जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालयों व स्वास्थ्य केंद्र का किया औचक निरीक्षण *विद्यालयों में बेहतर पढ़ाई और अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण इलाज करें सुनिश्चित: डीएम* *देवरिया, 07 अगस्त।* जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सदर विकास खंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय कतरारी एवं मझगांवा तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मझगांवा का औचक निरीक्षण कर शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में सुधार लाने तथा शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पठन-पाठन की गुणवत्ता, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, स्वच्छता एवं उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया तथा छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनसे पुस्तक पढ़वाई और उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता का परीक्षण किया। बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने एवं पूरी लगन के साथ अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करें, विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति पर विशेष ध्यान दें तथा नियमित रूप से अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) आयोजित कर अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करें। साथ ही अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें योग्य एवं संस्कारित नागरिक बनाना शिक्षकों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मझगांवा का निरीक्षण कर चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई तथा मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी समय से उपस्थित रहकर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराएं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अभिलेखों का परीक्षण किया तथा एमसीपी (मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन) कार्ड का अवलोकन किया। उन्होंने एक महिला का वजन भी कराया और निर्देश दिया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा सभी लाभार्थियों को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालयों व स्वास्थ्य केंद्र का किया औचक निरीक्षण *विद्यालयों में बेहतर पढ़ाई और अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण इलाज करें सुनिश्चित: डीएम* *देवरिया, 07 अगस्त।* जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सदर विकास खंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय कतरारी एवं मझगांवा तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मझगांवा का औचक निरीक्षण कर शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में सुधार लाने तथा शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पठन-पाठन की गुणवत्ता, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, स्वच्छता एवं उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया तथा छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनसे पुस्तक पढ़वाई और उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता का परीक्षण किया। बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने एवं पूरी लगन के साथ अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करें, विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति पर विशेष ध्यान दें तथा नियमित रूप से अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) आयोजित कर अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करें। साथ ही अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें योग्य एवं संस्कारित नागरिक बनाना शिक्षकों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मझगांवा का निरीक्षण कर चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई तथा मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी समय से उपस्थित रहकर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराएं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अभिलेखों का परीक्षण किया तथा एमसीपी (मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन) कार्ड का अवलोकन किया। उन्होंने एक महिला का वजन भी कराया और निर्देश दिया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा सभी लाभार्थियों को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- आंगनबाड़ी भर्ती में ST आरक्षण नहीं मिलने पर विरोध, विज्ञप्ति संशोधन की मांग सलग्न..आंगनबाड़ी भर्ती में ST आरक्षण नहीं मिलने पर विरोध, विज्ञप्ति संशोधन की मांग एंकर..कुशीनगर। जनपद कुशीनगर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती भर्ती 2026-27 की जारी विज्ञप्ति में अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए एक भी पद आरक्षित न किए जाने पर विरोध शुरू हो गया है। समाजसेवी अमरनाथ गोंड ने जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना एवं पुष्टाहार विभाग को ज्ञापन सौंपकर विज्ञप्ति में संशोधन की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि 29 जुलाई 2026 को जारी भर्ती विज्ञप्ति के अनुसार कुल 245 रिक्त पदों में 59 पद अनुसूचित जाति (SC), 65 पद अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) तथा 121 पद अनारक्षित (UR) श्रेणी के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए एक भी पद आरक्षित नहीं किया गया है। अमरनाथ गोंड ने आरोप लगाया है कि यह व्यवस्था संविधान के अनुच्छेद 16(4) तथा उत्तर प्रदेश सरकार की आरक्षण व्यवस्था की भावना के विपरीत है। उनका कहना है कि कुशीनगर जनपद में अनुसूचित जनजाति समाज के लोग निवास करते हैं और उन्हें भी सरकारी भर्ती में नियमानुसार समान अवसर एवं आरक्षण मिलना चाहिए। ज्ञापन में मांग की गई है कि वर्तमान विज्ञप्ति को तत्काल स्थगित कर आरक्षण रोस्टर के अनुसार संशोधित विज्ञप्ति जारी की जाए तथा उसे विभागीय पोर्टल पर अपलोड किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर विज्ञप्ति में संशोधन कर ST वर्ग के लिए आरक्षण लागू नहीं किया गया, तो समाज के लोग एवं जनप्रतिनिधि जिलाधिकारी कार्यालय, कुशीनगर पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी कुशीनगर, निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, उत्तर प्रदेश तथा जनपद के सांसद एवं विधायकों को भी भेजी गई है।2
- JPSC peper ko CBI जांच के लिए सरकार से न्याय की मांग कर रही है महिला #jharkhandnews #shorts #news JPSC peper ko CBI जांच के लिए सरकार से न्याय की मांग कर रही है महिला #jharkhandnews #shorts #news1
- राजभवन में गूंजा कुशीनगर का नाम, राज्यपाल ने किया सम्मान1
- शासन-प्रशासन की बड़ी लापरवाही: कुशीनगर में कभी भी हो सकता है बड़ा 'सड़क हादसा सुकरौली (कुशीनगर)।जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की घोर संवेदनहीनता के कारण सुकरौली स्थित नेशनल हाईवे पर हर दिन हजारों छात्र-छात्राएं अपनी जान हथेली पर रखकर सड़क पार करने को मजबूर हैं। नेहरू इंटर कॉलेज, नेशनल इंटरमीडिएट कॉलेज और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के मासूम बच्चे रोजाना तेज रफ्तार काल बनती गाड़ियों के बीच से गुजरते हैं। स्कूल खुलने और छुट्टी के समय यहाँ का नजारा किसी खौफनाक मंजर से कम नहीं होता। *दावों की खुली पोल: चुनावी वादे हवा-हवाई* स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों—चंद्रिका गुप्ता, भूपेंद्र कश्यप, राजेश गुप्ता, प्रेमशंकर यादव, अखिलेश कश्यप, सभासद संजीव यादव और अरुण कुमार ने तीखे लहजे में कहा कि क्षेत्र के सांसद विजय कुमार दुबे ने सार्वजनिक मंच से यहाँ 'मिनी अंडरपास' बनवाने का डंके की चोट पर आश्वासन दिया था। लेकिन चुनाव बीतते ही वह वादा ठंडे बस्ते में चला गया। धरातल पर निर्माण कार्य शुरू होना तो दूर, इसकी सुध लेने वाला भी कोई नहीं है। *'खून से सने' हाईवे पर कब जागेगा NHAI?* ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस ब्लैक स्पॉट पर पहले भी कई मासूम अपनी जान गंवा चुके हैं और दर्जनों अपंग हो चुके हैं। इसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और जिला प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। क्या अधिकारी किसी बड़े नरसंहार या बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद उनकी नींद टूटेगी? *उग्र आंदोलन की चेतावनी* अभिभावकों और स्थानीय जनता का धैर्य अब जवाब दे रहा है। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार को दोटूक चेतावनी दी है कि यदि नेहरू इंटर कॉलेज के सामने तुरंत मिनी अंडरपास या सुरक्षित ओवरब्रिज का निर्माण शुरू नहीं कराया गया, तो क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। देश का भविष्य कहे जाने वाले इन मासूमों की सुरक्षा से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस लापरवाही से होने वाले किसी भी हादसे की सीधी जिम्मेदारी NHAI और स्थानीय प्रशासन की होगी।1
- कुशीनगर। विधानसभा तमकुही राज में बहुजन समाज पार्टी की एक दिवसीय कार्यकर्ता समीक्षा बैठक शुक्रवार को किसान महाविद्यालय किसान हाल तमकुही रोड सेवरही में सम्पन्न हुआ। सर्व प्रथम बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया बहुजन समाज पार्टी की विचारधारा को गांव देहात शहर में आम आदमी को बताने की जरूरत है 2027 में बहन मायावती की सरकार उत्तर प्रदेश में बनाने की संकल्प लिया।इस दौरान मुख्य अतिथि घनश्याम खरवार अध्यक्षता सुरेशचंद्र भारती, विशिष्ट अतिथि असगर अली, रामनाथ चौहान, सुधीर त्यागी,वेद प्रकाश,रामधयान प्रसाद, नित्यानंद,जिला अध्यक्ष कुशीनगर विद्यासागर, वरिष्ठ नेता अमरजीत प्रसाद, विश्वनाथ प्रताप उर्फ मंत्री जी मैनेजर भारती, विधानसभा अध्यक्ष तमकुही राज शिवमंगल गौतम, भंते अमरजीत भारती, सुदर्शन प्रसाद, घनश्याम भारती, लल्लन प्रसाद, युवा नेता हरेंद्र भारती,हजारों की संख्या भी कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालयों व स्वास्थ्य केंद्र का किया औचक निरीक्षण *विद्यालयों में बेहतर पढ़ाई और अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण इलाज करें सुनिश्चित: डीएम* *देवरिया, 07 अगस्त।* जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सदर विकास खंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय कतरारी एवं मझगांवा तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मझगांवा का औचक निरीक्षण कर शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में सुधार लाने तथा शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पठन-पाठन की गुणवत्ता, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, स्वच्छता एवं उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया तथा छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनसे पुस्तक पढ़वाई और उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता का परीक्षण किया। बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने एवं पूरी लगन के साथ अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करें, विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति पर विशेष ध्यान दें तथा नियमित रूप से अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) आयोजित कर अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करें। साथ ही अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें योग्य एवं संस्कारित नागरिक बनाना शिक्षकों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मझगांवा का निरीक्षण कर चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई तथा मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी समय से उपस्थित रहकर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराएं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अभिलेखों का परीक्षण किया तथा एमसीपी (मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन) कार्ड का अवलोकन किया। उन्होंने एक महिला का वजन भी कराया और निर्देश दिया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा सभी लाभार्थियों को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।1