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रांची पुलिस के कथित तानाशाही रवैये पर कड़ा एतराज़ जताया गया है। यह साफ तौर पर कहा गया है कि पुलिस का यह तानाशाही व्यवहार स्वीकार्य नहीं होगा। इसके साथ ही, इस बात पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है कि यहाँ आम जनता की कोई कीमत नहीं समझी जाती है।
Yuva team jharkhand
रांची पुलिस के कथित तानाशाही रवैये पर कड़ा एतराज़ जताया गया है। यह साफ तौर पर कहा गया है कि पुलिस का यह तानाशाही व्यवहार स्वीकार्य नहीं होगा। इसके साथ ही, इस बात पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है कि यहाँ आम जनता की कोई कीमत नहीं समझी जाती है।
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- लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड अंतर्गत मुरपा पंचायत के जिपूवा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की लाभार्थी सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने लातेहार उपायुक्त को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि योजना की जारी सूची में कई वास्तविक जरूरतमंद और आवासहीन परिवारों को शामिल नहीं किया गया है, जबकि पूर्व में लाभ प्राप्त कर चुके या पहले से सूचीबद्ध लोगों के नाम दोबारा दर्ज कर दिए गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत सचिव महेश मुंडा ने लगभग 30 ग्रामीणों से ₹500-₹500 की राशि ली है। वहीं, बिचौलियों के तौर पर नामित बबलू यादव, उमेश प्रजापति और सत्येंद्र यादव पर भी किसी से ₹3000 तो किसी से ₹5000 तक वसूलने का आरोप है। ग्रामीण यह भी बताते हैं कि कई पात्र परिवार आज भी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं, बावजूद इसके कि वे सभी मानदंडों को पूरा करते हैं, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण संजू देवी ने बताया कि वर्ष 2025 में आवास योजना में नाम जोड़ने के नाम पर उनसे पैसे लिए गए थे, लेकिन आज तक उन्हें कोई लाभ नहीं मिला, और इस संबंध में पंचायत सेवक फंड नहीं होने की बात कहते हैं। इस गंभीर आरोप के मद्देनजर, ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची का फिर से सत्यापन करने, वास्तविक पात्र और जरूरतमंद परिवारों को शामिल करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। आवेदन सौंपने वाले ग्रामीणों में वीरेंद्र यादव, विनोद यादव, गोपाल यादव, लालू यादव, प्रकाश गंजू, धनंजय गंजू, जगन्नाथ यादव, बंधन साव, महेंद्र यादव, संजू देवी, शांति देवी, ललिता देवी, गीता देवी, सुमन देवी, सुगिया देवी, जसोईया देवी और प्रतिमा देवी सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।1
- झारखंड के डोमाखार गांव के ग्रामीण लंबे समय से बिजली की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में बिजली के खंभे, तार और ट्रांसफार्मर तो स्थापित हैं, लेकिन उन्हें कभी भी नियमित रूप से बिजली नहीं मिली है। इसके बावजूद, बिजली विभाग के कर्मचारी उनसे बिजली के बिल की मांग करते हैं, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। शाम होते ही पूरे आदिम जनजाति बहुल डोमाखार गांव में अंधेरा छा जाता है, और रोशनी के लिए ग्रामीण केवल सोलर लाइट पर निर्भर रहते हैं।1
- नामुदाग स्थित कुदुश टी स्टाल के समीप सड़क के बीचों-बीच एक विशाल महुआ का पेड़ अचानक गिर गया। इस घटना के कारण सड़क पर आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही मनिका पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरे हुए पेड़ को तत्काल सड़क से हटवा दिया, जिसके बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।1
- लातेहार में किसान सभा और माकपा कार्यकर्ताओं ने टोरी-चंदवा में फ्लाई ओवरब्रिज के निर्माण कार्य को तुरंत शुरू करने की मांग को लेकर उदयपुरा से जिला उपायुक्त कार्यालय तक चिलचिलाती धूप में एक पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा का नेतृत्व माकपा के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, राज्य समिति सदस्य अयुब खान और जिला सचिव रसीद मियां ने किया। अपनी पीड़ा से मुक्ति पाने और टोरी रेलवे क्रॉसिंग पर लगातार लगने वाले जाम से निजात नहीं मिलने पर किसानों ने सामूहिक इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की है। पदयात्रा के दौरान किसानों और माकपा कार्यकर्ताओं के हाथों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी की तस्वीरें तथा पार्टी के झंडे थे। पोस्टरों पर स्पष्ट नारे लिखे थे कि इन 'माननीय' मंत्रियों द्वारा 03 अप्रैल 2021 को टोरी आरओबी का शिलान्यास करने के पांच साल बाद भी कार्य शुरू कराने में असफलता दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने टोरी-चंदवा NH 99 NEW 22 पर स्थित टोरी रेलवे क्रॉसिंग के जाम से मुक्ति के लिए तुरंत फ्लाई ओवरब्रिज निर्माण कार्य शुरू करने और अन्यथा किसानों को इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की। उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर यह पदयात्रा एक सभा में बदल गई, जिसकी अध्यक्षता जिला सचिव रसीद मियां ने की। सभा को संबोधित करते हुए राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम को पलामू प्रमंडल की आम जनता की बड़ी समस्या बताया, जिससे लोग घंटों फंसे रहते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बीमार नागरिकों, महिलाओं और पुरुषों को जाम में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और ग्रामीण असमय अपनी जान गंवा रहे हैं। विप्लव ने कहा कि शिलान्यास के पांच साल बाद भी कार्य शुरू न होना दुर्भाग्यपूर्ण है और जाम से निजात पाने के लिए किसानों को इच्छा मृत्यु की मांग करनी पड़ रही है। अयुब खान और रसीद मियां ने भी कहा कि यदि जाम से मुक्ति नहीं मिल सकती तो इच्छा मृत्यु दे दी जाए। बाद में, माकपा के शिष्टमंडल, जिसमें प्रकाश विप्लव, अयुब खान और रसीद मियां शामिल थे, ने उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी संदीप कुमार से मुलाकात कर किसानों के हस्ताक्षरित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम की समस्या से किसान अत्यधिक पीड़ित हैं और यह समस्या अब 'ला-इलाज' हो चुकी है। ज्ञापन के अनुसार, इस जनहित से जुड़े मामले पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग लापरवाही बरत रहे हैं। किसानों ने इस दर्द और समस्या से मुक्ति के लिए इच्छा मृत्यु देने का अनुरोध दोहराया। इस पदयात्रा और विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों महिला-पुरुष किसान शामिल थे।1
- लातेहार के चंदवा में आयोजित भाजपा कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में, पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता रघुवर दास ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस अवसर पर लातेहार विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रकाश राम भी उपस्थित रहे। रघुवर दास ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश द्वारा विकास, सुशासन और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में की गई उल्लेखनीय प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे गांव-गांव और घर-घर जाकर केंद्र सरकार की इन उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी आम जनता तक पहुंचाएं। विधायक प्रकाश राम ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही संगठन और जनप्रतिनिधियों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच सक्रिय रहकर उनकी समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का भी आह्वान किया। इस संवाद कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान निधि और जल जीवन मिशन सहित केंद्र सरकार की विभिन्न प्रमुख योजनाओं की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, सदस्यता अभियान को गति देने तथा आगामी कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक आयोजित करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा संगठन को और सशक्त बनाने का संकल्प लिया।1
- एक गांव में सरकारी योजनाएं आज तक नहीं पहुंच पाई हैं। इस गांव में अभी तक बिजली, पानी और सड़क जैसी कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। ग्रामीण आज भी रात के समय उजाले के लिए लकड़ियां जलाकर काम चलाते हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर क्यों ऐसे गांवों तक सरकार की योजनाएं नहीं पहुंच पा रही हैं।1
- चतरा जिला प्रवक्ता बिजली कुमार महतो ने टंडवा क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन के मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की है। उनका कहना है कि वे अवैध खनन को रोकने की विचारधारा को समझते हैं। महतो जनता से जुड़ी समस्याओं को जानकर उन्हें निर्धारित करने का काम करते हैं।1
- सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़ में लोग कानून और मर्यादा की सीमाएं भूलते जा रहे हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला बालूमाथ थाना परिसर से सामने आया है, जहाँ एक युवक ने थाने के अंदर भोजपुरी गानों पर रील बनाकर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपलोड की है। इन वीडियो में युवक खुद को प्रभावशाली और दबंग दिखाने की कोशिश कर रहा है, जिससे सोशल मीडिया पर 'भौकाल' झाड़ने का प्रयास किया गया। यह हैरान करने वाली बात है कि एक संवेदनशील थाना परिसर को ही ‘रील स्टूडियो’ बना दिया गया और बिना अनुमति के वीडियो रिकॉर्ड कर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। इस तरह की हरकतों से यह बड़ा सवाल उठता है कि क्या पुलिस परिसर में वीडियो बनाना कानून व्यवस्था का मज़ाक नहीं है और ऐसे ‘रीलबाजों’ पर कब कार्रवाई होगी? विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया की इस अंधी दौड़ में युवा भटक रहे हैं, और ऐसे मामलों में प्रशासन के साथ-साथ अभिभावकों की भी जिम्मेदारी बढ़ जाती है। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने और कानून का सम्मान बनाए रखने की अपील की है, साथ ही यह संकेत भी दिए हैं कि ऐसे मामलों में कार्रवाई होने पर अन्य ‘रीलबाजों’ में भी हड़कंप मच सकता है। फिलहाल, सभी की नज़र इस बात पर टिकी है कि बालूमाथ पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि रील का यह ‘भौकाल’ कानूनी शिकंजे में आएगा या यूँ ही चलता रहेगा, क्योंकि इस तरह की हरकतें न सिर्फ पुलिस की छवि को धूमिल करती हैं, बल्कि समाज में भी गलत संदेश देती हैं।1