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मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में सोमवार सुबह खजरी रोड ओवरब्रिज पर विद्याभूमि स्कूल की एक वैन पलट गई, जिससे उसमें सवार कई बच्चे घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब वैन का पट्टा टूट जाने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में कई बच्चे चोटिल हुए हैं, जिनमें से दो बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायल बच्चों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और अभिभावकों में अपने बच्चों को लेकर गहरी चिंता का माहौल बन गया।
Aakash Mandrah
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में सोमवार सुबह खजरी रोड ओवरब्रिज पर विद्याभूमि स्कूल की एक वैन पलट गई, जिससे उसमें सवार कई बच्चे घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब वैन का पट्टा टूट जाने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में कई बच्चे चोटिल हुए हैं, जिनमें से दो बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायल बच्चों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और अभिभावकों में अपने बच्चों को लेकर गहरी चिंता का माहौल बन गया।
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- तामिया देलाखारी के लुक्का ढाना और शहराढाना क्षेत्रों में ज़ोरदार झमाझम बारिश दर्ज की गई है।1
- छिंदवाड़ा जिले में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने सभी शहरवासियों और जिलेवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस महत्वपूर्ण दिन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग करने से एकाग्रता बढ़ती है, स्वास्थ्य बेहतर होता है और हमें एक संतुलित जीवन जीने का महत्वपूर्ण संदेश प्राप्त होता है। कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं, ताकि वे स्वस्थ और निरोगी रह सकें।1
- एक शिकायत दर्ज की गई है, जिसमें जल्द से जल्द गाँव में नल जल की सुविधा उपलब्ध कराने की माँग की गई है।1
- छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा अंतर्गत पौनार गाँव में फादर्स डे के अवसर पर एक चौंकाने वाली और हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक 'कलयुगी' बेटे ने अपने ही वृद्ध पिता को घर से बेदखल कर दिया है। बेटे के इस क्रूर कृत्य ने पिता को दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज कर दिया है। घर से निकाले जाने के बाद पीड़ित पिता दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और अपना भरण-पोषण पड़ोसियों से माँग कर रहे हैं। इस दुखद स्थिति में उनकी पत्नी भी उन्हें छोड़कर चली गई है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अपनी दयनीय दशा को देखते हुए, पीड़ित पिता ने अब अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है।1
- नगर परिषद सोहागपुर की सफाई व्यवस्था इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है, जहाँ नगर के कई वार्डों में कचरे के ढेर लगे हैं और नियमित सफाई न होने के कारण गंदगी लगातार फैल रही है। मोहर्रम जैसे महत्वपूर्ण पर्व के दौरान, जब नगर में विशेष साफ-सफाई की आवश्यकता होती है, तब भी कई क्षेत्रों में गंदगी का अंबार देखने को मिल रहा है। स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि वार्डवासी और नगर परिषद के पूर्व पार्षद व्हाट्सएप ग्रुपों में गंदगी की तस्वीरें और वीडियो साझा कर रहे हैं। वायरल हो रहे इन वीडियो में विभिन्न वार्डों में कचरे के बड़े-बड़े ढेर स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। नगर परिषद द्वारा जगह-जगह रखी गई हाथ गाड़ियों में भी कचरा भरा हुआ है और कई स्थानों पर तो कचरा गाड़ियों से बाहर तक फैल गया है। नागरिकों का आरोप है कि लंबे समय से कचरा नहीं उठाए जाने के कारण यह समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। इस गंदगी से आसपास दुर्गंध फैल रही है, जिससे मच्छरों और विभिन्न बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों के समय नगर परिषद को विशेष सफाई अभियान चलाना चाहिए, लेकिन वर्तमान में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल नजर आ रही है। नगरवासियों ने नगर परिषद प्रशासन से तत्काल इस मामले का संज्ञान लेने, वार्डों में जमा कचरे को हटाने और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि धार्मिक आयोजनों और आम नागरिकों को स्वच्छता संबंधी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- Post by Jagtapal Yadav g1
- जनपद पंचायत बिछुआ के ग्राम कढ़ैया में 40 लाख रुपए की लागत से बना डेम अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस डेम को बिना जनता की सहमति और तकनीकी मानकों का पालन किए, केवल कागजों पर विकास दिखाने के लिए बनाया गया है। इस अनुपयोगी निर्माण को लेकर ग्राम कढ़ैया के किसान आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि डेम के स्थल चयन के समय तकनीकी टीम ने जलग्रहण क्षेत्र, पानी की उपलब्धता और उपयोगिता की कोई जांच नहीं की। जिस पहाड़ी पर डेम बना है, वहां न कोई नाला, नदी या प्राकृतिक जलधारा है, फिर भी संबंधित अधिकारी ने इसे तकनीकी स्वीकृति दे दी और ठेकेदार ने आनन-फानन में निर्माण पूरा कर दिया। ग्रामीणों ने डेम निर्माण से पहले हुई ग्राम सभा में इस स्थान का विरोध किया था, किसानों का तर्क था कि गांव से दूर पहाड़ी की चोटी पर बना डेम खेतों तक पानी कैसे पहुंचाएगा, लेकिन उनकी आपत्तियों को ठेकेदार और अधिकारी दोनों ने नजरअंदाज कर दिया। उनका कहना है कि अधिकारी ने आंख बंद कर स्वीकृति दी और ठेकेदार ने घटिया निर्माण कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया। मामला सिर्फ गलत जगह के चयन तक सीमित नहीं है, ग्रामीणों ने निर्माण की घटिया गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, 40 लाख रुपए के इस डेम की पिचिंग में मानक पत्थर की जगह पथरीली मिट्टी और कमजोर सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ग्रामीणों की आशंका है कि पहली जोरदार बारिश में ही यह पिचिंग बह जाएगी और पूरा डेम क्षतिग्रस्त हो जाएगा। ग्रामीणों की शिकायत पर कुछ दिन पहले जनपद पंचायत CEO अपना जांच दल लेकर निर्माण स्थल पर पहुंचे थे, और ग्रामीणों के अनुसार, जांच दल ने निर्माण कार्य में अनियमितता पाई है। अब ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और जिला पंचायत CEO से कढ़ैया डेम की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। वे डेम की डीपीआर, तकनीकी स्वीकृति फाइल, साइट सिलेक्शन रिपोर्ट, भुगतान कागजात और गुणवत्ता जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में अधिकारी की लापरवाही और ठेकेदार का घटिया निर्माण साबित होता है, तो दोनों पर सख्त कार्रवाई हो और सरकारी राशि की वसूली की जाए।1
- मध्य प्रदेश के तामिया में सरपंच और सचिव पर मिलकर लाखों रुपये का बड़ा फर्जीवाड़ा करने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला खेत में बिना किसी तालाब का निर्माण किए ही लाखों रुपयों की धांधली का है। एक हितग्राही किसान ने बताया है कि उनके खेत में कोई तालाब नहीं बनाया गया, फिर भी लाखों रुपयों की हेराफेरी की गई है। किसान ने यह भी दावा किया कि वे खुद काम पर नहीं गए थे, लेकिन इसके बावजूद मस्टर रोल में उनकी फर्जी हाजिरी भर दी गई। इस तरह लाखों रुपये के घोटाले का यह मामला प्रकाश में आया है।1