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15 हज़ार में अपना Business करो

6 hrs ago
user_Reporter Ravinder
Reporter Ravinder
Business management consultant Bhota, Hamirpur•
6 hrs ago

15 हज़ार में अपना Business करो

More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
  • शिक्षा मंत्री ने पंजगाईं स्कूल में परीक्षा भवन का किया शिलान्यास, निर्माण पर व्यय होंगे एक करोड़ रूपये शिक्षा और मुद्रण एवं लेखन सामग्री मंत्री रोहित ठाकुर ने शनिवार को उपमंडल सदर बिलासपुर के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं में एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए जाने वाले परीक्षा भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्यातिथि भाग लेते हुए विभिन्न शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों में अव्वल विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर बोलते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और रोजगारोन्मुखी शिक्षा व्यवस्था विकसित करने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि आगामी वित्त वर्ष में राज्य सरकार द्वारा कुल बजट का लगभग 17 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र पर व्यय किया जाएगा, जिस पर लगभग 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी। उन्होंने कहा कि यह व्यय न केवल शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करेगा बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में भी सहायक सिद्ध होगा। रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करते हुए एक मजबूत आधार तैयार किया है। स्कूल शिक्षा क्षेत्र में संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रशासनिक समन्वय के उद्देश्य से शिक्षा निदेशालयों का पुनर्गठन किया गया है, जिसके अंतर्गत स्कूली शिक्षा निदेशालय और उच्च शिक्षा निदेशालय की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सक्षम बनाने की दिशा में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम को लागू किया गया है ताकि विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकेगा। शिक्षा मंत्री ने प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं आरंभ की हैं तथा इसके लिए शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि बच्चों की रुचि के अनुरूप पाठ्य सामग्री विकसित करने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) सोलन के सहयोग से विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित बनाने के लिए प्रदेश सरकार विभिन्न श्रेणियों के लगभग 8 हजार शिक्षकों की नियुक्तियां की हैं, जिनमें बैच वाइज 4 हजार शिक्षकों की भर्ती शामिल है। उन्होंने कहा कि 937 टीजीटी की भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया गया है जबकि 18 सौ जेबीटी की भर्ती चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। इसके साथ ही उच्च शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश के कॉलेजों में 387 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियों के लिए प्रस्ताव हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित बनाए रखने के उद्देश्य से युक्तिकरण की प्रक्रिया निरंतर जारी है, ताकि अधिक नामांकन वाले विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही विद्यालयों के संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए फर्नीचर, खेल सामग्री, संगीत, वाद्य यंत्र और खेल मैदान जैसे संसाधनों को साझा करने की व्यवस्था लागू की गई है। रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सरकारी विद्यालयों को उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों के रूप में अधिसूचित किया गया है, जहां स्मार्ट कक्षाएं, आधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल लाइब्रेरी, वर्चुअल कक्षाएं और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाया गया है। शिक्षकों और विद्यार्थियों की डिजिटल उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए स्मार्ट उपस्थिति प्रणाली लागू की गई है, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को बल मिला है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता संवर्धन को प्राथमिकता देते हुए लगभग 33 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है तथा आकलन आधारित ऑनलाइन पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किया जा रहा है, जिसे कैंब्रिज विश्वविद्यालय के सहयोग से विकसित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत सैकड़ों शिक्षकों और मेधावी विद्यार्थियों को विदेश भेजा गया है, ताकि वह आधुनिक वैश्विक शिक्षण तकनीकों से अवगत हो सकें। शिक्षा मंत्री ने ‘अपना विद्यालय’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके अंतर्गत प्रदेश के सरकारी विद्यालयों को विभिन्न अधिकारियों द्वारा गोद लिया गया है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालयी वातावरण में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए विशेष शिक्षकों के पद सृजित कर समावेशी शिक्षा को सशक्त तथा विद्यालय निरीक्षण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि शून्य नामांकन वाले विद्यालयों को बंद या समीपवर्ती विद्यालयों में विलय कर शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और सुदृढ़ बनाया गया है। मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड संबंधी परामर्श जारी कर विद्यालयों में एक अनुशासित और पेशेवर वातावरण विकसित करने का प्रयास किया गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स और राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में हिमाचल प्रदेश की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जो प्रदेश सरकार की शिक्षा सुधार नीति की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वर्चुअल कक्षाओं के माध्यम से दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी विज्ञान जैसे विषयों में समान अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश के 130 सरकारी विद्यालयों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू करने का निर्णय लिया गया है। इन विद्यालयों में कक्षा पहली से बारहवीं तक सीबीएसई पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी और आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जा सकेगा। इस अवसर पर उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पंजगाईं को आगामी चरण में सीबीएसई स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में शामिल करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने स्कूल की बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए 10 लाख रुपये तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों के लिए 21 हजार रुपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर पूर्व विधायक बंबर ठाकुर, तिलक राज शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान, प्रदेश बाल कल्याण समिति की सदस्य तृप्ता ठाकुर, एसडीएम सदर डाॅ. राजदीप सिंह, जिला परिषद सदस्य गौरव शर्मा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा रेणु कौशल, उप उपनिदेशक डाइट निशा गुप्ता, उपनिदेशक प्रारम्भिक शिक्षा नरेश चंदेल सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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    शिक्षा मंत्री ने पंजगाईं स्कूल में परीक्षा भवन का किया शिलान्यास, निर्माण पर व्यय होंगे एक करोड़ रूपये
शिक्षा और मुद्रण एवं लेखन सामग्री मंत्री रोहित ठाकुर ने शनिवार को उपमंडल सदर बिलासपुर के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं में एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए जाने वाले परीक्षा भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्यातिथि भाग लेते हुए विभिन्न शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों में अव्वल विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। 
इस अवसर पर बोलते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और रोजगारोन्मुखी शिक्षा व्यवस्था विकसित करने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि आगामी वित्त वर्ष में राज्य सरकार द्वारा कुल बजट का लगभग 17 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र पर व्यय किया जाएगा, जिस पर लगभग 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी। उन्होंने कहा कि यह व्यय न केवल शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करेगा बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में भी सहायक सिद्ध होगा। 
रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करते हुए एक मजबूत आधार तैयार किया है। स्कूल शिक्षा क्षेत्र में संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रशासनिक समन्वय के उद्देश्य से शिक्षा निदेशालयों का पुनर्गठन किया गया है, जिसके अंतर्गत स्कूली शिक्षा निदेशालय और उच्च शिक्षा निदेशालय की स्थापना की गई है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सक्षम बनाने की दिशा में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम को लागू किया गया है ताकि विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकेगा। 
शिक्षा मंत्री ने प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं आरंभ की हैं तथा इसके लिए शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि बच्चों की रुचि के अनुरूप पाठ्य सामग्री विकसित करने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) सोलन के सहयोग से विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। 
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित बनाने के लिए प्रदेश सरकार विभिन्न श्रेणियों के लगभग 8 हजार शिक्षकों की नियुक्तियां की हैं, जिनमें बैच वाइज 4 हजार शिक्षकों की भर्ती शामिल है। उन्होंने कहा कि 937 टीजीटी की भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया गया है जबकि 18 सौ जेबीटी की भर्ती चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। इसके साथ ही उच्च शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश के कॉलेजों में 387 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियों के लिए प्रस्ताव हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित बनाए रखने के उद्देश्य से युक्तिकरण की प्रक्रिया निरंतर जारी है, ताकि अधिक नामांकन वाले विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही विद्यालयों के संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए फर्नीचर, खेल सामग्री, संगीत, वाद्य यंत्र और खेल मैदान जैसे संसाधनों को साझा करने की व्यवस्था लागू की गई है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सरकारी विद्यालयों को उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों के रूप में अधिसूचित किया गया है, जहां स्मार्ट कक्षाएं, आधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल लाइब्रेरी, वर्चुअल कक्षाएं और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाया गया है। शिक्षकों और विद्यार्थियों की डिजिटल उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए स्मार्ट उपस्थिति प्रणाली लागू की गई है, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को बल मिला है। 
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता संवर्धन को प्राथमिकता देते हुए लगभग 33 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है तथा आकलन आधारित ऑनलाइन पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किया जा रहा है, जिसे कैंब्रिज विश्वविद्यालय के सहयोग से विकसित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत सैकड़ों शिक्षकों और मेधावी विद्यार्थियों को विदेश भेजा गया है, ताकि वह आधुनिक वैश्विक शिक्षण तकनीकों से अवगत हो सकें। 
शिक्षा मंत्री ने ‘अपना विद्यालय’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके अंतर्गत प्रदेश के सरकारी विद्यालयों को विभिन्न अधिकारियों द्वारा गोद लिया गया है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालयी वातावरण में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए विशेष शिक्षकों के पद सृजित कर समावेशी शिक्षा को सशक्त तथा विद्यालय निरीक्षण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। 
उन्होंने कहा कि शून्य नामांकन वाले विद्यालयों को बंद या समीपवर्ती विद्यालयों में विलय कर शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और सुदृढ़ बनाया गया है। मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड संबंधी परामर्श जारी कर विद्यालयों में एक अनुशासित और पेशेवर वातावरण विकसित करने का प्रयास किया गया है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स और राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में हिमाचल प्रदेश की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जो प्रदेश सरकार की शिक्षा सुधार नीति की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वर्चुअल कक्षाओं के माध्यम से दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी विज्ञान जैसे विषयों में समान अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश के 130 सरकारी विद्यालयों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू करने का निर्णय लिया गया है। इन विद्यालयों में कक्षा पहली से बारहवीं तक सीबीएसई पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी और आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जा सकेगा। 
इस अवसर पर उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पंजगाईं को आगामी चरण में सीबीएसई स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में शामिल करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने स्कूल की बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए 10 लाख रुपये तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों के लिए 21 हजार रुपये देने की घोषणा की। 
इस अवसर पर पूर्व विधायक बंबर ठाकुर, तिलक राज शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान, प्रदेश बाल कल्याण समिति की सदस्य तृप्ता ठाकुर, एसडीएम सदर डाॅ. राजदीप सिंह, जिला परिषद सदस्य गौरव शर्मा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा रेणु कौशल, उप उपनिदेशक डाइट निशा गुप्ता, उपनिदेशक प्रारम्भिक शिक्षा नरेश चंदेल सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
    user_Anil kumar
    Anil kumar
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    14 hrs ago
  • जोगिंदर नगर में 522 ग्राम चरस के साथ एक व्यक्ति गिरफ्तार।
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    जोगिंदर नगर में 522 ग्राम चरस के साथ एक व्यक्ति गिरफ्तार।
    user_Ankit Kumar
    Ankit Kumar
    Journalist जोगिंदरनगर, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    9 hrs ago
  • डंगोह गाँव के प्रवासियों ने श्रद्धा के साथ किया मां सरस्वती की मूर्ति का विसर्जन डंगोह गाँव के प्रवासियों द्वारा बसंत पंचमी के पावन पर्व पर विद्या, बुद्धि और कला की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा की विधिवत स्थापना कर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की गई। बसंत पंचमी के दिन पूरे विधि-विधान से मां सरस्वती की मूर्ति की स्थापना की गई, जहां श्रद्धालुओं ने पीले वस्त्र धारण कर भजन-कीर्तन एवं आरती के माध्यम से देवी मां की आराधना की। परंपरा के अनुसार, पूजा के अगले दिन यानी षष्ठी तिथि को मां सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। विसर्जन यात्रा डंगोह से प्रारंभ होकर दौलतपुर बाजार व चलेट मार्ग से होते हुए बाणदू भद्रकाली पहुंची, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ मां सरस्वती की मूर्ति का विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने “मां सरस्वती की जय” के जयकारों के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी को मां सरस्वती का अवतरण दिवस माना जाता है। इस दिन घर-घर में मां सरस्वती की मूर्ति या चित्र की स्थापना कर विधिविधान से पूजा की जाती है। हिंदू परंपरा में किसी भी बड़ी मूर्ति की स्थापना के बाद उसका विसर्जन अनिवार्य माना गया है। बसंत पंचमी के पश्चात अगले दिन (षष्ठी तिथि) विसर्जन करने की परंपरा प्रचलित है, जिससे पूजा का विधिवत समापन होता है और देवी मां की कृपा घर में बनी रहती है। पंचांग के अनुसार, बसंत पंचमी के अगले दिन सूर्योदय के बाद एवं षष्ठी तिथि के दौरान मूर्ति विसर्जन को शुभ माना जाता है, जबकि सूर्यास्त के बाद विसर्जन से बचने की परंपरा है। डंगोह गाँव के प्रवासियों ने इन सभी धार्मिक मान्यताओं का पालन करते हुए श्रद्धा, आस्था और अनुशासन के साथ मां सरस्वती की आराधना एवं विसर्जन संपन्न किया।
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    डंगोह गाँव के प्रवासियों ने श्रद्धा के साथ किया मां सरस्वती की मूर्ति का विसर्जन
डंगोह गाँव के प्रवासियों द्वारा बसंत पंचमी के पावन पर्व पर विद्या, बुद्धि और कला की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा की विधिवत स्थापना कर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की गई। बसंत पंचमी के दिन पूरे विधि-विधान से मां सरस्वती की मूर्ति की स्थापना की गई, जहां श्रद्धालुओं ने पीले वस्त्र धारण कर भजन-कीर्तन एवं आरती के माध्यम से देवी मां की आराधना की।
परंपरा के अनुसार, पूजा के अगले दिन यानी षष्ठी तिथि को मां सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। विसर्जन यात्रा डंगोह से प्रारंभ होकर दौलतपुर बाजार व चलेट मार्ग से होते हुए बाणदू भद्रकाली पहुंची, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ मां सरस्वती की मूर्ति का विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने “मां सरस्वती की जय” के जयकारों के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी को मां सरस्वती का अवतरण दिवस माना जाता है। इस दिन घर-घर में मां सरस्वती की मूर्ति या चित्र की स्थापना कर विधिविधान से पूजा की जाती है। हिंदू परंपरा में किसी भी बड़ी मूर्ति की स्थापना के बाद उसका विसर्जन अनिवार्य माना गया है। बसंत पंचमी के पश्चात अगले दिन (षष्ठी तिथि) विसर्जन करने की परंपरा प्रचलित है, जिससे पूजा का विधिवत समापन होता है और देवी मां की कृपा घर में बनी रहती है।
पंचांग के अनुसार, बसंत पंचमी के अगले दिन सूर्योदय के बाद एवं षष्ठी तिथि के दौरान मूर्ति विसर्जन को शुभ माना जाता है, जबकि सूर्यास्त के बाद विसर्जन से बचने की परंपरा है। डंगोह गाँव के प्रवासियों ने इन सभी धार्मिक मान्यताओं का पालन करते हुए श्रद्धा, आस्था और अनुशासन के साथ मां सरस्वती की आराधना एवं विसर्जन संपन्न किया।
    user_Gagret Halchal
    Gagret Halchal
    Journalist दौलतपुर चौक, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • इस वीडियो में ब्रह्मांड की विशालता को ऐसे दिखाया गया है कि इंसान की मौजूदगी एक बिंदु से भी छोटी महसूस होती है। पृथ्वी, आकाशगंगा और अनंत अंतरिक्ष के सामने मानव जीवन कितना क्षणिक है, यह दृश्य साफ़ करता है। यह वीडियो सिर्फ़ विज्ञान नहीं, बल्कि इंसान को उसकी वास्तविक हैसियत का एहसास भी कराता है। #Universe #Cosmos #HumanExistence #RealityCheck #SpaceFacts #Astronomy #ScienceReels #ViralVideo #MindBlowing #Explore #Perspective
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    इस वीडियो में ब्रह्मांड की विशालता को ऐसे दिखाया गया है कि इंसान की मौजूदगी एक बिंदु से भी छोटी महसूस होती है। पृथ्वी, आकाशगंगा और अनंत अंतरिक्ष के सामने मानव जीवन कितना क्षणिक है, यह दृश्य साफ़ करता है। यह वीडियो सिर्फ़ विज्ञान नहीं, बल्कि इंसान को उसकी वास्तविक हैसियत का एहसास भी कराता है।
#Universe #Cosmos #HumanExistence #RealityCheck #SpaceFacts #Astronomy #ScienceReels #ViralVideo #MindBlowing #Explore #Perspective
    user_द संक्षेप
    द संक्षेप
    Media company बागशाद, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Elevate everyday living with a thoughtfully designed living room—where comfort meets contemporary style and every detail feels intentional. For interior design ideas and customized solutions, contact Decoory Interiors 📩 DM for inquiries 📞 Contact us: 9821545511 🌐 www.decoory.com 📍Location: GF -71, Gaur City Center, Greater Noida West, Gautam Buddha Nagar, Uttar Pradesh 201318
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    Elevate everyday living with a thoughtfully designed living room—where comfort meets contemporary style and every detail feels intentional.
For interior design ideas and customized solutions, contact Decoory Interiors
📩 DM for inquiries
📞 Contact us: 9821545511
🌐 www.decoory.com
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    user_Decoory Interiors
    Decoory Interiors
    Interior designer कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • Post by Himachal Update 24 News
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    Post by Himachal Update 24 News
    user_Himachal Update 24 News
    Himachal Update 24 News
    Journalist कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    19 hrs ago
  • ऐहजू रेलवे स्टेशन पर पहली बार दिखा ये नजारा।
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    ऐहजू रेलवे स्टेशन पर पहली बार दिखा ये नजारा।
    user_Ankit Kumar
    Ankit Kumar
    Journalist जोगिंदरनगर, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    20 hrs ago
  • वीडियो रिपोर्ट –24जनवरी , बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। सैंज घाटी के समाजसेवी एवं अमर उजाला के तेज तर्रार पत्रकार महेंद्र पालसरा का 42 बॉ जन्म दिवस सैंज में मनाया गया। प्रेस क्लब सैंज में पत्रकारों ने मिलकर केक काट कर उन्हें बधाई दी तथा जन्मदिवस का उपहार भी उन्हें प्रदान किया गया।
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    वीडियो रिपोर्ट –24जनवरी , बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज।
सैंज घाटी के समाजसेवी एवं अमर उजाला के तेज तर्रार पत्रकार महेंद्र पालसरा का 42 बॉ जन्म दिवस सैंज में मनाया गया। प्रेस क्लब सैंज में पत्रकारों ने मिलकर  केक काट कर उन्हें  बधाई दी तथा जन्मदिवस का उपहार भी उन्हें प्रदान किया गया।
    user_Budhi Singh Thakur
    Budhi Singh Thakur
    Journalist Sainj, Kullu•
    11 hrs ago
  • heavy snowfall in Kasauli
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    heavy snowfall in Kasauli
    user_Kasauli 1842
    Kasauli 1842
    Journalist कसौली, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
    15 hrs ago
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