बाराबंकी में सांसद तनुज पुनिया ने सोमवार को महोबा की एक दलित छात्रा के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म और अमानवीय यातनाओं के मामले को लेकर राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की। यह ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिव कुमार वर्मा को दिया गया। सांसद तनुज पुनिया ने बताया कि महोबा की एक दलित छात्रा, जो नीट की तैयारी कर रही थी, का कोचिंग से लौटते समय अपहरण कर लिया गया था। छात्रा को 16 दिनों तक प्रयागराज में बंधक बनाकर रखा गया। आरोप है कि इस दौरान उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया, सिगरेट से जलाकर उसे प्रताड़ित किया गया और जबरन शादी कराने का प्रयास भी किया गया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं तथा कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने और उन्हें कठोरतम सजा दिलाने की पुरजोर मांग की है। इसके साथ ही, पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को सुरक्षा, मुफ्त इलाज और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई। सांसद पुनिया ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस 'सड़क से सदन तक' आंदोलन छेड़ने के लिए विवश होगी। इस ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद एपी गौतम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद मोहसिन, सरजू शर्मा, राजेन्द्र वर्मा फोटोवाला, अजीत वर्मा, मोहम्मद इजहार, इरफान कुरैशी सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बाराबंकी में सांसद तनुज पुनिया ने सोमवार को महोबा की एक दलित छात्रा के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म और अमानवीय यातनाओं के मामले को लेकर राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की। यह ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिव कुमार वर्मा को दिया गया। सांसद तनुज पुनिया ने बताया कि महोबा की एक दलित छात्रा, जो नीट की तैयारी कर रही थी, का कोचिंग से लौटते समय अपहरण कर लिया गया था। छात्रा
को 16 दिनों तक प्रयागराज में बंधक बनाकर रखा गया। आरोप है कि इस दौरान उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया, सिगरेट से जलाकर उसे प्रताड़ित किया गया और जबरन शादी कराने का प्रयास भी किया गया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं तथा कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने और उन्हें कठोरतम सजा
दिलाने की पुरजोर मांग की है। इसके साथ ही, पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को सुरक्षा, मुफ्त इलाज और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई। सांसद पुनिया ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस 'सड़क से सदन तक' आंदोलन छेड़ने के लिए विवश होगी। इस ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद एपी गौतम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद मोहसिन, सरजू शर्मा, राजेन्द्र वर्मा फोटोवाला, अजीत वर्मा, मोहम्मद इजहार, इरफान कुरैशी सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- बाराबंकी जनपद में चल रही सड़क चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण परियोजनाओं का जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने रविवार, 25 मई को स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा मानकों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि शेष कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। जिलाधिकारी ने सबसे पहले लखनऊ-कुर्सी-महमूदाबाद मार्ग के किलोमीटर 19 से 51 तक चल रहे दो लेन पेव्ड शोल्डर और चार लेन चौड़ीकरण कार्य का जायजा लिया। करीब 33 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में नाले एवं नहरों पर बन रहे सेतु कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए, साथ ही परियोजना से जुड़े सभी शेष कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने मौके पर कार्यरत श्रमिकों की संख्या का सत्यापन कराया और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत पोल शिफ्टिंग, वृक्ष पातन और मिट्टी पटाई जैसे लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने को भी कहा। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए, जिलाधिकारी ने आरओडब्ल्यू क्षेत्र में अधूरे छोड़े गए छोटे कार्यों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए और संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई समय पर की जाए। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने विकास खंड निन्दूरा क्षेत्र में बद्दुपुर-खिजना मोड़ से मल्लावा मार्ग तक चल रहे चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिया निर्माण, ड्रेनेज व्यवस्था और अन्य निर्माण गतिविधियों की समीक्षा की गई। निरीक्षण के समय पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-3 के अधिशासी अभियंता राजीव राय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।3
- बाराबंकी जनपद के असंद्रा बाजार में सोमवार को आयोजित विशाल जनचौपाल में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सत्येंद्र कुमार बारी "बीनू" ने हजारों ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही त्वरित एवं प्रभावी समाधान के कड़े निर्देश दिए। जनचौपाल में लोगों की समस्याओं का तत्काल निस्तारण होते देख ग्रामीणों में विशेष उत्साह और विश्वास देखने को मिला, जिससे "न्याय अब जनता के द्वार" का संदेश साकार हुआ। अपने संबोधन में सत्येंद्र कुमार बारी ने कहा कि उनका संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी पीड़ित, वंचित और जरूरतमंद व्यक्ति न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर न हो, क्योंकि जनता की सेवा ही उनका सर्वोच्च दायित्व है। इसी क्रम में, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा चलाए जा रहे "आयोग आपके द्वार" अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में जन सहायता केंद्र और जन संपर्क कार्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। बाराबंकी प्रदेश का 30वां जनपद बना, जहाँ असंद्रा बाजार में जन संपर्क कार्यालय की स्थापना की गई, जिसका उद्देश्य ग्रामीण एवं पिछड़े वर्ग के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही सहायता और न्याय उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए राजधानी या आयोग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस जनचौपाल में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बड़ी भागीदारी रही, जिनमें विधायक दिनेश रावत, ब्लॉक प्रमुख आरती रावत, मंडल अध्यक्ष शशांक, उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी सहित कई थाना अध्यक्ष, खंड विकास अधिकारी, बिजली विभाग एवं पीआरडी विभाग के अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, लेखपाल और ग्राम सचिव उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, राजस्व, पेंशन, आवास, भूमि विवाद और सामाजिक योजनाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं, जिनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। यह जनचौपाल वास्तव में जनसमस्याओं के समाधान का एक बड़ा और प्रभावी मंच सिद्ध हुई।1
- बाराबंकी जिले के गोंडा बहराइच मार्ग पर स्थित मसौली पशु बाजार के पास सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे एक कार और मोटरसाइकिल की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़गांव में भर्ती कराया, जहाँ उसका उपचार जारी है। वहीं, दुर्घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में ले लिया है और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि फरार चालक की तलाश की जा रही है और मामले में अन्य विधिक कार्रवाई भी की गई है।1
- जनपद बाराबंकी के मसौली में सोमवार सुबह पशु बाजार के निकट एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई, जिसमें एक बाइक सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया और तीसरे को मामूली चोटें आईं। यह हादसा तेज रफ्तार कार की टक्कर से हुआ। जानकारी के अनुसार, जनपद बाराबंकी के थाना हुजूरपुर अंतर्गत ग्राम गड़रियन पुरवा निवासी औलाद हुसैन, इरशाद हुसैन और आमिर तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर लखनऊ से अपने घर लौट रहे थे। मसौली स्थित पशु बाजार के पास एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर के कारण औलाद हुसैन की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, वहीं आमिर गंभीर रूप से घायल हो गए और इरशाद को हल्की चोटें आईं। स्थानीय लोगों की सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने औलाद हुसैन को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है। पुलिस ने मृतक का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही कर रही है।1
- बदायूं जिले में वाटर पार्क, स्विमिंग पूल और अन्य जल मनोरंजन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बदायूं पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अंकिता शर्मा के सीधे निर्देश पर, जनपद में 7 दिवसीय विशेष और सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य हादसों को प्रभावी ढंग से रोकना और सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करना है। इस अभियान के तहत, पुलिस टीमें सभी जल मनोरंजन स्थलों का गहन निरीक्षण कर रही हैं और दस मुख्य बिंदुओं पर जांच केंद्रित है। इनमें वैध लाइसेंस, आवश्यक अनुमति पत्र और स्थानीय निकाय की एनओसी जैसे दस्तावेज़ों की पड़ताल शामिल है। सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित लाइफगार्ड्स की तैनाती, प्राथमिक और आपातकालीन चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, तथा पानी की गहराई बताने वाले संकेतक बोर्ड और चेतावनी घेरे का होना सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, परिसर में सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता, महिला व बच्चों की सुरक्षा व गोपनीयता के पुख्ता इंतजाम, बिजली के तारों की सुरक्षा व फर्श पर फिसलन रोकने के उपाय, आग से बचाव के उपकरणों की उपलब्धता व कार्यशीलता, और आपातकालीन निकास मार्गों की सुरक्षा भी जांच के दायरे में है। एसएसपी बदायूं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी पाए जाने पर संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे जल मनोरंजन स्थलों पर जाते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें और विशेष रूप से अपने बच्चों पर पानी के पास कड़ी निगरानी रखें। पुलिस विभाग ने यह भी बताया है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जा सके।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नाम पर लोगों का एक अनोखा उत्साह देखने को मिला। इस कार्यक्रम के दौरान, पार्टी के समर्थकों ने जोर-शोर से 'कॉकरोच जनता पार्टी जिंदाबाद' के नारे लगाए। इस आयोजन में एक व्यक्ति कॉकरोच की वेशभूषा में भी नजर आया, वहीं समर्थक भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर भी पहुंचे। इस पूरे कार्यक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- बाराबंकी जिले में एक जमीन विवाद ने बवाल का रूप ले लिया है, जहाँ पीड़ितों पर ही पुलिस ने कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार, देवा क्षेत्र में मारपीट और धमकी की घटनाएँ सामने आई हैं, जिसके बाद यह स्थिति उत्पन्न हुई है। पुलिस द्वारा पीड़ित पक्ष पर ही की गई कार्रवाई पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के बहुचर्चित माती चौकी बवाल कांड में आखिरकार 11 साल बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। चौकी में आगजनी, लूटपाट, पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में कोर्ट ने 22 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 7-7 साल कैद की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यह मामला वर्ष 2015 का है, जब जमीन के पैसों के विवाद में देवा थाने के सिपाही प्रभुनाथ यादव पर सुभाष राजवंशी की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। सुभाष की मौत की खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा और भारी भीड़ ने माती चौकी का घेराव कर दिया। विरोध प्रदर्शन जल्द ही हिंसक हो गया, और भीड़ ने चौकी में तोड़फोड़ की, आगजनी की और लूटपाट शुरू कर दी। इस दौरान पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया गया और सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की कई गंभीर धाराओं के साथ-साथ सीएलए एक्ट और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। कुल 24 लोगों को नामजद किया गया था, जबकि लगभग 150 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया था। सुनवाई के लंबे दौर और गवाहों के बयानों के बाद, जिसमें दो आरोपियों की मौत भी हो चुकी है, अदालत ने अंततः 22 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें सजा सुनाई।2