**लौरिया में LPG वितरकों की बैठक, प्रशासनिक रवैये और गैस आपूर्ति व्यवस्था पर उठाए सवाल** पश्चिम चम्पारण के लौरिया में एक निजी प्रतिष्ठान में एलपीजी गैस वितरकों और डिलीवरी मैन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गैस आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं और प्रशासनिक रवैये को लेकर गहरी चिंता जताई गई। बैठक के दौरान वितरकों और डिलीवरी कर्मियों ने बताया कि वे ऐसे दौर से गुजर रहे हैं, जहां मेहनत और ईमानदारी के बावजूद उन्हें संतोषजनक सहयोग नहीं मिल रहा है। प्रेस वार्ता में, नाम उजागर न करने की शर्त पर उन्होंने कहा कि उनकी वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में गैस बुकिंग की अवधि **45 दिन** और शहरी क्षेत्रों में **25 दिन** निर्धारित है, जो समाज में असमानता पैदा कर रही है। एक तरफ लोग लंबी प्रतीक्षा और मजबूरी झेल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ को अपेक्षाकृत जल्दी सेवा मिल रही है। इसका सीधा असर वितरकों पर पड़ रहा है। लौरिया में कुल तीन गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनमें दो **Indian Oil** और एक **Hindustan Petroleum** की है। वितरकों का कहना है कि वे सुबह 7 से 10 बजे तक लोगों की रसोई जलाने के लिए संघर्ष करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कई बार आरोपों और अपमान का सामना करना पड़ता है। वितरकों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से लगातार प्राथमिकी दर्ज करने की चेतावनी दी जा रही है, जिससे उनका मनोबल टूट रहा है और सेवा देने की क्षमता प्रभावित हो रही है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अवैध कार्य करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए और ऐसे मामलों में वे प्रशासन का पूरा सहयोग करने को तैयार हैं। उनका मुख्य उद्देश्य है कि व्यवस्था में सुधार हो और उन्हें सम्मान के साथ काम करने का अवसर मिले।
**लौरिया में LPG वितरकों की बैठक, प्रशासनिक रवैये और गैस आपूर्ति व्यवस्था पर उठाए सवाल** पश्चिम चम्पारण के लौरिया में एक निजी प्रतिष्ठान में एलपीजी गैस वितरकों और डिलीवरी मैन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गैस आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं और प्रशासनिक रवैये को लेकर गहरी चिंता जताई गई। बैठक के दौरान वितरकों और डिलीवरी कर्मियों ने बताया कि वे ऐसे दौर से गुजर रहे हैं, जहां मेहनत और ईमानदारी के बावजूद उन्हें संतोषजनक सहयोग नहीं मिल रहा है। प्रेस वार्ता में, नाम उजागर न करने की शर्त पर उन्होंने कहा कि उनकी वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में गैस बुकिंग की अवधि **45 दिन** और शहरी क्षेत्रों में **25 दिन** निर्धारित है, जो समाज में असमानता पैदा कर रही है। एक तरफ लोग लंबी प्रतीक्षा और मजबूरी झेल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ को अपेक्षाकृत जल्दी सेवा मिल रही है। इसका सीधा असर वितरकों पर पड़ रहा है। लौरिया में कुल तीन गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनमें दो **Indian Oil** और एक **Hindustan Petroleum** की है। वितरकों का कहना है कि वे सुबह 7 से 10 बजे तक लोगों की रसोई जलाने के लिए संघर्ष करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कई बार आरोपों और अपमान का सामना करना पड़ता है। वितरकों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से लगातार प्राथमिकी दर्ज करने की चेतावनी दी जा रही है, जिससे उनका मनोबल टूट रहा है और सेवा देने की क्षमता प्रभावित हो रही है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अवैध कार्य करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए और ऐसे मामलों में वे प्रशासन का पूरा सहयोग करने को तैयार हैं। उनका मुख्य उद्देश्य है कि व्यवस्था में सुधार हो और उन्हें सम्मान के साथ काम करने का अवसर मिले।
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- सिलेंडर लीकेज से मचा हड़कंप, आग में घर खाक; पांच लोग झुलसे बैरिया अंचल क्षेत्र के उत्तरी पटजिरवा पंचायत के वार्ड संख्या 2 में गुरुवार को दोपहर करीब तीन बजे गैस सिलेंडर लीकेज से भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। बताया जाता है कि ईदु मियां के घर में खाना बनाने के दौरान अचानक सिलेंडर से गैस रिसाव हुआ और देखते ही देखते आग भड़क उठी। कुछ ही पलों में आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे घर में रखा नगद, आभूषण, अनाज, कपड़ा और बर्तन समेत सभी सामान जलकर राख हो गया। घटना में लाखों रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। हादसे में डोमा मियां, नसीब मियां, आयशा खातून, शहनाज हवारी और अहिल गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को तत्काल जीएमसी बेतिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सूचना पर दमकल टीम पहुंची और आग बुझाई, लेकिन देर शाम तक कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।1
- पश्चिम चंपारण जिले के प्रसिद्ध सहोदरा मेला से चोरी की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने बड़ी चालाकी से दुकानदार को निशाना बनाते हुए गल्ले से नकदी उड़ा ली। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक पहले से ही दुकान की रेकी कर रहा था और मौके की तलाश में था। जैसे ही दुकानदार किसी काम से कुछ देर के लिए दुकान से बाहर गया, युवक ने तुरंत मौका भांपा और गल्ले में रखी नकदी लेकर फरार हो गया। पूरी घटना पास लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें आरोपी की हर हरकत साफ देखी जा सकती है। घटना के बाद मेला परिसर में हड़कंप मच गया। दुकानदार ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुट गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेला में भीड़ का फायदा उठाकर इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे व्यापारियों में डर का माहौल है। पुलिस ने जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है और मेला क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।1
- खुले में मांस-मछली की बिक्री की रोक को लेकर नगर प्रशासन ने चलाया जांच अभियान,दुकानदारों का दिया गया नोटिस। कहा गया विभागीय नियम का पालन नही करने पर होगी कार्रवाई।1
- डिजिटल बोर्ड पर भी इतना कम फीस में पढ़ने का मौका न छोड़े 🤔 #reelsviralシ #viralreel #trendingreel #digitalboard #smartboard #rahulsirpcb1
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- नए कुमारबाग थाना भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन, एसपी डॉ. सौर्य सुमन ने रखी आधारशिला बेतिया जिले के कुमारबाग थाना क्षेत्र अंतर्गत लखौरा पंचायत के विशुनपुर मदाकर (शेरा) गांव में गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे नए कुमारबाग थाना भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर बेतिया पुलिस अधीक्षक डॉ. सौर्य सुमन ने विधिवत भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि नए थाना भवन के निर्माण से क्षेत्र की पुलिस व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा आम जनता को बेहतर सुरक्षा और सुविधाएं मिल सकेंगी। भूमि पूजन समारोह में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-1 विवेक दीप बेतिया, पर्यवेक्षी पदाधिकारी सदर अंचल बेतिया, कुमारबाग थानाध्यक्ष सहित कई पुलिस पदाधिकारी एवं जवान मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण भी किया और भवन निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूरा कराने पर बल दिया। भूमि पूजन के बाद स्थानीय लोगों ने नए थाना भवन निर्माण को लेकर प्रसन्नता जताई।1
- पश्चिमी चंपारण जिले के नरकटियागंज अनुमंडल अंतर्गत शिकारपुर पंचायत से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पंचायत के मुखिया राहुल जायसवाल द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 69, 71, 213 और 216 बंद पाए गए, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सरकार जहां एक ओर बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आंगनबाड़ी योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर इन योजनाओं की स्थिति काफी खराब नजर आ रही है। बंद पड़े केंद्र इस बात की गवाही दे रहे हैं कि लाभार्थियों तक योजनाओं का समुचित लाभ नहीं पहुंच रहा। मुखिया राहुल जायसवाल ने बताया कि इस गंभीर लापरवाही की शिकायत कई बार बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं और संभावित मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। इसी को लेकर मुखिया अपने वार्ड पार्षदों के साथ सीडीपीओ कार्यालय, बीडीओ कार्यालय और अनुमंडल कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने लिखित ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। मुखिया ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा, “जब केंद्र बंद मिल रहे हैं, तो अब तक लाभार्थियों को किस आधार पर लाभ दिया जा रहा है? क्या सारा काम सिर्फ कागजों पर ही चल रहा है? अगर ऐसा है, तो इसके पीछे किसका संरक्षण है?” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो पंचायत की जनता के साथ मिलकर सड़क जाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा। यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि निगरानी के अभाव में सरकारी योजनाएं किस तरह प्रभावित हो रही हैं। अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि वह इस गंभीर मुद्दे को कितनी प्राथमिकता देता है।1