उत्तर प्रदेश के लखनऊ में सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश बी. सी. सक्सेना द्वारा लिखित पुस्तक "माया" का भव्य और गरिमामय विमोचन संपन्न हुआ। इस विशेष समारोह में न्यायिक, प्रशासनिक, साहित्यिक एवं सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं तथा साहित्यप्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति ओ पी श्रीवास्तव थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक राजेश्वर सिंह और अतिथि सम्मान के रूप में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल वर्मा उपस्थित रहे। विमोचित की गई यह पुस्तक 'माया' नामक एक महिला के जीवन, उसके संघर्ष, भावनाओं, संबंधों, आत्मसम्मान तथा सामाजिक परिस्थितियों के बीच उसकी जीवन-यात्रा पर आधारित एक बेहद संवेदनशील कथा है। अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि यह कृति नारी जीवन के विविध आयामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है और पाठकों को संवेदनशीलता व मानवीय मूल्यों से जोड़ती है। समारोह के दौरान सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश श्याम लाल, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश यू. एस. अवस्थी, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश बी. के. श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डी के निगम तथा लूलू मॉल के निदेशक जयकुमार गंगाधरन सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने इस उत्कृष्ट साहित्यिक कृति की सराहना करते हुए इसे समाज में महिला सशक्तिकरण, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक मूल्यों पर सार्थक विमर्श को प्रेरित करने वाली रचना बताया। अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया और कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश बी. सी. सक्सेना द्वारा लिखित पुस्तक "माया" का भव्य और गरिमामय विमोचन संपन्न हुआ। इस विशेष समारोह में न्यायिक, प्रशासनिक, साहित्यिक एवं सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं तथा साहित्यप्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति ओ पी श्रीवास्तव थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक राजेश्वर सिंह और अतिथि सम्मान के रूप में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल वर्मा उपस्थित रहे। विमोचित की गई यह पुस्तक 'माया' नामक एक महिला के जीवन, उसके संघर्ष, भावनाओं, संबंधों, आत्मसम्मान तथा सामाजिक परिस्थितियों के बीच उसकी जीवन-यात्रा पर आधारित एक बेहद संवेदनशील कथा है। अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि यह कृति नारी जीवन के विविध आयामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है और पाठकों को संवेदनशीलता व मानवीय मूल्यों से जोड़ती है। समारोह के दौरान सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश श्याम लाल, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश यू. एस. अवस्थी, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश बी. के. श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डी के निगम तथा लूलू मॉल के निदेशक जयकुमार गंगाधरन सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने इस उत्कृष्ट साहित्यिक कृति की सराहना करते हुए इसे समाज में महिला सशक्तिकरण, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक मूल्यों पर सार्थक विमर्श को प्रेरित करने वाली रचना बताया। अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया और कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
- भदोही जनपद के डीघ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कलनुआ में पौधारोपण अभियान की तैयारी के तहत सरकारी पौधे गांव में पहुंच गए हैं। ग्राम प्रधान की देखरेख में इन पौधों को गांव के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, सड़क किनारे तथा अन्य उपयुक्त स्थानों पर रोपित किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना, हरियाली बढ़ाना तथा लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित करना है। इसके साथ ही ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि वे लगाए गए पौधों की उचित देखभाल करें ताकि वे भविष्य में बड़े वृक्ष बनकर पर्यावरण और गांव के विकास में अपना योगदान दे सकें।1
- वाराणसी के सारनाथ को भारत की सबसे पवित्र बौद्ध भूमि बताया गया है। इस स्थान पर धमेख स्तूप और अशोक स्तंभ मौजूद हैं, जिनसे जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य इस पवित्र भूमि के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं।1
- प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र में बेखौफ चोरों ने बिजली विभाग को बड़ा झटका देते हुए 11 केवीए कोहड़ार फीडर से तार चोरी कर लिया और तीन विद्युत पोल क्षतिग्रस्त कर दिए। इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके के 12 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे करीब 1600 उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अवर अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि 10 व 11 जुलाई की रात हरिहरा नाला कोहड़ार पहाड़ी के पास 33/11 केवी लालतारा उपकेंद्र से निर्गत 11 केवी कोहड़ार फीडर की लाइन से अज्ञात चोरों ने आठ पोल के बीच का एसीएसआर तार काटकर चोरी कर लिया। चोरों ने इसके साथ ही तीन विद्युत पोल भी तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिए। रात 10:38 बजे लाइन ब्रेकडाउन की सूचना मिलने पर विभाग की टीम ने पेट्रोलिंग करते हुए पोल-टू-पोल जांच की, जिसके बाद सुबह मौके पर पहुंचने पर चोरी की घटना की पुष्टि हुई। इस वारदात में करीब 60 हजार रुपये का तार चोरी हुआ है, जबकि लगभग 12 हजार रुपये के पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस मामले में अवर अभियंता आशीष कुमार द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मेजा पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
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- प्रयागराज जिले के यमुनानगर क्षेत्र में कोरांव तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा लहवा भगेसर से पोखरी रोड जाने वाली मुख्य सड़क प्रशासनिक लापरवाही के कारण पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। गांव के आवागमन की एकमात्र कड़ी मानी जाने वाली यह सड़क अब किसी कब्रगाह से कम नहीं लगती है। सड़क की हालत इतनी जर्जर है कि यहाँ जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे बरसात के दिनों में पूरा रास्ता तालाब का रूप ले लेता है और सूखे मौसम में धूल का गुबार लोगों की आंखों में चुभता है। अब इस रास्ते पर पैदल चलना तो दूर, मोटरसाइकिल और साइकिल निकालना भी बेहद मुश्किल हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि कई साल बीत जाने के बाद भी यह सड़क विकास की राह देख रही है और यहाँ न तो खड़ंजा बिछा है, न मोरम पड़ा है और न ही डामरीकरण हुआ है। इस बदहाल रास्ते के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, बीमार लोगों को अस्पताल ले जाना दूभर हो चुका है और किसान अपनी फसलों को खेतों से निकालते समय गिरकर चोटिल हो रहे हैं। लहवा पोखरी भगेसर गांव के लोग हताश होकर पूछ रहे हैं कि क्या उनका गांव सरकार की सूची में शामिल नहीं है या फिर जिम्मेदार अधिकारी कभी इस क्षेत्र में पहुँचे ही नहीं हैं। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन मिले हैं, निर्माण नहीं। अधिकारी आते हैं, स्थिति देखते हैं और फिर वापस चले जाते हैं। ग्रामीणों में इस प्रशासनिक उदासीनता को लेकर भारी आक्रोश है और वे सीधे तौर पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा? ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा है, "सड़क बनवाइए, हमें भी इंसान समझिए।"1
- यमुनापार के घूरपुर थाना क्षेत्र के पवरी गांव में शनिवार शाम करीब 4:30 बजे तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत हो गई। पवरी गांव की निवासी रामपति (60 वर्ष), पत्नी स्वर्गीय लाल जी, अपने गांव से सुक्खू का पूरा धान की रोपाई करने के लिए जा रही थीं। जब वह बड़े तारा तालाब के पास पहुंचीं, तभी गौहनिया की ओर से आ रही तेज गति की ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला सड़क पर गिर गईं और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और चालक अपना वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर घूरपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस फरार चालक की तलाश में जुटी है और मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।1