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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहाँ पर्यटकों के एक वाहन पर अचानक भारी बोल्डर गिर गए। इस दुखद घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहाँ पर्यटकों के एक वाहन पर अचानक भारी बोल्डर गिर गए। इस दुखद घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
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- उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा 14 जून 2026 को आयोजित होने वाली आगामी परीक्षा के सफल संचालन और अभ्यर्थियों की सुविधा के मद्देनजर, चंपावत के जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने एक विशेष अपील जारी की है। उन्होंने जनपद चंपावत और अन्य क्षेत्रों के उन सभी परीक्षार्थियों से, जिनका परीक्षा केंद्र चंपावत जिले में निर्धारित है, समय से केंद्रों पर पहुंचने का आग्रह किया है। जिलाधिकारी ने सलाह दी है कि अभ्यर्थी किसी भी प्रकार की हड़बड़ी या असुविधा से बचने के लिए अपने आने-जाने और ठहरने की व्यवस्थाएं समय से पहले ही सुनिश्चित कर लें, ताकि वे मानसिक रूप से शांत होकर परीक्षा में सम्मिलित हो सकें। वर्तमान में क्षेत्र में वर्षा का दौर जारी होने की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने को कहा है। उन्होंने समझाया कि समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से न केवल सफर की अनिश्चितताओं से बचा जा सकेगा, बल्कि परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्र पर होने वाली अन्य आवश्यक औपचारिकताओं और जांच प्रक्रियाओं को भी अभ्यर्थी बिना किसी तनाव के शांतिपूर्वक पूरा कर सकेंगे। जिलाधिकारी ने यह भी आश्वस्त किया कि अभ्यर्थियों की सुरक्षा और सहायता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और परीक्षा को पारदर्शी व सुगम बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने परीक्षार्थियों को बताया कि यदि यात्रा के दौरान या परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई, मार्ग अवरोध या अन्य आपातकालीन समस्या का सामना करना पड़ता है, तो वे तुरंत जिला आपदा परिचालन केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। आपदा परिचालन केंद्र के लिए 05965-230819, 05965-230703, 7895318895, 7579060090, और 9528135726 नंबर उपलब्ध हैं, जहाँ तैनात टीम अभ्यर्थियों की हर संभव सहायता के लिए तत्पर रहेगी।1
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, उत्तराखंड के संघ शिक्षा वर्ग व्यवसायी 2026 के रात्रि कार्यक्रम के अंतर्गत, दिनांक 12 जून 2026 को विकास नगर स्थित द हिमालय इंटर नेशनल स्कूल के प्रांगण में एक विशेष प्रस्तुति का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों द्वारा 'नाटि नृत्य' की सुंदर और मनमोहक प्रस्तुति दी गई, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया और कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।1
- विश्व प्रसिद्ध श्री कैंची धाम में आयोजित वार्षिक मेले और स्थापना दिवस के अवसर पर सुबह से ही आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। बाबा नीब करौरी के दर्शनों के लिए मंदिर परिसर सुबह से ही श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ है, और अब तक लगभग 25,000 से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर चुके हैं। मेले में आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए पुलिस-प्रशासन द्वारा सुगम शटल सेवा का व्यवस्थित संचालन किया जा रहा है, साथ ही चाक-चौबंद यातायात व्यवस्था भी लागू है। यातायात को नियंत्रण में रखने और जाम की स्थिति से निपटने के लिए भवाली स्थित फॉरेस्ट बैरियर पर शटल सेवा का मुख्य स्टॉपेज बनाया गया है। एसएसपी नैनीताल द्वारा पुलिस कर्मियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि फॉरेस्ट बैरियर से आगे कैंची धाम तक सभी श्रद्धालु पैदल ही यात्रा करेंगे, जिससे पैदल चल रहे भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मेले की संवेदनशीलता और भारी भीड़ को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी०सी० स्वयं धरातल पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमान संभाले हुए हैं। एसएसपी द्वारा संपूर्ण मेला क्षेत्र का लगातार जायजा लिया जा रहा है। इसी क्रम में उन्होंने कैंची मेले के लिए विशेष रूप से बनाए गए मुख्य कंट्रोल रूम का भी आकस्मिक निरीक्षण किया और वहां तैनात कर्मचारियों को हर गतिविधि पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। फॉरेस्ट बैरियर और विभिन्न संवेदनशील पॉइंटों का निरीक्षण करते हुए, एसएसपी नैनीताल ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों को सख्त दिशा-निर्देश दिए हैं। पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, तथा उन्हें पूरी संवेदनशीलता एवं सेवा भाव के साथ ड्यूटी करने और बुजुर्गों व बच्चों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने को कहा गया है। मेला क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है, और श्रद्धालु सुगमता व हर्षोल्लास के साथ बाबा के दर्शन कर रहे हैं।2
- उत्तर प्रदेश के शामली निवासी पर्यटक अभिषेक चौहान के पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर लापता होने के बाद, बागेश्वर पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य रेस्क्यू टीमें लगातार उनकी खोज में जुटी हुई हैं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, खराब मौसम और संचार संबंधी कठिनाइयों के बावजूद, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा के निर्देशन में गठित सात विशेष रेस्क्यू टीमें यह अभियान पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ चला रही हैं। ये टीमें लगातार संभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रही हैं, जिसमें पिंडर नदी के किनारे और आसपास के दुर्गम इलाकों को आधुनिक ड्रोन कैमरों, दूरबीनों और मैन्युअल खोज के माध्यम से बारीकी से खंगाला जा रहा है। रेस्क्यू टीमों ने प्राकृतिक गुफाओं, संवेदनशील स्थानों और वाछम पुल से सोराग पुल के बीच नदी मार्ग पर भी गहन तलाशी अभियान चलाया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार खराब मौसम के बावजूद, पुलिस और रेस्क्यू कर्मी बिना रुके अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों से भी लगातार जानकारी जुटाई जा रही है ताकि खोज अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके। बागेश्वर पुलिस की यह कार्यशैली उनकी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और मानवता को दर्शाती है, यह साबित करती है कि वे किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा और खोजबीन के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करते हैं। पूरे क्षेत्र के लोग इस सघन रेस्क्यू अभियान की सराहना कर रहे हैं और लापता पर्यटक की सकुशल बरामदगी की कामना कर रहे हैं। यह सघन रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है और उम्मीद की जा रही है कि खोज टीमों के अथक प्रयास जल्द ही सकारात्मक परिणाम लेकर आएंगे।1
- नैनीताल पुलिस ने आगामी 'श्री कैंची धाम स्थापना दिवस मेला-2026' को सकुशल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है। इस दिशा में, 12 जून 2026 को मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में कुमाऊँ परिक्षेत्र, नैनीताल की पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती निवेदिता कुकरेती कुमार की अध्यक्षता तथा नैनीताल के जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रायल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग आयोजित की गई। इस बैठक में मेले की ड्यूटी पर तैनात सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर कड़े व विस्तृत निर्देश दिए गए। ब्रीफिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिसमें मंदिर परिसर, प्रवेश द्वार, पार्किंग स्थलों, बैरियरों और प्रमुख मार्गों पर बीडीएस (Bomb Detection Squad) द्वारा नियमित चेकिंग और एंटी-सबोटाज जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। स्थानीय अभिसूचना इकाई की टीमों को भी सक्रिय रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए। डॉ. जगदीश चंद्र पुलिस अधीक्षक नैनीताल/यातायात द्वारा विस्तृत यातायात और डायवर्जन प्लान की जानकारी दी गई, जिसमें किसी भी पुल, सकरे या संवेदनशील स्थान पर भारी वाहनों के खड़े होने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने को कहा गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, खोया-पाया केंद्र, मीडिया पास और शटल सेवा की विस्तृत रूपरेखा साझा की गई, साथ ही प्रसाद वितरण के लिए संचालित होने वाले 04 विशेष वाहनों के आवागमन हेतु भी दिशानिर्देश जारी किए गए। पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार कत्याल ने मेले के समग्र संचालन और सुरक्षा रोडमैप की विस्तृत जानकारी दी, जबकि श्री रेवाधर मठपाल एसपी संचार ने सभी प्रकार के स्टिकर, पास और संचार व्यवस्था पर प्रकाश डाला। नैनीताल या कैंची के होटलों में वैध बुकिंग और पार्किंग सुविधा वाले वाहनों के लिए विशेष स्टीकर लगाने की व्यवस्था की गई है, और अपर उपनिरीक्षक (ASI) एवं उनसे उच्च पद के सभी कार्मिकों के पास संचार हेतु हैंडसेट रखने के निर्देश दिए गए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक अभिसूचना श्री नरेन्द्र ने अभिसूचना और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट्स साझा किए। मेले की व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए 04 सुपर जोन बनाए गए हैं, जिन्हें आगे 14 जोन में विभाजित किया गया है। सुरक्षा बल में 03 SSP/SP, 08 Add SP, 14 COs, 26 Insp/SO, 04 TI, 11 TSI, 146 SI/Add SI, 475 HC/Const., 31 HC/Const. TP, 455 Recruit Const., PAC की 2 कंपनी 2 प्लाटून, और CAPF की 2 कंपनी के अतिरिक्त SDRF, Fire, और BDS की टीमें भी तैनात की गई हैं। सभी सुपर और जोनल पुलिस अधिकारियों को हर ड्यूटी प्वाइंट की व्यक्तिगत रूप से जांच करने और तैनात पुलिस कर्मियों को उनकी जिम्मेदारी के बारे में ब्रीफ करने के निर्देश दिए गए हैं। ब्रीफिंग के दौरान श्री चंद्रशेखर घोडके वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा, श्री अक्षय कौंडे पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़, श्री जितेंद्र मेहरा पुलिस अधीक्षक बागेश्वर समेत कई अन्य पुलिस अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे। नैनीताल पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता से अपील की है कि मेले के दौरान यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।1
- उत्तराखंड के चंपावत जिले के लोहाघाट से एक शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां सवर्ण वर्ग के कुछ टैक्सी चालकों ने देवराड़ी बैंड के पास डूंगरा बोरा निवासी एक अनुसूचित वर्ग के टैक्सी चालक को सवारियों से दिल्ली का किराया कम लेने पर उनके साथ मारपीट की और गाली-गलौज करते हुए उनके गले में जूतों की माला पहनाकर उन्हें अपमानित किया। घटना के दौरान उनका फोन भी जब्त कर लिया गया था। पीड़ित टैक्सी चालक की पहचान प्रेम राम के रूप में हुई है, जो डूंगरा बोरा से दिल्ली के लिए टैक्सी चलाते हैं। बुधवार दोपहर जब वह सवारियां लेकर दिल्ली जा रहे थे, तभी कुछ अन्य दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों ने उन्हें घेर लिया और कम किराया लेने की बात पर उनके साथ यह अमानवीय व्यवहार किया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस मामले में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी होगी।1
- अल्मोड़ा जिले में द्वाराहाट-चौखुटिया मोटर मार्ग पर ग्राम बैरती के पास शुक्रवार शाम एक चलती कार में अचानक आग लग जाने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही द्वाराहाट पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था संभालकर एक बड़ा हादसा टाल दिया। इस घटना में वाहन संख्या यूके04एएच-3938 (निसान मैग्नाइट) पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन गनीमत रही कि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई। वाहन स्वामी कपिल आर्या, जो भारतीय स्टेट बैंक की गौचर शाखा में कार्यरत हैं, ने डायल 112 पर कार में आग लगने की सूचना दी थी। उन्होंने बताया कि वे शुक्रवार को बैंक का कार्य समाप्त कर अपने साथियों शुभम और निखिल कोहली के साथ गौचर से हल्द्वानी जा रहे थे। शाम करीब 5:15 बजे ग्रीन वैली रेस्टोरेंट के पास वाहन का क्लच अचानक खराब हो गया और जांच करने पर इंजन के नीचे आग लगी हुई दिखाई दी। वाहन में सवार लोगों ने तत्काल अपना आवश्यक सामान बाहर निकाला और पानी व मिट्टी की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से पूरे वाहन में फैल गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का कार्य किया। साथ ही, द्वाराहाट और चौखुटिया की ओर से आने वाले वाहनों को सुरक्षित दूरी पर रोककर यातायात और जनसुरक्षा सुनिश्चित की। होटल स्वामी बालम सिंह नेगी और वाहन में सवार लोग भी आग बुझाने में मदद कर रहे थे। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह जल चुका था। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया आग लगने की यह घटना आकस्मिक प्रतीत हो रही है। पुलिस ने वाहन स्वामी को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए थाने में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने को कहा है। घटना के बाद मार्ग पर यातायात सामान्य रूप से संचालित होता रहा।1