बांदा पुलिस ने एक कथित दुष्कर्म मामले की जांच में बड़ा खुलासा किया है। झांसी निवासी एक महिला ने बांदा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर कुछ लोगों पर जबरन दुष्कर्म का आरोप लगाया था, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि महिला की पहचान सोशल मीडिया के जरिए बांदा के एक युवक से हुई थी। आरोप है कि उस युवक ने महिला को शादी और पैसों का लालच देकर बांदा बुलाया, और अपनी पुरानी रंजिश निकालने के लिए कुछ लोगों के खिलाफ उससे एक झूठी शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई थी। पुलिस ने इस पूरे षड्यंत्र के मुख्य आरोपी की पहचान कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। वहीं, महिला की तहरीर के आधार पर उसके साथ हुई धोखाधड़ी और अन्य संबंधित तथ्यों को लेकर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है, जिसके तहत ब्लैकमेलिंग और झूठी गैंगरेप की कहानी का पर्दाफाश हुआ है।
बांदा पुलिस ने एक कथित दुष्कर्म मामले की जांच में बड़ा खुलासा किया है। झांसी निवासी एक महिला ने बांदा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर कुछ लोगों पर जबरन दुष्कर्म का आरोप लगाया था, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि महिला की पहचान सोशल मीडिया के जरिए बांदा के एक युवक से हुई थी। आरोप है कि उस युवक ने महिला को शादी और पैसों का लालच देकर बांदा बुलाया, और अपनी पुरानी रंजिश निकालने के लिए कुछ लोगों के खिलाफ उससे एक झूठी शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई थी। पुलिस ने इस पूरे षड्यंत्र के मुख्य आरोपी की पहचान कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। वहीं, महिला की तहरीर के आधार पर उसके साथ हुई धोखाधड़ी और अन्य संबंधित तथ्यों को लेकर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है, जिसके तहत ब्लैकमेलिंग और झूठी गैंगरेप की कहानी का पर्दाफाश हुआ है।
- बांदा पुलिस ने एक कथित दुष्कर्म मामले की जांच में बड़ा खुलासा किया है। झांसी निवासी एक महिला ने बांदा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर कुछ लोगों पर जबरन दुष्कर्म का आरोप लगाया था, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि महिला की पहचान सोशल मीडिया के जरिए बांदा के एक युवक से हुई थी। आरोप है कि उस युवक ने महिला को शादी और पैसों का लालच देकर बांदा बुलाया, और अपनी पुरानी रंजिश निकालने के लिए कुछ लोगों के खिलाफ उससे एक झूठी शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई थी। पुलिस ने इस पूरे षड्यंत्र के मुख्य आरोपी की पहचान कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। वहीं, महिला की तहरीर के आधार पर उसके साथ हुई धोखाधड़ी और अन्य संबंधित तथ्यों को लेकर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है, जिसके तहत ब्लैकमेलिंग और झूठी गैंगरेप की कहानी का पर्दाफाश हुआ है।1
- बांदा जिले के अतर्रा कस्बे में पैसों के मामूली विवाद ने एक परिवार की खुशियों को छीन लिया, जब क्षणिक आवेश में छोटे भाई आशीष ने अपने बड़े भाई विकास के सिर पर ईंट से हमला कर दिया। इस गंभीर चोट के कारण विकास की उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी आशीष को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, अतर्रा कस्बे के राजनगर प्रहलाद सिंह का पुरवा निवासी आशीष पुत्र राजकुमार का 5 जून की देर रात अपने बड़े भाई विकास पुत्र राजकुमार से पैसों को लेकर विवाद हो गया था। यह कहासुनी इतनी बढ़ी कि आशीष ने गुस्से में आकर विकास के सिर पर ईंट से वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। विकास को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद मृतक की माँ श्रीमती सुनीता देवी की तहरीर पर थाना अतर्रा में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की गई। थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आशीष को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई ईंट भी बरामद कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध मुकदमा संख्या 205/26 में कार्रवाई की जा रही है और उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौबे, कांस्टेबल रविन्द्र श्रीवास और कांस्टेबल अजय प्रजापति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- हमीरपुर में केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं जनकल्याण के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कृषि विभाग द्वारा 'विकसित कृषि संकल्प अभियान' और 'खेत बचाओ अभियान' चलाए जा रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती के तरीकों से अवगत कराना है, जो 5 जून से 21 जून तक जनपद की विभिन्न ग्राम पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत, शनिवार को विकास खंड सुमेरपुर के ग्राम स्वासा खुर्द में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ उप कृषि निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग और वैज्ञानिक खेती के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों को मृदा परीक्षण पर आधारित खेती करने, हरी खाद का उपयोग करने, जैव उर्वरकों को अपनाने और वर्मी कम्पोस्ट बनाने की सलाह भी दी। इस दौरान किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना के बारे में भी बताया गया, जिसमें कम ब्याज दर पर कृषि ऋण और समय पर भुगतान करने पर मिलने वाली ब्याज छूट की जानकारी शामिल थी। अधिकारियों ने खरीफ फसलों की तैयारी, फसल विविधीकरण तथा दलहनी एवं तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों की विभिन्न समस्याओं का समाधान किया और उन्हें विभागीय योजनाओं, अनुदान कार्यक्रमों तथा कृषि यंत्रीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की। कृषि विभाग के अनुसार, इस अभियान के तहत जनपद के 102 गांवों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि किसानों को नवीन कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।1
- मौदहा तहसील परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने बड़ी संख्या में आए फरियादियों की जनसमस्याएं सुनीं। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 60 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 6 शिकायतों का मौके पर ही सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया। अधिकांश शिकायतें विद्युत विभाग, जल निगम और राजस्व विभाग से संबंधित थीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि शेष बची शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक फरियादी को त्वरित न्याय और राहत मिलनी चाहिए। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे और शिकायतों के निस्तारण हेतु आवश्यक कार्रवाई की गई। कार्यक्रम के समापन के उपरांत, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी उचित देखभाल करने की अपील भी की।1
- हमीरपुर में प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब कार्रवाई में इस्तेमाल हो रहा बुलडोजर अचानक एक नाले में धंस गया। यह घटना उस वक्त हुई जब लेंटर टूट गया और बुलडोजर का पहिया एक गहरे गड्ढे में फंस गया, जिससे मशीन वहीं रुक गई। बुलडोजर के फंसने के बावजूद, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को रोका नहीं गया और इसे जारी रखा गया। नगर पालिका के दर्जनों कर्मचारी और भारी पुलिस बल मौके पर तैनात थे, जबकि ईओ और तहसीलदार की मौजूदगी में प्रशासन ने पूरी स्थिति का मोर्चा संभाला। बुलडोजर के रुकने के बाद, कर्मचारियों ने हथौड़ों और अन्य उपकरणों का उपयोग करके अतिक्रमण हटाने के अभियान को आगे बढ़ाया। यह अभियान BSNL कार्यालय के पीछे चलाया जा रहा था और इसने स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया, विशेषकर इसलिए क्योंकि यह कार्रवाई नोटिस के बावजूद अतिक्रमण न हटाए जाने पर की गई थी। इस बाधा के बावजूद, हमीरपुर में प्रशासन का यह बड़ा एक्शन जारी रहा और बुलडोजर के नाले में फंसने के बाद भी अतिक्रमण हटाओ अभियान को नहीं रोका गया।4
- विश्वकर्मा योजना के तहत किट वितरण प्रक्रिया में अवैध वसूली का गंभीर आरोप सामने आया है। इस मामले को लेकर एक पीड़ित महिला ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल गहन जांच की मांग उठाई है।1
- बांदा के अतर्रा थाना क्षेत्र में पुलिस ने मामूली विवाद के चलते अपने सगे भाई की ईंट से मारकर हत्या करने वाले अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध नियंत्रण और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई। दरअसल, कस्बा अतर्रा निवासी आशीष पुत्र राजकुमार ने 5 जून, 2026 की देर रात पैसे को लेकर हुए एक मामूली विवाद में अपने बड़े भाई विकास के सिर पर ईंट से गंभीर वार किया था। इस हमले के कारण विकास गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। मृतक की मां सुनीता देवी की तहरीर पर अतर्रा थाने में अभियोग पंजीकृत किया गया था, जिसके बाद से ही पुलिस अभियुक्त की तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में, अतर्रा थाना पुलिस ने अभियुक्त आशीष को 6 जून, 2026 को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ईंट भी अभियुक्त के पास से बरामद की है।2
- हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र में राम जानकी मंदिर के बाहर बैठे एक युवक पर कुल्हाड़ी और लाठियों से हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया गया। सुरौली बुजुर्ग निवासी बृजेश गौतम ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि यह घटना 5 जून की शाम 7:30 बजे हुई थी, जब वह राम जानकी मंदिर के बाहर बैठे थे। तभी गांव के शिव प्रसाद ने पीछे से आकर उन पर कुल्हाड़ी से वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके साथ ही, विनीत और हरि ने भी लाठियों से प्रहार कर बृजेश को चोटें पहुंचाईं। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने इस मामले में दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।1