गोसाईगंज थाना क्षेत्र के खंडूसपुर गांव निवासी एक मजदूर की लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई है। लगभग 12 दिन पहले, वह डोमापारा-जासापारा मार्ग पर स्थित एक विद्यालय के सामने गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे, जिसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय वैजनाथ यादव के रूप में हुई है, जो लहूरी यादव अंसारी के पुत्र थे। वैजनाथ खंडूसपुर के निवासी थे और अंसारी ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिजनों के अनुसार, 22 जून की रात करीब 10 बजे उन्हें डोमापारा-जासापारा मार्ग पर स्थित विद्यालय के सामने गंभीर रूप से घायल पाया गया था। सूचना मिलने पर उन्हें पहले स्थानीय स्तर पर उपचार दिया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था, जहाँ उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान, शुक्रवार देर रात करीब तीन बजे वैजनाथ यादव ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव पहुंचे, जहाँ सूचना मिलने पर गोसाईगंज पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी गीता और पांच बच्चों - शिमला, बिमला, सीमा, कृष्णा और बाल किशन - समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इस घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। फिलहाल, सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है।
गोसाईगंज थाना क्षेत्र के खंडूसपुर गांव निवासी एक मजदूर की लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई है। लगभग 12 दिन पहले, वह डोमापारा-जासापारा मार्ग पर स्थित एक विद्यालय के सामने गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे, जिसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय वैजनाथ यादव के रूप में हुई है, जो लहूरी यादव अंसारी के पुत्र थे। वैजनाथ खंडूसपुर के निवासी थे और अंसारी ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिजनों के अनुसार, 22 जून की रात करीब 10 बजे उन्हें डोमापारा-जासापारा मार्ग पर स्थित विद्यालय के सामने गंभीर रूप से घायल पाया गया था। सूचना मिलने पर उन्हें पहले स्थानीय स्तर पर उपचार दिया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था, जहाँ उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान, शुक्रवार देर रात करीब तीन बजे वैजनाथ यादव ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव पहुंचे, जहाँ सूचना मिलने पर गोसाईगंज पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी गीता और पांच बच्चों - शिमला, बिमला, सीमा, कृष्णा और बाल किशन - समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इस घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। फिलहाल, सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है।
- सुल्तानपुर पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देशन पर सोशल मीडिया पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कारी बहार गोलीकांड के संबंध में शांति व्यवस्था को भंग करने और भड़काऊ जातिगत भाषा का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के संकेत दिए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कारी बहार गोलीकांड के मामले में सोशल मीडिया पर जातिगत आधार पर भड़काऊ बातें बोलने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- लखनऊ में, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सुलतानपुर के औद्योगिक पिछड़ेपन को दूर करने और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल धोपाप धाम के कायाकल्प से संबंधित एक महत्वपूर्ण मांग-पत्र उपमुख्यमंत्री को सौंपा। वार्ता के दौरान, रवीन्द्र त्रिपाठी ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि जनपद सुलतानपुर के पुनर्गठन के बाद इसका प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र अमेठी जनपद में चला गया, जिससे सुलतानपुर में औद्योगिक विकास की गति धीमी हो गई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय उद्यमी नए उद्योग स्थापित करना चाहते हैं, लेकिन उपयुक्त औद्योगिक क्षेत्र और भूमि की कमी के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार मंडल ने मांग की कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए जा रहे औद्योगिक गलियारे के काम में तेजी लाई जाए और इसमें सुलतानपुर के स्थानीय उद्यमियों को प्राथमिकता के आधार पर भूखंड आवंटित किए जाएं। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि सुलतानपुर के जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह भी जिले में उद्योगों की स्थापना के लिए प्रयास कर रहे हैं और उद्योग बंधु की बैठकों के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं, जिन पर त्वरित सकारात्मक कार्रवाई की आवश्यकता है। औद्योगिक मांगों के साथ ही, प्रतिनिधिमंडल ने सुलतानपुर के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल धोपाप धाम के विकास का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। रवीन्द्र त्रिपाठी ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को धोपाप धाम में आयोजित कथा का प्रसाद स्वरूप अंगवस्त्र (पटका) और धाम की स्मृति-प्रतिमा भेंट की। व्यापार मंडल ने धोपाप धाम में पक्के घाटों के विकास और सड़क निर्माण संबंधी मांग-पत्र सौंपते हुए उपमुख्यमंत्री को स्वयं धोपाप धाम आने का सादर आमंत्रण भी दिया। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों और सुलतानपुर के विकास से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से सुना। उन्होंने व्यापार मंडल को आश्वस्त किया कि सुलतानपुर के औद्योगिक विकास और धोपाप धाम के सुंदरीकरण के लिए शासन स्तर पर त्वरित और यथोचित सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष रमेश अग्रहरि, अजय कुमार बिंद और जयप्रकाश मिश्र सहित संगठन के कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी और उद्यमी उपस्थित रहे।1
- सुल्तानपुर में 'अंधेर नगरी, चौपट राजा' जैसी स्थिति सामने आई है, जहाँ कथित तौर पर न्याय के रखवाले ही आम नागरिक को डराने में लगे हैं। ग्राम पट्टी जलालपुर के रहने वाले बुजुर्ग राम सुभाग ने आरोप लगाया है कि उन्हें दोस्तपुर थाने बुलाया गया और एक कमरे में बंद कर दिया गया। वहाँ सिपाहियों ने उनसे सीधे सौदेबाजी शुरू कर दी, यह दावा करते हुए कि उनका कोई वीडियो वायरल हो गया है। आरोप है कि सिपाहियों ने बुजुर्ग से कहा कि इस 'मामले को रफा-दफा' करने के लिए उन्हें ₹1 लाख रुपये देने होंगे। हैरत की बात यह है कि सिपाहियों ने न तो वह कथित वायरल वीडियो बुजुर्ग को दिखाया और न ही इस संबंध में कोई रिपोर्ट प्रस्तुत की। पीड़ित बुजुर्ग राम सुभाग ने अब प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। इस गंभीर मामले में क्षेत्राधिकारी विनय कुमार गौतम ने जांच के निर्देश दिए हैं। यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि जब 'रक्षक ही भक्षक बन जाएं', तो आम आदमी न्याय के लिए कहाँ जाए और किसका सहारा ले।1
- सुल्तानपुर जिले के शंभूगंज चौराहे पर एक घटना हुई, जहाँ 11000 वोल्ट की बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद दो सब्जी विक्रेताओं को पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। इन व्यक्तियों की पहचान सकवा (महुअरिया) निवासी 55 वर्षीय राधे श्याम यादव (पुत्र अज्ञात) और सकवा (महुअरिया) निवासी 50 वर्षीय गुरु प्रसाद गुप्ता (पुत्र काशी गुप्ता) के रूप में हुई है। ये दोनों सब्जी बेचने का काम करते थे।2
- सुल्तानपुर के लम्भुआ तहसील अंतर्गत चांदा थाना क्षेत्र के ग्राम मुरारचक निवासी कौशिल्या पत्नी अयुग्गी ने अपनी भूमिधरी आराजी आबादी पर हुए एक विवाद के संबंध में जिलाधिकारी महोदय से शिकायत की है। आवेदन के अनुसार, यह घटना आज दिनांक 4 जुलाई 2026 को लगभग दोपहर 12 बजे हुई। इस विवाद में विपक्षीगणों के रूप में बजरंगी के पुत्र बालेन्द्र और अजीत, बजरंगी की पत्नी बड़का देवी, बालेन्द्र के पुत्र विशाल और विकास, रामभोर की पत्नी पियारी, रामभोर के पुत्र अमीर चन्द्र, रामभोर की पुत्री चांदनी, तथा अमीर चन्द्र की पत्नी राजकुमारी का नाम लिया गया है। ये सभी भी ग्राम मुरारचक थाना चांदा के ही निवासी बताए गए हैं।2
- गोसाईगंज थाना क्षेत्र के खंडूसपुर गांव निवासी एक मजदूर की लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई है। लगभग 12 दिन पहले, वह डोमापारा-जासापारा मार्ग पर स्थित एक विद्यालय के सामने गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे, जिसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय वैजनाथ यादव के रूप में हुई है, जो लहूरी यादव अंसारी के पुत्र थे। वैजनाथ खंडूसपुर के निवासी थे और अंसारी ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिजनों के अनुसार, 22 जून की रात करीब 10 बजे उन्हें डोमापारा-जासापारा मार्ग पर स्थित विद्यालय के सामने गंभीर रूप से घायल पाया गया था। सूचना मिलने पर उन्हें पहले स्थानीय स्तर पर उपचार दिया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था, जहाँ उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान, शुक्रवार देर रात करीब तीन बजे वैजनाथ यादव ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव पहुंचे, जहाँ सूचना मिलने पर गोसाईगंज पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी गीता और पांच बच्चों - शिमला, बिमला, सीमा, कृष्णा और बाल किशन - समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इस घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। फिलहाल, सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है।1