तमाड़ -JSSC यानी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा 2023 से जुड़े पेपर लीक मामले में रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय सोल्वर/पेपर लीक गैंग के मुख्य सरगना समेत कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 5 लोग गैंग के सदस्य बताए जा रहे हैं, जबकि 159 लोग परीक्षा के अभ्यर्थी हैं, जिनमें 7 महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अभ्यर्थियों से 10 से 15 लाख रुपये लेकर परीक्षा पास कराने का दावा करता था और उन्हें प्रश्न-उत्तर का सेट उपलब्ध कराकर रटवाया जा रहा था। गुप्त सूचना पर देर रात छापेमारी रांची पुलिस को 11 अप्रैल 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि तमाड़ थाना क्षेत्र में एक अर्द्धनिर्मित भवन में 150 से अधिक JSSC अभ्यर्थियों का जमावड़ा है और उनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। सूचना के बाद पुलिस ने विशेष छापामारी दल का गठन किया और 11 अप्रैल की देर रात उक्त भवन पर छापेमारी की। पुलिस को देखते ही भागने लगे लोग छापेमारी के दौरान पुलिस ने देखा कि भवन के बाहर कई गाड़ियां खड़ी थीं। जैसे ही पुलिस टीम वहां पहुंची, करीब 150 से अधिक लोग इधर-उधर भागने लगे। कई लोग अपने सामान को फेंकने और छिपाने लगे। पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए सभी को भवन के दो कमरों में सीमित किया और तलाशी अभियान चलाया। प्रिंटर, प्रश्न-उत्तर सेट और संदिग्ध मोबाइल बरामद पुलिस की तलाशी में मौके से कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। इनमें— प्रिंटर तैयार किए गए प्रश्न-उत्तर सेट फटे हुए एडमिट कार्ड संदिग्ध मोबाइल फोन बैंक चेक पुलिस का कहना है कि गैंग के सदस्य अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर के सेट रटवा रहे थे। 10 से 15 लाख रुपये में परीक्षा पास कराने का सौदा प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ कि इस गैंग के अलग-अलग एजेंट अभ्यर्थियों से 10 से 15 लाख रुपये प्रति उम्मीदवार की दर से पैसे लेते थे। इसके बदले उन्हें परीक्षा के प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए जाते थे और उन्हें याद कराया जाता था। पुलिस के अनुसार, कई अभ्यर्थियों ने पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड गिरोह के सदस्यों को दे दिए थे। कुछ अभ्यर्थियों ने गिरोह के नाम पर बैंक चेक भी सौंप दिए थे। JSSC के साथ समन्वय, केस दर्ज मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने JSSC के साथ समन्वय स्थापित किया। इसके बाद तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/26 दिनांक 12 अप्रैल 2026 को मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि कुल 164 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। 8 वाहन जब्त छापेमारी के दौरान मौके से 8 वाहनों को भी जब्त किया गया है। पुलिस अब इन वाहनों के मालिक और उनके उपयोग की जांच कर रही है। सरगना अतुल वत्स का बड़ा आपराधिक इतिहास पुलिस ने बताया कि इस सोल्वर/पेपर लीक गैंग का मुख्य सरगना अतुल वत्स है। वह बिहार के जहानाबाद जिले के बंधुगंज गांव का रहने वाला है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अतुल वत्स कई बड़े परीक्षा घोटालों में शामिल रहा है। उसका नाम निम्न मामलों में सामने आया है— राजस्थान क्लर्क भर्ती परीक्षा (2017) NEET पेपर लीक (2024) कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर भर्ती परीक्षा बिहार (2024) उत्तर प्रदेश RO/ARO प्रारंभिक परीक्षा (2024) – यूपी STF द्वारा गिरफ्तार उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा (2024) अन्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। पुलिस की आगे की कार्रवाई रांची पुलिस ने कहा है कि इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। गिरोह के अन्य एजेंटों, लेन-देन, बैंक खातों, चेक और मोबाइल डेटा की भी जांच की जाएगी। पुलिस का दावा है कि यह संगठित गिरोह लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं को प्रभावित कर रहा था।
तमाड़ -JSSC यानी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा 2023 से जुड़े पेपर लीक मामले में रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय सोल्वर/पेपर लीक गैंग के मुख्य सरगना समेत कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 5 लोग गैंग के सदस्य बताए जा रहे हैं, जबकि 159 लोग परीक्षा के अभ्यर्थी हैं, जिनमें 7 महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अभ्यर्थियों से 10 से 15 लाख रुपये लेकर परीक्षा पास कराने का दावा करता था और उन्हें प्रश्न-उत्तर का सेट उपलब्ध कराकर रटवाया जा रहा था। गुप्त सूचना पर देर रात छापेमारी रांची पुलिस को 11 अप्रैल 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि तमाड़ थाना क्षेत्र में एक अर्द्धनिर्मित भवन में 150 से अधिक JSSC अभ्यर्थियों का जमावड़ा है और उनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। सूचना के बाद पुलिस ने विशेष छापामारी दल का गठन किया और 11 अप्रैल की देर रात उक्त भवन पर छापेमारी की। पुलिस को देखते ही भागने लगे लोग छापेमारी के दौरान पुलिस ने देखा कि भवन के बाहर कई गाड़ियां खड़ी थीं। जैसे ही पुलिस टीम वहां पहुंची, करीब 150 से अधिक लोग इधर-उधर भागने लगे। कई लोग अपने सामान को फेंकने और छिपाने लगे। पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए सभी को भवन के दो कमरों में सीमित किया और तलाशी अभियान चलाया। प्रिंटर, प्रश्न-उत्तर सेट और संदिग्ध मोबाइल बरामद पुलिस की तलाशी में मौके से कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। इनमें— प्रिंटर तैयार किए गए प्रश्न-उत्तर सेट फटे हुए एडमिट कार्ड संदिग्ध मोबाइल फोन बैंक चेक पुलिस का कहना है कि गैंग के सदस्य अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर के सेट रटवा रहे थे। 10 से 15 लाख रुपये में परीक्षा पास कराने का सौदा प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ कि इस गैंग के अलग-अलग एजेंट अभ्यर्थियों से 10 से 15 लाख रुपये प्रति उम्मीदवार की दर से पैसे लेते थे। इसके बदले उन्हें परीक्षा के प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए जाते थे और उन्हें याद कराया जाता था। पुलिस के अनुसार, कई अभ्यर्थियों ने पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड गिरोह के सदस्यों को दे दिए थे। कुछ अभ्यर्थियों ने गिरोह के नाम पर बैंक चेक भी सौंप दिए थे। JSSC के साथ समन्वय, केस दर्ज मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने JSSC के साथ समन्वय स्थापित किया। इसके बाद तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/26 दिनांक 12 अप्रैल 2026 को मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि कुल 164 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। 8 वाहन जब्त छापेमारी के दौरान मौके से 8 वाहनों को भी जब्त किया गया है। पुलिस अब इन वाहनों के मालिक और उनके उपयोग की जांच कर रही है। सरगना अतुल वत्स का बड़ा आपराधिक इतिहास पुलिस ने बताया कि इस सोल्वर/पेपर लीक गैंग का मुख्य सरगना अतुल वत्स है। वह बिहार के जहानाबाद जिले के बंधुगंज गांव का रहने वाला है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अतुल वत्स कई बड़े परीक्षा घोटालों में शामिल रहा है। उसका नाम निम्न मामलों में सामने आया है— राजस्थान क्लर्क भर्ती परीक्षा (2017) NEET पेपर लीक (2024) कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर भर्ती परीक्षा बिहार (2024) उत्तर प्रदेश RO/ARO प्रारंभिक परीक्षा (2024) – यूपी STF द्वारा गिरफ्तार उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा (2024) अन्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। पुलिस की आगे की कार्रवाई रांची पुलिस ने कहा है कि इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। गिरोह के अन्य एजेंटों, लेन-देन, बैंक खातों, चेक और मोबाइल डेटा की भी जांच की जाएगी। पुलिस का दावा है कि यह संगठित गिरोह लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं को प्रभावित कर रहा था।
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- Nationalnews | Maharashta : सुरों की अमर स्वर-सम्राज्ञी आशा भोसले का 92 वर्ष में निधन, देश शोकाकुल.... बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa) प्रख्यात गायिका आशा भोसले का रविवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें कार्डियक अरेस्ट व सीने में तकलीफ के बाद भर्ती कराया गया था। 12,000 से अधिक गीतों को अपनी आवाज देने वाली आशा भोसले ने “दम मारो दम”, “पिया तू अब तो आजा” और “चुरा लिया है तुमने” जैसे कालजयी गीतों से संगीत जगत में अमिट पहचान बनाई । वह लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं और संगीतकार आर. डी. बर्मन के साथ उनके जीवन का महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ा रहा। उनके निधन से संगीत जगत ने एक युग को खो दिया है। AshaBhosle | LegendarySinger | IndianMusic | RIP | suryodaysamvaad | nationalnews | maharashtranews1
- *बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के सपनों का समाज बनाएंगे: पुरेंद्र* आदित्यपुर (का.प्र.): आदित्यपुर-गम्हरिया विकास समिति के द्वारा आज पुड़िसिल्ली (डोभो) स्थित एनबीआर रिसोर्ट्स के सभागार में संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह के द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं बाबा साहेब के चरणों में पुष्प अर्पित कर किया गया. कार्यक्रम के दौरान बाबा साहेब के मूल मंत्र "शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो" को अपनाने एवं उनके बताए रास्ते पर चलकर उनके सपनों का समाज बनाने का संकल्प लिया गया. साथ हीं पूरे देश में जातीय जनगणना कराने, जनसंख्या के अनुपात में एसटी एससी ओबीसी को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने, निजी क्षेत्रों में आरक्षण लागू करने, लोकसभा/ विधानसभा/ राज्यसभा/ विधान परिषद/ शहरी निकायों/ जिला परिषदों में भी जनसंख्या के अनुपात में एसटी/ एससी/ ओबीसी को आरक्षण देने की मांग की गई. उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पुरेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर ने देश को संविधान देकर देश एवं देश में रहने वाले सभी जाति धर्म संप्रदाय और वर्गों का मार्गदर्शन किया. परन्तु दु:ख होता है कि आज कुछ लोग महापुरुषों को भी जातियों में बांटने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बाबा साहब को बचपन में स्कूलों में कक्षा में बैठने नहीं दिया जाता था. परन्तु उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी उच्च शिक्षा ग्रहण किया और 32 डिग्रियां तथा चार-चार भाषाओं में पीएचडी किया. पढ़ाई के उपरांत उन्होंने जब नौकरी ग्रहण की, तो दफ्तर में उनके साथ जाति के नाम पर भेदभाव किया गया. मजबूरन उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी. परंतु देश की आजादी के बाद उन्होंने ऐसा संविधान लिखा, जिसमें सभी धर्म, वर्ग और जातियों को समानता का अधिकार दिया गया, जो आज भी सर्वमान्य है. उन्होंने तथागत बुद्ध, महात्मा कबीर, महात्मा ज्योतिबा फुले को स्मरण करते हुए कहा कि बाबा साहब के सपनों का समाज बनाने के लिए हम कृत संकल्पित है. उन्होंने बहुजन समाज का आहवान करते हुए कहा कि "100 में 90 शोषित हैं, 90 भाग हमारा है, धन धरती और राज पाठ में 90 भाग हमारा है, 90 पर 10 का शासन नहीं चलेगा, नहीं चलेगा" एवं "जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी हो उतनी भागीदारी" को लागू कराने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की रणनीति बनाएं. उन्होंने कहा कि बाबा साहब सिर्फ दलितों के नहीं, बल्कि सभी कमजोर वर्गों, महिलाओं, मजदूरों और बेजुबानों के नेता थे. बाबा साहब ने संविधान में पिछड़े वर्गों के लिए विशेष अवसर का प्रावधान किया था, जिसके चलते 1992 में मंडल कमीशन के तहत पिछड़ों को सरकारी नौकरियों में 27% आरक्षण की व्यवस्था हो पाई. बाबा साहेब ने महिलाओं के लिए ग्रेच्युटी, पे ग्रेड, चाइल्ड केयर लीव मैटरनिटी लीव एवं मजदूरों के लिए ट्रेड यूनियन की लड़ाई लड़ी थी. इस अवसर पर एस एन यादव, राष्ट्रपति पदक से सम्मानित शिक्षिका संध्या प्रधान, चंद्रभूषण शर्मा, युवा उद्यमी अरविन्द कुमार, शिक्षाविद एस डी प्रसाद, शिक्षाविद चंद्रमोहन चौधरी, अरविन्द कुमार पप्पू, उदित यादव, रामकुमार सिंह, रामानंद भक्ता, वीरेन्द्र यादव, डॉ रेणु शर्मा, विजय ठाकुर, पूर्व पार्षद सिद्धनाथ सिंह यादव, सत्येंद्र प्रभात, यदुनंदन राम, मनोज पासवान, देव प्रकाश देवता, राजेश्वर पंडित, अधिवक्ता नीरज कुमार व संजय कुमार, अश्विनी कुमार सिंह आदि उपस्थित थे.1
- Post by Gautam Raftaar media1
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- Post by Devanand Sinha Sinha1