धनबाद के उपायुक्त अपनी सादगी और संस्कृति के प्रति गहरी संवेदनशीलता दिखाते हुए मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में नजर आए। उन्होंने अफसरशाही से दूर रहते हुए एक गरीब महिला की फरियाद पर उसकी खोरठा भाषा में ही जवाब दिया, जिससे उनकी जमीन से जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान के प्रति सम्मान स्पष्ट दिखा। यह घटना तब हुई जब एक गरीब महिला अपनी जमीन पर दूसरे व्यक्ति द्वारा जबरन बाउंड्री किए जाने की शिकायत लेकर उपायुक्त के पास पहुंची थी। उपायुक्त ने महिला को आश्वस्त किया कि उनके मामले में उचित और न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त आदित्य रंजन का यह सहज अंदाज जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं को सुना गया। भूमि, पेंशन, आवास, राशन कार्ड, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों से संबंधित दर्जनों मामलों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष मामलों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निपटान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। धनबाद उपायुक्त में झारखंडी संस्कृति और सादगी का यह एक मिसाल देखने को मिला।
धनबाद के उपायुक्त अपनी सादगी और संस्कृति के प्रति गहरी संवेदनशीलता दिखाते हुए मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में नजर आए। उन्होंने अफसरशाही से दूर रहते हुए एक गरीब महिला की फरियाद पर उसकी खोरठा भाषा में ही जवाब दिया, जिससे उनकी जमीन से जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान के प्रति सम्मान स्पष्ट दिखा। यह घटना तब हुई जब एक गरीब महिला अपनी जमीन पर दूसरे व्यक्ति द्वारा जबरन बाउंड्री किए जाने की शिकायत लेकर उपायुक्त के पास पहुंची थी। उपायुक्त ने महिला को आश्वस्त किया कि उनके मामले में उचित और न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त आदित्य रंजन का यह सहज अंदाज जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं को सुना गया। भूमि, पेंशन, आवास, राशन कार्ड, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों से संबंधित दर्जनों मामलों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष मामलों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निपटान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। धनबाद उपायुक्त में झारखंडी संस्कृति और सादगी का यह एक मिसाल देखने को मिला।
- धनबाद के उपायुक्त अपनी सादगी और संस्कृति के प्रति गहरी संवेदनशीलता दिखाते हुए मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में नजर आए। उन्होंने अफसरशाही से दूर रहते हुए एक गरीब महिला की फरियाद पर उसकी खोरठा भाषा में ही जवाब दिया, जिससे उनकी जमीन से जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान के प्रति सम्मान स्पष्ट दिखा। यह घटना तब हुई जब एक गरीब महिला अपनी जमीन पर दूसरे व्यक्ति द्वारा जबरन बाउंड्री किए जाने की शिकायत लेकर उपायुक्त के पास पहुंची थी। उपायुक्त ने महिला को आश्वस्त किया कि उनके मामले में उचित और न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त आदित्य रंजन का यह सहज अंदाज जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं को सुना गया। भूमि, पेंशन, आवास, राशन कार्ड, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों से संबंधित दर्जनों मामलों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष मामलों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निपटान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। धनबाद उपायुक्त में झारखंडी संस्कृति और सादगी का यह एक मिसाल देखने को मिला।1
- धनबाद में 100 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 8 लेन सड़क इस समय बेहद बदहाल स्थिति में है। इस महत्वपूर्ण मार्ग पर बनी स्ट्रीट लाइटें भी पूरी तरह से बंद पड़ी हैं, जिससे सड़क की मौजूदा खराब हालत और भी गंभीर हो गई है।1
- पश्चिम जमशेदपुर के विधायक सरयू राय, वियाडा के पूर्व अध्यक्ष एवं समाजसेवी विजय कुमार झा, और वार्ड पाँच की पार्षद निरुपमा देवी द्वारा दो दिन पूर्व गजलीटांड़ स्थित कतरी नदी पर अवस्थित एक अस्थाई पुल का जायजा लिया गया था। इस निरीक्षण के दौरान, विधायक सरयू राय ने स्पष्ट किया था कि वे इस मामले को जल्द से जल्द विधानसभा में उठाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर इसे न्यायालय तक ले जाने का काम करेंगे। इस खबर को वीडियो न्यूज़ के माध्यम से प्रमुखता से प्रसारित किया गया। इस समाचार के तत्काल प्रभाव से बीसीसीएल सक्रिय हुई और अंततः अवैध रूप से आउटसोर्सिंग द्वारा बनाए गए इस अस्थाई पुल को हटाने पर मजबूर हो गई। बीसीसीएल ने सोमवार शाम से लेकर मंगलवार पूरे दिन इसे हटाने का काम किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि खबर का असर हुआ और कंपनी 'बैक फुट' पर आ गई। इस संबंध में, वियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार झा और वार्ड पार्षद निरुपमा देवी से बातचीत की गई है।1
- KCNTVINDIA ने शिशीर कुमार मिश्रा द्वारा प्रस्तुत एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट जारी की है।1
- धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने का दिशा-निर्देश दिया है।1
- बोकारो जिले के गोमिया में मंगलवार 23 जून को एक प्रेमिका अपने प्रेमी को जेल से रिहा कराने की जिद पर मोबाइल टावर पर चढ़ गई, जिससे पूरे इलाके में हाई-वोल्टेज ड्रामा मच गया और सनसनी फैल गई। ललपनिया पंचायत के तिलैया गांव की निवासी सोनी कुमारी गोमिया थाना क्षेत्र के ढेंढे गांव स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गई। मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब चार दिन पहले उसके प्रेमी और उसे रांची से पुलिस ने बरामद किया था, जिसके बाद प्रेमी को जेल भेज दिया गया था। अपने प्रेमी की रिहाई की मांग को लेकर वह टावर पर अड़ी हुई है और समाचार भेजे जाने तक वह नीचे नहीं उतरी थी। इस हरकत के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। बेरमो अनुमंडल एसडीपीओ रबिन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार सोनी कुमारी को समझा-बुझाकर सुरक्षित नीचे उतारने में जुटी है। प्रशासन ने पूरे इलाके को घेर कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।2
- जनता दरबार के दौरान, डीसी ने आम लोगों की जनसमस्याओं को सुना। इस पहल के परिणामस्वरूप, कई मामलों का मौके पर ही त्वरित निष्पादन किया गया।1
- आज मंगलवार को बाघमारा बचाओ नागरिक संघर्ष समिति ने आद्रा रेल मंडल के महुदा सेक्शन स्थित खानुडीह स्टेशन के ईस्ट केबिन के रेल गेट BG27 पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के निर्माण की मांग को लेकर एक भव्य जुलुस निकाला। यह जुलुस लुती पहाड़ी चौक से शुरू होकर बाघमारा बाजार होते हुए प्रखंड कार्यालय तक पहुँचा, जहाँ यह एक सभा में बदल गया। समिति के अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने सभा की अध्यक्षता की, जिसमें विजय शर्मा, योगेंद्र सिंह, लगन देव यादव, रविंद्र पांडेय, दिनेश ठक्कर और आदर्श गुप्ता सहित कई वक्ताओं ने लोगों को संबोधित किया। वक्ताओं ने बाघमारा रेल फाटक पर हो रही परेशानियों को उजागर करते हुए तत्काल ओवरब्रिज बनाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई। सभा के समापन के बाद, एक प्रतिनिधिमंडल ने धनबाद उपायुक्त के नाम एक ज्ञापन बीडीओ को सौंपा, जिसमें ओवरब्रिज की मांग को दोहराया गया।1