राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में एक भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया है, जिसमें 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस दर्दनाक घटना के बीच इंसानियत और जांबाजी की एक ऐसी कहानी भी सामने आई है जिसने सबका दिल जीत लिया है। इलाके के पांच मुस्लिम नौजवानों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए आग की लपटों के बीच छलांग लगा दी और दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था और चारों तरफ चीख-पुकार मची थी, तब स्थानीय निवासी अफजल, मोहम्मद शाहरुख, मोहम्मद अनीश, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद वसीम ने पीछे हटने के बजाय आगे बढ़ने का फैसला किया। चारों तरफ धुआं और आग की ऊंची लपटें होने के बावजूद, इन पांचों युवाओं ने अपनी जान दांव पर लगाकर दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बचाव अभियान में मदद की। उन्होंने खिड़कियां तोड़कर और धुएं से भरे कमरों में घुसकर कई फंसे हुए मासूमों और बुजुर्गों को बाहर निकाला। यह कहा जा रहा है कि अगर ये युवा समय पर हिम्मत न दिखाते, तो हताहतों का आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता था। इस बहादुरी की गूंज राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में भी सुनाई दी। क्षेत्र के बीजेपी नेता सतीश उपाध्याय ने इन पांचों युवकों की इस जांबाजी को सलाम किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इन पांचों मुस्लिम नौजवानों की तस्वीर साझा करते हुए उनकी जमकर तारीफ की। सतीश उपाध्याय ने लिखा कि इन युवाओं ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर, अपनी जान की परवाह किए बिना कई लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकाला, जो मानवता की सबसे बड़ी मिसाल है। हादसे वाली जगह पर मौजूद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इन युवकों के जज्बे को सराहा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जिस वक्त फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें रास्ता बनाने की कोशिश कर रही थीं, इन लड़कों ने स्थानीय रास्तों की जानकारी होने का फायदा उठाया और रेस्क्यू टीम के लिए 'गाइड' और 'रक्षक' दोनों की भूमिका निभाई। इस हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आपदा के समय मानवता का धर्म सबसे बड़ा होता है। जहां एक ओर पूरा मालवीय नगर 21 लोगों की मौत के शोक में डूबा हुआ है, वहीं दूसरी ओर अफजल, शाहरुख, अनीश, आमिर और वसीम की बहादुरी की चर्चा हर जुबान पर है। लोग इन्हें 'मालवीय नगर के हीरो' कहकर पुकार रहे हैं।
राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में एक भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया है, जिसमें 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस दर्दनाक घटना के बीच इंसानियत और जांबाजी की एक ऐसी कहानी भी सामने आई है जिसने सबका दिल जीत लिया है। इलाके के पांच मुस्लिम नौजवानों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए आग की लपटों के बीच छलांग लगा दी और दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था और चारों तरफ चीख-पुकार मची थी, तब स्थानीय निवासी अफजल, मोहम्मद शाहरुख, मोहम्मद अनीश, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद वसीम ने पीछे हटने के बजाय आगे बढ़ने का फैसला किया। चारों तरफ धुआं और आग की ऊंची लपटें होने के बावजूद, इन पांचों युवाओं ने अपनी जान दांव पर लगाकर दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बचाव अभियान में मदद की। उन्होंने खिड़कियां तोड़कर और धुएं से भरे कमरों में घुसकर कई फंसे हुए मासूमों और बुजुर्गों को बाहर निकाला। यह कहा जा रहा है कि अगर ये युवा समय पर हिम्मत न दिखाते, तो हताहतों का आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता था। इस बहादुरी की गूंज राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में भी सुनाई दी। क्षेत्र के बीजेपी नेता सतीश उपाध्याय ने इन पांचों युवकों की इस जांबाजी को सलाम किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इन पांचों मुस्लिम नौजवानों की तस्वीर साझा करते हुए उनकी जमकर तारीफ की। सतीश उपाध्याय ने लिखा कि इन युवाओं ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर, अपनी जान की परवाह किए बिना कई लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकाला, जो मानवता की सबसे बड़ी मिसाल है। हादसे वाली जगह पर मौजूद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इन युवकों के जज्बे को सराहा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जिस वक्त फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें रास्ता बनाने की कोशिश कर रही थीं, इन लड़कों ने स्थानीय रास्तों की जानकारी होने का फायदा उठाया और रेस्क्यू टीम के लिए 'गाइड' और 'रक्षक' दोनों की भूमिका निभाई। इस हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आपदा के समय मानवता का धर्म सबसे बड़ा होता है। जहां एक ओर पूरा मालवीय नगर 21 लोगों की मौत के शोक में डूबा हुआ है, वहीं दूसरी ओर अफजल, शाहरुख, अनीश, आमिर और वसीम की बहादुरी की चर्चा हर जुबान पर है। लोग इन्हें 'मालवीय नगर के हीरो' कहकर पुकार रहे हैं।
- उत्तर प्रदेश के हाटा में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ एक लापता युवक का शव खेत में पेड़ से लटका हुआ मिला है। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँच गई है और मामले की जाँच में जुट गई है।1
- राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में एक भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया है, जिसमें 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस दर्दनाक घटना के बीच इंसानियत और जांबाजी की एक ऐसी कहानी भी सामने आई है जिसने सबका दिल जीत लिया है। इलाके के पांच मुस्लिम नौजवानों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए आग की लपटों के बीच छलांग लगा दी और दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था और चारों तरफ चीख-पुकार मची थी, तब स्थानीय निवासी अफजल, मोहम्मद शाहरुख, मोहम्मद अनीश, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद वसीम ने पीछे हटने के बजाय आगे बढ़ने का फैसला किया। चारों तरफ धुआं और आग की ऊंची लपटें होने के बावजूद, इन पांचों युवाओं ने अपनी जान दांव पर लगाकर दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बचाव अभियान में मदद की। उन्होंने खिड़कियां तोड़कर और धुएं से भरे कमरों में घुसकर कई फंसे हुए मासूमों और बुजुर्गों को बाहर निकाला। यह कहा जा रहा है कि अगर ये युवा समय पर हिम्मत न दिखाते, तो हताहतों का आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता था। इस बहादुरी की गूंज राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में भी सुनाई दी। क्षेत्र के बीजेपी नेता सतीश उपाध्याय ने इन पांचों युवकों की इस जांबाजी को सलाम किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इन पांचों मुस्लिम नौजवानों की तस्वीर साझा करते हुए उनकी जमकर तारीफ की। सतीश उपाध्याय ने लिखा कि इन युवाओं ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर, अपनी जान की परवाह किए बिना कई लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकाला, जो मानवता की सबसे बड़ी मिसाल है। हादसे वाली जगह पर मौजूद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इन युवकों के जज्बे को सराहा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जिस वक्त फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें रास्ता बनाने की कोशिश कर रही थीं, इन लड़कों ने स्थानीय रास्तों की जानकारी होने का फायदा उठाया और रेस्क्यू टीम के लिए 'गाइड' और 'रक्षक' दोनों की भूमिका निभाई। इस हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आपदा के समय मानवता का धर्म सबसे बड़ा होता है। जहां एक ओर पूरा मालवीय नगर 21 लोगों की मौत के शोक में डूबा हुआ है, वहीं दूसरी ओर अफजल, शाहरुख, अनीश, आमिर और वसीम की बहादुरी की चर्चा हर जुबान पर है। लोग इन्हें 'मालवीय नगर के हीरो' कहकर पुकार रहे हैं।1
- कुशीनगर जनपद के गोड़रिया में दबंगों ने एक निसहाय गरीब मजदूर की निर्मम हत्या कर दी है। इस घटना की खबर मिलने पर कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक अजय कुमार लल्लू ने तुरंत पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। लल्लू ने बताया कि मृतक के परिवार में चार छोटी बच्चियां हैं और घर में खाने के लिए अनाज का एक दाना भी नहीं है, जिससे परिवार गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। इस संबंध में, पूर्व विधायक अजय कुमार लल्लू ने जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर से फोन पर वार्ता की। उन्होंने जिलाधिकारी से पीड़ित परिवार को आवासीय पट्टा दिलाने और तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की, साथ ही परिवार को तुरंत खाद्यान्न भेजने का भी अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने पूर्व विधायक को आश्वस्त किया कि वे अगले दिन ही एक टीम लगाकर पीड़ित परिवार को हर संभव मदद मुहैया कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने खाद्यान्न भेजने और इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी भरोसा दिलाया।1
- नवतपा की भीषण गर्मी और लू से परेशान स्थानीय लोगों को राहत प्रदान करने के लिए, देवरिया नगर पालिका ने शहर की प्रमुख सड़कों, चौराहों और व्यस्त मार्गों पर पानी का छिड़काव अभियान शुरू किया है। टैंकरों के माध्यम से चलाए जा रहे इस विशेष अभियान से न केवल सड़कों का तापमान कम हो रहा है, बल्कि धूल पर भी प्रभावी नियंत्रण पाया जा रहा है। नगर पालिका की इस जनहितैषी पहल की स्थानीय लोगों द्वारा व्यापक सराहना की गई है।1
- कुशीनगर जनपद के पडरौना थाना क्षेत्र स्थित जूनियर हाई स्कूल के प्रांगण में हम सफर ई-रिक्शा समिति और ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक नियमों और ई-रिक्शा समिति के तत्वोंधान में चालकों को दिशा-निर्देश देना था। ट्रैफिक विभाग के इंचार्ज ने सभी ई-रिक्शा चालकों को यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया, साथ ही अपनी ई-रिक्शा को नियम समिति गति और सही तरीके से चलाने को कहा। विशेष रूप से, चालकों को निर्देशित किया गया कि वे किसी भी यात्री को ई-रिक्शा के दाहिने साइड से न उतारें। इसके लिए, सभी ई-रिक्शा चालकों और स्वामियों को अपनी ई-रिक्शा के दाहिने तरफ लोहे की रॉड लगाने का निर्देश दिया गया है। यह निर्देश इसलिए दिया गया है क्योंकि अक्सर यात्री दाहिनी तरफ से उतरते समय दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं, जिससे जान-माल के नुकसान की आशंका बनी रहती है। दाहिनी तरफ लोहे की रॉड लगाने से कोई भी सवारी इस ओर से नहीं उतरेगी, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हो जाएगी। चेतावनी दी गई है कि यदि कोई भी ई-रिक्शा या ऑटो चालक/स्वामी इन निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।4
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में एक शराब तस्कर और एक चौकी इंचार्ज के बीच हुई बातचीत सामने आई है, जिसमें '30 से 50 हजार का खेल' जैसी बात कही गई है। इस वायरल ऑडियो के कारण पुलिस की कार्यप्रणाली और ईमानदारी पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गए हैं।1
- हमारे सनराइज कंपनी के तरफ से मत कॉमे वीडियो के लिए आप लोग इसको शेयरऔर लाइक करेंडियन बनाया गया जो हमारे सनराइज कंपनी के तरफ से मत कॉमे वीडियो के लिए आप लोग इसको शेयरऔर लाइक करेंडियन बनाया गया जो1
- कुशीनगर जिले में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। इस झड़प में दोनों तरफ से लाठी-डंडे चले, जिसमें कम से कम 6 लोग घायल हो गए।1