कुशीनगर में मेले का झूला गिरा, 60 फीट से हुआ मौत जैसा मंजर; 80 सवारों में से 30 घायल उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में चैत्र पूर्णिमा मेले के दौरान मंगलवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। भैसहा गांव में लगा 60 फीट ऊंचा विशाल झूला चलते-चलते अचानक उखड़कर जमीन पर गिर पड़ा। हादसे के वक्त झूले पर करीब 80 लोग सवार थे, जिनमें से 30 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में कई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। रात करीब 11:30 बजे जब झूला दो चक्कर पूरा कर चुका था, तभी वह अचानक चरमराने लगा। सवार लोगों ने खतरा भांपकर झूला रोकने के लिए चिल्लाया, लेकिन ऑपरेटर पर इसे नजरअंदाज करने का आरोप लग रहा है। कुछ ही सेकंड में तेज धमाके के साथ पूरा ढांचा उखड़कर नीचे गिर गया। झूले पर बैठे लोग तो घायल हुए ही, साथ ही नीचे सो रहे कई श्रद्धालु भी इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मेले में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। मौके पर मौजूद लोग घायलों को तुरंत अस्पताल ले गए। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और झूला संचालक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
कुशीनगर में मेले का झूला गिरा, 60 फीट से हुआ मौत जैसा मंजर; 80 सवारों में से 30 घायल उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में चैत्र पूर्णिमा मेले के दौरान मंगलवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। भैसहा गांव में लगा 60 फीट ऊंचा विशाल झूला चलते-चलते अचानक उखड़कर जमीन पर गिर पड़ा। हादसे के वक्त झूले पर करीब 80 लोग सवार थे, जिनमें से 30 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में कई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। रात करीब 11:30 बजे जब झूला दो चक्कर पूरा कर चुका था, तभी वह अचानक चरमराने लगा। सवार लोगों ने खतरा भांपकर झूला रोकने के लिए चिल्लाया, लेकिन ऑपरेटर पर इसे नजरअंदाज करने का आरोप लग रहा है। कुछ ही सेकंड में तेज धमाके के साथ पूरा ढांचा उखड़कर नीचे गिर गया। झूले पर बैठे लोग तो घायल हुए ही, साथ ही नीचे सो रहे कई श्रद्धालु भी इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मेले में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। मौके पर मौजूद लोग घायलों को तुरंत अस्पताल ले गए। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और झूला संचालक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
- सत्र 2024-25 में आवेदन के बावजूद राशि नहीं मिलने से पढ़ाई प्रभावित, समाज कल्याण विभाग पर लापरवाही का आरोप कुशीनगर जिले में छात्रवृत्ति वितरण को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। अनुसूचित जाति (एससी) की एक छात्रा को सत्र 2024-25 में आवेदन करने के बावजूद अब तक छात्रवृत्ति की धनराशि नहीं मिली है। इस संबंध में पीड़ित छात्रा व अन्य छात्रों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।प्रार्थना पत्र के अनुसार, श्रीमती मालती देवी महिला शिक्षा महाविद्यालय, बोदरवार (कुशीनगर) की एक नियमित छात्रा वर्तमान में डी.एल.एड/बीटीसी की पढ़ाई कर रही है। छात्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार की दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत सत्र 2024-25 के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक उसे छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त नहीं हुई है। छात्रा का कहना है कि जब उसने संबंधित विभाग से जानकारी ली, तो पता चला कि सामान्य वर्ग और पिछड़ा वर्ग के कई छात्रों को छात्रवृत्ति मिल चुकी है, जबकि उसे अब तक भुगतान नहीं किया गया। आरोप है कि समाज कल्याण विभाग से संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है और आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत करने के बाद भी केवल आश्वासन दिया जा रहा है। पीड़ित छात्रा ने बताया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आती है और छात्रवृत्ति न मिलने के कारण उसकी पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। किताबें, फीस और अन्य शैक्षणिक खर्चों को पूरा करना उसके लिए मुश्किल हो गया है।इस मामले में अन्य छात्रों ने भी समर्थन देते हुए बताया कि कई पात्र छात्र-छात्राएं अभी तक छात्रवृत्ति से वंचित हैं, जिससे उनमें आक्रोश है। सभी ने प्रशासन से जल्द से जल्द जांच कराकर छात्रवृत्ति की राशि जारी करने की मांग की है।उक्त सम्बन्ध में श्रीमती मालती देवी महिला शिक्षा महाविद्यालय के प्राचार्य अवध किशोर पांडे ने कहा कि ये मामला केवल मेरे कॉलेज का ही नहीं है सभी कॉलेजों की है बच्चों का करंट स्टेट्स भी नहीं खुल रहा है। हम लोगों ने जिला सामाजकल्याण अधिकारी को भी अवगत करवाया है। वहीं डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि मामले की जांच करवाई जा रही है। प्रार्थना पत्र में शामिल प्रमुख रूप से रिमा चौधरी, गुड्डू भारती, अभय कुमार गौतम, अनुज/अनुराधा चौधरी, खुशबू भारती, खुशान कनौजिया, शिशान कनौजिया, राधिका गौतम, कविता चन्द्र, कंचन कनौजिया, अंजलि गौतम, चांदनी गौड़, कोमल राव सहित अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।4
- उत्तर प्रदेश में CM हेल्पलाइन (1076) में कार्यरत महिला कर्मचारियों का वेतन मुद्दा अब बड़ा विवाद बनता जा रहा है। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का दावा है कि उन्हें महीने में मात्र ₹7 हजार वेतन दिया जाता है, जो दिन के हिसाब से करीब ₹233 बैठता है। इस कम आय में जीवन यापन करना बेहद कठिन हो रहा है। महिला कर्मियों की मांग है कि उनका वेतन बढ़ाकर कम से कम ₹15 हजार प्रति माह किया जाए, साथ ही कार्य के दौरान पर्याप्त ब्रेक और बेहतर कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित की जाएं। इन मांगों को लेकर जब वे सड़कों पर उतरीं, तो पुलिस द्वारा उन्हें रोकने और हटाने की कोशिश की गई। इस दौरान कुछ जगहों पर सख्ती की भी खबरें सामने आई हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याएं उठा रही हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। मजबूरी में उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा। यह मुद्दा अब सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। सवाल उठ रहा है कि क्या इतने कम वेतन में कोई सम्मानजनक जीवन संभव है, और क्या इस स्थिति में किसी प्रभावशाली व्यक्ति के परिवार का सदस्य काम करना स्वीकार करेगा? 👉 यह मामला प्रदेश में रोजगार, वेतन संरचना और श्रमिक अधिकारों की जमीनी हकीकत को उजागर करता है।1
- कुशीनगर जिले में छात्रवृत्ति वितरण को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। अनुसूचित जाति (एससी) की एक छात्रा को सत्र 2024-25 में आवेदन करने के बावजूद अब तक छात्रवृत्ति की धनराशि नहीं मिली है। इस संबंध में पीड़ित छात्रा व अन्य छात्रों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, श्रीमती मालती देवी महिला शिक्षा महाविद्यालय, बोदरवार (कुशीनगर) की एक नियमित छात्रा वर्तमान में डी.एल.एड/बीटीसी की पढ़ाई कर रही है। छात्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार की दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत सत्र 2024-25 के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक उसे छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त नहीं हुई है। छात्रा का कहना है कि जब उसने संबंधित विभाग से जानकारी ली, तो पता चला कि सामान्य वर्ग और पिछड़ा वर्ग के कई छात्रों को छात्रवृत्ति मिल चुकी है, जबकि उसे अब तक भुगतान नहीं किया गया। आरोप है कि समाज कल्याण विभाग से संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है और आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत करने के बाद भी केवल आश्वासन दिया जा रहा है। पीड़ित छात्रा ने बताया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आती है और छात्रवृत्ति न मिलने के कारण उसकी पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। किताबें, फीस और अन्य शैक्षणिक खर्चों को पूरा करना उसके लिए मुश्किल हो गया है। इस मामले में अन्य छात्रों ने भी समर्थन देते हुए बताया कि कई पात्र छात्र-छात्राएं अभी तक छात्रवृत्ति से वंचित हैं, जिससे उनमें आक्रोश है। सभी ने प्रशासन से जल्द से जल्द जांच कराकर छात्रवृत्ति की राशि जारी करने की मांग की है। उक्त सम्बन्ध में श्रीमती मालती देवी महिला शिक्षा महाविद्यालय के प्राचार्य अवध किशोर पांडे ने कहा कि ये मामला केवल मेरे कॉलेज का ही नहीं है सभी कॉलेजों की है बच्चों का करंट स्टेट्स भी नहीं खुल रहा है। हम लोगों ने जिला सामाजकल्याण अधिकारी को भी अवगत करवाया है। वहीं डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि मामले की जांच करवाई जा रही है। प्रार्थना पत्र में शामिल प्रमुख रूप से रिमा चौधरी, गुड्डू भारती, अभय कुमार गौतम, अनुज/अनुराधा चौधरी, खुशबू भारती, खुशान कनौजिया, शिशान कनौजिया, राधिका गौतम, कविता चन्द्र, कंचन कनौजिया, अंजलि गौतम, चांदनी गौड़, कोमल राव सहित अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।4
- हाल ही में बिहार विधानसभा की 19 समितियों का गठन किया गया है. विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार की मंजूरी के बाद समितियों के अध्यक्षों और सदस्यों की सूची जारी कर दी गई है. इसमें विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार सहित 19 विधायक अलग-अलग विभाग के अध्यक्ष बने हैं. इसके अलावा अलग-अलग विभाग के कुल 41 विधायक सदस्य बने हैं. इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायक शामिल हैं. मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को बड़ी जिम्मेदारी मिली है. अनंत सिंह को पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति का सदस्य बनाया गया है. इस पर उनकी प्रतिक्रिया आई है. दरअसल अनंत सिंह से पूछा गया कि आप पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति के सदस्य बने हैं. इसके लिए क्या सोचे हैं? इस पर अनंत सिंह ने ऐसा जवाब दिया कि सामने वाला हर कोई चौंक गया. उन्होंने दो टूक में जवाब दिया, "ई सब हम जानबो नहीं करते हैं कौची बने हैं नहीं बने हैं… ई सब नहीं जानते हैं."1
- कुशीनगर में मेले का झूला गिरा, 60 फीट से हुआ मौत जैसा मंजर; 80 सवारों में से 30 घायल उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में चैत्र पूर्णिमा मेले के दौरान मंगलवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। भैसहा गांव में लगा 60 फीट ऊंचा विशाल झूला चलते-चलते अचानक उखड़कर जमीन पर गिर पड़ा। हादसे के वक्त झूले पर करीब 80 लोग सवार थे, जिनमें से 30 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में कई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। रात करीब 11:30 बजे जब झूला दो चक्कर पूरा कर चुका था, तभी वह अचानक चरमराने लगा। सवार लोगों ने खतरा भांपकर झूला रोकने के लिए चिल्लाया, लेकिन ऑपरेटर पर इसे नजरअंदाज करने का आरोप लग रहा है। कुछ ही सेकंड में तेज धमाके के साथ पूरा ढांचा उखड़कर नीचे गिर गया। झूले पर बैठे लोग तो घायल हुए ही, साथ ही नीचे सो रहे कई श्रद्धालु भी इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मेले में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। मौके पर मौजूद लोग घायलों को तुरंत अस्पताल ले गए। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और झूला संचालक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।1
- *Breaking - कुशीनगर* - श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने में बड़ा अपडेट - घटना में चार लोगों की मौत - मृतक में चारों महिलाएं शामिल - इलाज के दौरान देर रात हुई चारों की मौत - महराजगंज जिले बड़हरा गांव की हैं सभी मृतक महिलाएं - मीरा देवी , विमला देवी, किसमति देवी और सरिता देवी की हुई मौत - अनियंत्रित होकर बड़ी गंडक नहर में पलटी थी ट्रैक्टर ट्रॉली - खड्डा थाने के सिसवा गोपाल के पास हुई थी घटना - महराजगंज के बड़हरा गांव के थे सभी श्रद्धालु - नारायणी नदी के किनारे स्थित भैंसहा दुर्गा मंदिर पर लगे मेले में जा रहे थे श्रद्धालु। - देर रात हुए हादसे में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट - रात से ही लगातार कोआर्डिनेट जारी - सभी मृतकों का पोस्टमार्टम हुआ पूरा - डीएम और एसपी ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों व परिजनों से की मुलाकात - हादसे की वजह आई सामने परिजनों के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली नहर किनारे मुड़ने वाली थी ड्राइवर आगे निकल गया, पीछे से किसी ने रास्ता छूटने की आवाज लगाई - आवाज सुनकर ड्राइवर पीछे देखने लगा ध्यान भटकने पर अचानक ब्रेक लगाने से ट्रॉली का संतुलन बिगड़ा इसी वजह से हुआ दर्दनाक हादसा - कुशीनगर प्रशासन ने महराजगंज प्रशासन को घटना की दे दी है सूचना - राहत और उपचार कार्य जारी - हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी, प्रशासन मौके पर मुस्तैद1
- *कुशीनगर में एससी छात्रा को नहीं मिली छात्रवृत्ति, डीएम से लगाई गुहार* _सत्र 2024-25 में आवेदन के बावजूद राशि नहीं मिलने से पढ़ाई प्रभावित, समाज कल्याण विभाग पर लापरवाही का आरोप_ कुशीनगर जिले में छात्रवृत्ति वितरण को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। अनुसूचित जाति (एससी) की एक छात्रा को सत्र 2024-25 में आवेदन करने के बावजूद अब तक छात्रवृत्ति की धनराशि नहीं मिली है। इस संबंध में पीड़ित छात्रा व अन्य छात्रों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, श्रीमती मालती देवी महिला शिक्षा महाविद्यालय, बोदरवार (कुशीनगर) की एक नियमित छात्रा वर्तमान में डी.एल.एड/बीटीसी की पढ़ाई कर रही है। छात्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार की दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत सत्र 2024-25 के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक उसे छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त नहीं हुई है। छात्रा का कहना है कि जब उसने संबंधित विभाग से जानकारी ली, तो पता चला कि सामान्य वर्ग और पिछड़ा वर्ग के कई छात्रों को छात्रवृत्ति मिल चुकी है, जबकि उसे अब तक भुगतान नहीं किया गया। आरोप है कि समाज कल्याण विभाग से संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है और आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत करने के बाद भी केवल आश्वासन दिया जा रहा है। पीड़ित छात्रा ने बताया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आती है और छात्रवृत्ति न मिलने के कारण उसकी पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। किताबें, फीस और अन्य शैक्षणिक खर्चों को पूरा करना उसके लिए मुश्किल हो गया है। इस मामले में अन्य छात्रों ने भी समर्थन देते हुए बताया कि कई पात्र छात्र-छात्राएं अभी तक छात्रवृत्ति से वंचित हैं, जिससे उनमें आक्रोश है। सभी ने प्रशासन से जल्द से जल्द जांच कराकर छात्रवृत्ति की राशि जारी करने की मांग की है। उक्त सम्बन्ध में श्रीमती मालती देवी महिला शिक्षा महाविद्यालय के प्राचार्य अवध किशोर पांडे ने कहा कि ये मामला केवल मेरे कॉलेज का ही नहीं है सभी कॉलेजों की है बच्चों का करंट स्टेट्स भी नहीं खुल रहा है। हम लोगों ने जिला सामाजकल्याण अधिकारी को भी अवगत करवाया है। वहीं डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि मामले की जांच करवाई जा रही है। प्रार्थना पत्र में शामिल प्रमुख रूप से रिमा चौधरी, गुड्डू भारती, अभय कुमार गौतम, अनुज/अनुराधा चौधरी, खुशबू भारती, खुशान कनौजिया, शिशान कनौजिया, राधिका गौतम, कविता चन्द्र, कंचन कनौजिया, अंजलि गौतम, चांदनी गौड़, कोमल राव सहित अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।4
- कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय बुद्धिष्ठ कॉन्क्लेव-2026 के तृतीय दिवस पर महापरिनिर्वाण मुख्य मंदिर परिसर में “युद्ध के समय में बुद्ध की प्रासंगिकता” विषय पर एक महत्वपूर्ण पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। इस सत्र में देश-विदेश से आए विद्वानों, बौद्ध भिक्षुओं, शोधकर्ताओं एवं चिंतकों ने सहभागिता करते हुए वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भगवान बुद्ध के शांति, करुणा एवं अहिंसा के सिद्धांतों की प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त किए।वक्ताओं ने कहा कि आज जब विश्व विभिन्न प्रकार के संघर्षों एवं युद्धों की परिस्थितियों से गुजर रहा है, ऐसे समय में भगवान बुद्ध का मध्यम मार्ग, सहिष्णुता तथा संवाद की भावना मानवता को नई दिशा प्रदान कर सकती है। परिचर्चा के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि बुद्ध के उपदेश केवल आध्यात्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता एवं वैश्विक शांति की स्थापना में भी अत्यंत उपयोगी हैं। युद्ध जैसी परिस्थितियों में संवाद, धैर्य एवं करुणा के मार्ग को अपनाकर स्थायी समाधान प्राप्त किया जा सकता है।कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं ने विषय के प्रति गहरी रुचि दिखाई तथा सत्र के अंत में प्रश्नोत्तर के माध्यम से अपने विचार साझा किए। यह सत्र कॉन्क्लेव के प्रमुख आकर्षणों में से एक रहा, जिसने वैश्विक शांति एवं सह-अस्तित्व के संदेश को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया।इस अवसर पर मा० विधायक, फाजिलनगर सुरेंद्र सिंह कुशवाहा ने अपने उद्बोधन में सभी आगंतुकों, विद्वानों एवं श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली होने के कारण कुशीनगर विश्व पटल पर विशेष महत्व रखता है तथा ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से जनपद की पहचान और अधिक सुदृढ़ होती है। उन्होंने कहा कि यह कॉन्क्लेव न केवल बौद्ध धर्मावलंबियों को एक साझा मंच प्रदान करता है, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यटन संवर्धन एवं निवेश के नए अवसर भी सृजित करता है।मा० विधायक ने युवाओं से आह्वान किया कि वे भगवान बुद्ध के शांति, करुणा एवं अहिंसा के संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटन विकास, आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण एवं रोजगार सृजन के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कुशीनगर को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है। इस दिशा में सड़क, हवाई एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।अंत में मा० विधायक ने आयोजन समिति को इस भव्य एवं सफल आयोजन के लिए बधाई दी तथा आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के कार्यक्रम भविष्य में भी क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।3