उदयपुर स्थित जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड विश्वविद्यालय) में कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तेज हो गया है। कर्मचारी संघ द्वारा दिए गए अल्टीमेटम की समय-सीमा समाप्त होने के बाद, कर्मचारियों ने मुख्य प्रशासनिक भवन समेत विभिन्न विभागों में तालाबंदी कर दी। इस घटनाक्रम के बाद, कुलपति और कुलसचिव ने कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ बातचीत की, लेकिन कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर कोई भी सहमति नहीं बन पाई। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. प्रकाश धाकड़ ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि वे केवल समय निकालने का प्रयास कर रहे हैं और कर्मचारियों की मुख्य मांगों पर कोई भी ठोस निर्णय नहीं ले रहे हैं। डॉ. धाकड़ ने स्पष्ट किया कि कुलपति की नियुक्ति के स्पष्टीकरण, जमीन घोटाले की जांच, ऑनलाइन पीएफ खाता उपलब्ध कराने, लंबित एरियर का भुगतान, महंगाई भत्ता देने और कर्मचारियों के खिलाफ द्वेषपूर्ण कार्रवाई रोकने जैसी मांगों पर लिखित आदेश मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वार्ता विफल होने के उपरांत, कर्मचारी संघ ने डबोक परिसर में फिर से क्रमिक धरना शुरू करने का निर्णय लिया है। संघ ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक उनकी सभी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा, और इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
उदयपुर स्थित जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड विश्वविद्यालय) में कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तेज हो गया है। कर्मचारी संघ द्वारा दिए गए अल्टीमेटम की समय-सीमा समाप्त होने के बाद, कर्मचारियों ने मुख्य प्रशासनिक भवन समेत विभिन्न विभागों में तालाबंदी कर दी। इस घटनाक्रम के बाद, कुलपति और कुलसचिव ने कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ बातचीत की, लेकिन कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर कोई भी सहमति नहीं बन पाई। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. प्रकाश धाकड़ ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि वे केवल समय निकालने का प्रयास कर रहे हैं और कर्मचारियों की मुख्य मांगों पर कोई भी ठोस निर्णय नहीं ले रहे हैं। डॉ. धाकड़ ने स्पष्ट किया कि कुलपति की नियुक्ति के स्पष्टीकरण, जमीन घोटाले की जांच, ऑनलाइन पीएफ खाता उपलब्ध कराने, लंबित एरियर का भुगतान, महंगाई भत्ता देने और कर्मचारियों के खिलाफ द्वेषपूर्ण कार्रवाई रोकने जैसी मांगों पर लिखित आदेश मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वार्ता विफल होने के उपरांत, कर्मचारी संघ ने डबोक परिसर में फिर से क्रमिक धरना शुरू करने का निर्णय लिया है। संघ ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक उनकी सभी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा, और इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
- उदयपुर स्थित जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड विश्वविद्यालय) में कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तेज हो गया है। कर्मचारी संघ द्वारा दिए गए अल्टीमेटम की समय-सीमा समाप्त होने के बाद, कर्मचारियों ने मुख्य प्रशासनिक भवन समेत विभिन्न विभागों में तालाबंदी कर दी। इस घटनाक्रम के बाद, कुलपति और कुलसचिव ने कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ बातचीत की, लेकिन कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर कोई भी सहमति नहीं बन पाई। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. प्रकाश धाकड़ ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि वे केवल समय निकालने का प्रयास कर रहे हैं और कर्मचारियों की मुख्य मांगों पर कोई भी ठोस निर्णय नहीं ले रहे हैं। डॉ. धाकड़ ने स्पष्ट किया कि कुलपति की नियुक्ति के स्पष्टीकरण, जमीन घोटाले की जांच, ऑनलाइन पीएफ खाता उपलब्ध कराने, लंबित एरियर का भुगतान, महंगाई भत्ता देने और कर्मचारियों के खिलाफ द्वेषपूर्ण कार्रवाई रोकने जैसी मांगों पर लिखित आदेश मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वार्ता विफल होने के उपरांत, कर्मचारी संघ ने डबोक परिसर में फिर से क्रमिक धरना शुरू करने का निर्णय लिया है। संघ ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक उनकी सभी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा, और इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।1
- महामहिम कटारिया ने देवास परियोजना का निरीक्षण किया है। इस निरीक्षण के बाद यह अनुमान है कि उदयपुर में पानी की आवक में वृद्धि होगी।3
- वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बाठेड़ा कलां में जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल के निर्देशन में एक रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को सीधे प्रशासनिक स्तर पर सुनना और उनका मौके पर ही निस्तारण करना था। चौपाल में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने क्षेत्र के विकास और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी विभिन्न मांगें जिला प्रशासन के समक्ष रखीं, जिसके लिए उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपे। इन जनसमस्याओं और विकास कार्यों से जुड़ी मांगों पर जिला कलेक्टर ने त्वरित समाधान के निर्देश दिए।1
- आज कानोड़ क्षेत्र में जबरदस्त बारिश हुई, जिससे इलाके में रौनक लौट आई। मूसलाधार बरसात के साथ इंद्रदेव मेहमान बनकर आए, जिसने लोगों में यह भरोसा जगाया है कि उनकी फसल अच्छी होगी।1
- रावतपुरा के स्थानीय बालाजी मित्र मंडल ने जीव दया और गौ सेवा के अपने संकल्प को आगे बढ़ाते हुए एक सराहनीय कार्य किया है। मंडल के सदस्यों ने मिलकर स्थानीय गौशाला में रह रही गौ माताओं के आराम और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए छह नए पंखे और भारी मात्रा में हरा चारा दान किया। यह पहल विशेष रूप से गर्मियों और उमस भरे मौसम में गौवंश को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। दान किए गए पंखे गौशाला के शेड में लगवाए गए हैं, जिससे गौ माताओं को भीषण गर्मी से निजात मिल सके।2
- मध्यप्रदेश शासन और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत, नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में उज्जैन रेंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, चार जिलों के कुल 117 एनडीपीएस प्रकरणों में जब्त लगभग 22 क्विंटल 45 किलो 915 ग्राम मादक पदार्थों का विधिवत विनष्टीकरण किया गया। इन जब्त मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब ₹1 करोड़ 80 लाख आंकी गई है। उज्जैन पुलिस ने भी एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 39 प्रकरणों में जब्त 3 क्विंटल 66 किलो 988 ग्राम मादक पदार्थों को सफलतापूर्वक नष्ट कराया। इसके अतिरिक्त, एक अन्य प्रकरण में जब्त 902 ग्राम अफीम को नियमानुसार अधिकृत भंडारण केंद्र में जमा करवाया गया। ड्रग विनष्टीकरण समिति ने शुक्रवार को 112 प्रकरणों से जुड़े 2245.915 किलोग्राम मादक पदार्थों को नीमच जिले के खोर-नयागांव स्थित विक्रम सीमेंट फैक्ट्री की उच्च तापमान वाली भट्टी में पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए पूरी तरह से नष्ट किया। वहीं, पांच गंभीर प्रकरणों में जब्त 3.967 किलोग्राम अफीम को सुरक्षित भंडारण के लिए नीमच स्थित अल्कालाइड फैक्ट्री में जमा कराया गया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस उप महानिरीक्षक और ड्रग विनष्टीकरण समिति के अध्यक्ष नवनीत भसीन के मार्गदर्शन तथा मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक अधिकारी एस.के. गुप्ता की उपस्थिति में विधिसम्मत तरीके से संपन्न हुई। उज्जैन पुलिस ने जानकारी दी कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी है। इसके साथ ही, जब्त मादक पदार्थों का समयबद्ध विनष्टीकरण सुनिश्चित कर समाज को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में यह अभियान लगातार चल रहा है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मादक पदार्थों के अवैध क्रय-विक्रय, परिवहन या भंडारण से संबंधित किसी भी सूचना को तत्काल निकटतम पुलिस थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें, जिसमें सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।3
- उदयपुर जिले के खेता खेड़ा गांव में एक सरकारी टीचर द्वारा आम रास्ते और आबादी की जमीन पर अवैध कब्जा करने का गंभीर मामला सामने आया है। बताया गया है कि टीचर ने सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित रास्ते के साथ-साथ आवासीय भूमि पर भी अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। इस अवैध कब्जे के खिलाफ संबंधित विभागों में शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत तहसीलदार, पंचायत और पुलिस थाने में की थी, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पाया है। आरोप है कि प्रशासन इस मामले पर ध्यान नहीं दे रहा है और उल्टे सरकारी टीचर का ही पक्ष ले रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पीड़ितों ने इस सूचना को आगे से आगे सरकार तक पहुंचाने की अपील की है ताकि इस अवैध कब्जे का समाधान हो सके।4
- न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल, नांदोली राजसमंद राजस्थान के संवाददाता नंदलाल पुरबिया ने जेके टायर राजसमंद में आयोजित एक सेवानिवृत्ति समारोह को कवर किया।4