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कुशीनगर एयरपोर्ट को चालू कराने की मांग को लेकर 30 जून को एक 'उड़ान अधिकार पदयात्रा' का आयोजन किया जाएगा। इस पदयात्रा का नेतृत्व अजय कुमार लल्लू करेंगे, जिसमें शामिल होकर लोगों से अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया गया है। यह पदयात्रा सुबह 9 बजे कसया कचहरी से शुरू होगी और एयरपोर्ट तक जाएगी, जिसका मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट के संचालन के लिए दबाव बनाना है।
Salma khatoon
कुशीनगर एयरपोर्ट को चालू कराने की मांग को लेकर 30 जून को एक 'उड़ान अधिकार पदयात्रा' का आयोजन किया जाएगा। इस पदयात्रा का नेतृत्व अजय कुमार लल्लू करेंगे, जिसमें शामिल होकर लोगों से अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया गया है। यह पदयात्रा सुबह 9 बजे कसया कचहरी से शुरू होगी और एयरपोर्ट तक जाएगी, जिसका मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट के संचालन के लिए दबाव बनाना है।
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- कुशीनगर एयरपोर्ट को चालू कराने की मांग को लेकर 30 जून को एक 'उड़ान अधिकार पदयात्रा' का आयोजन किया जाएगा। इस पदयात्रा का नेतृत्व अजय कुमार लल्लू करेंगे, जिसमें शामिल होकर लोगों से अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया गया है। यह पदयात्रा सुबह 9 बजे कसया कचहरी से शुरू होगी और एयरपोर्ट तक जाएगी, जिसका मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट के संचालन के लिए दबाव बनाना है।1
- कुशीनगर एयरपोर्ट को जल्द से जल्द चालू करने की मांग को लेकर 30 जून को एक 'उड़ान अधिकार पदयात्रा' का आयोजन किया जाएगा। इस पदयात्रा का नेतृत्व अजय कुमार लल्लू करेंगे। यह यात्रा सुबह 9 बजे कसया कचहरी से शुरू होकर एयरपोर्ट तक जाएगी, जिसमें लोगों से अपनी आवाज बुलंद करने और शामिल होने का आह्वान किया गया है।1
- कुशीनगर के पडरौना में डॉ. कमलेश वर्मा ने एक बयान जारी कर कहा है कि “मीडिया का ही नहीं, हमारी भी सुन लीजिए।” उनके इस कथन पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि पूर्व में उन्हें एक अच्छे चिकित्सक के रूप में जाना जाता रहा है, जिनकी बातों को लोग गंभीरता से सुनते आए हैं। इस संदर्भ में, यह पूछा जा रहा है कि आखिर ऐसी क्या आवश्यकता आ पड़ी है कि उन्हें अब यह कहना पड़ रहा है कि लोग उनकी बात सुनें। यह स्वीकार करते हुए कि लोग उनकी बात अवश्य सुनेंगे और सुननी भी चाहिए, इस बात पर जोर दिया गया है कि डॉ. वर्मा को समझना होगा कि कंधे पर आला, हाथ में कलम और टेबल पर रखा कोरा कागज़ का उद्देश्य केवल किसी “किलकारी” (जीवन) के संघर्ष और सेवा की कहानी लिखना होना चाहिए। लेख में डॉ. वर्मा को स्पष्ट रूप से यह बताया गया है कि यदि उनकी बातें उनके मन की हैं, तो समाज उन्हें भी सुनेगा। हालांकि, पिस्टल की नोक पर या किसी प्रकार का दबाव बनाकर “किलकारी की कीमत” तय करने का प्रयास अनुचित है। यह रेखांकित किया गया है कि सेवा, संवेदना और विश्वास की कोई कीमत नहीं होती, इन्हें केवल अच्छे कर्मों और आचरण से ही अर्जित किया जा सकता है। अंत में, इस बात पर बल दिया गया है कि कलम की असली ताकत संवाद में निहित है, न कि दबाव बनाने में।1
- कुशीनगर जनपद के हरपुर माफी क्षेत्र के लिकी टोला में एक 9 वर्षीय मासूम के अचानक लापता होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। उत्तम पासवान का पुत्र सन्नी पासवान सामान्य दिनों की तरह घर से बाहर निकला था, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी वह वापस नहीं लौटा। परिजनों की शुरुआती तलाश के दौरान नहर की पटरी पर सन्नी के कपड़े मिलने से बच्चे के नहर में डूबने की आशंका जताई जा रही है। सन्नी अपने परिवार में दो भाइयों में बड़ा है, जिसके दादा रामनयन पासवान, माता तंजा देवी और छोटा भाई प्रियांशु हैं। बच्चे के वापस न लौटने पर परिवार और गांव वालों ने आसपास खोजबीन शुरू की। नहर किनारे कपड़े मिलने की सूचना से परिवार को गहरा झटका लगा। घटना की सूचना मिलते ही रामकोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से तत्काल खोज अभियान शुरू कराया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम को भी इस अभियान में लगाया गया है, जो लगातार नहर में उतरकर हर संभावित स्थान पर सन्नी की तलाश कर रही है। समाचार लिखे जाने तक सन्नी का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद हैं, जिनकी निगाहें लगातार खोज अभियान पर टिकी हैं और सभी किसी अच्छी खबर की उम्मीद कर रहे हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, और माँ लगातार अपने बेटे के लौट आने की आस में बैठी है, जबकि परिजन और ग्रामीण लगातार तलाश में सहयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने ऐसे मामलों में समय पर सूचना और तेजी से खोज अभियान की अहमियत पर जोर दिया है। सन्नी के परिजनों ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को भी सन्नी पासवान के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तुरंत परिवार या स्थानीय पुलिस को सूचित करें।3
- कुशीनगर का किलकारी हॉस्पिटल और उसके संचालक डॉ. कमलेश वर्मा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं, जहाँ उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में डॉ. कमलेश वर्मा अस्पताल परिसर में हंगामे के दौरान अपने हाथ में तमंचा लिए कुछ लोगों के साथ धक्का-मुक्की और तीखी बहस करते नजर आ रहे हैं, जिसने लोगों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। चिकित्सकीय पेशे को 'धरती का भगवान' मानने वाले लोग भी इस घटना पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, वीडियो की सत्यता और उसमें दिख रहे लोगों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच का विषय है। यह विवाद पेट की पथरी की जांच से जुड़ी एक अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट को लेकर शुरू हुआ। वायरल वीडियो के बाद अधिवक्ता संकल्प चतुर्वेदी ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है। शिकायत के अनुसार, जब वह अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट पर संबंधित डॉक्टर का नाम और हस्ताक्षर न होने का कारण पूछा, तो डॉ. कमलेश वर्मा कथित तौर पर भड़क गए। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज करते हुए हाथ में तमंचा लेकर संकल्प चतुर्वेदी को दौड़ाया और धमकी दी कि 'तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे, मेरा सम्बन्ध बड़े-बडे अधिकारियों से है'। शिकायतकर्ता का दावा है कि यदि मौके पर मौजूद स्थानीय लोग बीच-बचाव न करते तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी, जिसके बाद कथित तौर पर डॉक्टर के हाथ से तमंचा छीन लिया गया और पीड़ित ने किसी तरह अपनी जान बचाकर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कई गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं, जिनकी पुलिस द्वारा जांच की जानी है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि किलकारी हॉस्पिटल और डॉ. कमलेश वर्मा का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले भी अस्पताल परिसर में मरीज के परिजनों के साथ हॉकी से मारपीट का मामला सुर्खियों में रहा था, और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि डॉ. वर्मा लगभग हर वर्ष किसी न किसी मरीज, तीमारदार या परिजन के साथ विवाद, अभद्र व्यवहार, मारपीट या तीखी नोकझोंक को लेकर चर्चा में बने रहते हैं। इस ताजा शिकायत और वीडियो के सामने आने के बाद फिर से यह सवाल उठने लगा है कि स्वास्थ्य सेवा के नाम पर चल रहे संस्थानों में मरीजों और उनके परिजनों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों हो रहा है। यह मामला अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिका है, और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह चिकित्सा पेशे की गरिमा और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर सवाल बन जाएगा।1
- कुशीनगर के तरयासुजन थाना क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान कथित रूप से अवैध हथियारों के प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में गहरी चर्चा का माहौल बना हुआ है, और लोग पुलिस प्रशासन से मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि शादी की खुशियों के बीच कुछ व्यक्तियों ने अपना प्रभाव और रौब दिखाने के लिए हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन किया। ऐसी हरकतें न केवल कानून व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती हैं, बल्कि किसी बड़े और दुर्भाग्यपूर्ण हादसे का कारण भी बन सकती हैं। हालांकि, वायरल हो रहे इस वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। लेकिन, क्षेत्र के लोग पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग कर रहे हैं, जिसके संज्ञान लिए जाने की चर्चा भी चल रही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कुशीनगर पुलिस इस वायरल वीडियो पर क्या कदम उठाती है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।1
- कुशीनगर जिले में टोल को लेकर कुछ युवकों की दबंगई का मामला सामने आया है। बीती रात, तमकुहीराज के सलेमगढ़ टोल प्लाजा पर इन दबंग युवकों ने जबरदस्ती टोल गेट को हटा दिया। जब टोलकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो युवकों ने उनके साथ जमकर मारपीट की। दबंग युवकों ने टोलकर्मियों को बेरहमी से पीटा और घटना को अंजाम देने के बाद वे वहां से फरार हो गए। यह पूरी घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। टोलकर्मियों की पिटाई का यह वीडियो अब वायरल हो रहा है, जिसके आधार पर पुलिस इन दबंग युवकों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में जुट गई है।1