विश्व दुग्ध दिवस की पूर्व संध्या पर अयोध्या के गुप्तार घाट पर पशु प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने डेयरी उद्योग में गायों और भैंसों के साथ होने वाली कथित क्रूरता के विषय में एक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान लोगों से पशुओं के प्रति अधिक संवेदनशील और दयालु बनने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित पशु प्रेमियों ने डेयरी उद्योग, पशु कल्याण और पर्यावरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि भारत विश्व के प्रमुख बीफ निर्यातकों में कैसे शामिल हुआ और इस उद्योग को पशु कहाँ से प्राप्त होते हैं। इसके साथ ही, सड़कों पर बड़ी संख्या में गौवंश के छोड़े जाने के कारणों पर भी चिंता व्यक्त की गई। एनिमल एक्टिविस्ट प्रज्ञा गुप्ता ने कहा कि अधिक दूध उत्पादन की मांग के चलते पशुओं की संख्या बढ़ाई जाती है, जिससे बूढ़े पशुओं, नर बछड़ों तथा अन्य गौवंशों के संरक्षण की चुनौती उत्पन्न होती है; उन्होंने पशु कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता बताई। पूजा सचान ने पशुओं को संवेदनशील जीव बताते हुए उनके प्रति करुणा और अहिंसा को समाज की नैतिक जिम्मेदारी बताया और लोगों से दयालु जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। यशवंत गौतम ने डेयरी उद्योग के सामाजिक, पर्यावरणीय और नैतिक पहलुओं पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता पर बल दिया और पौध-आधारित विकल्पों को अपनाकर अधिक संवेदनशील व टिकाऊ जीवनशैली की दिशा में कदम बढ़ाने का सुझाव दिया। विभा श्रीवास्तव ने जलवायु परिवर्तन, जल संकट और जैव विविधता संरक्षण जैसे विषयों में भोजन संबंधी विकल्पों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए युवाओं से पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान पशु प्रेमियों ने डेयरी व्यवस्था में पशुओं की जीवन परिस्थितियों पर भी चर्चा की और पशु कल्याण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर लोगों को पौध-आधारित दूध का स्वाद कराया गया और वैकल्पिक खाद्य विकल्पों की जानकारी दी गई। साथ ही, सरकार से पौध-आधारित खाद्य पदार्थों एवं वैकल्पिक डेयरी उत्पादों के क्षेत्र में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने की मांग की गई, जिससे पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और टिकाऊ खाद्य व्यवस्था को मजबूती मिल सके। इस जागरूकता कार्यक्रम में पूजा सचान, नीलू लखमानी, युवराज, शैल कुमारी रौनक, विभा श्रीवास्तव, वैष्णवी शर्मा, निधि शर्मा सहित कई पशु प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विश्व दुग्ध दिवस की पूर्व संध्या पर अयोध्या के गुप्तार घाट पर पशु प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने डेयरी उद्योग में गायों और भैंसों के साथ होने वाली कथित क्रूरता के विषय में एक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान लोगों से पशुओं के प्रति अधिक संवेदनशील और दयालु बनने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित पशु प्रेमियों ने डेयरी उद्योग, पशु कल्याण और पर्यावरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि भारत विश्व के प्रमुख बीफ निर्यातकों में कैसे शामिल हुआ और इस उद्योग को पशु कहाँ से प्राप्त होते हैं। इसके साथ ही, सड़कों पर बड़ी संख्या में गौवंश के छोड़े जाने के कारणों पर भी चिंता व्यक्त की गई। एनिमल एक्टिविस्ट प्रज्ञा गुप्ता ने कहा कि अधिक दूध उत्पादन की मांग के चलते पशुओं की संख्या बढ़ाई जाती है, जिससे बूढ़े पशुओं, नर बछड़ों तथा अन्य गौवंशों के संरक्षण की चुनौती उत्पन्न होती है; उन्होंने पशु कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता बताई। पूजा सचान ने पशुओं को संवेदनशील जीव बताते हुए उनके प्रति करुणा और अहिंसा को समाज की नैतिक जिम्मेदारी बताया
और लोगों से दयालु जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। यशवंत गौतम ने डेयरी उद्योग के सामाजिक, पर्यावरणीय और नैतिक पहलुओं पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता पर बल दिया और पौध-आधारित विकल्पों को अपनाकर अधिक संवेदनशील व टिकाऊ जीवनशैली की दिशा में कदम बढ़ाने का सुझाव दिया। विभा श्रीवास्तव ने जलवायु परिवर्तन, जल संकट और जैव विविधता संरक्षण जैसे विषयों में भोजन संबंधी विकल्पों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए युवाओं से पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान पशु प्रेमियों ने डेयरी व्यवस्था में पशुओं की जीवन परिस्थितियों पर भी चर्चा की और पशु कल्याण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर लोगों को पौध-आधारित दूध का स्वाद कराया गया और वैकल्पिक खाद्य विकल्पों की जानकारी दी गई। साथ ही, सरकार से पौध-आधारित खाद्य पदार्थों एवं वैकल्पिक डेयरी उत्पादों के क्षेत्र में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने की मांग की गई, जिससे पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और टिकाऊ खाद्य व्यवस्था को मजबूती मिल सके। इस जागरूकता कार्यक्रम में पूजा सचान, नीलू लखमानी, युवराज, शैल कुमारी रौनक, विभा श्रीवास्तव, वैष्णवी शर्मा, निधि शर्मा सहित कई पशु प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- विश्व दुग्ध दिवस की पूर्व संध्या पर अयोध्या के गुप्तार घाट पर पशु प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने डेयरी उद्योग में गायों और भैंसों के साथ होने वाली कथित क्रूरता के विषय में एक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान लोगों से पशुओं के प्रति अधिक संवेदनशील और दयालु बनने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित पशु प्रेमियों ने डेयरी उद्योग, पशु कल्याण और पर्यावरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि भारत विश्व के प्रमुख बीफ निर्यातकों में कैसे शामिल हुआ और इस उद्योग को पशु कहाँ से प्राप्त होते हैं। इसके साथ ही, सड़कों पर बड़ी संख्या में गौवंश के छोड़े जाने के कारणों पर भी चिंता व्यक्त की गई। एनिमल एक्टिविस्ट प्रज्ञा गुप्ता ने कहा कि अधिक दूध उत्पादन की मांग के चलते पशुओं की संख्या बढ़ाई जाती है, जिससे बूढ़े पशुओं, नर बछड़ों तथा अन्य गौवंशों के संरक्षण की चुनौती उत्पन्न होती है; उन्होंने पशु कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता बताई। पूजा सचान ने पशुओं को संवेदनशील जीव बताते हुए उनके प्रति करुणा और अहिंसा को समाज की नैतिक जिम्मेदारी बताया और लोगों से दयालु जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। यशवंत गौतम ने डेयरी उद्योग के सामाजिक, पर्यावरणीय और नैतिक पहलुओं पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता पर बल दिया और पौध-आधारित विकल्पों को अपनाकर अधिक संवेदनशील व टिकाऊ जीवनशैली की दिशा में कदम बढ़ाने का सुझाव दिया। विभा श्रीवास्तव ने जलवायु परिवर्तन, जल संकट और जैव विविधता संरक्षण जैसे विषयों में भोजन संबंधी विकल्पों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए युवाओं से पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान पशु प्रेमियों ने डेयरी व्यवस्था में पशुओं की जीवन परिस्थितियों पर भी चर्चा की और पशु कल्याण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर लोगों को पौध-आधारित दूध का स्वाद कराया गया और वैकल्पिक खाद्य विकल्पों की जानकारी दी गई। साथ ही, सरकार से पौध-आधारित खाद्य पदार्थों एवं वैकल्पिक डेयरी उत्पादों के क्षेत्र में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने की मांग की गई, जिससे पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और टिकाऊ खाद्य व्यवस्था को मजबूती मिल सके। इस जागरूकता कार्यक्रम में पूजा सचान, नीलू लखमानी, युवराज, शैल कुमारी रौनक, विभा श्रीवास्तव, वैष्णवी शर्मा, निधि शर्मा सहित कई पशु प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- अयोध्या जनपद में उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी के तत्वावधान में सामुदायिक शौचालय केयरटेकर महिलाओं ने सदर तहसील पर एक विशाल जनसभा और धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में अयोध्या के पांचों ब्लॉकों से आईं महिला सामुदायिक शौचालय केयरटेकर शामिल हुईं, जिनकी प्रमुख मांगें मानदेय भुगतान न होना और स्थायी नियुक्ति से संबंधित थीं। सामुदायिक शौचालय की महिला केयरटेकरों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान, ब्लॉक स्तर और जिला स्तर के अधिकारी उनके मानदेय भुगतान में हीला-हवाली करते हैं। उनका कहना है कि जब वे मानदेय के लिए अधिक प्रयास करती हैं या लिखा-पढ़ी करती हैं, तो स्वयं सहायता समूह द्वारा उन्हें बार-बार धमकी दी जाती है। इन प्रयासों के बाद, कुछ महिला सामुदायिक शौचालय केयरटेकर को किसी न किसी कारण से कार्यमुक्त भी कर दिया गया है। इसी के विरोध में, उन्होंने नियमित मानदेय भुगतान और अस्थायी रूप से नियुक्त किए जाने को लेकर यह धरना प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर सदर नायब तहसीलदार ने आकर प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया। अंत में, जिला अध्यक्ष ने दूर-दराज से आए पांचों ब्लॉक की महिला सामुदायिक शौचालय केयरटेकर को आभार व्यक्त किया।1
- दिल्ली में कल एक होटल में भीषण आग लग गई, जिसके चलते 21 लोगों की जान चली गई। इस घटना में 44 व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। यह जानकारी लाल चंद सोनी द्वारा 'आज सुबह टाइम्स' के लिए रिपोर्ट की गई है।1
- मूल पाठ में केवल 'स्वागत' शब्द का उल्लेख किया गया है।1
- रामनगरी अयोध्या में अवध सम्राट रिजॉर्ट को भव्यता, शालीनता, उत्कृष्ट सुविधाओं और किफायती दरों का अनूठा संगम माना जाता है, जिसके कारण यह प्रमुखता से जाना जाता है। सामाजिक कार्यकर्ता और उद्योगपति संजय सिंह द्वारा संचालित यह प्रतिष्ठित रिजॉर्ट अयोध्या के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले अतिथियों की पहली पसंद बन गया है। यह रिजॉर्ट शादी-विवाह, तिलकोत्सव, मुंडन संस्कार, गोद भराई, रिंग सेरेमनी, जन्मदिन समारोह और अन्य पारिवारिक व मांगलिक आयोजनों के लिए एक आदर्श स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां आने वाले मेहमानों को भव्य व्यवस्थाओं के साथ-साथ पारिवारिक वातावरण और सम्मानजनक आतिथ्य का अनुभव मिलता है। शहर की भीड़भाड़ और शोरगुल से दूर इसका शांत, स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण मेहमानों को सुकून और आराम प्रदान करता है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों और कई विदेशी मेहमान भी यहां अपने कार्यक्रम आयोजित करने आते हैं और इसकी सुविधाओं की सराहना करते हैं। अवध सम्राट रिजॉर्ट में आधुनिक सुविधाओं से युक्त आरामदायक कमरे उपलब्ध हैं, जिनमें परिवार और अतिथि पूर्ण सुविधा के साथ ठहर सकते हैं। एयर कंडीशनिंग, वाई-फाई कनेक्टिविटी, एलईडी टीवी और ऑल डे डाइनिंग रेस्टोरेंट जैसी सुविधाओं से लैस यह रिजॉर्ट क्षेत्र के प्रमुख आयोजनों के लिए एक विश्वसनीय केंद्र है। सबसे खास बात यह है कि जहां अन्य जगहों पर आयोजनों में अधिक खर्च होता है, वहीं अवध सम्राट रिजॉर्ट कम बजट में उत्कृष्ट सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रसिद्ध है, जिसने इसे लोगों के भरोसे और गुणवत्ता का पर्याय बना दिया है। यह अवध सम्राट रिजॉर्ट श्रीराम कॉलोनी, मझवा गद्दोपुर, नियर रायबरेली रोड/रायबरेली बाईपास, अयोध्या (उत्तर प्रदेश) में स्थित है। संपर्क के लिए संजय सिंह से 9918597111 या 9044994111 पर बात की जा सकती है। यह रिजॉर्ट "भव्य आयोजन, शानदार व्यवस्था और सम्मानजनक आतिथ्य" के वादे के साथ, खुशियों का एक विश्वसनीय साथी होने का दावा करता है।1
- गोण्डा जिले के तरफगंज तहसील और वजीरगंज थाना क्षेत्र के लोहराडाड गांव में आवागमन में बड़ी बाधा उत्पन्न हो गई है। जानकारी के अनुसार, विजय कुमार नामक व्यक्ति ने सड़क पर गड्ढे खोद दिए हैं, जिसके कारण आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता ने बताया है कि ये गड्ढे उनके चाचा विजय कुमार द्वारा खोदे गए हैं।2
- कॉकरोच जनता पार्टी ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बातें रखी गईं या क्या घोषणाएँ की गईं, इस संबंध में कोई विवरण सामने नहीं आया है।1
- रामनगरी अयोध्या में निषादराज की प्रतिमा के समक्ष टेढ़ी बाजार चौराहे पर लगाए गए एक शौचालय संबंधी बोर्ड को लेकर गंभीर आपत्ति जताई गई थी, जिसके बाद उसे हटा दिया गया है। बताया गया है कि इस मामले में सांसद Awadhesh Prasad ने अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की थी और संबंधित अधिकारियों से तत्काल इस बोर्ड को हटाने की मांग की थी। बोर्ड हटाए जाने के उपरांत सांसद Awadhesh Prasad ने निषादराज की प्रतिमा स्थल का दौरा किया और वहां की स्थिति का निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों ने भी प्रतिमा के नीचे शौचालय का बोर्ड लगाए जाने को अनुचित ठहराते हुए इसे हटाए जाने का स्वागत किया है। इस घटना ने प्रतिमा स्थल पर गहन चर्चा का माहौल बनाया, जहाँ लोगों ने सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित महापुरुषों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की प्रतिमाओं के सम्मान को विशेष प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया।1