हमीरपुर :रातभर की बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की तोड़ी कमर, खेतों में बिछी फसल मौदहा में आसमान से बरसी ‘सफेद आफत’, गेहूं-चना-सरसों पर भारी मार मौदहा (हमीरपुर)। मौदहा क्षेत्र में बीती शनिवार-रविवार की रात हुई तेज बारिश और रविवार दोपहर बाद आंधी के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। पहले जहां बीते सप्ताह आई आंधी-बारिश से फसलों को मामूली नुकसान हुआ था, वहीं इस बार की बारिश ने खेतों में खड़ी और कटी पड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। किसानों का कहना है कि इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी कमर तोड़ दी है। क्षेत्र के कई गांवों से ओलावृष्टि की सूचना मिलने के बाद किसान नुकसान का आंकलन करने में जुट गए हैं। सबसे ज्यादा असर गेहूं, चना और सरसों की फसल पर पड़ा है। किसानों के अनुसार, खेतों में कटी पड़ी फसल भीगने से खराब होने लगी है, जबकि खड़ी फसल तेज हवाओं और ओलों से झुक गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि चना और सरसों की करीब 80 प्रतिशत, जबकि गेहूं की लगभग 50 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि जो गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है, उसे हार्वेस्टर से काटना मुश्किल होगा। ऐसी फसल को अब मजदूरों के सहारे ही काटा जा सकेगा, जिससे लागत भी बढ़ेगी और समय भी लगेगा। जिन किसानों का चना और लाही (सरसों) अभी कटना बाकी है, उन्हें सबसे अधिक नुकसान होने की आशंका है। हालांकि कुछ किसानों को अभी भी उम्मीद है कि खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल सूखने के बाद कुछ हद तक दाना दे सकती है। वहीं जिन क्षेत्रों में बंधा की जमीन पर देर से बुवाई हुई थी, वहां फिलहाल नुकसान कम बताया जा रहा है। लेकिन किसानों का साफ कहना है कि अगर मौसम का यही मिजाज बना रहा, तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है। किसानों की पीड़ा किसानों का कहना है कि “जो फसल खेत में गिर गई है, वह हार्वेस्टर से नहीं उठेगी। मजदूरों से कटवानी पड़ेगी। चना और लाही की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान है। गेहूं में पहले मामूली नुकसान था, लेकिन ओलावृष्टि के बाद अब नुकसान ज्यादा हो गया है।” ग्राउंड रिपोर्ट का निष्कर्ष मौदहा क्षेत्र में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर गहरी चोट की है। रबी सीजन की तैयार खड़ी फसल पर आई इस प्राकृतिक मार ने गांव-गांव में चिंता बढ़ा दी है। अब किसानों की निगाहें मौसम के अगले रुख और प्रशासन की राहत व्यवस्था पर टिकी हैं।
हमीरपुर :रातभर की बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की तोड़ी कमर, खेतों में बिछी फसल मौदहा में आसमान से बरसी ‘सफेद आफत’, गेहूं-चना-सरसों पर भारी मार मौदहा (हमीरपुर)। मौदहा क्षेत्र में बीती शनिवार-रविवार की रात हुई तेज बारिश और रविवार दोपहर बाद आंधी के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। पहले जहां बीते सप्ताह आई आंधी-बारिश से फसलों को मामूली नुकसान हुआ था, वहीं इस
बार की बारिश ने खेतों में खड़ी और कटी पड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। किसानों का कहना है कि इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी कमर तोड़ दी है। क्षेत्र के कई गांवों से ओलावृष्टि की सूचना मिलने के बाद किसान नुकसान का आंकलन करने में जुट गए हैं। सबसे ज्यादा असर गेहूं, चना और सरसों की फसल पर पड़ा है। किसानों के अनुसार, खेतों में
कटी पड़ी फसल भीगने से खराब होने लगी है, जबकि खड़ी फसल तेज हवाओं और ओलों से झुक गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि चना और सरसों की करीब 80 प्रतिशत, जबकि गेहूं की लगभग 50 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि जो गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है, उसे हार्वेस्टर से काटना मुश्किल होगा। ऐसी फसल को अब मजदूरों के
सहारे ही काटा जा सकेगा, जिससे लागत भी बढ़ेगी और समय भी लगेगा। जिन किसानों का चना और लाही (सरसों) अभी कटना बाकी है, उन्हें सबसे अधिक नुकसान होने की आशंका है। हालांकि कुछ किसानों को अभी भी उम्मीद है कि खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल सूखने के बाद कुछ हद तक दाना दे सकती है। वहीं जिन क्षेत्रों में बंधा की जमीन पर देर से बुवाई
हुई थी, वहां फिलहाल नुकसान कम बताया जा रहा है। लेकिन किसानों का साफ कहना है कि अगर मौसम का यही मिजाज बना रहा, तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है। किसानों की पीड़ा किसानों का कहना है कि “जो फसल खेत में गिर गई है, वह हार्वेस्टर से नहीं उठेगी। मजदूरों से कटवानी पड़ेगी। चना और लाही की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान है। गेहूं में पहले
मामूली नुकसान था, लेकिन ओलावृष्टि के बाद अब नुकसान ज्यादा हो गया है।” ग्राउंड रिपोर्ट का निष्कर्ष मौदहा क्षेत्र में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर गहरी चोट की है। रबी सीजन की तैयार खड़ी फसल पर आई इस प्राकृतिक मार ने गांव-गांव में चिंता बढ़ा दी है। अब किसानों की निगाहें मौसम के अगले रुख और प्रशासन की राहत व्यवस्था पर टिकी हैं।
- मौदहा (हमीरपुर)। मौदहा क्षेत्र में बीती शनिवार-रविवार की रात हुई तेज बारिश और रविवार दोपहर बाद आंधी के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। पहले जहां बीते सप्ताह आई आंधी-बारिश से फसलों को मामूली नुकसान हुआ था, वहीं इस बार की बारिश ने खेतों में खड़ी और कटी पड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। किसानों का कहना है कि इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी कमर तोड़ दी है। क्षेत्र के कई गांवों से ओलावृष्टि की सूचना मिलने के बाद किसान नुकसान का आंकलन करने में जुट गए हैं। सबसे ज्यादा असर गेहूं, चना और सरसों की फसल पर पड़ा है। किसानों के अनुसार, खेतों में कटी पड़ी फसल भीगने से खराब होने लगी है, जबकि खड़ी फसल तेज हवाओं और ओलों से झुक गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि चना और सरसों की करीब 80 प्रतिशत, जबकि गेहूं की लगभग 50 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि जो गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है, उसे हार्वेस्टर से काटना मुश्किल होगा। ऐसी फसल को अब मजदूरों के सहारे ही काटा जा सकेगा, जिससे लागत भी बढ़ेगी और समय भी लगेगा। जिन किसानों का चना और लाही (सरसों) अभी कटना बाकी है, उन्हें सबसे अधिक नुकसान होने की आशंका है। हालांकि कुछ किसानों को अभी भी उम्मीद है कि खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल सूखने के बाद कुछ हद तक दाना दे सकती है। वहीं जिन क्षेत्रों में बंधा की जमीन पर देर से बुवाई हुई थी, वहां फिलहाल नुकसान कम बताया जा रहा है। लेकिन किसानों का साफ कहना है कि अगर मौसम का यही मिजाज बना रहा, तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है। किसानों की पीड़ा किसानों का कहना है कि “जो फसल खेत में गिर गई है, वह हार्वेस्टर से नहीं उठेगी। मजदूरों से कटवानी पड़ेगी। चना और लाही की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान है। गेहूं में पहले मामूली नुकसान था, लेकिन ओलावृष्टि के बाद अब नुकसान ज्यादा हो गया है।” ग्राउंड रिपोर्ट का निष्कर्ष मौदहा क्षेत्र में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर गहरी चोट की है। रबी सीजन की तैयार खड़ी फसल पर आई इस प्राकृतिक मार ने गांव-गांव में चिंता बढ़ा दी है। अब किसानों की निगाहें मौसम के अगले रुख और प्रशासन की राहत व्यवस्था पर टिकी हैं।6
- मौदहा (हमीरपुर)। क्षेत्र में दबंगई का मामला सामने आया है, जहां ग्राम परछा निवासी कथित भूमाफिया मुईनुद्दीन उर्फ जुम्मू व उसके साथियों पर 24 मार्च को किसान अरशद इस्लाम की खड़ी फसल जबरन काट ले जाने का आरोप लगा है पीड़ित ने पहले कोतवाली में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर अपर पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई मामले को गंभीरता से लेते हुए एएसपी मनोज कुमार गुप्ता ने कोतवाली प्रभारी को जल्द कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं 👉 पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकीं1
- आज शाम 06 बजे आंधी तूफान तेज बारिश और ओला वृष्टि के चलते थाना तिंदवारी के प्रशासनिक भवन का छज्जा आंशिक रूप से गिर गया था जिसकी वजह से जनसुनवाई कर रहे पुलिसकर्मियों तथा थाने पर आए बुजुर्ग दंपत्ति को मामूली चोटे आई हैं उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया डॉक्टरों द्वारा इलाज कर दिया गया। उनकी चोटें सामान बताई गई है जिनकी स्थिति ठीक है। थाना परिसर के छज्जा की सुरक्षा व मरम्मत की कार्यवाही कराई जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक बांदा शिवराज।1
- बांदा । जनपद बांदा के नगर क्षेत्र में लोहिया पुल के पास स्थित कान्हा कुंज में रविवार को विश्व हिंदू महासंघ गौ रक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान समिति के जिलाध्यक्ष महेश कुमार प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 27 अप्रैल 2026 को देशभर में गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग को लेकर व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक जनपद की तहसीलों में एक साथ प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि गौ रक्षा समिति लगातार गौवंश के संरक्षण और उनके हितों के लिए कार्य कर रही है। इस अभियान के माध्यम से गौवंश की वर्तमान दयनीय स्थिति में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही जनजागरूकता बढ़ाने के लिए तहसील स्तर पर रैलियां और शोभायात्राएं भी निकाली जाएंगी।बैठक में निर्णय लिया गया कि 27 अप्रैल को विशाल शोभायात्रा निकालकर लोगों को इस मुहिम से जोड़ा जाएगा और गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को मजबूती से उठाया जाएगा। इस मौके पर जिला मंत्री सुतकीर्ति गुप्ता, अनीता गुप्ता, आरती वाल्मीकि, अधिवक्ता प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष दीपक शुक्ला, जिला प्रभारी सुरेश कान्हा, सह प्रभारी आलोक कुमार निगम, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार मिश्रा, सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।1
- बांदा। 05 अप्रैल 2026 की संध्या, जब आकाश ने अचानक अपना रौद्र रूप धारण किया और तेज आंधी, मूसलाधार वर्षा तथा ओलावृष्टि ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया, उसी क्षण थाना तिंदवारी का प्रशासनिक भवन भी प्रकृति के इस प्रहार से अछूता न रह सका। लगभग 6 बजे भवन का छज्जा आंशिक रूप से भरभराकर गिर पड़ा—मानो वह वर्षों से किसी अदृश्य उपेक्षा का भार सहते-सहते अंततः टूट गया हो। घटना के समय थाने में जनसुनवाई चल रही थी—वह स्थान, जहां आमजन अपनी पीड़ा लेकर न्याय की आशा में आते हैं। विडंबना देखिए कि उसी क्षण कुछ पुलिसकर्मी और एक बुजुर्ग दंपत्ति स्वयं इस आकस्मिक दुर्घटना का शिकार बन गए। यद्यपि संतोष का विषय यह रहा कि सभी को केवल मामूली चोटें आईं, और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को सामान्य बताया है। किन्तु यह घटना केवल एक आकस्मिक प्राकृतिक आपदा भर नहीं कही जा सकती। यह उस बुनियादी ढांचे की भी परीक्षा है, जिस पर आमजन की सुरक्षा और विश्वास टिका होता है। प्रश्न यह उठता है कि क्या भवन की संरचनात्मक स्थिति पहले से ही जर्जर थी? यदि हाँ, तो समय रहते इसकी मरम्मत क्यों नहीं कराई गई? हालांकि प्रशासन द्वारा क्षतिग्रस्त छज्जे की मरम्मत और सुरक्षा सुनिश्चित करने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है, परंतु यह घटना एक चेतावनी भी है—कि सार्वजनिक स्थलों की नियमित जांच और रखरखाव केवल औपचारिकता न रहकर प्राथमिकता बननी चाहिए। अपर पुलिस अधीक्षक बांदा श्री शिवराज ने घटना को नियंत्रण में बताते हुए घायलों के समुचित उपचार की पुष्टि की है। परंतु इस आश्वासन के साथ-साथ यह अपेक्षा भी स्वाभाविक है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, और व्यवस्था केवल प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि पूर्व-प्रबंधन की दिशा में भी सशक्त कदम उठाए।1
- तिंदवारी थाने में हादसा: आंधी-ओलावृष्टि से छज्जा गिरा, पुलिसकर्मी और बुजुर्ग दंपत्ति घायल बांदा के तिंदवारी थाना परिसर में रविवार शाम तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। प्रशासनिक भवन का छज्जा आंशिक रूप से गिर गया, जिससे वहां मौजूद पुलिसकर्मी और जनसुनवाई के लिए आए एक बुजुर्ग दंपत्ति घायल हो गए। घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी की हालत सामान्य बताई है। फिलहाल छज्जे की मरम्मत और सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इस पूरे मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक बांदा शिवराज ने जानकारी दी है। #BandaNews #Tindwari #WeatherAlert #Storm #Rain #Hailstorm #BreakingNews #UPNews #Police #Accident #GroundReport1
- Post by Raj dwivedi1
- मौदहा नगर की तहसील सभागार में आयोजित समाधान दिवस में फरियादियों ने पुलिस, राजस्व, अवैध कब्जा, मारपीट, अपहरण व पीएम किसान सम्मान निधि से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराईं। लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी, फरियादियों की संख्या भी घट रही है।1