रायकुंडा में बाढ़ से ग्रामीण परेशान, पुलिया के नवीनीकरण की मांग मानपुर। मध्यप्रदेश के महू तहसील अंतर्गत मानपुर क्षेत्र के ग्राम रायकुंडा में बाढ़ के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती समस्या के चलते ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। बाढ़ के दौरान पुलिया पर पानी बढ़ने से आवागमन बाधित हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते पुलिया की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना या नुकसान की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि रायकुंडा की पुलिया का जल्द से जल्द नवीनीकरण एवं आवश्यक निर्माण कार्य कराया जाए, ताकि आवागमन सुचारु हो सके और बारिश के मौसम में ग्रामीणों को परेशानी का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उचित कार्रवाई की जाए। रिपोर्ट — विजय डावर रायकुंडा में बाढ़ से ग्रामीण परेशान, पुलिया के नवीनीकरण की मांग मानपुर। मध्यप्रदेश के महू तहसील अंतर्गत मानपुर क्षेत्र के ग्राम रायकुंडा में बाढ़ के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती समस्या के चलते ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। बाढ़ के दौरान पुलिया पर पानी बढ़ने से आवागमन बाधित हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते पुलिया की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना या नुकसान की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि रायकुंडा की पुलिया का जल्द से जल्द नवीनीकरण एवं आवश्यक निर्माण कार्य कराया जाए, ताकि आवागमन सुचारु हो सके और बारिश के मौसम में ग्रामीणों को परेशानी का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उचित कार्रवाई की जाए। रिपोर्ट — विजय डावर
रायकुंडा में बाढ़ से ग्रामीण परेशान, पुलिया के नवीनीकरण की मांग मानपुर। मध्यप्रदेश के महू तहसील अंतर्गत मानपुर क्षेत्र के ग्राम रायकुंडा में बाढ़ के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती समस्या के चलते ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। बाढ़ के दौरान पुलिया पर पानी बढ़ने से आवागमन बाधित हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते पुलिया की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना या नुकसान की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि रायकुंडा की पुलिया का जल्द से जल्द नवीनीकरण एवं आवश्यक निर्माण कार्य कराया जाए, ताकि आवागमन सुचारु हो सके और बारिश के मौसम में ग्रामीणों को परेशानी का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उचित कार्रवाई की जाए। रिपोर्ट — विजय डावर रायकुंडा में बाढ़ से ग्रामीण परेशान, पुलिया के नवीनीकरण की मांग मानपुर। मध्यप्रदेश के महू तहसील अंतर्गत मानपुर क्षेत्र के ग्राम रायकुंडा में बाढ़ के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती समस्या के चलते ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। बाढ़ के दौरान पुलिया पर पानी बढ़ने से आवागमन बाधित हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते पुलिया की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना या नुकसान की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि रायकुंडा की पुलिया का जल्द से जल्द नवीनीकरण एवं आवश्यक निर्माण कार्य कराया जाए, ताकि आवागमन सुचारु हो सके और बारिश के मौसम में ग्रामीणों को परेशानी का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उचित कार्रवाई की जाए। रिपोर्ट — विजय डावर
- रायकुंडा में बाढ़ से ग्रामीण परेशान, पुलिया के नवीनीकरण की मांग मानपुर। मध्यप्रदेश के महू तहसील अंतर्गत मानपुर क्षेत्र के ग्राम रायकुंडा में बाढ़ के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती समस्या के चलते ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। बाढ़ के दौरान पुलिया पर पानी बढ़ने से आवागमन बाधित हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते पुलिया की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना या नुकसान की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि रायकुंडा की पुलिया का जल्द से जल्द नवीनीकरण एवं आवश्यक निर्माण कार्य कराया जाए, ताकि आवागमन सुचारु हो सके और बारिश के मौसम में ग्रामीणों को परेशानी का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उचित कार्रवाई की जाए। रिपोर्ट — विजय डावर रायकुंडा में बाढ़ से ग्रामीण परेशान, पुलिया के नवीनीकरण की मांग मानपुर। मध्यप्रदेश के महू तहसील अंतर्गत मानपुर क्षेत्र के ग्राम रायकुंडा में बाढ़ के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती समस्या के चलते ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। बाढ़ के दौरान पुलिया पर पानी बढ़ने से आवागमन बाधित हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते पुलिया की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना या नुकसान की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि रायकुंडा की पुलिया का जल्द से जल्द नवीनीकरण एवं आवश्यक निर्माण कार्य कराया जाए, ताकि आवागमन सुचारु हो सके और बारिश के मौसम में ग्रामीणों को परेशानी का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उचित कार्रवाई की जाए। रिपोर्ट — विजय डावर1
- खजराना गणेश को सवा लाख मोदक प्रसाद का भोग समर्पित भक्तों में किया गया मोदक प्रसाद का वितरण – 12 दिनों तक अलग-अलग किस्म के लड्डुओं का भोग भी लगेगा - अरविंद बागड़ी, कैलाश पंच एवं पार्षद पुष्पेन्द्र पाटीदार खजराना गणेश को सवा लाख मोदक प्रसाद का भोग समर्पित भक्तों में किया गया मोदक प्रसाद का वितरण – 12 दिनों तक अलग-अलग किस्म के लड्डुओं का भोग भी लगेगा इंदौर। खजराना स्थित सिद्धि विनायक गणेश मंदिर पर भक्त मंडल की ओर से गणेश चतुर्थी पर आज सुबह सवा लाख मोदक प्रसाद का भोग खजराना गणेश को समर्पित किया गया। इसके साथ ही प्रतिदिन खजराना गणेश को विभिन्न किस्म के अनाज के लड्डुओं का भोग भी समर्पित होगा। श्री सिद्धि विनायक भक्त मंडल के अरविंद बागड़ी, कैलाश पंच एवं पार्षद पुष्पेन्द्र पाटीदार ने बताया कि मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर शिवम वर्मा तथा मंदिर प्रशासक एवं निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने ध्वजा पूजन एवं गणेशजी को स्वर्ण आभूषण समर्पित किए। इसके पश्चात भक्त मंडल द्वारा निर्मित सवा लाख मोदक का भोग लगाकर भक्तों में वितरण किया गया। मंदिर के मुख्य पुजारी पं. अशोक भट्ट, पं. सुमित भट्ट एवं जयदेव भट्ट द्वारा वैदिक मंगलाचरण के बीच मोदक का भोग समर्पित किया गया। क्षेत्र के विधायक महेंद्र हार्डिया भी विशेष रूप से उपस्थित थे। प्रसाद वितरण के लिए मंदिर के प्रबंधक गौरीशंकर मिश्रा एवं घनश्याम शुक्ला के मार्गदर्शन में भक्त मंडल से जुड़े सुभाष नायक, दिलीप सर, गोकुल पाटीदार, वासुदेव पाटीदार सहित 21 कार्यकर्ताओं ने जिम्मेदारी संभाली। बागड़ी ने बताया कि भक्त मंडल की ओर से सवा लाख मोदक का निर्माण पिछले छः दिनों से लगातार प्रसिद्ध रसोईए खेमजी महाराज और 20 सहयोगी 8 सुपर भट्टियों पर कर रहे थे। खजराना गणेश को आज पहले दिन सवा लाख मोदक प्रसाद के अलावा प्रतिदिन संध्या को अलग-अलग किस्म के लड्डुओं का भोग भी समर्पित किया जाएगा। इनमें अजवाईन, मूंग, चवले, उड़द, गोंद, बेसन, मोतीचूर, बड़ी बूंदी और फरियाली ड्रायफ्रूट्स के लड्डूओं का भोग भी शामिल है। भक्त मंडल द्वारा मोदक प्रसाद वितरण के लिए 50 बड़ी परातों एवं 100 ट्रे की व्यवस्था की गई थी। भक्त मंडल से जुड़े 21 कार्यकर्ताओं ने प्रसाद वितरण की व्यवस्था पूरे दिन संभाली। आज गणेशोत्सव के पहले दिन करीब डेढ़ लाख भक्तों ने खजराना गणेश के दर्शन, पूजन कर मोदक प्रसाद का भी पुण्यलाभ उठाया।1
- गुरुग्राम में महिला बाइकर को कार ने मारी टक्कर, कैमरे में कैद पूरी वारदात गुरुग्राम की गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइकर के साथ हिट एंड रन का मामला सामने आया है। रविवार, 13 सितंबर को एक कार ने स्पोर्ट्स बाइक सवार सिया को टक्कर मार दी। हादसे में सिया सड़क पर गिर गईं और बाइक कई मीटर तक घिसटती चली गई। घटना के बाद कार सवार मौके से फरार हो गए। सिया ने अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर घटना की जानकारी साझा की है।1
- गणेश प्रतिमा लेने पहुंचे सिख समाज के लोग, महाराष्ट्रियन गर्ल्स के डांस ने लूटी महफिल इंदौर में गणेश उत्सव की धूम के बीच महाराष्ट्रियन वेशभूषा में लड़कियों का ग्रुप गणेश प्रतिमा लेने पहुंचा। ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों पर लड़कियों ने जमकर डांस किया। इस दौरान उनका अंदाज लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। 🙏🏻❤️1
- छात्रों की गूंज’ पर सियासी घमासान, जीतू पटवारी ने 10 लाख रुपये किराए पर उठाए सवाल इंदौर में 19 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता की। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों से सीधा संवाद करेंगे। पटवारी ने कार्यक्रम स्थल के लिए 10 लाख रुपये किराया मांगे जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन 10 करोड़ रुपये भी मांगता तो कांग्रेस राशि एकत्र कर जमा कर देती। उन्होंने दावा किया कि यह राजनीतिक नहीं, बल्कि छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित कार्यक्रम है। वीओ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी विद्यार्थियों से सीधा संवाद करेंगे। कार्यक्रम में शामिल होने वाले छात्रों के ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीयन किए जा रहे हैं तथा कांग्रेस कार्यकर्ता व्यापक स्तर पर तैयारियों में जुटे हैं। पटवारी ने कहा कि कार्यक्रम स्थल के लिए प्रशासन ने कांग्रेस से 10 लाख रुपये किराया मांगा है, जिसे पार्टी जमा करने के लिए तैयार है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि 10 करोड़ रुपये का किराया भी मांगा जाता तो कांग्रेस उसे एकत्र करके दे देती और कार्यक्रम की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करती। उन्होंने भाजपा पर कार्यक्रम को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह कांग्रेस का राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विषयों पर संवाद का मंच है। कार्यक्रम के मंच और मैदान में विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा कांग्रेस नेता मंच पर मौजूद नहीं रहेंगे। पटवारी ने कहा कि वह स्वयं भी मंच पर नहीं चढ़ेंगे। जीतू पटवारी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के दौरान जब अटलजी आते थे, तब कांग्रेस नेता उनका स्वागत करते और उन्हें सुनने जाते थे। उन्होंने छात्र हित के मुद्दों पर भाजपा, कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों से मिलकर काम करने की अपील भी की। पत्रकार वार्ता के दौरान पटवारी ने शिक्षा नीति सहित मीडिया के कई सवालों के जवाब दिए। बाइट जीतू पटवारी — प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस1
- इंदौर में गणेश चतुर्थी की धूम, घर-घर विराजेंगे विघ्नहर्ता गणपति बप्पा इंदौर। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर सोमवार को पूरा इंदौर शहर गणपति भक्ति में रंगा नजर आया। सुबह से ही श्रद्धालुओं में भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा स्थापना को लेकर अच्छा खासा उत्साह देखने को मिला। घरों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में बनाए गए पंडालों में विधि-विधान से गणपति बप्पा की स्थापना की जाएगी शहर के अलग-अलग इलाकों में आकर्षक सजावट, विद्युत रोशनी और धार्मिक आयोजनों के बीच “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारे गूंजते रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि प्रथम पूज्य भगवान गणेश विघ्नों को दूर करने और बुद्धि, सुख एवं समृद्धि प्रदान करने वाले देवता हैं। इंदौर में भी गणेश उत्सव को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है और अगले कई दिनों तक शहर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रौनक बनी रहने की उम्मीद है। गणपति बप्पा मोरया मंगल मूर्ति मोरया1
- आदिवासी गांव लिमड़ी खोदरा आज भी विकास की राह देख रहा है। मध्यप्रदेश के महू तहसील के मानपुर क्षेत्र की कालिकिराय पंचायत के मजरा लिमड़ी खोदरा के ग्रामीण आज भी गांव के विकास और मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय गांव में आते हैं, बड़े-बड़े वादे करते हैं और चुनाव खत्म होने के बाद ग्रामीणों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं देते। गांव में आज भी स्कूल की सुविधा उपलब्ध नहीं है। छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए गांव से लगभग 4 किलोमीटर दूर कालिकिराय गांव जाना पड़ता है। स्कूल तक पहुंचने के लिए बच्चों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है और अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। सरकार आदिवासी समाज के विकास और उत्थान की बातें तो करती है, लेकिन जब जमीनी हकीकत देखी जाती है, तो तस्वीर कुछ और ही नजर आती है। आज भी प्रदेश के अनेक आदिवासी गांव सड़क, शिक्षा, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सरकार और जनप्रतिनिधियों से सवाल है कि आखिर आदिवासी गांवों का विकास कब होगा? लिमड़ी खोदरा के ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए गांव में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और बच्चों की शिक्षा के लिए उचित व्यवस्था की जाए। आदिवासी गांव लिमड़ी खोदरा आज भी विकास की राह देख रहा है। मध्यप्रदेश के महू तहसील के मानपुर क्षेत्र की कालिकिराय पंचायत के मजरा लिमड़ी खोदरा के ग्रामीण आज भी गांव के विकास और मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय गांव में आते हैं, बड़े-बड़े वादे करते हैं और चुनाव खत्म होने के बाद ग्रामीणों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं देते। गांव में आज भी स्कूल की सुविधा उपलब्ध नहीं है। छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए गांव से लगभग 4 किलोमीटर दूर कालिकिराय गांव जाना पड़ता है। स्कूल तक पहुंचने के लिए बच्चों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है और अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। सरकार आदिवासी समाज के विकास और उत्थान की बातें तो करती है, लेकिन जब जमीनी हकीकत देखी जाती है, तो तस्वीर कुछ और ही नजर आती है। आज भी प्रदेश के अनेक आदिवासी गांव सड़क, शिक्षा, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सरकार और जनप्रतिनिधियों से सवाल है कि आखिर आदिवासी गांवों का विकास कब होगा? लिमड़ी खोदरा के ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए गांव में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और बच्चों की शिक्षा के लिए उचित व्यवस्था की जाए।1
- इंदौर के चोइथराम मंडी के पास चलती हुई कर में लगी आज झुलस्ता रहा आज में पुलिस ने बुझाई आग 40% जल चुका है चोइथराम हॉस्पिटल में एडमिट1