पाली के सादड़ी से परशुराम महादेव धाम तक जाने वाले सड़क मार्ग की जर्जर हालत को लेकर श्रद्धालुओं और आमजन ने वन विभाग के रेंज कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में क्षेत्रीय वन अधिकारी जितेंद्र सिंह को बताया गया कि वन विभाग की अनुमति नहीं मिलने के कारण सड़क मरम्मत का कार्य रुका हुआ है, जिससे लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को खतरा है। यह सड़क अगस्त में आयोजित होने वाले वार्षिक परशुराम महादेव मेले से पहले ही खराब हालत में है, जहाँ हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि चूंकि यह सड़क वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र से गुजरती है, इसलिए वन विभाग द्वारा सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) को आवश्यक अनुमति नहीं दी जा रही है। इसी वजह से वर्षों से इस महत्वपूर्ण मार्ग का निर्माण और मरम्मत कार्य ठप पड़ा है। लोगों ने मांग की है कि वन विभाग तुरंत आवश्यक अनुमति जारी करे, ताकि सार्वजनिक निर्माण विभाग समय पर सड़क का निर्माण और मरम्मत कार्य पूरा कर सके और श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा मिल सके। ज्ञापन के माध्यम से वन विभाग को चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिन के भीतर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे वन विभाग कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
पाली के सादड़ी से परशुराम महादेव धाम तक जाने वाले सड़क मार्ग की जर्जर हालत को लेकर श्रद्धालुओं और आमजन ने वन विभाग के रेंज कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में क्षेत्रीय वन अधिकारी जितेंद्र सिंह को बताया गया कि वन विभाग की अनुमति नहीं मिलने के कारण सड़क मरम्मत का कार्य रुका हुआ है, जिससे लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को खतरा है। यह सड़क अगस्त में आयोजित होने वाले वार्षिक परशुराम महादेव मेले से पहले ही खराब हालत में है, जहाँ हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि चूंकि यह सड़क वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र
से गुजरती है, इसलिए वन विभाग द्वारा सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) को आवश्यक अनुमति नहीं दी जा रही है। इसी वजह से वर्षों से इस महत्वपूर्ण मार्ग का निर्माण और मरम्मत कार्य ठप पड़ा है। लोगों ने मांग की है कि वन विभाग तुरंत आवश्यक अनुमति जारी करे, ताकि सार्वजनिक निर्माण विभाग समय पर सड़क का निर्माण और मरम्मत कार्य पूरा कर सके और श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा मिल सके। ज्ञापन के माध्यम से वन विभाग को चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिन के भीतर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे वन विभाग कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
- अजमेर में जयपुर रोड स्थित आरटीओ कार्यालय को गुरुवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। कार्यालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक धमकी भरा मेल भेजा गया, जिसमें भेजने वाले ने परिसर के भीतर 7 आरडीएक्स और जहरीली सायनाइड गैस होने का दावा किया था। धमकी भरा यह मेल सुबह 5 बजे प्राप्त हुआ था, लेकिन इसे 9 घंटे बाद दोपहर 2 बजे पढ़ा गया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस, सीआईडी, डॉग स्क्वायड और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। सुरक्षाबलों ने पूरे परिसर में गहन सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ।1
- अजमेर के रामगंज थाना क्षेत्र में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है, जहाँ एक सूने मकान से सोने-चांदी के जेवर और नकदी सहित करीब ₹5 लाख का सामान चोरी कर लिया गया। यह घटना तब हुई जब पीड़ित परिवार अपने रिश्तेदार के बच्चे के जन्मदिन समारोह में गया हुआ था। इसी दौरान, चोरों ने तेज बारिश का फायदा उठाया और मकान के ताले तोड़कर अलमारी में रखे जेवर और ₹50 हजार की नकदी लेकर फरार हो गए। परिवार के घर लौटने पर उन्हें ताले टूटे हुए और सारा सामान बिखरा हुआ मिला, जिसके बाद उन्होंने तत्काल रामगंज थाना पुलिस को इस चोरी की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और मामले की जाँच में जुट गई है। पुलिस अब इन चोरों की तलाश कर रही है।1
- अजमेर के परिवहन विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया जब RTO कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। इस सूचना के बाद तत्काल सिविल लाइन थाना पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। एहतियात के तौर पर पूरे RTO परिसर को तुरंत खाली करा लिया गया और कई घंटों तक गहन तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि, लंबी जांच के बाद भी कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि बम की धमकी महज एक फर्जी ईमेल और अफवाह थी। फिलहाल, पुलिस और साइबर टीम मिलकर इस धमकी भरा ईमेल भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी हुई है।1
- राजस्थान के अजमेर जिले के तिलोरा गांव में एक बेहद बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया है। यह घटना तब हुई जब एक आदमी शौचालय बनाने के लिए कुआँ खोद रहा था। कुआँ खोदने के दौरान अचानक मिट्टी ढह गई, जिसके कारण वह व्यक्ति मिट्टी के मलबे में दब गया।1
- ब्यावर में वर्द्धमान शिक्षण समिति के तत्वावधान में महावीर इंटरनेशनल रीजन-3 और महावीर इंटरनेशनल बिजयनगर–ब्यावर जोन द्वारा भगवान महावीर के सिद्धांत "अहिंसा परमो धर्मः" को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से एक अहिंसा रैली का आयोजन किया गया। इस प्रेरणादायी कार्यक्रम का लक्ष्य समाज में सेवा, करुणा और मानवता की भावना को सुदृढ़ करना था। यह रैली वर्द्धमान कन्या महाविद्यालय परिसर से प्रारंभ हुई। इसमें बड़ी संख्या में वीर एवं वीराओं ने हाथों में अहिंसा और सेवा के संदेश वाले ध्वज लेकर शहर में भ्रमण किया। उन्होंने नागरिकों को प्रेम, सद्भाव, जीवदया, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा के लिए प्रेरित किया। रैली के दौरान उपस्थित सदस्यों ने महावीर स्वामी के आदर्शों को अपनाने और समाज में भाईचारे, शांति तथा मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस अवसर पर महावीर इंटरनेशनल गवर्निंग काउंसिल के सदस्य और वर्द्धमान शिक्षण समिति के मंत्री डा. नरेंद्र पारख ने इस बात पर जोर दिया कि भगवान महावीर का अहिंसा का संदेश आज भी संपूर्ण विश्व के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में अहिंसा, दया, सेवा एवं सद्भाव को अपनाता है, तो समाज में शांति और सौहार्द की स्थापना संभव हो सकती है। कार्यक्रम में महावीर इंटरनेशनल के अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेन्द्र रांका, रीजन कोषाध्यक्ष दीपचंद कोठारी, इंटरनेशनल डायरेक्टर विनोद चौरड़िया, बिजयनगर–ब्यावर जोन चेयरमैन तेजमल बुरड़, अजमेर जोन चेयरमैन बाबूलाल जैन, जोन सचिव रूपेश कोठारी, जोन कोषाध्यक्षा आशा चौरड़िया, जोन समन्वयक विजयराज जैन, गवर्निंग काउंसिल सदस्य यशवंतराज कोठारी एवं सुशील छाजेड़, यूनिक चेयरमैन राजेंद्र सुराणा, ब्यावर सचिव निलेश बुरड़, युवा चेयरमैन राजेश रांका, रॉयल वीरा चेयरपर्सन दीपशिखा सकलेचा, पुष्पा बुरड़, दिलीप दक, और वीरेन्द्र मेडतवाल सहित बड़ी संख्या में वीर एवं वीराओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी उपस्थित सदस्यों ने अहिंसा, सेवा, सद्भाव और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम ने समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करते हुए लोगों को सेवा और मानवता के प्रति जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण कार्य संपन्न किया।1
- पाली के सादड़ी से परशुराम महादेव धाम तक जाने वाले सड़क मार्ग की जर्जर हालत को लेकर श्रद्धालुओं और आमजन ने वन विभाग के रेंज कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में क्षेत्रीय वन अधिकारी जितेंद्र सिंह को बताया गया कि वन विभाग की अनुमति नहीं मिलने के कारण सड़क मरम्मत का कार्य रुका हुआ है, जिससे लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को खतरा है। यह सड़क अगस्त में आयोजित होने वाले वार्षिक परशुराम महादेव मेले से पहले ही खराब हालत में है, जहाँ हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि चूंकि यह सड़क वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र से गुजरती है, इसलिए वन विभाग द्वारा सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) को आवश्यक अनुमति नहीं दी जा रही है। इसी वजह से वर्षों से इस महत्वपूर्ण मार्ग का निर्माण और मरम्मत कार्य ठप पड़ा है। लोगों ने मांग की है कि वन विभाग तुरंत आवश्यक अनुमति जारी करे, ताकि सार्वजनिक निर्माण विभाग समय पर सड़क का निर्माण और मरम्मत कार्य पूरा कर सके और श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा मिल सके। ज्ञापन के माध्यम से वन विभाग को चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिन के भीतर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे वन विभाग कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे।2
- राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय परिसर, कोटा में 'एक पेड़ माँ के नाम' नामक एक विशेष अभियान के तहत सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- राजस्थान में इस समय एक अत्यंत खतरनाक दृश्य सामने आया है, जहाँ बाढ़ के पानी में 3000 गैस सिलेंडर बहते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह मंजर काफी भयावह है। वहीं, इससे पहले महाराष्ट्र में भी 3000 गैस सिलेंडर पानी में डूबे हुए देखे गए थे।1