मंदसौर ब्रेकिंग रामप्रसाद धनगर कि खास रिपोर्ट मंदसौर जिले के शामगढ़ की एक साधारण सी दिखने वाली शाम अचानक एक परिवार के लिए डर और अनिश्चितता में बदल गई। 5 मार्च 2026 को एक नाबालिग लड़की घर से गायब हो गई। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो मामला थाने तक पहुंचा। रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस को अंदेशा हो गया कि यह सामान्य गुमशुदगी नहीं, बल्कि अपहरण का मामला है। थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हो गई। लड़की के मोबाइल और आसपास के लोगों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जुटाई जाने लगी। साइबर सेल की मदद ली गई, कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रैक की गई। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, सुराग अलग-अलग शहरों की ओर इशारा करने लगे। कभी आगर, कभी उज्जैन, तो कभी इंदौर… पुलिस टीम लगातार इन स्थानों पर दबिश देती रही, लेकिन आरोपी हर बार पकड़ से बच निकलता। दिन बीतते गए, लेकिन पुलिस की कोशिशें थमी नहीं। आखिरकार 22 अप्रैल को साइबर टीम को एक अहम लोकेशन मिली, जो खंडवा जिले के ओंकारेश्वर की थी। पुलिस टीम तुरंत वहां पहुंची और एक सुनियोजित कार्रवाई करते हुए आरोपी दरबार सिंह को पकड़ लिया। उसके कब्जे से नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया गया। जब लड़की अपने परिवार से मिली, तो वहां मौजूद हर आंख नम थी। जांच के दौरान लड़की के बयान ने मामले को और गंभीर बना दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म से संबंधित धाराएं जोड़ दीं। साथ ही यह भी सामने आया कि इस पूरे मामले में एक और व्यक्ति नरेंद्र सिंह की भूमिका थी, जिसे पुलिस अब तलाश रही है। इसी बीच 18 और 19 अप्रैल की रात के बीच एक और मामला सामने आया। एक अन्य नाबालिग लड़की अपने घर से बिना बताए कहीं चली गई। परिजनों की चिंता बढ़ी और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इस बार पुलिस पहले से ज्यादा सतर्क थी। मामला दर्ज होते ही टीम ने तेजी से कार्रवाई शुरू की और हर संभावित जगह पर तलाश शुरू कर दी। पुलिस की लगातार मेहनत रंग लाई और महज 48 घंटे के भीतर, 21 अप्रैल को इस बालिका को भी सकुशल खोज लिया गया। इस मामले में आरोपी दरबार सिंह, निवासी लक्ष्मीपुरा (राजस्थान) को गिरफ्तार किया गया। इन दोनों घटनाओं में पुलिस की सक्रियता और तत्परता साफ दिखाई दी। थाना प्रभारी से लेकर साइबर सेल और अन्य जवानों तक, सभी ने मिलकर दिन-रात काम किया। उनकी इस मेहनत का ही नतीजा था कि दोनों बालिकाएं सुरक्षित अपने घर लौट सकीं। ‘मुस्कान अभियान’ के तहत हुई इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि जब इरादे मजबूत हों, तो समय और दूरी भी बाधा नहीं बनती। इन घटनाओं के बाद जहां एक ओर परिवारों को राहत मिली, वहीं समाज में यह विश्वास भी मजबूत हुआ कि कानून हर हाल में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तत्पर है। मंदसौर ब्रेकिंग रामप्रसाद धनगर कि खास रिपोर्ट मंदसौर जिले के शामगढ़ की एक साधारण सी दिखने वाली शाम अचानक एक परिवार के लिए डर और अनिश्चितता में बदल गई। 5 मार्च 2026 को एक नाबालिग लड़की घर से गायब हो गई। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो मामला थाने तक पहुंचा। रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस को अंदेशा हो गया कि यह सामान्य गुमशुदगी नहीं, बल्कि अपहरण का मामला है। थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हो गई। लड़की के मोबाइल और आसपास के लोगों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जुटाई जाने लगी। साइबर सेल की मदद ली गई, कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रैक की गई। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, सुराग अलग-अलग शहरों की ओर इशारा करने लगे। कभी आगर, कभी उज्जैन, तो कभी इंदौर… पुलिस टीम लगातार इन स्थानों पर दबिश देती रही, लेकिन आरोपी हर बार पकड़ से बच निकलता। दिन बीतते गए, लेकिन पुलिस की कोशिशें थमी नहीं। आखिरकार 22 अप्रैल को साइबर टीम को एक अहम लोकेशन मिली, जो खंडवा जिले के ओंकारेश्वर की थी। पुलिस टीम तुरंत वहां पहुंची और एक सुनियोजित कार्रवाई करते हुए आरोपी दरबार सिंह को पकड़ लिया। उसके कब्जे से नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया गया। जब लड़की अपने परिवार से मिली, तो वहां मौजूद हर आंख नम थी। जांच के दौरान लड़की के बयान ने मामले को और गंभीर बना दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म से संबंधित धाराएं जोड़ दीं। साथ ही यह भी सामने आया कि इस पूरे मामले में एक और व्यक्ति नरेंद्र सिंह की भूमिका थी, जिसे पुलिस अब तलाश रही है। इसी बीच 18 और 19 अप्रैल की रात के बीच एक और मामला सामने आया। एक अन्य नाबालिग लड़की अपने घर से बिना बताए कहीं चली गई। परिजनों की चिंता बढ़ी और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इस बार पुलिस पहले से ज्यादा सतर्क थी। मामला दर्ज होते ही टीम ने तेजी से कार्रवाई शुरू की और हर संभावित जगह पर तलाश शुरू कर दी। पुलिस की लगातार मेहनत रंग लाई और महज 48 घंटे के भीतर, 21 अप्रैल को इस बालिका को भी सकुशल खोज लिया गया। इस मामले में आरोपी दरबार सिंह, निवासी लक्ष्मीपुरा (राजस्थान) को गिरफ्तार किया गया। इन दोनों घटनाओं में पुलिस की सक्रियता और तत्परता साफ दिखाई दी। थाना प्रभारी से लेकर साइबर सेल और अन्य जवानों तक, सभी ने मिलकर दिन-रात काम किया। उनकी इस मेहनत का ही नतीजा था कि दोनों बालिकाएं सुरक्षित अपने घर लौट सकीं। ‘मुस्कान अभियान’ के तहत हुई इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि जब इरादे मजबूत हों, तो समय और दूरी भी बाधा नहीं बनती। इन घटनाओं के बाद जहां एक ओर परिवारों को राहत मिली, वहीं समाज में यह विश्वास भी मजबूत हुआ कि कानून हर हाल में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तत्पर है।
मंदसौर ब्रेकिंग रामप्रसाद धनगर कि खास रिपोर्ट मंदसौर जिले के शामगढ़ की एक साधारण सी दिखने वाली शाम अचानक एक परिवार के लिए डर और अनिश्चितता में बदल गई। 5 मार्च 2026 को एक नाबालिग लड़की घर से गायब हो गई। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो मामला थाने तक पहुंचा। रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस को अंदेशा हो गया कि यह सामान्य गुमशुदगी नहीं, बल्कि अपहरण का मामला है। थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हो गई। लड़की के मोबाइल और आसपास के लोगों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जुटाई जाने लगी। साइबर सेल की मदद ली गई, कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रैक की गई। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, सुराग अलग-अलग शहरों की ओर इशारा करने लगे। कभी आगर, कभी उज्जैन, तो कभी इंदौर… पुलिस टीम लगातार इन स्थानों पर दबिश देती रही, लेकिन आरोपी हर बार पकड़ से बच निकलता। दिन बीतते गए, लेकिन पुलिस की कोशिशें थमी नहीं। आखिरकार 22 अप्रैल को साइबर टीम को एक अहम लोकेशन मिली, जो खंडवा जिले के ओंकारेश्वर की थी। पुलिस टीम तुरंत वहां पहुंची और एक सुनियोजित कार्रवाई करते हुए आरोपी दरबार सिंह को पकड़ लिया। उसके कब्जे से नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया गया। जब लड़की अपने परिवार से मिली, तो वहां मौजूद हर आंख नम थी। जांच के दौरान लड़की के बयान ने मामले को और गंभीर बना दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म से संबंधित धाराएं जोड़ दीं। साथ ही यह भी सामने आया कि इस पूरे मामले में एक और व्यक्ति नरेंद्र सिंह की भूमिका थी, जिसे पुलिस अब तलाश रही है। इसी बीच 18 और 19 अप्रैल की रात के बीच एक और मामला सामने आया। एक अन्य नाबालिग लड़की अपने घर से बिना बताए कहीं चली गई। परिजनों की चिंता बढ़ी और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इस बार पुलिस पहले से ज्यादा सतर्क थी। मामला दर्ज होते ही टीम ने तेजी से कार्रवाई शुरू की और हर संभावित जगह पर तलाश शुरू कर दी। पुलिस की लगातार मेहनत रंग लाई और महज 48 घंटे के भीतर, 21 अप्रैल को इस बालिका को भी सकुशल खोज लिया गया। इस मामले में आरोपी दरबार सिंह, निवासी लक्ष्मीपुरा (राजस्थान) को गिरफ्तार किया गया। इन दोनों घटनाओं में पुलिस की सक्रियता और तत्परता साफ दिखाई दी। थाना प्रभारी से लेकर साइबर सेल और अन्य जवानों तक, सभी ने मिलकर दिन-रात काम किया। उनकी इस मेहनत का ही नतीजा था कि दोनों बालिकाएं सुरक्षित अपने घर लौट सकीं। ‘मुस्कान अभियान’ के तहत हुई इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि जब इरादे मजबूत हों, तो समय और दूरी भी बाधा नहीं बनती। इन घटनाओं के बाद जहां एक ओर परिवारों को राहत मिली, वहीं समाज में यह विश्वास भी मजबूत हुआ कि कानून हर हाल में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तत्पर है। मंदसौर ब्रेकिंग रामप्रसाद धनगर कि खास रिपोर्ट मंदसौर जिले के शामगढ़ की एक साधारण सी दिखने वाली शाम अचानक एक परिवार के लिए डर और अनिश्चितता में बदल गई। 5 मार्च 2026 को एक नाबालिग लड़की घर से गायब हो गई। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो मामला थाने तक पहुंचा। रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस को अंदेशा हो गया कि यह सामान्य गुमशुदगी नहीं, बल्कि अपहरण का मामला है। थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हो गई। लड़की के मोबाइल और आसपास के लोगों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जुटाई जाने लगी। साइबर सेल की मदद ली गई, कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रैक की गई। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, सुराग अलग-अलग शहरों की ओर इशारा करने लगे। कभी आगर, कभी उज्जैन, तो कभी इंदौर… पुलिस टीम लगातार इन स्थानों पर दबिश देती रही, लेकिन आरोपी हर बार पकड़ से बच निकलता। दिन बीतते गए, लेकिन पुलिस की कोशिशें थमी नहीं। आखिरकार 22 अप्रैल को साइबर टीम को एक अहम लोकेशन मिली, जो खंडवा जिले के ओंकारेश्वर की थी। पुलिस टीम तुरंत वहां पहुंची और एक सुनियोजित कार्रवाई करते हुए आरोपी दरबार सिंह को पकड़ लिया। उसके कब्जे से नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया गया। जब लड़की अपने परिवार से मिली, तो वहां मौजूद हर आंख नम थी। जांच के दौरान लड़की के बयान ने मामले को और गंभीर बना दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म से संबंधित धाराएं जोड़ दीं। साथ ही यह भी सामने आया कि इस पूरे मामले में एक और व्यक्ति नरेंद्र सिंह की भूमिका थी, जिसे पुलिस अब तलाश रही है। इसी बीच 18 और 19 अप्रैल की रात के बीच एक और मामला सामने आया। एक अन्य नाबालिग लड़की अपने घर से बिना बताए कहीं चली गई। परिजनों की चिंता बढ़ी और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इस बार पुलिस पहले से ज्यादा सतर्क थी। मामला दर्ज होते ही टीम ने तेजी से कार्रवाई शुरू की और हर संभावित जगह पर तलाश शुरू कर दी। पुलिस की लगातार मेहनत रंग लाई और महज 48 घंटे के भीतर, 21 अप्रैल को इस बालिका को भी सकुशल खोज लिया गया। इस मामले में आरोपी दरबार सिंह, निवासी लक्ष्मीपुरा (राजस्थान) को गिरफ्तार किया गया। इन दोनों घटनाओं में पुलिस की सक्रियता और तत्परता साफ दिखाई दी। थाना प्रभारी से लेकर साइबर सेल और अन्य जवानों तक, सभी ने मिलकर दिन-रात काम किया। उनकी इस मेहनत का ही नतीजा था कि दोनों बालिकाएं सुरक्षित अपने घर लौट सकीं। ‘मुस्कान अभियान’ के तहत हुई इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि जब इरादे मजबूत हों, तो समय और दूरी भी बाधा नहीं बनती। इन घटनाओं के बाद जहां एक ओर परिवारों को राहत मिली, वहीं समाज में यह विश्वास भी मजबूत हुआ कि कानून हर हाल में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तत्पर है।
- मंदसौर खबर रामप्रसाद धनगर कि रिपोर्ट _MP में भीषण गर्मी से बच्चों को राहत, इंदौर-ग्वालियर के स्कूलों में 30 अप्रैल तक छुट्टी, कलेक्टरों ने जारी किए आदेश_ ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ *मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में सूरज के तीखे तेवर और बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बच्चों को लू और भीषण गर्मी से बचाने के लिए इंदौर जिला कलेक्टर शिवम वर्मा ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत जिले के समस्त शासकीय और अशासकीय स्कूलों में कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए तत्काल प्रभाव से अवकाश घोषित कर दिया गया है।कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, कक्षा नर्सरी से लेकर आठवीं तक के सभी स्कूलों में 30 अप्रैल 2026 तक छुट्टी रहेगी। यह निर्णय पिछले कुछ दिनों से तापमान में हुई अचानक वृद्धि और दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाओं (लू) को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इस भीषण गर्मी में छोटे बच्चों का स्कूल जाना उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है।शिक्षा विभाग के कैलेंडर के अनुसार, प्रदेश के स्कूलों में 1 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश विधिवत रूप से प्रारंभ हो रहे हैं। कलेक्टर के इस नए आदेश के बाद अब इंदौर के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों के लिए छुट्टियां अभी से शुरू हो गई हैं। यानी 30 अप्रैल तक कलेक्टर के आदेशानुसार अवकाश रहेगा और उसके ठीक अगले दिन यानी 1 मई से नियमित गर्मी की छुट्टियां शुरू हो जाएंगी।ग्वालियर जिले में भी अत्यधिक गर्मी के मौसम को देखते हुए छात्र-छात्राओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं आवागमन को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने प्री-प्राइमरी से कक्षा 8वीं तक की कक्षाओं का 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित करने के आदेश जारी किए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि यह आदेश जिले में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय, एमपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई, सेंट्रल स्कूल एवं शासन द्वारा मान्यता प्राप्त समस्त विद्यालयों पर लागू होगा।कक्षा 9 से 12वीं तक की कक्षाएं पूर्ववत प्रातः 7.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित की जायेंगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बड़े विद्यार्थियों के लिए फिलहाल समय में बदलाव रहेगा लेकिन अवकाश नहीं होगा। इसके अलावा, शासन द्वारा पूर्व से निर्धारित परीक्षा आदि आवश्यक कार्यक्रम यथावत समय-सारिणी के अनुसार संचालित होंगे1
- Post by वचन(कमल ) प्रजापति1
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत1
- एंबुलेंस को निकलने तक कि जगह नहीं मिला पा रही1
- Post by Manoj Kumar1
- Post by Deepak Rathore patrkar1
- Post by Mangal Dev rathore1
- रामप्रसाद धनगर कि खबर यूपी | सहारनपुर के मदरसे में 10 साल के बच्चे को बर्बरता से पीटा गया। एक मौलाना ने पैर पकड़े, दूसरे ने 36 डंडे मारे। पुलिस ने जुनैद, शोएब को गिरफ्तार किया।1