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उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में एक अत्यंत दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ तेज आंधी और भारी बारिश के कारण एक मकान का लेंटर अचानक भरभराकर गिर गया। इस भीषण दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने अपनी जान गँवा दी, जिनमें पति, पत्नी और उनकी मासूम बेटी शामिल हैं।
देवेन्द्र प्रताप सिंह
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में एक अत्यंत दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ तेज आंधी और भारी बारिश के कारण एक मकान का लेंटर अचानक भरभराकर गिर गया। इस भीषण दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने अपनी जान गँवा दी, जिनमें पति, पत्नी और उनकी मासूम बेटी शामिल हैं।
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- बिल्सी के गांव बेहटाजवी निवासी रामचंद्र वैध, जो पहले मोच और सामान्य शारीरिक समस्याओं का इलाज करते थे, आजकल अपने बढ़ते और गंभीर दावों के कारण चर्चा और सवालों के घेरे में हैं। सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के बाद, उनकी पहचान एक साधारण वैध से बदलकर "गुरु जी" के रूप में हो गई है। जिस काजल शाक्य नामक लड़की ने उन्हें वायरल किया था, उसी ने अब उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे उनके दावों की सच्चाई पर "सच या छल" का सवाल उठ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पहले केवल हाथ-पैर और गर्दन की मोच देखने वाले वैध जी अब दुआ, आशीर्वाद और कथित चमत्कारों के जरिए कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों सहित गंभीर रोगों को ठीक करने का दावा कर रहे हैं। इन दावों का कोई वैज्ञानिक या चिकित्सकीय प्रमाण सामने नहीं आया है। साथ ही, पहले निःशुल्क सेवा का दावा करने वाले वैध जी के यहां अब दान पात्र रखा जाने लगा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह सेवा है या श्रद्धा और मजबूरी का आर्थिक लाभ उठाने का माध्यम। क्षेत्र के कई जागरूक लोगों का मानना है कि बीमारी से परेशान लोग उम्मीद में ऐसे बड़े-बड़े दावों का शिकार बन सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी स्पष्ट किया है कि कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार आधुनिक चिकित्सा पद्धति से ही संभव है, और ऐसे मामलों में चमत्कारिक इलाज के दावों पर भरोसा करना मरीज की जान के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। यह सवाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से भी पूछा जा रहा है कि क्या खुलेआम किए जा रहे इन गंभीर दावों की जांच होगी, या आस्था के नाम पर ये दावे ऐसे ही चलते रहेंगे। रिपोर्ट इंडिया टीवी 24 न्यूज ब्यूरो चीफ बदायूं विवेक चौहान की है, जिसमें यह भी रेखांकित किया गया है कि आस्था रखना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन आस्था के नाम पर झूठे दावे कर लोगों को गुमराह करना समाज और मरीजों दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है।1
- उझानी थाना क्षेत्र में बरेली-मथुरा मार्ग पर करुआ पुल के पास आमने-सामने से दो बाइकों की टक्कर हो गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एम्बुलेंस के जरिए उझानी के सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया। एक व्यक्ति की मौत की खबर मिलते ही उसके परिजनों में कोहराम मच गया।4
- गांव डंडेसरी में वीर शिरोमणि धीर सिंह पुंढीर की जन्म जयंती बड़े उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर अगसोली से खिदरपुर तक एक विशाल रैली सफलतापूर्वक निकाली गई, जिसके बाद एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मनी ग्रैमी सिंगर्स को भी शामिल किया गया। जयंती समारोह के दौरान गांव डंडेसरी में वीर शिरोमणि धीर सिंह पुंढीर की मूर्ति का निर्माण भी किया गया।1
- रूदायन नगर में स्थित एक देवालय में प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम संपन्न होने के उपरांत एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह देवालय, जो मूल रूप से राधा कृष्ण के नाम से जाना जाता था और अब साईं मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है, का पुनर्निर्माण और मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्य नगर के समाजसेवियों रामनाथ रस्तोगी जी, प्रभु रस्तोगी जी, नारायण रस्तोगी जी और रामेश्वर रस्तोगी जी द्वारा करवाया गया। सफेद पत्थर से बना यह चमचमाता देवालय किसी तीर्थ स्थल से कम नहीं लगता। विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनेक दैवीय रूपों की प्राण-प्रतिष्ठा कराई। इसके बाद निकाली गई आकर्षक शोभायात्रा में पीतल बैंड की धुन पर देवी-देवताओं की मूर्ति रूप और रंग-बिरंगी पोशाक में सजे पुरुष और महिलाओं ने नगर की भलाई के लिए उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस मंगलमय अवसर पर नगर पंचायत कार्यालय की ओर से भी विशेष व्यवस्थाएं की गईं। शोभायात्रा में शामिल भक्तों के मार्ग पर साफ-सफाई, जल छिड़काव और भगवान की बारात के स्वागत में चूना डलवाया गया। इसके साथ ही, नगर के विभिन्न स्थानों पर भक्तों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई; राजपुर रोड स्थित नत्थूलाल गुप्ता ने आइसक्रीम, मुरली मनोहर गुप्ता ने हलवा, तथा मेडिकल के सामने खुले चौक के बीचों-बीच अंकित गुप्ता, मोनू गुप्ता और रमन गुप्ता आदि ने भक्तों को जलपान कराकर उनकी थकान दूर की। शोभायात्रा के दौरान नगर में जगह-जगह सामूहिक रूप से फूलों की वर्षा की गई। इस अवसर पर दीपक गुप्ता, चुनमुन गुप्ता, किसन रस्तोगी, अंकित गुप्ता, मोनू गुप्ता, मृदुल गुप्ता, नत्थू लाल गुप्ता, मा. रामप्रकाश गुप्ता सहित सैकड़ों भक्तगण मौजूद रहे।1
- बदायूं जिले के उसांवा थाना क्षेत्र में मुरारी लाल पुत्र रामनाथ नामक एक व्यक्ति ने अपनी पैतृक संपत्ति पर अवैध कब्जे का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि गांव रसूलपुर मजरा वीरमपुर भदेली स्थित उसका मकान छोड़कर उसांवा में रहने और मजदूरी के लिए दिल्ली आने-जाने के कारण गांव की जगह खाली पड़ी थी। करीब डेढ़ वर्ष पहले गांव के ही लड़ैत पुत्र हुलास सिंह ने कथित तौर पर जबरन उसकी खाली जमीन महेन्द्र पुत्र रेवती को बेच दी। मुरारी लाल के अनुसार, महेन्द्र ने मौके पर अवैध कब्जा करते हुए मकान के चारों तरफ खुदाई कर दी, दो पेड़ों में से जामुन का पेड़ काट लिया और अपने मकान का दरवाजा भी मुरारी लाल की जमीन की तरफ कर लिया है। जब मुरारी लाल ने महेन्द्र से बात की तो उसने बताया कि उसने यह जगह लड़ैत से खरीदी है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि लड़ैत और महेन्द्र ने जालसाजी कर उसकी खाली जगह पर अवैध रूप से कब्जा करने के उद्देश्य से नींव की खुदाई कर गेट लगा लिया है। इस मामले में मुरारी लाल ने थाना उसांवा में दो बार लिखित शिकायत दी, लेकिन उसके मुताबिक, कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब पीड़ित ने बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने और अवैध कब्जा हटवाकर अपनी जमीन पर दोबारा कब्जा दिलाने की मांग की है। उसने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपने पूरे परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठ जाएगा।4
- बिल्सी क्षेत्र के बेहटाजवी गाँव में रहने वाले रामचंद्र वैध, जिन्हें अब सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि मिलने के बाद “गुरु जी” के नाम से जाना जाता है, अपने इलाज के बढ़ते दावों को लेकर चर्चा और सवालों के घेरे में हैं। पहले केवल मोच और सामान्य शारीरिक समस्याओं को देखने वाले वैध जी पर अब ग्रामीणों द्वारा गंभीर से गंभीर बीमारियों, यहाँ तक कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को भी दुआ, आशीर्वाद और कथित चमत्कारों के ज़रिए ठीक करने का दावा करने का आरोप लगाया जा रहा है। इन दावों का कोई भी वैज्ञानिक या चिकित्सकीय प्रमाण सामने नहीं आया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो व्यक्ति पहले निःशुल्क सेवा देने का दावा करता था, उसके यहाँ अब दान पात्र क्यों रखा गया है। जागरूक लोगों का कहना है कि यह सेवा कम और श्रद्धा व मजबूरी का आर्थिक लाभ उठाने का माध्यम ज़्यादा प्रतीत होता है, जो बीमार लोगों की उम्मीदों का फायदा उठा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार केवल आधुनिक चिकित्सा पद्धति से ही संभव है, और चमत्कारिक इलाज के दावों पर भरोसा करना मरीज की जान के लिए खतरा बन सकता है। अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से यह पूछा जा रहा है कि क्या खुलेआम किए जा रहे इन गंभीर बीमारियों के इलाज के दावों की जाँच की जाएगी, या फिर आस्था के नाम पर ऐसे दावे यूँ ही चलते रहेंगे। यह रेखांकित किया गया है कि आस्था रखना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन आस्था के नाम पर झूठे दावे कर लोगों को गुमराह करना समाज और मरीजों दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।2
- उत्तर प्रदेश के बदायूं में बदायूं-मथुरा मार्ग पर आज दोपहर एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर और ई-रिक्शा की भीषण भिड़ंत हो गई, जिसमें पांच महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक हादसे में चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा उझानी कोतवाली क्षेत्र के कछला के पास हुआ। ई-रिक्शा में सवार ये महिलाएं एक वैवाहिक कार्यक्रम के तहत 'भात' की रस्म निभाने जा रही थीं। उनका हंसी-खुशी और गीतों से भरा सफर चंद पलों में ही मातम में बदल गया। जैसे ही हादसे की खबर गांव और शादी वाले घर पहुंची, खुशियां मातम में तब्दील हो गईं और पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना के बाद आरोपी ट्रैक्टर चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।1