भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा ग्राम पंचायत उगनपुर मरौरी का पंचायत सचिवालय। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा ग्राम पंचायत उगनपुर मरौरी का पंचायत सचिवालय। बीसलपुर/पीलीभीत | 15 सितंबर 2026 बीसलपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत उगनपुर मरौरी में वर्ष 2021-22 के दौरान बड़ी धनराशि खर्च कर पंचायत सचिवालय का निर्माण कराया गया था। लेकिन ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी पंचायत सचिवालय आज तक पूरी तरह से क्रियाशील नहीं हो सका है। वर्ष 2026 में भी इसकी स्थिति अधूरी और बदहाल दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिवालय में विकास कार्यों से संबंधित आवश्यक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित नहीं हो रही हैं। इसके चलते ग्रामीणों को ग्राम पंचायत स्तर पर मिलने वाली सुविधाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए तहसील मुख्यालय तक दौड़ लगानी पड़ रही है। सरकार द्वारा पंचायत सचिवालयों की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाएं और योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीणों को तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। लेकिन उगनपुर मरौरी में पंचायत सचिवालय के प्रभावी संचालन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत सचिवालय का निर्माण सरकारी धनराशि से कराया गया है, तो उसका निर्धारित उद्देश्य भी धरातल पर दिखाई देना चाहिए। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, खर्च हुई धनराशि तथा पंचायत सचिवालय के संचालन की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान से लेकर तहसील स्तर के संबंधित अधिकारियों तक अपनी नाराजगी जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और पंचायत सचिवालय को पूरी तरह से संचालित कराने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा ग्राम पंचायत उगनपुर मरौरी का पंचायत सचिवालय। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा ग्राम पंचायत उगनपुर मरौरी का पंचायत सचिवालय। बीसलपुर/पीलीभीत | 15 सितंबर 2026 बीसलपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत उगनपुर मरौरी में वर्ष 2021-22 के दौरान बड़ी धनराशि खर्च कर पंचायत सचिवालय का निर्माण कराया गया था। लेकिन ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी पंचायत सचिवालय आज तक पूरी तरह से क्रियाशील नहीं हो सका है। वर्ष 2026 में भी इसकी स्थिति अधूरी और बदहाल दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिवालय में विकास कार्यों से संबंधित आवश्यक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित नहीं हो रही हैं। इसके चलते ग्रामीणों को ग्राम पंचायत स्तर पर मिलने वाली सुविधाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए तहसील मुख्यालय तक दौड़ लगानी पड़ रही है। सरकार द्वारा पंचायत सचिवालयों की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाएं और योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीणों को तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। लेकिन उगनपुर मरौरी में पंचायत सचिवालय के प्रभावी संचालन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत सचिवालय का निर्माण सरकारी धनराशि से कराया गया है, तो उसका निर्धारित उद्देश्य भी धरातल पर दिखाई देना चाहिए। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, खर्च हुई धनराशि तथा पंचायत सचिवालय के संचालन की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान से लेकर तहसील स्तर के संबंधित अधिकारियों तक अपनी नाराजगी जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और पंचायत सचिवालय को पूरी तरह से संचालित कराने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।
- 2027 विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने उठाया बड़ा कदम, EVM-VVPAT की FLC की तैयारी तेज1
- इलाज के लिए निकला युवक हुआ लापता सनराइज होम स्टे के पास मिली बाइक और चप्पल। इलाज के लिए निकला युवक रहस्यमय ढंग से लापता, सनराइज होमस्टे के पास मिली बाइक, मोबाइल और चप्पल गंभीर बीमारी से पीड़ित था प्रदीप कुमार, नहर पुल के आसपास SDRF ने संभाला मोर्चा—युवक की तलाश में जुटी पुलिस और रेस्क्यू टीम पीलीभीत/माधोटांडा। थाना माधोटांडा क्षेत्र के ग्राम भैरव कला निवासी प्रदीप कुमार के अचानक लापता होने से परिवार में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि प्रदीप गंभीर बीमारी से पीड़ित था और रविवार शाम दवाई लेने के लिए घर से मोटरसाइकिल पर निकला था, लेकिन इसके बाद उसका कोई पता नहीं चल सका। परिजनों के अनुसार 13 सितंबर की शाम करीब पांच बजे प्रदीप दवाई लेने की बात कहकर घर से निकला था। काफी समय बीतने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। रातभर संभावित स्थानों पर खोजबीन के बावजूद युवक का कोई सुराग नहीं मिला। सोमवार सुबह करीब आठ बजे सनराइज होमस्टे के पास नहर पुल पर प्रदीप की मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और चप्पल मिलने के बाद परिजनों की चिंता और बढ़ गई। युवक के मौके पर मौजूद न मिलने से अनहोनी की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही थाना माधोटांडा पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाते हुए तलाश शुरू कराई। इसके बाद SDRF टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने नहर और आसपास के संभावित स्थानों पर युवक की तलाश शुरू कर दी। रेस्क्यू टीम लगातार क्षेत्र में खोजबीन कर रही है। तलाश अभियान में किशन कुमार, रवि कुमार, शिव कुमार, अजय प्रजापति, आकाश 1292, मोहित सिंह, अजय कुमार, गजेंद्र सिंह और गुलशन कुमार मौर्य समेत टीम के सदस्य जुटे हुए हैं। परिजनों के मुताबिक प्रदीप लंबे समय से गंभीर बीमारी से परेशान था और इसी सिलसिले में दवाई लेने के लिए घर से निकला था। नहर पुल के पास बाइक, मोबाइल और चप्पल मिलने के बाद मामला बेहद गंभीर हो गया है। परिवार लगातार युवक के सकुशल मिलने की प्रार्थना कर रहा है। फिलहाल पुलिस और SDRF की टीम नहर तथा आसपास के क्षेत्र में प्रदीप की तलाश में जुटी है। युवक के लापता होने की वास्तविक वजह क्या है, यह उसकी बरामदगी और पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।4
- भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा ग्राम पंचायत उगनपुर मरौरी का पंचायत सचिवालय। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा ग्राम पंचायत उगनपुर मरौरी का पंचायत सचिवालय। बीसलपुर/पीलीभीत | 15 सितंबर 2026 बीसलपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत उगनपुर मरौरी में वर्ष 2021-22 के दौरान बड़ी धनराशि खर्च कर पंचायत सचिवालय का निर्माण कराया गया था। लेकिन ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी पंचायत सचिवालय आज तक पूरी तरह से क्रियाशील नहीं हो सका है। वर्ष 2026 में भी इसकी स्थिति अधूरी और बदहाल दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिवालय में विकास कार्यों से संबंधित आवश्यक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित नहीं हो रही हैं। इसके चलते ग्रामीणों को ग्राम पंचायत स्तर पर मिलने वाली सुविधाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए तहसील मुख्यालय तक दौड़ लगानी पड़ रही है। सरकार द्वारा पंचायत सचिवालयों की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाएं और योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीणों को तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। लेकिन उगनपुर मरौरी में पंचायत सचिवालय के प्रभावी संचालन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत सचिवालय का निर्माण सरकारी धनराशि से कराया गया है, तो उसका निर्धारित उद्देश्य भी धरातल पर दिखाई देना चाहिए। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, खर्च हुई धनराशि तथा पंचायत सचिवालय के संचालन की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान से लेकर तहसील स्तर के संबंधित अधिकारियों तक अपनी नाराजगी जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और पंचायत सचिवालय को पूरी तरह से संचालित कराने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।1
- विधानसभा चुनाव से पहले एक लाख युवाओं को नौकरी का ऐलान यूपी के मंत्री सुरेश खन्ना बोले—युवाओं को रोजगार देने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम, पत्रकारों के सम्मान पर भी रखी बात रौनक अली अंसारी | पीलीभीत। पीलीभीत। विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार एक लाख युवाओं को नौकरी देने की तैयारी में है। यूपी के मंत्री सुरेश खन्ना ने पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है। वहीं पत्रकारों से जुड़े मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि पत्रकारों के प्रति उनके मन में हृदय से सम्मान है। उन्होंने पत्रकारों की भूमिका और उनके सम्मान को लेकर भी अपनी बात रखी।1
- बिजनौर की पटाखा फैक्ट्री में बन रहे थे अवैध कारतूस। आस्था बरेली न्यूज लाईव1
- आप देख रहे हैं खबर जकशन बरेली नयूज चैनल #*अपराध शाखा बरेली एवं थाना भोजीपुरा #bareillypolice द्वारा संयुक्त रूप से कार्यवाही कर धोखाधडी के 01 वांछित /शातिर अभियुक्त की गिरफ्तारी आदि के संबंध में श्री मनीष कुमार सोनकर, पु0अधी0अप0 बरेली की बाइट।#1
- बहेडी धार्मिक किताब को लेकर चल रहा विवाद शांति पूर्ण बहस के लिए प्रशासन से मागी अनुमति - --- *बहेड़ी में धार्मिक पुस्तक को लेकर दो पक्षों में विवाद, शांतिपूर्ण बहस के लिए प्रशासन से मांगी अनुमति* संवाददाता फईम सकलैनी *बहेड़ी (बरेली)-* बरेली जिले के बहेड़ी कस्बे में एक धार्मिक पुस्तक को लेकर दो समुदायों के बीच चल रहे विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की पहल की गई है। इस संबंध में अंजुमन बुस्तान-ए-मदार बहेड़ी की ओर से उपजिलाधिकारी बहेड़ी गोपाल शर्मा को एक प्रार्थना पत्र सौंपा गया है। प्रार्थना पत्र में संगठन के प्रतिनिधि सलीक अहमद ने बताया कि यह विवाद मुस्लिम सुन्नी समुदाय के दो सिलसिलों - मदारी और रजवी सिलसिले के बीच है। दोनों पक्षों के बीच एक किताब में लिखी गई बातों को लेकर सहमति-असहमति को लेकर है। एक पक्ष उसे सही बता रहा है तो दूसरा पक्ष उसे गलत बता रहा है। पत्र में कहा गया है कि यह मामला आम लोगों का नहीं है, इसलिए इसका समाधान भी इस्लामी किताबों के जानकार यानी इस्लामिक स्कॉलर ही कर सकते हैं। दोनों पक्ष चाहते हैं कि इस मामले को आपसी बातचीत और इल्मी बहस के जरिए हल किया जाए, ताकि कस्बे में शांति बनी रहे। *20-20 लोगों के बीच होगी बहस* अनुमति के लिए दिए गए पत्र के अनुसार, बहस का आयोजन मंगलवार, 15 सितंबर को मिलन बैंक्वेट हॉल, मोहल्ला इस्लाम नगर, बहेड़ी में करने का प्रस्ताव है। *बहस के लिए नियम भी तय किए गए हैं -* *1.* दोनों पक्षों से 20-20 लोग शामिल होंगे। *2.* हर पक्ष से 10-10 इस्लामिक विद्वान रहेंगे। *3.* बोलने के लिए दोनों तरफ से सिर्फ 2-2 वक्ता और 2-2 वकील होंगे, बाकी 16-16 लोग सिर्फ सुनेंगे। *4.* बहस इस्लामी बहस के तय नियमों के अनुसार होगी। प्रार्थना पत्र में प्रशासन से अपील की गई है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस इल्मी बहस की अनुमति प्रदान की जाए, जिससे यह पूरा मामला शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो सके। उपजिलाधिकारी बहेड़ी गोपाल शर्मा से जानना चाहा तो उन्होंने कहा हमने थाने से रिपोर्ट मांगी है और जो लोग उसमें बैठेंगे उनके नाम भी मांगे गए हैं कोई बाहरी व्यक्ति इस बातचीत में शामिल नहीं होगा बाकी पूरी स्थिति पर नजर है।1
- राजकुमार ‘राजू’ ने लुकटिहाई में लगाई PDA पंचायत, 2027 में सपा सरकार बनाने की अपील1