मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य विभाग की संविदा महिला कर्मचारियों का वेतन तीन माह से रुका, त्योहार पर भी ड्यूटी करने को मजबूर* *मुजफ्फरनगर।* जिला अस्पताल में तैनात संविदा पर काम करने वाली महिला कर्मचारियों का दर्द सामने आया है। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले तीन महीने से उनका वेतन नहीं मिला है, जिसके चलते उन्हें अपना घर चलाना मुश्किल हो रहा है। पीड़ित कर्मचारी ममता ने बताया कि अस्पताल में 30 से 35 महिला कर्मचारी इसी तरह काम कर रही हैं, जिनका वेतन रोका गया है। ठेकेदार और कंपनी वाले बात तक नहीं कर रहे हैं। त्योहार के दिन भी वे ड्यूटी पर आई हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिल रहा है कि वेतन आज-कल में आ जाएगा। महिलाओं ने बताया कि उधारी लेकर किसी तरह जीवन यापन कर रही हैं। वेतन न मिलने पर अब उधार भी नहीं मिल रहा। पीछे एक साल से इसी तरह वेतन रोक-रोक कर दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे धरने पर बैठने को मजबूर होंगी।
मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य विभाग की संविदा महिला कर्मचारियों का वेतन तीन माह से रुका, त्योहार पर भी ड्यूटी करने को मजबूर* *मुजफ्फरनगर।* जिला अस्पताल में तैनात संविदा पर काम करने वाली महिला कर्मचारियों का दर्द सामने आया है। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले तीन महीने से उनका वेतन नहीं मिला है, जिसके चलते उन्हें अपना घर चलाना मुश्किल हो रहा है। पीड़ित कर्मचारी ममता ने बताया कि अस्पताल में 30 से 35 महिला कर्मचारी इसी तरह काम कर रही हैं, जिनका वेतन रोका गया है। ठेकेदार और कंपनी वाले बात तक नहीं कर रहे हैं। त्योहार के दिन भी वे ड्यूटी पर आई हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिल रहा है कि वेतन आज-कल में आ जाएगा। महिलाओं ने बताया कि उधारी लेकर किसी तरह जीवन यापन कर रही हैं। वेतन न मिलने पर अब उधार भी नहीं मिल रहा। पीछे एक साल से इसी तरह वेतन रोक-रोक कर दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे धरने पर बैठने को मजबूर होंगी।
- 👉 पारस नर्सिंग होम में अभद्रता का आरोप, 500 रुपये फीस देने के बाद दुर्व्यवहार का दावा, पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर SLUG = पारस नर्सिंग होम में अभद्रता का आरोप, पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर, जांच में जुटी नई मंडी पुलिस ANCHOR = मुजफ्फरनगर। अलमासपुर चौपले के आगे स्थित पारस नर्सिंग होम में अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट दिखाने पहुंचे डिंडोली निवासी विश्वास बलियान ने डॉक्टर पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि वह अपनी पत्नी की रिपोर्ट दिखाने के लिए अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन काफी देर इंतजार कराने के बाद उन्हें मरीज को साथ लाने की बात कही गई। विरोध करने पर उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया। पीड़ित ने मामले में पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। विश्वास बलियान ने जानकारी देते हुए बताया की एक दिन पहले ही डॉक्टर से बातचीत की थी। उस दौरान उन्हें बताया गया था कि सुबह मैडम से मुलाकात हो जाएगी। बाद में मरीज को साथ लाने के संबंध में पूछने पर उन्हें बताया गया कि मरीज को लाने की जरूरत नहीं है। पीड़ित का आरोप है कि अगले दिन सुबह करीब 12:10 बजे वह पारस नर्सिंग होम पहुंचे और 500 रुपये फीस जमा कर दी। इसके बाद करीब आधा से पौना घंटा इंतजार कराया गया। पीड़ित का कहना है कि रिपोर्ट दिखाने के लिए पर्ची भेजे जाने के बाद उन्हें बताया गया कि डॉक्टर मरीज को साथ लाने के लिए कह रही हैं। इस पर उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मरीज को लाना जरूरी था, तो उन्हें पहले ही इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। आरोप है कि इसके बाद उन्हें अपने 500 रुपये वापस लेकर जाने के लिए कहा गया। विश्वास बलियान के मुताबिक, उन्होंने केवल सम्मानजनक व्यवहार करने की बात कही थी। इसी दौरान डॉक्टर सुमित जैन के आने और उन्हें वहां से चले जाने के लिए कहने का आरोप लगाया। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने डॉक्टर के व्यवहार पर आपत्ति जताई तो उन्हें कथित तौर पर बाहर निकलने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि मरीज और उनके परिजन पहले से ही परेशानी की स्थिति में डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, ऐसे में उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग पीड़ित ने अस्पताल में कथित रूप से गलत चिकित्सा गतिविधियां किए जाने के आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने महिला चिकित्सक पर गर्भपात सहित अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए अस्पताल की संपत्ति और संबंधित चिकित्सकों की डिग्री की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विश्वास बलियान ने बताया कि उन्होंने पुलिस को तहरीर दे दी है और मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई चाहते हैं। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज या उसके परिजन के साथ इस तरह का व्यवहार न हो। मामले में पुलिस की कार्रवाई और नर्सिंग होम प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। BYTE = विश्वास बालियान ( शिकायतकर्ता )4
- लद्दाख के द्रास में भी सीजन की पहली बर्फबारी- लद्दाख के कारगिल जिले के द्रास में सीजन की पहली बर्फबारी शुरू हो गई है। बर्फबारी के साथ ही तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और पूरे इलाके में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है।1
- तितावी पुलिस ने आबकारी अधिनियम के मामले में न्यायालय से जारी वारंट पर मुकंदपुर निवासी वारंटी को गिरफ्तार किये! मुजफ्फरनगर। थाना तितावी पुलिस ने न्यायालय से जारी वारंट के अनुपालन में आबकारी अधिनियम के एक मामले में वारंटी अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अनुज कुमार पुत्र रणवीर, निवासी गांव मुकंदपुर, थाना तितावी, जनपद मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 40 वर्ष बताई गई है। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त के खिलाफ विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय संख्या-02, मुजफ्फरनगर से वाद संख्या 3321/9/2018 में धारा 60(1) आबकारी अधिनियम के तहत वारंट जारी था। इसी के अनुपालन में तितावी पुलिस ने 9 अक्टूबर 2026 को अभियुक्त को उसके निवास स्थान से गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी फुगाना और थाना प्रभारी जयवीर सिंह के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अमित चौधरी और आरक्षी राकेश कुमार शामिल रहे। पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- मुजफ्फरनगर: अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त का खुलासा, 4 गिरफ्तार शाहपुर पुलिस ने सोरम गेट नंबर-2 के पास से 4 आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 6 विदेशी पिस्टल, 3 देशी तमंचे, 1 मस्कट, 5 जिंदा कारतूस और 1 पिठ्ठू बैग बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक आरोपी अवैध हथियार खरीदकर अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई करते थे। मामले में थाना शाहपुर में आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और हथियारों के नेटवर्क की भी जांच कर रही है। मुजफ्फरनगर: अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त का खुलासा, 4 गिरफ्तार शाहपुर पुलिस ने सोरम गेट नंबर-2 के पास से 4 आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 6 विदेशी पिस्टल, 3 देशी तमंचे, 1 मस्कट, 5 जिंदा कारतूस और 1 पिठ्ठू बैग बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक आरोपी अवैध हथियार खरीदकर अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई करते थे। मामले में थाना शाहपुर में आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और हथियारों के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।1
- अवैध हथियारों के सौदागर गिरोह का भंडाफोड़, 6 विदेशी पिस्टल समेत 10 हथियार बरामद, चार गिरफ्तार ANCHOR - मुजफ्फरनगर। शाहपुर थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह विदेशी पिस्टल, तीन देशी तमंचे, एक मस्कट और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने मेरठ के एक व्यक्ति से हथियार खरीदकर विभिन्न स्थानों पर ऊंचे दामों में बेचने की बात बताई है। पुलिस अब गिरोह के आगे और पीछे के संपर्कों की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को शाहपुर पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम सोरम के गेट नंबर-2 स्थित यात्री प्रतीक्षालय में कुछ लोग अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई करने के लिए मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दबिश देकर चारों आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से अवैध हथियार और कारतूस बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश उर्फ शुगनू निवासी बपारसी, सनी निवासी अटेरना, निखिल उर्फ निक्की निवासी पथौली और शुभम निवासी अटेरना, जनपद मेरठ के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों की उम्र लगभग 23 से 25 वर्ष के बीच है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से .32 बोर की छह विदेशी पिस्टल, .315 बोर के तीन देशी तमंचे, .315 बोर की एक मस्कट, पांच जिंदा कारतूस और एक पिट्ठू बैग बरामद किया है। इस तरह पुलिस ने कुल 10 हथियार बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे मेरठ निवासी एक व्यक्ति से अवैध विदेशी पिस्टल और तमंचे खरीदते थे। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर मांग के अनुसार ऊंचे दामों पर बेचकर अवैध आर्थिक लाभ कमाते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी मुजफ्फरनगर में भी हथियारों की सप्लाई करने आए थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। BYTE - अक्षय संजय (SP ग्रामीण)4
- मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य विभाग की संविदा महिला कर्मचारियों का वेतन तीन माह से रुका, त्योहार पर भी ड्यूटी करने को मजबूर* *मुजफ्फरनगर।* जिला अस्पताल में तैनात संविदा पर काम करने वाली महिला कर्मचारियों का दर्द सामने आया है। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले तीन महीने से उनका वेतन नहीं मिला है, जिसके चलते उन्हें अपना घर चलाना मुश्किल हो रहा है। पीड़ित कर्मचारी ममता ने बताया कि अस्पताल में 30 से 35 महिला कर्मचारी इसी तरह काम कर रही हैं, जिनका वेतन रोका गया है। ठेकेदार और कंपनी वाले बात तक नहीं कर रहे हैं। त्योहार के दिन भी वे ड्यूटी पर आई हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिल रहा है कि वेतन आज-कल में आ जाएगा। महिलाओं ने बताया कि उधारी लेकर किसी तरह जीवन यापन कर रही हैं। वेतन न मिलने पर अब उधार भी नहीं मिल रहा। पीछे एक साल से इसी तरह वेतन रोक-रोक कर दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे धरने पर बैठने को मजबूर होंगी।1
- sabhi deshvasiyon ko karva chauth ki namaskar shubhkamnaen 🙏🇮🇳🌅 sabhi deshvasiyon ko karva chauth ki hardik shubhechha shubhkamnaen good morning India Sonu Kumar babra ABC news writer router producer director janseva Kendra khed ke enterprise 7045 73 58464
- लखनऊ एमएलसी चुनाव के परिणाम आने के बाद भाजपा के कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना का बयान1