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बिहारी शब्द गली हो गया है बस मेरा साथ दीजिए जुबान बंद कर देंगे हम सब मिलकर जो हमें गाली देता है जय बिहार 🙏
Arun bhaiya
बिहारी शब्द गली हो गया है बस मेरा साथ दीजिए जुबान बंद कर देंगे हम सब मिलकर जो हमें गाली देता है जय बिहार 🙏
More news from बिहार and nearby areas
- Post by Arun bhaiya1
- Post by Abhay kumar1
- ग्राम धरहरा पूर्वी रोड जोकि 10 लाख कुछ रुपया में पास हुआ था तथा अभी तक हम लोग का गली बन नहीं पा रहा है जो की ग्राम पंचायत के नेतृत्व में यह यह जिम्मेदारी दिया जाता है जो कि अभी तक पूरा नहीं किया गया है यह है अपना बिहार जो होना चाहिए वह होता नहीं जो नहीं होना चाहिए वह होता है धन्यवाद...1
- बड़ी खबर --- स्वास्थ्य विभाग के सासाराम में पदस्थापित एक भ्रष्ट कर्मी के खिलाफ दिशा की बैठक में करगहर विधायक वशिष्ठ प्रसाद, डेहरी विधायक राजीव रंजन उर्फ सोनू सिंह समेत अन्य प्रतिनिधियों ने सिविल सर्जन पर लगाए गंभीर आरोप। भ्रष्टकर्मी पर चिकित्सकों व कर्मियों से वसूली कर ट्रांसफर पोस्टिंग करने का लगाया आरोप। सिविल सर्जन पर लगे गंभीर आरोप के बाद देखना होगा स्वास्थ्य विभाग के उक्त भ्रष्ट कर्मी पर कब होती है कार्रवाई। आरोप है, कि सिविल सर्जन उक्त कर्मी को अपने पास रखकर अवैध उगाही करते हैं, तथा नियमों को ताक पर रखकर स्वास्थ्य विभाग का कार्य कराते हैं।2
- रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम में अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के बैनर तले विभिन्न वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय के मुख्य गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। माले नेता अशोक बैठा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जिले के महादलित बस्तियों की स्थिति बेहद दयनीय है, जहां पेयजल समेत बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सांसद और विधायक निधि की राशि का उपयोग मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों में किया जा रहा है, जबकि गांवों के महादलित टोला उपेक्षित हैं। उन्होंने मांग की कि जनप्रतिनिधियों की निधि का समुचित उपयोग महादलित बस्तियों के विकास में किया जाए। विरोध प्रदर्शन के कारण सड़क पर वाहनों का जाम लग गया। जाम में फंसे लोग भीषण गर्मी में परेशान रहे। कलेक्ट्रेट गेट पर पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था रही।4
- कशिश न्यूज़ *प्रतिबंधित मांस मामले में 5 शिक्षक निलंबित बर्खास्त की कार्रवाई के संकेत* एमएलसी निवेदिता सिंह ने प्रतिबंधित मांस मामले में बड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि रोहतास एसपी से बात करुंगी दोषी शिक्षकों की गिरफ्तारी सुनिश्चित और सजा होनी चाहिए।जिले के राजपुर प्रखंड अंतर्गत उर्दू उत्क्रमित मध्य विद्यालय रामुडीह में प्रतिबंधित मांस मिलने से ग्रामीणों के हंगामा पर जिलाधिकारी उदिता सिंह के आदेश पर डीईओ मदन राय ने मामले में लिया तुरंत लिया संज्ञान।1
- कैमूर। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी 'नल-जल योजना' कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड में दम तोड़ती नजर आ रही है। चिलबिली पंचायत के ग्राम माथा चक में पिछले दो महीनों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे गांव में भीषण जल संकट गहरा गया है। स्थिति यह है कि पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार मचा हुआ है और ग्रामीण नदी का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। वही जलापूर्ति बाधित होने का मुख्य कारण टंकी का गेट वाल खराब होना बताया जा रहा है। टंकी ऑपरेटर सूरजबली बिंद के अनुसार, यह समस्या पिछले दो महीनों से बनी हुई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जूनियर इंजीनियर (JE), स्थानीय मुखिया और जिला परिषद प्रतिनिधियों को कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। हर बार केवल मरम्मत का आश्वासन देकर मामला टाल दिया जाता है। वही गांव की महिलाओं का कहना है कि पानी के अभाव में घर का चूल्हा-चौका करना भी दूषित हो गया है। सबसे बुरा हाल बच्चों का है, जो पढ़ाई छोड़कर शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक बर्तनों के साथ लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। पानी की किल्लत के कारण कई घरों में समय पर भोजन नहीं बन पा रहा है और बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। वही शुद्ध पेयजल न मिलने के कारण ग्रामीण नदी और अन्य असुरक्षित स्रोतों से पानी लाने को विवश हैं। दूषित जल के सेवन से गांव में हैजा, कॉलरा और पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बच्चों की तबीयत पहले ही खराब होने लगी है। "हम प्रशासन से अपनी मांग रख कर के थक चुके हैं। अगर जल्द ही गेट वाल की मरम्मत कराकर जलापूर्ति शुरू नहीं की गई, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। हमें सिर्फ आश्वासन नहीं, पानी चाहिए।" आपको बताता हुए चलें कि साफ तौर पर देखा जा रहा है कि एक तरफ सरकार हर घर नल का जल पहुंचाने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ माथा चक जैसे गांवों की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस गंभीर मानवीय संकट पर कब जागता है।10
- Post by Arun bhaiya1