औरंगाबाद जिले में LPG गैस के लिए आम जनता को लगानी पड़ रही है 3 बजे भोर से लाइन सरकार सोई है नींद की गोली खा कर। औरंगाबाद में LPG गैस को लेकर मची अफरा-तफरी, लोगों ने सरकार से पूछे सवाल औरंगाबाद (बिहार): जिले में इन दिनों LPG गैस की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिलने से आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। कई इलाकों में लोगों को कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिसके कारण घरों में खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस एजेंसियों पर सिलेंडर की आपूर्ति कम हो रही है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि बुकिंग कराने के बाद भी उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। कुछ जगहों पर तो लोगों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। गैस की इस समस्या को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए ताकि आम जनता को राहत मिल सके। कई लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर गैस की आपूर्ति में इतनी देरी क्यों हो रही है और इसका जिम्मेदार कौन है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी कहना है कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सुचारु नहीं की गई तो लोगों का आक्रोश बढ़ सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि गैस एजेंसियों की जांच कर आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन और सरकार इस गंभीर समस्या पर कब तक ठोस कदम उठाती है और लोगों को इस संकट से कब राहत मिलती है।
औरंगाबाद जिले में LPG गैस के लिए आम जनता को लगानी पड़ रही है 3 बजे भोर से लाइन सरकार सोई है नींद की गोली खा कर। औरंगाबाद में LPG गैस को लेकर मची अफरा-तफरी, लोगों ने सरकार से पूछे सवाल औरंगाबाद (बिहार): जिले में इन दिनों LPG गैस की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिलने से आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। कई इलाकों में लोगों को कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिसके कारण घरों में खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस एजेंसियों पर सिलेंडर की आपूर्ति कम हो रही है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि बुकिंग कराने के बाद भी उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। कुछ जगहों पर तो लोगों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। गैस की इस समस्या को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए ताकि आम जनता को राहत मिल सके। कई लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर गैस की आपूर्ति में इतनी देरी क्यों हो रही है और इसका जिम्मेदार कौन है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी कहना है कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सुचारु नहीं की गई तो लोगों का आक्रोश बढ़ सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि गैस एजेंसियों की जांच कर आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन और सरकार इस गंभीर समस्या पर कब तक ठोस कदम उठाती है और लोगों को इस संकट से कब राहत मिलती है।
- औरंगाबाद में LPG गैस को लेकर मची अफरा-तफरी, लोगों ने सरकार से पूछे सवाल औरंगाबाद (बिहार): जिले में इन दिनों LPG गैस की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिलने से आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। कई इलाकों में लोगों को कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिसके कारण घरों में खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस एजेंसियों पर सिलेंडर की आपूर्ति कम हो रही है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि बुकिंग कराने के बाद भी उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। कुछ जगहों पर तो लोगों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। गैस की इस समस्या को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए ताकि आम जनता को राहत मिल सके। कई लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर गैस की आपूर्ति में इतनी देरी क्यों हो रही है और इसका जिम्मेदार कौन है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी कहना है कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सुचारु नहीं की गई तो लोगों का आक्रोश बढ़ सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि गैस एजेंसियों की जांच कर आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन और सरकार इस गंभीर समस्या पर कब तक ठोस कदम उठाती है और लोगों को इस संकट से कब राहत मिलती है।1
- Post by गौतम चंद्रवंशी जी1
- औरंगाबाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव श्रीमती तान्या पटेल के द्वारा 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर यातायात एवं परिवहन पदाधिकारी विभाग के साथ अपने प्रकोष्ठ में एक बैठक किया गया। सचिव श्रीमती तान्या पटेल द्वारा परिवहन विभाग से बैठक करने के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सभा सदन में जिला के सभी संवाददाताओं के साथ प्रेस वार्ता की गयी। प्रेस वार्ता में सचिव द्वारा संवाददाताओं को जानकारी उपलब्ध कराया गया कि चालान से सम्बन्धित लम्बित वादों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारण हेतु अलग से बेंच बनेगा और जो सुलहनीय यातायात से सम्बन्धित मामलें का आफ लाईन या आॅन लाईन चालान जमा करना चाहतें हैं उन्हें इसके लिए परिवहन व्हिकिल से सम्बन्धित निबन्धित मोबाईल नम्बर लाना होगा। सचिव द्वारा बताया गया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में चालान माफी का कोई प्रावधान नहीं है। जिला परिवहन द्वारा लगाये गये जुर्माना में अगर कोई त्रुटियाॅं हो या गलत तरीके से चालान काटा गया हो तो उसे ठीक कराने का एक अच्छा प्लेटफार्म मिलेगा और त्रुटियों से सम्बन्धित आवेदन लिखने में पारा विधिक स्वयं सेवक द्वारा सहयोग किया जायेगा जिसमें परिवहन विभाग से सम्बन्धित पदाधिकारी को अधिकृत एवं प्रतिनियुक्त करते हुए मामलें से सम्बन्धित बेंच पर उपस्थित रहकर राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन उक्त से सम्बन्धित मामलें के निस्तारण त्रुटि सुधार, आॅफ लाईन, आॅन लाई जुर्माना जमा करने हेतु आये वादकारियों को अपेक्षित सहयोग एवं उनके दावों पर औचित्यपूर्ण दावों पर विचार किया जायेगा। बाईट सचिव श्रीमती तान्या पटेल1
- रफीगंज प्रखंड के कासमा थाना क्षेत्र स्थित कासमा बाजार निवासी प्रवेश मिश्र के इकलौते पुत्र 28 वर्षीय सतीश मिश्र की झारखंड में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। परिजनों के अनुसार सतीश मिश्र चतरा में एक फाइनेंस कंपनी में काम करते थे। कंपनी के काम से बाइक पर जा रहे थे तभी चतरा से लगभग 15 किमी दूर गुमला पथ पर एक स्कॉर्पियो ने जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल सतीश मिश्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। दो वर्ष पहले ही उनकी शादी हुई थी। बुधवार शाम शव कासमा पहुंचते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मुखिया नरेंद्र मिश्र सहित कई लोगों ने पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया।1
- देश के कई हिस्सों में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। गैस की सप्लाई कम होने और कीमत बढ़ने की खबरों के बीच कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। तस्वीरों में आप साफ देख सकते हैं कि किस तरह हजारों की तादाद में लोग अपने गैस सिलेंडर के लिए लाइन में खड़े हैं। सुबह से लेकर देर रात तक लोग एजेंसियों के बाहर इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन कई लोगों को घंटों लाइन में लगने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों और मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव की वजह से गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है। इसका असर अब देश के अलग-अलग शहरों में दिखाई देने लगा है। हालांकि सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि सप्लाई को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है और जल्द ही स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। लेकिन इन हालातों के बीच एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो रहा है। 2016 में लोग एटीएम की लाइनों में लगे थे… 2020 में कोरोना महामारी के दौरान लोग ऑक्सीजन के लिए लाइन में खड़े नजर आए… और अब 2026 में लोग गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं। इन तस्वीरों को देखकर लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर आम जनता को बार-बार जरूरी चीजों के लिए लाइन में क्यों लगना पड़ रहा है। देश मे गैस सिलेंडर के लिए मची अफरा-तफरी ! एजेंसियों के बाहर हजारों की लाइन ! गैस के लिए महिला गिर कर हुई बेहोश ! 👇🏻1
- गोह(औरंगाबाद) गोह थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव में अतिक्रमण हटाने की विवाद में हुए झगड़े में घायल व्यक्ति की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई है। मृतक की पहचान गोपालपुर गांव निवासी धर्मेंद्र चंद्रवंशी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार गांव के ही लक्ष्मण चंद्रवंशी का अतिक्रमण के चलते मकान पर प्रशासन द्वारा बुलडोजर की कार्रवाई की गई थी। इसी कार्रवाई से नाखुश लक्ष्मण चंद्रवंशी, पवन चंद्रवंशी, अरुण चंद्रवंशी, किशोरी चंद्रवंशी सहित दर्जनों लोगों ने बीते शनिवार को धर्मेंद्र चंद्रवंशी व उसकी पत्नी चंद्रवती देवी को जिम्मेवार बताते हुए लाठी डंडे व रड से पीट-पीट कर था अधमरा कर दिया था। जिसे गंभीर हालत में मगध मेडिकल कॉलेज गयाजी रेफर किया गया था। लेकिन वहां से भी धर्मेन्द्र की स्थिति गंभीर देखते हुए पटना पीएमसीएच में रेफर किया गया था जहां उसकी देर रात मौत हो गई। बुधवार की दोपहर करीब 2:00 बजे जैसे ही शव गोपालपुर गांव पहुँचा की पूरे गांव में मातम पसर गया। वहीं मृतक के पांच छोटे छोटे बच्चे हैं, जिसमें पुत्री रौशनी 13 वर्ष, रेशमी 10 वर्ष व शिवानी 8 वर्ष जबकि पुत्र सन्नी कुमार 6 वर्ष व मनीष कुमार 4 वर्ष शामिल हैं। मामले में थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि मामले में 24 लोगों नामजद आरोपी बनाया गया है। जिनमें पवन चंद्रवंशी, किशोर चंद्रवंशी व अरुण चंद्रवंशी को मारपीट के दिन ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। शेष बच्चे हुए आरोपियों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।1
- लोकतंत्र की आवाज़ निशांत तिवारी प्रभारी झारखंड चतरा: जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र के चट्टी अनंतपुर स्थित टोंगरी पहाड़ी के पास हुए दर्दनाक हादसे में मोटर ग्रेडर मशीन में फंसे शव को करीब 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। निर्माण कार्य मे लगे कंपनी के अन्य कर्मी की मदद से शव को बाहर निकाला गया। हालांकि कंपनी ने तत्काल 20 हजार मृतक के परिजनों को दिया है। इस दौरान प्रतापपुर थाना प्रभारी आलोक चौधरी के नेतृत्व में पुलिस लगातार मौके पर मौजूद रही। बाद में शव और वाहन को प्रतापपुर थाना लाया गया। बताया जाता है कि बिहार में बन रहे एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य के लिए झारखंड से हाइवा के माध्यम से मिट्टी ले जायी जा रही थी। इसी दौरान सड़क समतलीकरण के काम में लगी मोटर ग्रेडर मशीन की चपेट में आने से बिहार के भटबीघा गांव निवासी शंकर यादव(50) की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। घटना की सूचना मिलते ही झारखंड और बिहार दोनों राज्यों की पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि दुर्घटना झारखंड क्षेत्र में होने के कारण शव और मोटर ग्रेडर मशीन को प्रतापपुर थाना लाया गया। मृतक के परिजनों ने प्रशासन से 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल चतरा भेजा गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। *समाजसेवी के सूझबूझ के मोटर ग्रेडर मशीन के चालक को बचाया गया* घटना के बाद घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मोटर ग्रेडर मशीन के चालक के साथ मारपीट कर रहे थे। इस बीच समाजसेवी भीभ सिंह ने उन्हें आक्रोशित ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाकर उन्हें पुलिस को सौंप दिया। बताया जाता है कि अगर कुछ देर में वहां वे नहीं पहुँचते तो उसकी भी मौत हो सकती थी। आक्रोशित लोगों ने उन्हें जमकर पिटाई कर दी।2
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