उपस्थित रखकर राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार सीमाओं को स्पष्ट किया गया, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के भ्रम या विवाद से बचा जा सके। इस भूमि विवाद का मामला लंबे समय से न्यायालय में लंबित है, और सोमवार को किया गया यह सीमांकन इस प्रकरण की सुनवाई में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोग अब न्यायालय के आगामी निर्णय का इंतजार कर रहे हैं, जिससे इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद का स्थायी समाधान निकल सके।1
- रायपुर के निकट कपूड़ी रोड पर एक गहरा गड्ढा मौजूद है, जो बारिश होने पर पानी से भर जाता है। रायपुर-मारवाड़ कपूड़ी रोड पर स्थित इस गहरे गड्ढे के कारण क्षेत्र में किसी भी समय हादसे होने का डर बना हुआ है।1