सारण के मांझी-ताजपुर मुख्य सड़क पर मांझी प्रखंड कार्यालय के समीप एक वर्षों पुराना विशाल पेड़ सड़क पर गिरने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क किनारे स्थित यह पेड़ काफी समय से बीच सड़क की ओर झुका हुआ था। तभी वहां से तेज गति से गुजर रहे एक डंपर का ऊपरी हिस्सा पेड़ की शाखाओं में फंस गया, जिससे तेज आवाज के साथ पेड़ टूटकर सीधे सड़क पर आ गिरा। संयोगवश घटना के समय वहां से कोई राहगीर या अन्य वाहन नहीं गुजर रहा था, जिसके चलते कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, पेड़ गिरने से सड़क पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और पेड़ को काटकर सड़क से हटाया, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस व्यस्त मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में लोग और गाड़ियां गुजरती हैं, इसलिए समय रहते ऐसे पेड़ों को नहीं हटाया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
सारण के मांझी-ताजपुर मुख्य सड़क पर मांझी प्रखंड कार्यालय के समीप एक वर्षों पुराना विशाल पेड़ सड़क पर गिरने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क किनारे स्थित यह पेड़ काफी समय से बीच सड़क की ओर झुका हुआ था। तभी वहां से तेज गति से गुजर रहे एक डंपर का ऊपरी हिस्सा पेड़ की शाखाओं में फंस गया, जिससे तेज आवाज के साथ पेड़ टूटकर सीधे सड़क पर आ गिरा। संयोगवश घटना के समय वहां से कोई राहगीर या अन्य वाहन नहीं गुजर रहा था, जिसके चलते कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, पेड़ गिरने से सड़क पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और पेड़ को काटकर सड़क से हटाया, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस व्यस्त मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में लोग और गाड़ियां गुजरती हैं, इसलिए समय रहते ऐसे पेड़ों को नहीं हटाया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
- सारण के मांझी-ताजपुर मुख्य सड़क पर मांझी प्रखंड कार्यालय के समीप एक वर्षों पुराना विशाल पेड़ सड़क पर गिरने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क किनारे स्थित यह पेड़ काफी समय से बीच सड़क की ओर झुका हुआ था। तभी वहां से तेज गति से गुजर रहे एक डंपर का ऊपरी हिस्सा पेड़ की शाखाओं में फंस गया, जिससे तेज आवाज के साथ पेड़ टूटकर सीधे सड़क पर आ गिरा। संयोगवश घटना के समय वहां से कोई राहगीर या अन्य वाहन नहीं गुजर रहा था, जिसके चलते कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, पेड़ गिरने से सड़क पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और पेड़ को काटकर सड़क से हटाया, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस व्यस्त मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में लोग और गाड़ियां गुजरती हैं, इसलिए समय रहते ऐसे पेड़ों को नहीं हटाया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1
- सारण जिले के छपरा में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई है। इस अचानक हुए हादसे के बाद मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना से पीड़ित परिवार में मातम पसरा हुआ है और अब प्रशासन से मुआवजे को लेकर मांग उठाई जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के बलिया में एक तरफ जहाँ घर का चिराग बुझ गया है, वहीं दूसरी तरफ मैडम की जुबां पर कड़क 'डायलॉग' बने हुए हैं। इस परिस्थिति के बाद अब बलिया में पूरी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।1
- बांकीपुर के चुनाव को लेकर जनता से एक बेहद तीखी अपील की गई है। लोगों से सीधे तौर पर कहा गया है कि जिस नेता ने उनका घर तोड़ा है, इस चुनाव में वे उस नेता की कुर्सी तोड़ दें। इस आह्वान में नेता के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए चुनावी मैदान में ही उसे करारा जवाब देने की बात कही गई है।1
- बिहार के आरा/भोजपुर के भरत तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को श्रद्धांजलि सभा और विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इस कार्यक्रम में बिहार के समाजसेवी और युवा नेता मोनू सिंह भी शामिल हुए, जो पिछले दो सप्ताह से दिल्ली में रहकर इस आयोजन की तैयारियों और जिम्मेदारियों को संभाल रहे थे। मंच से संबोधित करते हुए मोनू सिंह ने पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो इस आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। सभा के अंत में सभी लोगों ने एक स्वर में न्याय की मांग दोहराई और आयोजकों ने जल्द न्याय न मिलने पर आगामी दिनों में लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष को और तेज करने की बात कही।1
- बिहार के भोजपुर जिला कांग्रेस कमिटी ने राम मंदिर निर्माण और चढ़ावे को लेकर लगाए गए आरोपों के विरोध में शुक्रवार को आरा में एक आक्रोश मार्च निकाला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. श्रीधर तिवारी के नेतृत्व में यह मार्च शहीद भवन से अंबेडकर चौक तक निकाला गया। आक्रोश मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने अंबेडकर चौक पर पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण और चढ़ावे के नाम पर करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। इस मार्च में जिले के सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।1
- भोजपुर जिले के बिहिया स्थित जगदीशपुर रोड पर एमएम हॉस्पिटल (ए यूनिट ऑफ रिफॉर्म हॉस्पिटल, पटना) में 24×7 इमरजेंसी सेवा की शुरुआत की गई है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा विस्तार हुआ है। अब स्थानीय लोगों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पटना जाने की चिंता नहीं करनी होगी, क्योंकि उन्हें बिहिया में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा इलाज की सुविधा मिलेगी। इस अस्पताल में सभी प्रमुख रोगों का विशेषज्ञ इलाज और आधुनिक जांच एवं उपचार की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही, मरीजों के लिए घर से अस्पताल और अस्पताल से वापस घर तक एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। अस्पताल का उद्देश्य कम समय और कम खर्च में मरीजों को बेहतर इलाज प्रदान करना है, जिससे एक ही छत के नीचे सभी प्रमुख स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।1
- बंटी यादव की हत्या के मामले पर पीके की प्रतिक्रिया और उनके द्वारा दिए गए बयान को लेकर सवाल उठाया गया है।1