करहल क्षेत्र के री छी गांव में बचपन से प्रकृति प्रेमी रहे सागर उपाध्याय ने जब देखा कि उनके घर के बगीचे में पौधे लगाने की जगह खत्म हो चुकी है, तो उन्होंने पूरे गांव को हरा-भरा करने का संकल्प ले लिया। सागर ने अपनी जेब खर्च से पौधे खरीदना शुरू किया। शुरुआत में लोगों ने उन्हें 'पागल' कहकर ताने मारे और सवाल उठाए कि अकेले पेड़ लगाने से क्या मौसम बदल जाएगा, लेकिन सागर थमे नहीं। वह रोज सुबह चार बजे उठते, अपनी साइकिल पर पौधे लादते और करहल के सरकारी स्कूलों, सड़कों के किनारों तथा बंजर जमीनों पर उन्हें रोपने निकल जाते। सागर ने अकेले दम पर गांव के प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे पहली पार वाले हनुमान जी महाराज के प्रांगण, काली माता मंदिर, गणेश मंदिर और तेजाजी महाराज मंदिर (जहां नीम और बरगद के पौधे रोपे) में सघन वृक्षारोपण किया। इसके साथ ही उन्होंने गांव की जीवनदायिनी नदी के किनारे, तालाब के पास और श्मशान घाट की सूखी भूमि पर भी सैकड़ों पौधे लगाए। भीषण तपन, पानी की किल्लत और मवेशियों के खतरे के बीच सागर अपनी प्यास भूलकर दूर तालाब से पानी लाकर पौधों में डालते थे। जब कोई जानवर पौधों को नुकसान पहुंचाता, तो वह आधी रात को उठकर रोते और फिर से उनकी फेंसिंग करते थे। सागर की इस 6 साल की कठिन तपस्या और संघर्ष का सुखद परिणाम आज पूरे री छी गांव के सामने है। उनके लगाए नन्हे पौधे आज 6 साल के मजबूत और लहलहाते पेड़ बन चुके हैं, जो ग्रामीणों को ठंडी छांव और शुद्ध हवा दे रहे हैं। मंदिरों, नदी-तालाब के किनारों और श्मशान घाट का पूरा दृश्य बदल चुका है और वहां शीतलता महसूस होती है। अपने आंसुओं और पसीने से गांव को हरियाली की चादर ओढ़ाने वाले सागर उपाध्याय आज पूरे करहल क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
करहल क्षेत्र के री छी गांव में बचपन से प्रकृति प्रेमी रहे सागर उपाध्याय ने जब देखा कि उनके घर के बगीचे में पौधे लगाने की जगह खत्म हो चुकी है, तो उन्होंने पूरे गांव को हरा-भरा करने का संकल्प ले लिया। सागर ने अपनी जेब खर्च से पौधे खरीदना शुरू किया। शुरुआत में लोगों ने उन्हें 'पागल' कहकर ताने मारे और सवाल उठाए कि अकेले पेड़ लगाने से क्या मौसम बदल जाएगा, लेकिन सागर थमे नहीं। वह रोज सुबह चार बजे उठते, अपनी साइकिल पर पौधे लादते और करहल के सरकारी स्कूलों, सड़कों के किनारों तथा बंजर जमीनों पर उन्हें रोपने निकल जाते। सागर ने अकेले दम पर गांव के प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे पहली पार वाले हनुमान जी महाराज के प्रांगण, काली माता मंदिर, गणेश मंदिर और तेजाजी महाराज मंदिर (जहां नीम और बरगद के पौधे रोपे) में सघन वृक्षारोपण किया। इसके साथ ही उन्होंने गांव की जीवनदायिनी नदी के
किनारे, तालाब के पास और श्मशान घाट की सूखी भूमि पर भी सैकड़ों पौधे लगाए। भीषण तपन, पानी की किल्लत और मवेशियों के खतरे के बीच सागर अपनी प्यास भूलकर दूर तालाब से पानी लाकर पौधों में डालते थे। जब कोई जानवर पौधों को नुकसान पहुंचाता, तो वह आधी रात को उठकर रोते और फिर से उनकी फेंसिंग करते थे। सागर की इस 6 साल की कठिन तपस्या और संघर्ष का सुखद परिणाम आज पूरे री छी गांव के सामने है। उनके लगाए नन्हे पौधे आज 6 साल के मजबूत और लहलहाते पेड़ बन चुके हैं, जो ग्रामीणों को ठंडी छांव और शुद्ध हवा दे रहे हैं। मंदिरों, नदी-तालाब के किनारों और श्मशान घाट का पूरा दृश्य बदल चुका है और वहां शीतलता महसूस होती है। अपने आंसुओं और पसीने से गांव को हरियाली की चादर ओढ़ाने वाले सागर उपाध्याय आज पूरे करहल क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
- श्योपुर में छात्र युवा शक्ति ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और अपनी अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया है।1
- कराहल मुख्य बाजार के हृदय स्थल पर स्थित 50 करोड़ रुपये की बेशकीमती सार्वजनिक पार्क की शासकीय भूमि पर भू-माफिया और अतिक्रमणकारियों का कब्जा बना हुआ है। साधना न्यूज़ पर वरिष्ठ पत्रकार गणेश राठौर की रिपोर्टिंग के बाद पूर्व कलेक्टर अर्पित वर्मा ने शासकीय भूमि से तत्काल अतिक्रमण हटाने और सीमांकन करने के कड़े निर्देश जारी किए थे। हालांकि, पूर्व जिला प्रमुख के स्थानांतरित होते ही कराहल का स्थानीय राजस्व अमला और तहसीलदार कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं, जिससे पूर्व कलेक्टर के आदेशों की धज्जियां उड़ रही हैं। मुख्य बाजार के बीच स्थित इस पार्क पर अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण सड़कें संकरी हो चुकी हैं, जिससे रोजाना जाम की स्थिति बन रही है। प्रशासनिक उदासीनता से नाराज कराहल के व्यापारियों और सजग नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत अतिक्रमण को जल्द ध्वस्त नहीं किया गया, तो समस्त व्यापार मंडल और आम जनता सड़कों पर उतरकर चक्काजाम और उग्र आंदोलन करेगी। मामले के तूल पकड़ने के बाद कराहल एसडीएम ने पत्रकार गणेश राठौर को 24 घंटे का आश्वासन दिया है कि जल्द ही अतिक्रमण हटा दिया जाएगा।3
- जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम1
- सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, नीट पेपर लीक और नेता विपक्ष के साथ हुए दुर्व्यवहार के खिलाफ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में शुक्रवार शाम कैंडल मार्च निकाला गया। प्रदर्शन की शुरुआत में कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन चौराहे स्थित महात्मा गांधी सर्किल पर एकत्र हुए, जहां महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पैदल मार्च शुरू किया गया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मुख्य बाजार से मुख्य चौपड़ तक विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीति के कारण लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में पड़ गया है। सरकार से केवल एक मंत्री को हटाया नहीं जा रहा है, बल्कि छात्रों पर अत्याचार किया जा रहा है। इस अवसर पर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष विमल कुमार मीणा, मंडल अध्यक्ष जमनालाल मीना, बसंती लाल सैनी, इकबाल खान, शंकर लाल सैनी और बनवारी बैरवा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- देईखेड़ा में मेगा हाईवे के किनारे आबादी क्षेत्र में स्थित एक पुरातन बावड़ी में मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बावड़ी की दीवारें जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में मगरमच्छ के सीधे रिहायशी इलाके में घुस आने की गहरी आशंका बनी हुई है। बावड़ी के पास ही लोकदेवता जींद जी महाराज का मंदिर स्थित है, जहां रोजाना श्रद्धालुओं का आना-जाना रहता है। मंदिर के पुजारी महेशराम सैनी ने बताया कि कई श्रद्धालु श्रद्धावश बावड़ी से जल लेने भी जाते हैं, जिससे मगरमच्छ के हमले का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई करते हुए मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू करने और उसे निकटवर्ती नदी या प्राकृतिक आवास में छोड़ने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो किसी अप्रिय घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में श्योपुर में नीट परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए। देशव्यापी आह्वान के तहत पीजी कॉलेज से बैनर और पोस्टर लेकर रैली निकाली गई, जिसमें छात्रों ने जमकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा। कलेक्ट्रेट पहुंचकर छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपेंगे।1
- कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकलकर एक चीता धनायचा गांव के आसपास के जंगल क्षेत्र में पहुंच गया है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। जंगल क्षेत्र में आए इस चीते ने एक भैंस का शिकार कर दिया है, जिसके बाद से ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल बना हुआ है। घटना के बाद वन विभाग की टीम चीते की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। विभाग ने एहतियात के तौर पर स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और जंगल की ओर अकेले न जाने की अपील की है।1