उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के बहुचर्चित माती चौकी बवाल कांड में आखिरकार 11 साल बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। चौकी में आगजनी, लूटपाट, पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में कोर्ट ने 22 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 7-7 साल कैद की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यह मामला वर्ष 2015 का है, जब जमीन के पैसों के विवाद में देवा थाने के सिपाही प्रभुनाथ यादव पर सुभाष राजवंशी की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। सुभाष की मौत की खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा और भारी भीड़ ने माती चौकी का घेराव कर दिया। विरोध प्रदर्शन जल्द ही हिंसक हो गया, और भीड़ ने चौकी में तोड़फोड़ की, आगजनी की और लूटपाट शुरू कर दी। इस दौरान पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया गया और सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की कई गंभीर धाराओं के साथ-साथ सीएलए एक्ट और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। कुल 24 लोगों को नामजद किया गया था, जबकि लगभग 150 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया था। सुनवाई के लंबे दौर और गवाहों के बयानों के बाद, जिसमें दो आरोपियों की मौत भी हो चुकी है, अदालत ने अंततः 22 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें सजा सुनाई।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के बहुचर्चित माती चौकी बवाल कांड में आखिरकार 11 साल बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। चौकी में आगजनी, लूटपाट, पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में कोर्ट ने 22 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 7-7 साल कैद की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यह मामला वर्ष 2015 का है, जब जमीन के पैसों के विवाद में देवा थाने के सिपाही प्रभुनाथ यादव पर सुभाष राजवंशी की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। सुभाष की मौत की खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा और भारी भीड़
ने माती चौकी का घेराव कर दिया। विरोध प्रदर्शन जल्द ही हिंसक हो गया, और भीड़ ने चौकी में तोड़फोड़ की, आगजनी की और लूटपाट शुरू कर दी। इस दौरान पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया गया और सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की कई गंभीर धाराओं के साथ-साथ सीएलए एक्ट और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। कुल 24 लोगों को नामजद किया गया था, जबकि लगभग 150 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया था। सुनवाई के लंबे दौर और गवाहों के बयानों के बाद, जिसमें दो आरोपियों की मौत भी हो चुकी है, अदालत ने अंततः 22 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें सजा सुनाई।
- बाराबंकी के नगर पंचायत जैदपुर स्थित रईस कटरा वार्ड में स्वच्छ भारत मिशन का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। वार्ड में सफाई कर्मचारियों द्वारा ई-रिक्शा का उपयोग करके घर-घर जाकर कचरा उठाया जा रहा है, जिससे लगातार चल रहे सफाई अभियान से वार्डवासी काफी प्रसन्न हैं। वार्डवासियों ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफाई अभियान निरंतर जारी रहना चाहिए, क्योंकि बीच-बीच में सफाई कर्मियों द्वारा बरती जाने वाली लापरवाही से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उनकी मुख्य मांग है कि इसी प्रकार सफाई अभियान हमेशा जारी रखा जाए।1
- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से इंसान की मजबूरी की एक मार्मिक तस्वीर सामने आई है, जहाँ एक बहू अपनी बुजुर्ग सास को पीठ पर बैठाकर बैंक ले जाती हुई दिखाई दी। इस प्रयास का मुख्य कारण यह था कि वृद्धा को अपनी पेंशन मिल सके। यह आवश्यक था क्योंकि बुजुर्ग महिला चलने-फिरने में असमर्थ हैं और बैंक में पेंशन के भुगतान के लिए उनकी स्वयं की उपस्थिति अनिवार्य थी। बताया गया है कि इस वृद्ध महिला को केवल ₹1500 की पेंशन मिलती है, जबकि परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर है। यह घटना मानवीय कठिनाइयों और संघर्षों की उस तस्वीर को दिखाती है जिसका सामना कई लोग अपनी बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए करते हैं।1
- लखनऊ संवाददाता आशीष मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, पीलीभीत में एक व्यक्ति ने लोगों को धर्म बदलने का प्रलोभन दिया है, जिसमें 'सरकारी नौकरी और सुंदर लड़की पाओ' जैसे वादे शामिल हैं। इस व्यक्ति ने दावा किया है कि यीशु ने उसे दुष्ट आत्मा से बचाया है और वह पिछले 20 सालों से इस तरह का प्रचार कर रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में भारतीय किसान यूनियन भदौरिया के बैनर तले किसानों का आक्रोश देखने को मिला, जब तहसील और ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उनकी मांगों को अनसुना किए जाने के बाद सैकड़ों किसान तपती धूप में सड़कों पर उतर आए। भारतीय किसान यूनियन भदौरिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर हाकिम सिंह भदौरिया और जिला अध्यक्ष ठाकुर रविंद्र कुमार सिंह के निर्देशानुसार शुरू हुए इस एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन के बाद महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय की तरफ पैदल कूच कर प्रशासन की नींद उड़ा दी। यह पूरा मामला बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर तहसील और ब्लॉक के थाना सफदरगंज क्षेत्र का है। परसा तिराहे पर जिला अध्यक्ष की अगुवाई में शुरू हुआ यह धरना-प्रदर्शन किसी एक विभाग से जुड़ी नहीं, बल्कि पूरे 10 सूत्रीय बिंदुओं पर आधारित मांगों को लेकर था। किसानों ने सीधा आरोप लगाया कि क्षेत्र में वन विभाग, बिजली विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस और एनआरएलएम (NRLM) के अधिकारी अपनी मनमानी पर उतारू हैं, जिससे सिरौलीगौसपुर ब्लॉक और सफदरगंज इलाके की जनता त्रस्त है। धरने के दौरान जिलाध्यक्ष ने दो टूक चेतावनी दी थी कि अगर रामनगर रेंजर, बिजली विभाग के SDO और NRLM के क्लस्टर अधिकारी मौके पर आकर खुद जवाब नहीं देते, तो वे सीधे जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे। सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक, लगभग ढाई घंटे तक किसान अधिकारियों का इंतजार करते रहे, लेकिन एयरकंडीशनर कमरों में बैठे कथित साहबों को धूप में बैठे किसानों की सुध लेने की फुर्सत नहीं मिली। आखिरकार किसानों के सब्र का बांध टूट गया, और जिलाध्यक्ष के एक इशारे पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं व भारी संख्या में मौजूद महिलाओं ने परसा तिराहे से बाराबंकी जिला कार्यालय की ओर पैदल मार्च शुरू कर दिया। किसानों के इस गुस्से और पैदल मार्च की जानकारी मिलते ही सबसे पहले सफदरगंज थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बीच रास्ते में ही किसानों को रोकने की कोशिश की। इसके बाद जैसे ही जिला मुख्यालय तक यह खबर पहुंची, प्रशासनिक अमले के हाथ-पांव फूल गए। मामले को बिगड़ता देख सिरौलीगौसपुर के उपजिलाधिकारी (SDM) और रामनगर के वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) को खुद दौड़ते हुए मौके पर आना पड़ा। थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया, एसडीएम सिरौलीगौसपुर और रामनगर रेंजर ने किसानों के बीच पहुंचकर उन्हें काफी समझाया-बुझाया। अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया, जिसके बाद ही मामला शांत हो सका। हालांकि, यह सवाल अब भी कायम है कि सिरौलीगौसपुर तहसील और ब्लॉक के अधिकारी किसानों की समस्याओं को लेकर पहले ही गंभीर क्यों नहीं होते, और क्यों हर बार अन्नदाता को अपने हक के लिए सड़कों पर उतरकर पैदल मार्च करने को मजबूर होना पड़ता है। उम्मीद जताई गई है कि इस आंदोलन के बाद प्रशासन अपनी मनमानी बंद करेगा। इस दौरान संगठन में मुख्य रूप से महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष मंजू यादव, युवा जिला अध्यक्ष आकाश यादव, जिला उपाध्यक्ष तुफैल अहमद, सुनील वर्मा, करीम बक्स, अंतिम वर्मा, उमाशंकर सैनी, बृजेश वर्मा के साथ-साथ जिला मीडिया प्रभारी तिलक राम गुप्ता भी मौजूद रहे।3
- आज, 25 मई को, सुल्तानपुर जनपद के दोस्तपुर थाना क्षेत्र में एक युवक ने आत्महत्या कर ली। धरमपुर ग्रेसिंगपुर की निवासी श्रीमती शिवकुमारी ने पुलिस को सूचना दी कि उनके बड़े बेटे लक्ष्मीकांत मिश्रा, जो नशे के आदी थे, ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट भी घटना स्थल पर मौजूद है। आवश्यक पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है, और इस संबंध में सभी आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- बाराबंकी जनपद के थाना लोनी कटरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में चोरी की घटना सामने आई है। बताया गया है कि जब परिवार के सदस्य भागवत कथा सुनने के लिए बाहर गए हुए थे, तब चोरों ने दो घरों को अपना निशाना बनाया और वहां से सामान लेकर फरार हो गए। इस घटना को लेकर पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर ली है और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।1
- बाराबंकी में सांसद तनुज पुनिया ने सोमवार को महोबा की एक दलित छात्रा के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म और अमानवीय यातनाओं के मामले को लेकर राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की। यह ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिव कुमार वर्मा को दिया गया। सांसद तनुज पुनिया ने बताया कि महोबा की एक दलित छात्रा, जो नीट की तैयारी कर रही थी, का कोचिंग से लौटते समय अपहरण कर लिया गया था। छात्रा को 16 दिनों तक प्रयागराज में बंधक बनाकर रखा गया। आरोप है कि इस दौरान उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया, सिगरेट से जलाकर उसे प्रताड़ित किया गया और जबरन शादी कराने का प्रयास भी किया गया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं तथा कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने और उन्हें कठोरतम सजा दिलाने की पुरजोर मांग की है। इसके साथ ही, पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को सुरक्षा, मुफ्त इलाज और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई। सांसद पुनिया ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस 'सड़क से सदन तक' आंदोलन छेड़ने के लिए विवश होगी। इस ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद एपी गौतम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद मोहसिन, सरजू शर्मा, राजेन्द्र वर्मा फोटोवाला, अजीत वर्मा, मोहम्मद इजहार, इरफान कुरैशी सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।3
- बाराबंकी जनपद के थाना लोनी कटरा क्षेत्र में घर के सामने बंधी एक भैंस चोरी होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित युवक की तहरीर पर लोनी कटरा पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।1
- लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित शालीमार चौराहे पर पिछले एक महीने से अधिक समय से सड़क खुदी होने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि जलकल विभाग द्वारा कराए जा रहे काम के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं की जा सकी है, जिससे यह खुदी हुई सड़क अब जनता के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गई है। इस स्थिति के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को लंबा घूमकर निकलना पड़ रहा है, जिससे इलाके में रोजाना जाम जैसी स्थिति पैदा हो रही है। स्थानीय लोगों में इस पर लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। यह समस्या नगर निगम जोन-7 क्षेत्र में पहले भी कई बार सामने आ चुकी है, लेकिन संबंधित विभाग इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पाया है। स्थानीय जनता ने मांग की है कि जल्द से जल्द इस सड़क को दुरुस्त किया जाए ताकि आम लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके।1