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चित्तौड़गढ़ जिले के विजयपुर रेंज स्थित दूधतलाई नर्सरी में वृक्षारोपण के लिए 2 से 5 फीट तक के गुणवत्तायुक्त और उत्कृष्ट पौधे उपलब्ध कराए गए हैं। वन विभाग की इस पहल के तहत आमजन और विभिन्न संस्थाओं से वृक्षारोपण अभियान में बढ़-चढ़कर जुड़ने और पौधे लगाने की अपील की गई है।
Hello Chittorgarh News
चित्तौड़गढ़ जिले के विजयपुर रेंज स्थित दूधतलाई नर्सरी में वृक्षारोपण के लिए 2 से 5 फीट तक के गुणवत्तायुक्त और उत्कृष्ट पौधे उपलब्ध कराए गए हैं। वन विभाग की इस पहल के तहत आमजन और विभिन्न संस्थाओं से वृक्षारोपण अभियान में बढ़-चढ़कर जुड़ने और पौधे लगाने की अपील की गई है।
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- कपासन में आयोजित तीन दिवसीय 85वें उर्स मेले के शुभारंभ समारोह के दौरान कव्वाली कार्यक्रम में भाजपा विधायक अर्जुनलाल जीनगर की कही गई एक कहावत ने क्षेत्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। मंच से विधायक ने कहा कि "तुर्कियों के बीच में आंधी झाड़ा आ जाता है।" इस कहावत का सामान्य अर्थ माना जाता है कि जब साधारण या छोटे लोगों के बीच अचानक कोई बहुत प्रभावशाली, ताकतवर या बड़े कद का व्यक्ति आ जाए, तो उसका प्रभाव सब पर भारी पड़ता है और बाकी लोग उसके सामने गौण हो जाते हैं। हालांकि, विधायक ने यह कहावत कहने के तुरंत बाद यह भी जोड़ा कि "ऐसा भी नहीं होना चाहिए।" कार्यक्रम समाप्त होने के बाद से ही चाय की थड़ियों से लेकर राजनीतिक बैठकों और सोशल मीडिया पर इस बयान के अलग-अलग अर्थ निकाले जा रहे हैं। विपक्षी खेमे में इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और सवाल उठ रहे हैं कि विधायक का इशारा किस ओर था तथा उनके अनुसार "छोटे" कौन थे और "बड़ा" किसे माना गया। वहीं विधायक समर्थकों का कहना है कि एक सामान्य कहावत को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग दिया जा रहा है और विधायक की मंशा जाने बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। फिलहाल विधायक जीनगर की ओर से इस टिप्पणी पर कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है और यह बयान पूरे क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा और अटकलों का केंद्र बना हुआ है।1
- चित्तौड़गढ़ में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में अपने 18 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कमलेश सोमानी ने भव्य समारोह की जगह समाज सेवा का मार्ग चुना है। अपनी इस 18 वर्षों की यात्रा को यादगार बनाने के लिए 'रक्तदान महादान' के संकल्प के साथ 26 जुलाई को एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।1
- साद सोंग कल्पना डीजे का नाम राजस्थान संस्कृत भाषा में भजन1
- मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश भारत के नियंत्रक एवं महालेखाकार (कैग) की रिपोर्ट में राज्य में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर अनियमितताओं की ओर ध्यान दिलाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार योजना निर्माण, कार्यान्वयन, वित्तीय प्रबंधन और निगरानी में कमियों के कारण 'हर घर जल' का लक्ष्य मार्च 2024 तक पूरा नहीं हो सका। विकेंद्रीकृत, मांग आधारित और बॉटम-अप योजना प्रक्रिया के अप्रभावी रहने से कई स्तरों पर विफलताएं सामने आई हैं। कैग रिपोर्ट में पेयजल गुणवत्ता की निगरानी में गंभीर चूक उजागर हुई है। ड्रिंकिंग वॉटर मॉनिटरिंग एंड सर्विलांस (डीडब्ल्यूएम एंड एस) के लिए निर्धारित 2.0 प्रतिशत निधि में से सरकार ने केवल 0.38 प्रतिशत राशि खर्च की, जबकि 1.62 प्रतिशत राशि निर्माण कार्यों में डायवर्ट कर दी गई। जिला और उप-मंडल स्तर की प्रयोगशालाओं में एनएबीएल मान्यता न होने के कारण ई. कोलाई और कुल कोलीफॉर्म जैसे मानकों की जांच नहीं हो सकी और अधिकांश स्थानों पर आंशिक परीक्षण ही हुए। सितंबर 2024 तक बहु-ग्राम योजनाओं में महज 27 प्रतिशत और एकल ग्राम योजनाओं में 58 प्रतिशत कार्य पूरे हो सके थे। त्रुटिपूर्ण लागत अनुमानों और कार्य में देरी के बावजूद ठेकेदारों से क्षतिपूर्ति की वसूली नहीं की गई, वहीं 28 जांचे गए स्थलों में से सात योजनाएं गैर-कार्यशील पाई गईं। इसके अलावा ई-जल शक्ति पोर्टल पर फर्जी आंकड़े दर्ज करने की बात भी सामने आई है। जिन गांवों में जलापूर्ति शुरू ही नहीं हुई थी, वहां भी परिवारों को लाभार्थी दर्शा दिया गया। प्रदेश में 11 लाख 94 हजार 63 निजी या स्वयं के स्रोत वाले नल कनेक्शनों को मिशन के तहत दिए गए एफएचटीसी के रूप में पोर्टल पर दर्ज किया गया। डैशबोर्ड पर गलत प्रविष्टियों और नियोजित व वास्तविक कनेक्शनों में बड़े अंतर के कारण मिशन की वास्तविक प्रगति का सही आकलन प्रभावित हुआ।2
- राजस्थान के भीलवाड़ा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वितीय की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए माणिक्य लाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय के संस्थापन अधिकारी शिव नुवाल को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने एक निजी फर्म का ठेका निरस्त न करने और उसे सुचारू रूप से जारी रखने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। पुलिस उपाधीक्षक नरपत सिंह ने गुरुवार रात करीब 8 बजे बताया कि परिवादी की फर्म का महाविद्यालय में मानव संसाधन और कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य सेवाओं का अनुबंध है। फर्म के करीब 7 लाख 76 हजार रुपये के दो महीने के बिल पास होने के बाद संस्थापन अधिकारी ने कमीशन के रूप में 50 हजार रुपये मांगे थे, जिसके बाद सौदा 40 हजार रुपये में तय हुआ। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने सिद्धिविनायक हॉस्पिटल के सामने जाल बिछाकर आरोपी को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल एसीबी मामले में आगे की पूछताछ और कार्रवाई कर रही है।1
- भीलवाड़ा के बागोर थाना क्षेत्र में हुए बांसड़ा कांड के दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आहत पीड़ित माधव लाल खारोल गुरुवार को एक बार फिर बागोर थाने पहुंचे। पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग दोहराई। उनका आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आरोपी पक्ष लगातार एफआईआर वापस लेने के लिए धमकियां दे रहा है और समझौते का दबाव बना रहा है, जिससे उनका पूरा परिवार लगातार डर और असुरक्षा के माहौल में रहने को मजबूर है। पीड़ित के मुताबिक, 4 मई 2026 को वे एक टेंपो में दो बैल लेकर बांसड़ा गांव से अपने गांव लौट रहे थे। रास्ते में कुछ लोगों ने उनका वाहन रुकवाकर पूछताछ की। बैलों के मालिक से फोन पर बात कराने के बावजूद विवाद बढ़ गया और रतनलाल गुर्जर, महेंद्र सिंह समेत 15 से 20 लोगों ने उन पर लोहे की पाइप, बेल्ट और लात-घूंसों से हमला कर दिया। मारपीट में गंभीर रूप से घायल होकर वे बेहोश हो गए। इसके बाद आरोपी उन्हें जबरन गाड़ी में डालकर सुनसान जंगल में ले गए, जहां दोबारा मारपीट की गई और उनका मोबाइल फोन व नकदी छीन ली गई। बाद में उन्हें मरणासन्न हालत में सड़क किनारे छोड़ दिया गया था, जहां ग्रामीणों ने मदद कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया। बागोर थाना अधिकारी ने पीड़ित को आश्वस्त किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है और जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस के इस आश्वासन के बाद पीड़ित ने जल्द न्याय मिलने की उम्मीद जताई है।1
- चित्तौड़गढ़ में कृषि विज्ञान केंद्र के बोजुन्दा फार्म पर 23 जुलाई को 'हरियालो राजस्थान: एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत वृहत स्तर पर पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के कुलगुरू के निर्देशानुसार बायो फेंसिंग को बढ़ावा देने और जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के उद्देश्य से फार्म की दीवार के किनारे 500 बांस और 100 करौंदे के पौधे लगाए गए। इस पौधारोपण अभियान में कृषि विज्ञान केंद्र के कर्मचारियों सहित गोगुंदा और बस्सी कृषि महाविद्यालय के रावे के 35 छात्रों ने अपना सहयोग दिया। कार्यक्रम के दौरान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. रतन लाल सोलंकी ने अपने संबोधन में कहा कि पेड़ हमारे परम मित्र हैं और जीवन के लिए अति आवश्यक हैं, क्योंकि ये शुद्ध हवा देने के साथ मिट्टी के कटाव और प्रदूषण को रोकते हैं। उन्होंने बताया कि कुलाधिपति के मार्गदर्शन में पर्यावरण संरक्षण के तहत प्रदेशभर में पौधे लगाए जा रहे हैं। वहीं, कार्यक्रम सहायक दीपा इंदौरिया ने अंधाधुंध कटाई के कारण हो रही ऑक्सीजन की कमी पर चिंता जताई और प्रकृति को सुरक्षित रखने के लिए पेड़ों की कटाई बंद कर अधिक से अधिक पौधे लगाने की प्रेरणा दी।1
- देश विरोधी और आतंकी सोच के लोगों का समर्थन करने वाले मेरी प्रोफाइल से बाहर निकल जाएं, क्योंकि यह NEET के स्टूडेंट नहीं हो सकते। आंदोलन को गुंडों ने पूरी तरह हाइजैक कर लिया है और ये उपद्रवी पत्रकारों के साथ मारपीट कर रहे हैं।1