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सैंज क़े तरेहड़ा में खत्म हुआ सालों का इंतजार: वैली ब्रिज का लोक निर्माण मंत्री विक्रमदित्य ने किया शिलान्यास, देखें वीडियो। रिपोर्ट -बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज बंजार घाटी के लिए मुख्य घोषणाएं व बजट: • PMGSY-4 के तहत 20 नई सड़कें : ₹150 करोड़ • टारिंग, डंगे व पैचवर्क कार्य : ₹53 करोड़ • पार्किंग निर्माण (बंजार) : ₹6 करोड़ • सुचेहण-शांगड़ सड़क सुधारीकरण : ₹1.12 करोड़ • तरहेड़ा वैली ब्रिज : ₹1.96 करोड़
Budhi Singh Thakur
सैंज क़े तरेहड़ा में खत्म हुआ सालों का इंतजार: वैली ब्रिज का लोक निर्माण मंत्री विक्रमदित्य ने किया शिलान्यास, देखें वीडियो। रिपोर्ट -बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज बंजार घाटी के लिए मुख्य घोषणाएं व बजट: • PMGSY-4 के तहत 20 नई सड़कें : ₹150 करोड़ • टारिंग, डंगे व पैचवर्क कार्य : ₹53 करोड़ • पार्किंग निर्माण (बंजार) : ₹6 करोड़ • सुचेहण-शांगड़ सड़क सुधारीकरण : ₹1.12 करोड़ • तरहेड़ा वैली ब्रिज : ₹1.96 करोड़
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- नगर पंचायत स्वारघाट में शामिल गांवों की समस्याओं को लेकर उपायुक्त से मिले ग्रामीण, विधायक रणधीर शर्मा ने उठाई समाधान की मांग बिलासपुर। नगर पंचायत स्वारघाट में शामिल किए गए गांवों की समस्याओं को लेकर स्थानीय लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल विधायक रणधीर शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को बिलासपुर के उपायुक्त राहुल कुमार से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि तहसील श्री नैना देवी जी के गांव काथला, पंगा, समलेटू, थापना, मंझेड़, जब्बल, क्यारियां, कुटैहला, दभेटा और धार भरथा को नगर पंचायत स्वारघाट में शामिल किए जाने के बाद लोगों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि आय प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, हिमाचली प्रमाण पत्र तथा जाति प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज बनवाने में लोगों को भारी दिक्कतें आ रही हैं। इसके अलावा नगर पंचायत में शामिल होने के बाद क्षेत्र में विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। मनरेगा, वित्त आयोग तथा विधायक क्षेत्र विकास निधि के तहत होने वाले विकास कार्य भी ठप पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को बताया कि हाल ही में आई आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों, संपर्क मार्गों तथा प्रभावित मकानों के डंगों की मरम्मत भी नहीं हो पा रही है। इससे लोगों को रोजमर्रा के कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक रणधीर शर्मा ने उपायुक्त राहुल कुमार से इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो लोगों में रोष और बढ़ेगा। ग्रामीणों ने कहा कि वे शुरू से ही नगर पंचायत स्वारघाट के गठन का विरोध करते रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनकी आपत्तियों के बावजूद इसका गठन किया। अब नगर पंचायत बनने के बाद उत्पन्न समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए, अन्यथा क्षेत्र की जनता आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। बाइट: नैना देवी विधायक रणधीर शर्मा1
- बरसात के सीजन में वन विभाग जंगलों में लगाएगी सवा लाख प्लांट्स, मुरझाए पौधों को भी किया जाएगा, रिप्लेस, स्कूलों में भी बच्चों की देखरेख में लगाए जाएंगे पौधे हमीरपुर बरसात के इस सीजन में वन विभाग जिला भर के जंगलों में इस बार करीब सवा लाख पेड़ लगाएगा प्लांटेशन का काम सभी वन सर्किलों में शुरू हो गया है। नई प्लांटेशन के साथ-साथ पिछले साल बरसात के सीजन में जिन पौधों को लगाया गया था अगर वह मुरझा गए हैं तो उन्हें भी इस सीजन में रिप्लेस करने का काम पूरा किया जाएगा। जंगलों में चौड़ी पत्ती के प्लांट लगाए जाएंगे इसके अलावा विभाग की लोकल नर्सरींयों में तैयार आबाला, हरडा नीम, तूनी के पौधे लगाए जाएंगे। प्लांटेशन के इस काम में महिला मंडल युवक मंडल के अलावा स्कूलों को भी जोड़ा जाएगा बच्चों की देखरेख में पौधे लगाने का काम किया जाएगा ताकि पर्यावरण का संदेश देकर इसके संरक्षण के लिए काम किया जा सके। डीएफओ अंकित कुमार सिंह ने बताया कि बरसात के इस सीजन में एक लाख से ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे जहां पिछली प्लांटेशन के पौधे बुझ गए होंगे उन्हें भी बदलने का काम किया जाएगा । उन्होंने बताया कि वन विभाग महिला मंडलो, स्कूली छात्रों, कॉलेज व अन्य विभागों के साथ मिलकर पौधरोपण का काम कर रही है । बाइट अंकित कुमार सिंह डीएफओ हमीरपुर1
- AI से बदलेगी हिमाचल के जंगलों की किस्मत, ₹22,600 करोड़ की हरित अर्थव्यवस्था का दावा हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान अपेक्षाकृत कम बारिश के बावजूद अब तक करीब 1 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। सबसे अधिक प्रभावित जिले कांगड़ा, लाहौल और पांगी रहे हैं। इस बीच राज्य सरकार ने लोगों तक समय रहते मौसम और आपदा संबंधी जानकारी पहुंचाने के लिए ‘आपदा रक्षक’ मोबाइल ऐप भी शुरू किया है, जिससे रीयल-टाइम अलर्ट और एडवाइजरी उपलब्ध कराई जा रही है। पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक एवं विशेष सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि मानसून सीजन में कम बारिश होने के बावजूद प्रदेश को अब तक करीब 1 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा, लाहौल और पांगी में सबसे अधिक क्षति दर्ज की गई है। प्रदेश में करीब 130 सड़कें बंद हैं, जिन्हें बहाल करने का कार्य लगातार जारी है। डॉ. पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि राज्यभर में ‘आपदा रक्षक’ मोबाइल ऐप के माध्यम से मौसम के पूर्वानुमान, प्रारंभिक चेतावनी संदेश, आपदा अलर्ट और सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी की रीयल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि शिमला स्थित कंट्रोल सेंटर में कोई भी व्यक्ति अपने आसपास हो रही आपदा की जानकारी भेज सकता है। यह ऐप राज्य का कोई भी व्यक्ति डाउनलोड कर सकता है और समय पर मिलने वाली जानकारी से आपदा के दौरान सतर्क रह सकता है। हिमाचल प्रदेश सरकार का कहना है कि ‘आपदा रक्षक’ ऐप के जरिए लोगों तक समय पर चेतावनी और जरूरी जानकारी पहुंचाकर आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि बंद सड़कों को भी तेजी से बहाल किया जा रहा है। रियल-टाइम एआई और सैटेलाइट मैपिंग के जरिए जंगलों की लगातार निगरानी संभव होगी। इससे जंगल की आग जैसी पारिस्थितिक आपदाओं से बचाव, वैश्विक जलवायु वित्त तक पहुंच और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि चीड़ की सूखी सुइयों जैसे आग के खतरे को बहु-करोड़ रुपये के औद्योगिक संसाधन में बदलना इस मॉडल का प्रमुख उदाहरण है, जहां आपदा प्रबंधन और आर्थिक विकास साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं। बाइट—1— डॉ. पुष्पेंद्र राणा, निदेशक, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग बाइट—2- सुरेश अत्री, चीफ साइंटिफिक ऑफिसर, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग बाइट—3- रिसर्च स्कॉलर, आईआईटी मंडी4
- बरवाला में ब्लैक फिल्म व बिना वैध दस्तावेजों के दौड़ रही 2 प्राइवेट बसों के डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह की मौजदूगी में 43 हजार के चालान, दोनों बसें इंपाउंड बरवाला में ब्लैक फिल्म व बिना वैध दस्तावेजों के दौड़ रही 2 प्राइवेट बसों के डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह की मौजदूगी में 43 हजार के चालान, दोनों बसें इंपाउंड पंचकूला/ 27 जुलाई:- पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के नेतृत्व में पंचकूला पुलिस जिले में यातायात नियमों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने और सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए लगातार विशेष अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। इसी क्रम में आज बरवाला क्षेत्र में डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह स्वयं निरीक्षण के लिए पहुंचे और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान दो प्राइवेट बसों की गहन जांच की गई। जांच में दोनों बसों के पास आवश्यक एवं वैध दस्तावेज नहीं पाए गए। इसके अलावा एक बस पर अवैध रूप से ब्लैक फिल्म लगी हुई थी तथा वह अन्य यातायात नियमों का भी उल्लंघन कर रही थी। इस बस का विभिन्न नियमों के उल्लंघन के चलते 26 हजार का चालान किया गया। वहीं दूसरी प्राइवेट बस भी बिना वैध दस्तावेजों के संचालित होती मिली, जिसके विरुद्ध 17 हजार का चालान किया गया। इस प्रकार दोनों बसों पर कुल 43 हजार का चालान किया गया तथा दोनों वाहनों को यातायात नियमों के गंभीर उल्लंघन के चलते इंपाउंड कर दिया गया। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। बिना वैध दस्तावेज, ब्लैक फिल्म, ओवरलोडिंग अथवा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने सभी वाहन चालकों से अपील की कि वे अपने वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें तथा यातायात नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें।1
- बरसात के सीजन में वन विभाग जंगलों में लगाएगी सवा लाख प्लांट्स, मुरझाए पौधों को भी किया जाएगा, रिप्लेस, स्कूलों में भी बच्चों की देखरेख में लगाए जाएंगे पौधे हमीरपुर बरसात के इस सीजन में वन विभाग जिला भर के जंगलों में इस बार करीब सवा लाख पेड़ लगाएगा प्लांटेशन का काम सभी वन सर्किलों में शुरू हो गया है। नई प्लांटेशन के साथ-साथ पिछले साल बरसात के सीजन में जिन पौधों को लगाया गया था अगर वह मुरझा गए हैं तो उन्हें भी इस सीजन में रिप्लेस करने का काम पूरा किया जाएगा। जंगलों में चौड़ी पत्ती के प्लांट लगाए जाएंगे इसके अलावा विभाग की लोकल नर्सरींयों में तैयार आबाला, हरडा नीम, तूनी के पौधे लगाए जाएंगे। प्लांटेशन के इस काम में महिला मंडल युवक मंडल के अलावा स्कूलों को भी जोड़ा जाएगा बच्चों की देखरेख में पौधे लगाने का काम किया जाएगा ताकि पर्यावरण का संदेश देकर इसके संरक्षण के लिए काम किया जा सके। डीएफओ अंकित कुमार सिंह ने बताया कि बरसात के इस सीजन में एक लाख से ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे जहां पिछली प्लांटेशन के पौधे बुझ गए होंगे उन्हें भी बदलने का काम किया जाएगा । उन्होंने बताया कि वन विभाग महिला मंडलो, स्कूली छात्रों, कॉलेज व अन्य विभागों के साथ मिलकर पौधरोपण का काम कर रही है । बाइट अंकित कुमार सिंह डीएफओ हमीरपुर1
- हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई तक भारी बारिश का खतरा, कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 28 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 30 और 31 जुलाई को कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और मौसम की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। वीओ,,,मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहा। सोलन जिले के कंडाघाट में करीब 100 मिलीमीटर, बिलासपुर के काहू में 40 मिलीमीटर, शिमला शहर में 16 मिलीमीटर, कुफरी में 15 मिलीमीटर और कुल्लू जिले के कोठी में करीब 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सिरमौर सहित कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड हुई। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई से 1 अगस्त तक पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा और अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 27 जुलाई को सोलन और सिरमौर जिले के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 28 जुलाई को बिलासपुर और सिरमौर, 29 जुलाई को सिरमौर, 30 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर, जबकि 31 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और शिमला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। संदीप कुमार शर्मा ने कहा कि बारिश की सबसे अधिक गतिविधि 29 जुलाई की देर रात से 31 जुलाई के बीच देखने को मिलेगी। इस दौरान प्रदेश के कई इलाकों में लगातार हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। फ्लैश फ्लड की संभावना पर उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं बनी है क्योंकि पिछले 24 घंटों में बारिश की तीव्रता अपेक्षाकृत कम रही है। लेकिन 28 जुलाई से शुरू होने वाले नए स्पेल के दौरान यदि परिस्थितियां बनती हैं तो मौसम विभाग समय-समय पर फ्लैश फ्लड बुलेटिन जारी करेगा। उन्होंने बताया कि जुलाई महीने में प्रदेश में कुल मिलाकर सामान्य के आसपास बारिश दर्ज की गई है। केवल हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और लाहौल-स्पीति में सामान्य से कम वर्षा हुई है, जबकि बाकी आठ जिलों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं 1 जून से 27 जुलाई तक पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से 7 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई है, जो मौसम विभाग के अनुसार अभी भी सामान्य श्रेणी में आती है। बाइट,,,संदीप शर्मा मौसम वैज्ञानिक, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला।1
- देश भक्ति हर किसी के अंदर होती हैं जरूरत है उसे बाहर निकालने की1
- उफनती खड्ड पार कर कंधों पर स्कूल पहुंचे मासूम हर बरसात में दोहराती है डबाली स्कूल की परेशानी, पुल न होने से बच्चों की जान जोखिम मे बरसात शुरू होते ही जिला ऊना के उपमंडल गगरेट की ग्राम पंचायत चतेहड़ स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल डबाली के बच्चों को एक बार फिर जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। मंगलवार को उफनती खड्ड के कारण अभिभावियों ने मासूम बच्चों को अपने कंधों पर बैठाकर खड्ड पार करवाई, तब वे स्कूल पहुंच सके। बारिश के दौरान स्कूल के साथ बहने वाली खड्ड उफान पर आ जाती है, जिससे बच्चों का स्कूल से संपर्क कट जाता है। अधिकांश विद्यार्थी गरीब एवं दिहाड़ी मजदूर परिवारों से हैं। ऐसे में अभिभावियों को अपनी दिहाड़ी छोड़कर बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक पुल या सुरक्षित पैदल मार्ग का निर्माण नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उधर, सेंटर हेड टीचर कुलदीप कंग ने बताया कि मामले की रिपोर्ट उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा को भेजी जाएगी, ताकि संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1