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ग्वालियर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जहाँ पुरानी छावनी थाना क्षेत्र की एक महिला ने अपने पड़ोसी युवक पर मारपीट और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि थाने में शिकायत करने के बावजूद उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, जिसके बाद उसने न्याय की गुहार लेकर एसपी कार्यालय की जनसुनवाई में अपनी बात रखी।
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ग्वालियर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जहाँ पुरानी छावनी थाना क्षेत्र की एक महिला ने अपने पड़ोसी युवक पर मारपीट और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि थाने में शिकायत करने के बावजूद उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, जिसके बाद उसने न्याय की गुहार लेकर एसपी कार्यालय की जनसुनवाई में अपनी बात रखी।
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- ग्वालियर जिले की पिछोर पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए, अपहरण हुई एक नाबालिग बालिका को गुजरात से बरामद किया है। इस दौरान बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपी युवक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह के निर्देशों और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री जयराज कुबेर के मार्गदर्शन में गुमशुदा बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी के लिए की गई है। फरियादी राम सिंह (परिवर्तित नाम), जो पिछोर, ग्वालियर के निवासी हैं, ने थाना पिछोर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 17 वर्ष 4 माह की बेटी मोहिनी (परिवर्तित नाम) 14 जून, 2026 को दोपहर लगभग 3 बजे बाजार जाने की कहकर घर से निकली थी और वापस नहीं लौटी। फरियादी ने आशंका जताई थी कि भोलू परिहार और इमरत बघेल उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गए हैं। शिकायत के आधार पर थाना पिछोर में अपराध क्रमांक 113/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसडीओपी डबरा श्री सौरभ कुमार के कुशल मार्गदर्शन और थाना प्रभारी पिछोर शिवम राजावत के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम गठित की गई। तकनीकी सहायता के आधार पर पुलिस को सूचना मिली कि अपहृत नाबालिग बालिका गुजरात के मेहसाणा जिले के बेचराजी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में है। इसके बाद, थाना पिछोर की पुलिस टीम को गुजरात भेजा गया, जहाँ बेचराजी पुलिस के सहयोग से तलाश की गई। तलाश के दौरान, पुलिस को बालिका मोहिनी के साथ संदेही इमरत बघेल, पुत्र भगवान सिंह बघेल (उम्र 24 वर्ष, निवासी लौहारी, थाना भितरवार, जिला ग्वालियर) मिला। बालिका को तत्काल दस्तयाब कर संदेही को अग्रिम कार्यवाही हेतु अभिरक्षा में लेकर ग्वालियर लाया गया। पुलिस ने माननीय न्यायालय डबरा में दस्तयाबशुदा बालिका मोहिनी के बयान धारा 183 बीएनएसएस के तहत दर्ज कराए और उसे ग्वालियर के वन स्टाप सेंटर भेजा। बयानों के आधार पर, पिछोर पुलिस ने प्रकरण में धारा 64(2)(एम) बीएनएस और 5एल/6 पॉक्सो एक्ट का इजाफा करते हुए आरोपी इमरत बघेल को गिरफ्तार कर लिया। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी पिछोर उनि शिवम सिंह राजावत, उनि हरिकेश बघेल, प्रआर उम्मेद सिंह, आर. भूपेन्द्र गुर्जर, आर.सतेंद्र यादव, आर. रमाशंकर, आर. चालक भानू रावत, आर. शिवम गुप्ता, मआर मेघा शर्मा (थाना पिछोर) और मआर कीर्ति (थाना डबरा देहात) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- राय की पाली गाँव के पास संदिग्ध परिस्थितियों में गंभीर रूप से घायल मिले युवक सचिन तोमर की उपचार के दौरान मौत हो जाने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है। इस घटना से नाराज परिजनों ने सोमवार को लगभग शाम 6 बजे भिंड-ग्वालियर रोड पर चक्का जाम कर दिया। उनकी मुख्य माँगें दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और घटना की निष्पक्ष जाँच करवाना है। मौके पर पहुँची पुलिस और प्रशासन की टीम ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।1
- नर्मदापुरम जिले की सेशन कोर्ट द्वारा 14 गौ सेवकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के विरोध में डबरा में गौ सेवकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। साथी हाथ बढ़ाना आपदा प्रबंधन संगठन के नेतृत्व में शहर में एक विशाल रैली निकाली गई, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची और राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने इस सजा को रद्द करने और गौ सेवकों को न्याय दिलाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह मामला 3 अगस्त 2022 का है, जब नर्मदापुरम जिले की सिवनी मालवा तहसील के बरखाड़ा गांव के पास गौ तस्करी की सूचना मिलने पर गौ रक्षकों ने एक ट्रक को रोका था। इस ट्रक में गोवंश भरे हुए थे। घटना के दौरान हुई मारपीट में महाराष्ट्र के अमरावती निवासी नजीर अहमद की बाद में उपचार के दौरान मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने 14 गौ रक्षकों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। लगभग चार वर्षों तक न्यायालय में विचाराधीन रहने के बाद, 12 जून को सेशन कोर्ट ने सभी 14 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जिसके बाद से प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। रैली में शामिल लोगों ने बिहार में हुए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की गई कि भरत तिवारी प्रकरण की सीबीआई जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने इस रैली के माध्यम से एक ओर 14 गौ सेवकों की सजा माफ करने की मांग की, वहीं भरत भूषण तिवारी मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने का आग्रह भी किया।3
- मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और वैश्य महासम्मेलन के संरक्षक उमाशंकर गुप्ता के जन्मदिन के अवसर पर, डबरा के बालाजी पब्लिक स्कूल में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह पहल वैश्य महासम्मेलन ग्वालियर ग्रामीण इकाई द्वारा की गई। इस अवसर पर इकाई के अध्यक्ष रवि सोनी, महिला अध्यक्ष श्वेता नीखरा, महामंत्री शैलेंद्र जैन, मोंटी गुप्ता, नीरज गुप्ता, राजू शिवहरे सहित सभी कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहे।3
- मोरैना के कैलारस स्थित शासकीय कॉलेज में आयोजित भोज यूनिवर्सिटी की एम.ए. और एम.एससी. फाइनल परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर नकल के आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों की पुष्टि करने वाले वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही हैं, जिनमें परीक्षार्थी एक-दूसरे की कॉपी देखकर लिखते हुए स्पष्ट रूप से दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन परीक्षाओं में न केवल मध्य प्रदेश से, बल्कि राजस्थान और उत्तर प्रदेश से भी छात्र शामिल होने के लिए कैलारस पहुँच रहे हैं। नकल के इस मामले के सामने आने के बाद, परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष और कॉलेज प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।1
- कॉकरोच पार्टी ने ग्वालियर के इंडियन कॉफी हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की गई। पार्टी ने जोर देकर कहा कि NEET के छात्रों द्वारा की गई आत्महत्याएं वास्तव में "आत्महत्या नहीं, हत्या" हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉकरोच पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में NEET, सीबीएसई और अन्य परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएं हुई हैं, और पिछले दस सालों में 89 से अधिक पेपर लीक हुए हैं। उनका स्पष्ट मत था कि शिक्षा मंत्री की चूक, भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के कारण ही NEET पेपर 2026 लीक हुआ, और यही इन दुखद व चिंताजनक घटनाओं का मूल कारण है। इसलिए, धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। पार्टी ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए नीति आयोग की 2026 की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया। रिपोर्ट के अनुसार, देश के 1 लाख 19 हज़ार सरकारी स्कूलों में बिजली नहीं है, 1 लाख से अधिक स्कूलों में केवल एक-एक शिक्षक है, 99 हज़ार सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय उपलब्ध नहीं हैं, और 14,505 सरकारी स्कूलों में पीने का पानी तक नहीं है। इसके साथ ही, पिछले दस सालों में 93 हज़ार से अधिक सरकारी स्कूल बंद हो गए हैं। कॉकरोच पार्टी ने कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था ठीक नहीं है, और इसी वजह से देश का युवा जाग रहा है तथा अपनी जिम्मेदारी समझते हुए संवैधानिक तरीके से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है।1
- मध्य प्रदेश के डबरा में तड़के सुबह एक भीषण आग लगने की घटना सामने आई, जिसमें एक बड़ा हादसा टल गया। इस दौरान मोहल्ले के लोगों ने अपनी बहादुरी दिखाते हुए एक परिवार की जान बचाई, जिसकी वजह से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। इस घटना के बाद फायर ब्रिगेड के समय पर मौके पर नहीं पहुंचने के आरोप लगाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि लखनऊ में हुए अग्निकांड के बावजूद भी आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं आया है, और यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कब इन सेवाओं में अपेक्षित सुधार होगा।1
- 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान 24 जून से शुरू होकर 8 जुलाई तक पूरे प्रदेश में संचालित किया जाएगा। साइबर अपराध को अब केवल एक तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी एक गंभीर चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। इस अभियान के तहत, मुरैना जिले के कैलारस स्थित पुलिस थाना प्रभारी सत्येंद्र कुशवाहा ने जनता को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया।1
- जौरा थाना क्षेत्र में पगारा डैम के पास पगारा रोड पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हुई, जिसके परिणामस्वरूप दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए।1