मोहम्मदी-खीरी में प्रतिष्ठित व्यापारी नरेंद्र वर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को पाँच महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस की इस सुस्त कार्यप्रणाली और मामले का खुलासा न होने से आक्रोशित नगर पालिका अध्यक्ष (चेयरमैन) के नेतृत्व में तमाम संभ्रांत लोग और व्यापारी कोतवाली पहुँचे। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नाराजगी जाहिर करते हुए मामले के त्वरित खुलासे के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। गौरतलब है कि इसी वर्ष 23 जनवरी की सुबह एक सड़क हादसे में नगर के जाने-माने व्यापारी नरेंद्र वर्मा की असमय मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद से ही परिवार और व्यापारिक समाज इस मामले में निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहा था। लेकिन पाँच माह का लंबा वक्त गुजर जाने के बावजूद पुलिस प्रशासन किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सका है, जिससे परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी निराशा और आक्रोश है। नगर पालिका अध्यक्ष के साथ कोतवाली पहुंचे जनसमूह ने पुलिस अधिकारियों को दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि पुलिस इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने कहा, "नरेंद्र वर्मा नगर के एक सम्मानित व्यापारी थे। पाँच महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस यह साफ नहीं कर पाई है कि यह महज एक हादसा था या कोई साजिश। हम पुलिस को सिर्फ 3 दिन का समय दे रहे हैं। अगर तय समय सीमा के भीतर इस मामले का संतोषजनक खुलासा नहीं हुआ, तो व्यापारी और क्षेत्र की जनता कोतवाली परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी।" इस दौरान कोतवाली परिसर में भारी संख्या में व्यापारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने कानून व्यवस्था और पुलिस की ढीली जांच के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
मोहम्मदी-खीरी में प्रतिष्ठित व्यापारी नरेंद्र वर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को पाँच महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस की इस सुस्त कार्यप्रणाली और मामले का खुलासा न होने से आक्रोशित नगर पालिका अध्यक्ष (चेयरमैन) के नेतृत्व में तमाम संभ्रांत लोग और व्यापारी कोतवाली पहुँचे। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नाराजगी जाहिर करते हुए मामले के त्वरित खुलासे के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। गौरतलब है कि इसी वर्ष 23 जनवरी की सुबह एक सड़क हादसे में नगर के जाने-माने व्यापारी नरेंद्र वर्मा की असमय मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद से ही परिवार और व्यापारिक समाज इस मामले में निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहा था। लेकिन पाँच माह का लंबा वक्त गुजर जाने के बावजूद पुलिस प्रशासन किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सका है,
जिससे परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी निराशा और आक्रोश है। नगर पालिका अध्यक्ष के साथ कोतवाली पहुंचे जनसमूह ने पुलिस अधिकारियों को दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि पुलिस इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने कहा, "नरेंद्र वर्मा नगर के एक सम्मानित व्यापारी थे। पाँच महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस यह साफ नहीं कर पाई है कि यह महज एक हादसा था या कोई साजिश। हम पुलिस को सिर्फ 3 दिन का समय दे रहे हैं। अगर तय समय सीमा के भीतर इस मामले का संतोषजनक खुलासा नहीं हुआ, तो व्यापारी और क्षेत्र की जनता कोतवाली परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी।" इस दौरान कोतवाली परिसर में भारी संख्या में व्यापारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने कानून व्यवस्था और पुलिस की ढीली जांच के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
- संजना को विशेष रूप से एक कहानी को बड़े ध्यान से सुनने का निर्देश दिया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि सुनाई जा रही यह कहानी किसी मेंढक से संबंधित नहीं है।1
- अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और करोड़ों रुपये की संपत्ति से जुड़े आरोपों के बीच टिन्नू यादव की पत्नी पूनम ने अपने पति का बचाव किया है। उन्होंने इन आरोपों को अपने पति को बदनाम करने की साजिश बताया। पूनम ने स्पष्ट किया कि उनका मकान वर्ष 2015 में ही बन चुका था और उनके परिवार की पूरी संपत्ति पारदर्शी है। दूसरी ओर, टिन्नू यादव पर राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोप लगाए जा रहे हैं, साथ ही अयोध्या में करोड़ों रुपये की जमीन और संपत्ति होने की खबरें भी सामने आई हैं।1
- लखीमपुर खीरी जिले में पैंथर के संयोजक मनोज कुमार भारती को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। यह कार्रवाई फरधान पुलिस और पलिया पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से की गई।1
- ज्येष्ठ माह के सातवें बड़े मंगल के अवसर पर पलिया स्थित थारू जनजाति क्षेत्र के ग्राम सूड़ा में श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। गुड्डी सेवा अस्पताल के संचालक, समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार अवस्थी द्वारा यहाँ एक विशाल भंडारा और निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर बजरंगबली का स्मरण करते हुए प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में श्रद्धालुओं को हलुवा और शर्बत वितरित किया गया, जिसमें सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ती रही और हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इसी के साथ आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में डॉ. अजय अवस्थी ने 220 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर में आए मरीजों को एक सप्ताह की आवश्यक दवाइयाँ भी मुफ्त वितरित की गईं। डॉ. अवस्थी ने यह भी घोषणा की कि शिविर से प्राप्त पर्चा लेकर जो भी मरीज उनके निजी क्लीनिक पर आएगा, उसका उपचार भी निशुल्क किया जाएगा। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ जनजातीय क्षेत्र में ऐसे स्वास्थ्य शिविर लोगों के लिए बेहद लाभदायक साबित होते हैं। इस आयोजन को सफल बनाने में रूपेश गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य लीला देवी, गोपाल वर्मा, सुभाष राजपूत सहित अनेक स्थानीय लोगों ने सराहनीय सहयोग दिया। धार्मिक आस्था और जनसेवा से जुड़े इस कार्यक्रम की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है।3
- पलिया (खीरी) के मझगई वन रेंज क्षेत्र के खालेपुरवा में उस वक्त हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मच गई, जब खेत में मजदूरी कर रही एक महिला पर बाघ ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। इस खूंखार हमले में गंभीर रूप से घायल हुई महिला को तुरंत पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका की पहचान कोकिला देवी के रूप में हुई है, जो अन्य ग्रामीणों के साथ खेत में मजदूरी करने गई थीं। तभी झाड़ियों में घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया। कोकिला देवी के साथ काम कर रही अन्य महिला मजदूर ने बताया कि बाघ ने कोकिला पर हमला कर उन्हें दबोच लिया और जंगल की ओर खींचने लगा। ग्रामीणों ने हिम्मत न हारते हुए जोर-जोर से शोर मचाया, जिससे बाघ सहम कर कोकिला को गंभीर हालत में वहीं छोड़कर घने जंगल की ओर भाग निकला। बाघ के भागने के बाद लहूलुहान हालत में कोकिला देवी को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम गईं। उनकी मौत की आधिकारिक सूचना खालेपुरवा गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम छा गया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है, क्योंकि उनके अनुसार इलाके में बाघ की मूवमेंट लगातार बनी हुई है, जिससे वे अपने ही खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और बाघ को जल्द से जल्द पकड़ने या पिंजरा लगाने की मांग की है।2
- लखीमपुर खीरी के मूल निवासी आदित्य वर्मा 'जलज' ने बॉलीवुड में कदम रखते हुए अपनी फिल्म "मैं भारत हूँ" का निर्माण शुरू कर दिया है। उनके निर्देशन में बन रही इस फिल्म की शूटिंग में बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता आदरणीय रजा मुराद जी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इसमें सहभागिता भी की। इस दौरान मुंबई से आईं अनेक हस्तियों ने भी शूटिंग में हिस्सा लिया। जनपद खीरी के फरधान-मन्योरा के मूल निवासी फिल्मकार आदित्य वर्मा 'जलज' जी ने आई.ए.एस. की सेवा छोड़कर फिल्म लाइन में प्रवेश किया है। उन्होंने वर्ष २००७ में 'उमराव जान' फेम मुज़फ़्फ़र अली जी के सानिध्य में भारतीय सिनेमा की दुनिया में पदार्पण किया था। उनकी यह यात्रा संघर्षों से भरी रही है। इस कठिन यात्रा में उनके पिताजी, धर्म पत्नी प्रियंका जी, फिल्म यूनिट के अभिषेक भारद्वाज जी, मोनिका श्रीवास्तव जी, सत्य प्रकाश सक्सेना जी, कोमल यादव जी और साक्षी जी ने उनका हर तरीके से साथ दिया है। मुंबई से सलीम खान जी, अंजनी श्रीवास्तव जी, सैफ़ अली जी और रंजन शाह जी ने भी काफी लंबे समय से जलज जी का साथ दिया है और आज भी उनके साथ हैं। वर्तमान में पूरे देश से जलज जी के साथ एक बड़ी यूनिट काम कर रही है। यह फिल्म "मैं भारत हूँ" गंगा जमुनी तहज़ीब पर आधारित एक खूबसूरत फिल्म है, जो २०२७ में रिलीज होगी। इस फिल्म में लखीमपुर से आर्येंद्र पाल सिंह, रश्मि खान और ध्रुव मिश्रा भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, डॉ. वी.बी. धुरिया जी, आर्येंद्र पाल जी, हनी महाजन जी, डॉ. अमीन जी, जी.एस. अरोरा जी, आशा यादव जी, दीपक पचोर जी, अमित बंगा जी, शेख शकील जी, सुनीत कुमार जी, तिलक वर्धन जी, विजय गुलाटी जी, विनीता वर्मा, मोनू मिश्रा, ध्रुव मिश्रा, अजय निगम, रश्मि राव जी, डी.पी. मिश्रा, गौरव अग्रवाल जी, परमजीत कौर जी, गिरजा शंकर अग्रवाल जी और पिंकी सिंह सहित कई अन्य विशिष्ट सहयोगी भी जलज जी के साथ हैं। "मैं भारत हूँ" के निर्माण के बाद "२०५० - ए वॉर फॉर वॉटर" नामक अगली फिल्म का भी निर्माण किया जाएगा।1
- लखनऊ में उस समय हड़कंप मच गया जब एक व्यक्ति द्वारा खुद को नोएडा का आईपीएस अधिकारी बताकर रौब जमाने और बदमाशी करने की बात सामने आई। सूत्रों के अनुसार, देर रात पुलिस ने संदिग्ध स्थिति में इस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि वह खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों पर दबाव बना रहा था और इलाके में रौब दिखा रहा था। पुलिस ने आरोपी को थाने लाकर घंटों तक पूछताछ की है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी का नाम मिथिलेश शुक्ला है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी, जिससे मामले की सच्चाई सामने आएगी।1
- बेंगलुरु में एक तेज रफ्तार ट्रक ने पहले एक ट्रैक्टर को टक्कर मारी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक डिवाइडर पार कर गया और फिर सामने से आ रहे एक अन्य वाहन से जा टकराया। यह पूरा हादसा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है।1