नवादा-पटना रेल मार्ग पर भारी भीड़: यात्रियों को जान जोखिम में डालने पर मजबूर होना पड़ रहा है संवाददाता (नवादा): नवादा और पटना को जोड़ने वाले रेल मार्ग पर एक बड़ी त्रासदी होने की आशंका है। नवादा से पटना जाने वाले रेल यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इस मार्ग पर ट्रेनें पर्याप्त नहीं हैं। विशेष रूप से शेखपुरा से बड़ी संख्या में लोग पटना के लिए ट्रेन पकड़ते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ एक ट्रेन ही इस रूट पर चलती हैं, जिससे भीड़ बहुत ज़्यादा हो जाती है। यात्रियों की जान जोखिम में पड़ जाती है। तस्वीरों में साफ़ दिख रहा है कि ट्रेन के डिब्बे खचाखच भरे हुए हैं। लोग न सिर्फ खड़े होकर यात्रा कर रहे हैं, बल्कि खिड़कियों और दरवाजों पर भी लटके हुए हैं। ट्रेन में खड़े होने की जगह भी नहीं है। यह बेहद ख़तरनाक है और किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना हो सकती है। यह समस्या तब और भी गंभीर हो जाती है जब लोग दूर की यात्रा कर रहे होते हैं। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में शौचालय की भी भारी कमी है, जिससे महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों को बहुत परेशानी होती है। 21वीं सदी के भारत में ऐसी स्थिति निराशाजनक है। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने रेल मंत्रालय से गुज़ारिश की है कि इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाए। ताकि भीड़भाड़ को कम किया जा सके और यात्रा सुरक्षित और आरामदायक बन सके। कुछ प्रमुख बातें: ●नवादा-पटना रेल मार्ग पर ट्रेनों की भारी कमी है। ●भीड़भाड़ की वजह से यात्रियों को जान जोखिम में डालने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ●ट्रेनों में शौचालय की कमी से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग परेशान हैं। ●स्थानीय लोगों ने रेल मंत्रालय से ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। आशा है कि रेल मंत्रालय इस गंभीर मुद्दे पर जल्द से जल्द ध्यान देगा और यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
नवादा-पटना रेल मार्ग पर भारी भीड़: यात्रियों को जान जोखिम में डालने पर मजबूर होना पड़ रहा है संवाददाता (नवादा): नवादा और पटना को जोड़ने वाले रेल मार्ग पर एक बड़ी त्रासदी होने की आशंका है। नवादा से पटना जाने वाले रेल यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इस मार्ग पर ट्रेनें पर्याप्त नहीं हैं। विशेष रूप से शेखपुरा से बड़ी संख्या में लोग पटना के लिए ट्रेन पकड़ते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ एक ट्रेन ही इस रूट पर चलती हैं, जिससे भीड़ बहुत ज़्यादा हो जाती है। यात्रियों की जान जोखिम में पड़ जाती है। तस्वीरों में साफ़ दिख रहा है कि ट्रेन के डिब्बे खचाखच भरे हुए हैं। लोग न सिर्फ खड़े होकर यात्रा कर रहे हैं, बल्कि खिड़कियों और दरवाजों पर भी लटके हुए हैं। ट्रेन में खड़े होने की जगह भी नहीं है। यह बेहद ख़तरनाक है और किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना हो सकती है। यह समस्या तब और भी गंभीर हो जाती है जब लोग दूर की यात्रा कर रहे होते हैं। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में शौचालय की भी भारी कमी है, जिससे महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों को बहुत परेशानी होती है। 21वीं सदी के भारत में ऐसी स्थिति निराशाजनक है। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने रेल मंत्रालय से गुज़ारिश की है कि इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाए। ताकि भीड़भाड़ को कम किया जा सके और यात्रा सुरक्षित और आरामदायक बन सके। कुछ प्रमुख बातें: ●नवादा-पटना रेल मार्ग पर ट्रेनों की भारी कमी है। ●भीड़भाड़ की वजह से यात्रियों को जान जोखिम में डालने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ●ट्रेनों में शौचालय की कमी से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग परेशान हैं। ●स्थानीय लोगों ने रेल मंत्रालय से ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। आशा है कि रेल मंत्रालय इस गंभीर मुद्दे पर जल्द से जल्द ध्यान देगा और यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
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- नवादा-पटना रेल मार्ग पर भारी भीड़: यात्रियों को जान जोखिम में डालने पर मजबूर होना पड़ रहा है संवाददाता (नवादा): नवादा और पटना को जोड़ने वाले रेल मार्ग पर एक बड़ी त्रासदी होने की आशंका है। नवादा से पटना जाने वाले रेल यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इस मार्ग पर ट्रेनें पर्याप्त नहीं हैं। विशेष रूप से शेखपुरा से बड़ी संख्या में लोग पटना के लिए ट्रेन पकड़ते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ एक ट्रेन ही इस रूट पर चलती हैं, जिससे भीड़ बहुत ज़्यादा हो जाती है। यात्रियों की जान जोखिम में पड़ जाती है। तस्वीरों में साफ़ दिख रहा है कि ट्रेन के डिब्बे खचाखच भरे हुए हैं। लोग न सिर्फ खड़े होकर यात्रा कर रहे हैं, बल्कि खिड़कियों और दरवाजों पर भी लटके हुए हैं। ट्रेन में खड़े होने की जगह भी नहीं है। यह बेहद ख़तरनाक है और किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना हो सकती है। यह समस्या तब और भी गंभीर हो जाती है जब लोग दूर की यात्रा कर रहे होते हैं। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में शौचालय की भी भारी कमी है, जिससे महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों को बहुत परेशानी होती है। 21वीं सदी के भारत में ऐसी स्थिति निराशाजनक है। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने रेल मंत्रालय से गुज़ारिश की है कि इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाए। ताकि भीड़भाड़ को कम किया जा सके और यात्रा सुरक्षित और आरामदायक बन सके। कुछ प्रमुख बातें: ●नवादा-पटना रेल मार्ग पर ट्रेनों की भारी कमी है। ●भीड़भाड़ की वजह से यात्रियों को जान जोखिम में डालने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ●ट्रेनों में शौचालय की कमी से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग परेशान हैं। ●स्थानीय लोगों ने रेल मंत्रालय से ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। आशा है कि रेल मंत्रालय इस गंभीर मुद्दे पर जल्द से जल्द ध्यान देगा और यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।1
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