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बूंदी के एक स्थानीय लड़के का हाड़ौती कॉमेडी वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस मज़ेदार वीडियो को देखकर दर्शक खूब हँस रहे हैं।
Vijay sain Bundi
बूंदी के एक स्थानीय लड़के का हाड़ौती कॉमेडी वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस मज़ेदार वीडियो को देखकर दर्शक खूब हँस रहे हैं।
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- लगातार तीसरे दिन भी मंचन हुआ रामलीला मंचन का सिता स्वयंवर का मंचन हुआ श्री वीर तेजाजी महाराज मंदिर छत्रपुरा बुंदी मे दर्शको कि संख्या बढने लगी1
- बूंदी में कोटा एसीबी की कार्रवाई शख़ावदा ग्राम विकास अधिकारी को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते किया ट्रैप बूंदी जिले में पंचायत समिति केशवरायपाटन के ग्राम विकास अधिकारी को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। एसीबी स्पेशल यूनिट कोटा की इस कार्रवाई के बाद पंचायत समिति परिसर में हड़कंप मच गया। आरोपी पर सफाई कार्यों के बिल पास करने और सिक्योरिटी राशि लौटाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। बूंदी जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम विकास अधिकारी सतवीर सिंह कुमावत को रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी पंचायत सखावदा, पंचायत समिति केशवरायपाटन में तैनात था। एसीबी टीम ने आरोपी को 25 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। एसीबी अधिकारियों के मुताबिक परिवादी ने 5 मई को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि वह स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांवों में कचरा संग्रहण, नाली सफाई और सामुदायिक परिसरों की सफाई का कार्य करता है। उसने दो माह के सफाई कार्यों के बिल पंचायत में जमा करवाए थे, लेकिन भुगतान रोक दिया गया। आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी सतवीर सिंह कुमावत ने करीब एक लाख पचास हजार रुपए के बिल पास करवाने, सिक्योरिटी राशि वापस दिलाने और अन्य टेंडर कार्यों में परेशान नहीं करने की एवज में 25 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी सतवीर सिंह कुमावत ने करीब एक लाख पचास हजार रुपए के बिल पास करवाने, सिक्योरिटी राशि वापस दिलाने और अन्य टेंडर कार्यों में परेशान नहीं करने की एवज में 25 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। आज एसीबी टीम ने केशवरायपाटन पंचायत समिति परिसर में जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी ने परिवादी से रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद पंचायत समिति परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया1
- मंडावरा में विवाहिता की संदिग्ध मौत: अस्पताल में पीहर और ससुराल पक्ष भिड़े, लगाया हत्या का आरोप समझाइश के बाद पुलिस ने शांत कराया मामला, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें बूंदी/नमाना थाना क्षेत्र के मंडावरा गांव में बुधवार सुबह एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद जिला अस्पताल में भारी हंगामा और हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। मृतका मीना (35) पत्नी जसवीर की मौत के बाद पीहर और ससुराल पक्ष के लोग आमने-सामने हो गए और एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। मृतका के पिता और भाई संपत वर्मा ने ससुराल पक्ष पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि मीना की शादी 12 साल पहले हुई थी, लेकिन ससुराल वाले उसे लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे। परिजनों का आरोप है कि पति और देवर पिछले चार दिनों से उसके साथ लगातार मारपीट कर रहे थे। उन्होंने रोंगटे खड़े कर देने वाला दावा किया कि उनकी बेटी को घर में नंगा कर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। परिजनों के अनुसार, मीना की मौत सुबह करीब 8:30 बजे ही हो गई थी, लेकिन ससुराल पक्ष पुलिस और पीहर वालों को गुमराह करने के लिए उसे इधर-उधर घुमाते रहे और फिर अस्पताल लेकर आए अस्पताल में डॉक्टरों ने मीना को मृत घोषित कर दिया तो बिना पोस्टमार्टम करवाएं मृतका का पति और ससुर मृतक के शव को वापस मंडावरा गांव ले गए जब मामला गांव में फैल गया तो सूचना पीहर पक्ष को लगी उसके बाद मर्तका का के शव को वापस अस्पताल लेकर आए और मोर्चरी में रखवाया गया जहां पोस्टमार्टम करवा कर पीहर पक्ष के परिजनों को सौंप दिया। पीहर पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के लोग सबूत मिटाने की नीयत से शव को बिना पोस्टमार्टम करवाए ही अस्पताल से वापस मंडावरा ले गए थे। जब पीहर वालों को इसकी भनक लगी, तो वे मौके पर पहुंचे और दबाव बनाकर शव को वापस अस्पताल लाए। दूसरी ओर, ससुराल पक्ष ने मारपीट के सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे जहर सेवन का मामला बताया है। पति जसवीर, जो मैजिक टेंपो चलाता है, का कहना है कि मीना ने स्वयं किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया था, जिसके बाद उसे अस्पताल लाया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई। मृतका अपने पीछे 2 मासूम बच्चों को छोड़ गई है। अस्पताल में बढ़ते तनाव और पीहर पक्ष की महिलाओं के आक्रोश को देखते हुए कोतवाली पुलिस और कालिका यूनिट की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। आक्रोशित महिलाओं ने पुलिस के सामने भी विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद कालिका यूनिट की टीम ने समझाइश कर मामला शांत कराया। मंडावरा निवासी एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना प्राप्त हुई थी। मृतका का शव जिला अस्पताल लाया गया था, जहाँ पीहर पक्ष ने मारपीट और हत्या के आरोप लगाए हैं। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया और दोनों पक्षों के बीच समझाइश की गई। शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड द्वारा करवाया जा रहा है। शुरुआती तौर पर शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नजर नहीं आए हैं, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा। पुलिस मामले की हर पहलू से निष्पक्ष जांच कर रही है।" माया बैरवा, थानाधिकारी, नमाना मृतका के पिता का आरोप है कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई है। उनका दावा है कि बेटी के शरीर पर कई जगह चोट के निशान हैं, जिसे पुलिस अनदेखा कर रही है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- बूँदी जिले के चंद्रगंज में 1 मई को गंगरावल जी महाराज और हिंगलाज मातेश्वरी मंदिर में कलश स्थापना का भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस पावन अवसर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े और प्रसादी ग्रहण कर लाभ उठाया।1
- बूंदी के एक स्थानीय लड़के का हाड़ौती कॉमेडी वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस मज़ेदार वीडियो को देखकर दर्शक खूब हँस रहे हैं।1
- कोटा: दो प्रसूताओं की मौत के मामले में कांग्रेस ने किया प्रदर्शन न्यू मेडिकल कॉलेज कोटा में दो प्रसूताओं की मौत के मामले में कल शहर और देहात कांग्रेस ने पीपल्दा विधायक चेतन पटेल कोलाना के नेतृत्व में प्रदर्शन किया, घटना के चार दिन बाद भी अभी तक किसी की ना तो कोई जिम्मेदारी तय हुई है और ना ही किसी पर कोई कार्रवाई: आज कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने 3.30 बजे कार्यकर्ताओं से न्यू मेडिकल कॉलेज पहुंच कर प्रदर्शन की अपील की है...1
- खेतों में आग और बढ़ते हादसे! चलती बस आई चपेट में क्या लापरवाही और अग्नि असंतुलन बन रहा बड़े खतरों की वजह? गर्मियों में खेतों में लगाई जाने वाली आग अब केवल फसलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इंसानों के साथ-साथ बेजुबान जानवरों के लिए भी बड़ा खतरा बनती जा रही है। हाल ही में कोटा-सुल्तानपुर मार्ग पर खेतों की आग की चपेट में आने से एक बस में आग लग गई। समय रहते यात्री नीचे उतर गए और बड़ा हादसा टल गया। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार खेतों में पराली, सूखी घास और कचरे में लगाई जाने वाली आग कई बार नियंत्रण से बाहर हो जाती है। इससे खेतों में रहने वाले पक्षी, सांप, गोह, खरगोश और अन्य छोटे जीव जिंदा जल जाते हैं। इसे प्रकृति और जीवों के अधिकारों के साथ बड़ा अन्याय माना जाता है। कोटा के वास्तु एक्सपर्ट भाग्येश गौतम के अनुसार अग्नि तत्व का असंतुलन केवल दुर्घटनाएं ही नहीं बढ़ाता, बल्कि आसपास के वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा भी पैदा करता है। खेतों में बिना सावधानी आग लगाना कई बार सड़क हादसों, धुएं और जान-माल के नुकसान का कारण बन जाता है। उन्होंने बताया कि खेतों में लगे ट्रांसफार्मर की दिशा भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। वास्तु अनुसार बिजली और अग्नि से जुड़े उपकरणों का स्थान आग्नेय दिशा यानी दक्षिण-पूर्व (SE) में शुभ माना जाता है। गलत दिशा में लगे ट्रांसफार्मर ओवरहीटिंग, स्पार्किंग और आग की घटनाओं को बढ़ा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई खेतों में ट्रांसफार्मर के नीचे सूखी घास और कचरा जमा रहता है, जिससे छोटी सी चिंगारी भी बड़ी आग में बदल जाती है। तेज गर्मी और हवा ऐसी घटनाओं को और खतरनाक बना देती है। वास्तु और सुरक्षा के अनुसार खेतों में कुछ जरूरी सावधानियां रखने की सलाह दी जाती है— • खेतों में सूखी पराली और घास खुले में जमा न रखें • ट्रांसफार्मर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें • बिजली उपकरण आग्नेय दिशा में स्थापित करें • खेतों में आग लगाने से पहले सुरक्षा का ध्यान रखें • सड़क किनारे खेतों में विशेष सावधानी बरतें • जीव-जंतुओं और पर्यावरण की सुरक्षा को प्राथमिकता दें वास्तुविदों का मानना है कि प्रकृति, अग्नि और ऊर्जा संतुलन का सम्मान करना ही सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण की सबसे बड़ी कुंजी है। भाग्येश गौतम वास्तुविद #Kota #KotaNews #Rajasthan #RajasthanNews #Sultanpur #BusFire #FieldFire #BreakingNews #ViralNews #LocalNews #VastuShastra #VastuTips #VastuExpert #BhagyeshGautam #FireSafety #Transformer #PositiveEnergy #AgneyaDirection #SaveNature #AnimalSafety #EnvironmentalAwareness #BhairavVedicVastu #HindiNews #FacebookViral #TrendingNow1
- हिंडोली के बसोली गांव में उपखण्ड अधिकारी शिवराज मीणा ने ग्राम पंचायत स्तरीय जनसुनवाई की। इसमें हैंडपंप ठीक कराने और अतिक्रमण हटाने जैसी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बाद में उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और समर्थन मूल्य खरीद केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं बेहतर करने के आदेश दिए।1