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तुर्का लहचूरा जिला झांसी तहसील टहरौली ब्लॉक गुरसराय थाना फतेहपुर रिंकू लक्ष्कार तुर्का लहचूरा

12 hrs ago
user_Rinkuu lakshkar
Rinkuu lakshkar
Farmer गरौठा, झांसी, उत्तर प्रदेश•
12 hrs ago
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तुर्का लहचूरा जिला झांसी तहसील टहरौली ब्लॉक गुरसराय थाना फतेहपुर रिंकू लक्ष्कार तुर्का लहचूरा

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • गुरसराय नगर के मऊरानीपुर रोड पर परिवहन विभाग द्वारा एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, मऊरानीपुर से गुरसराय की ओर आ रही एक रोडवेज बस की जाँच की गई। चेकिंग के दौरान, बस में यात्रा कर रहे दो यात्री बिना टिकट पाए गए। परिवहन विभाग की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बस संख्या UP 78 LN 2601 के परिचालक (कंडक्टर) के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को टिकट जारी करना परिचालक की जिम्मेदारी है और बिना टिकट यात्रा पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। विभाग ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे अपनी यात्रा के दौरान टिकट अवश्य लें और उसे सुरक्षित रखें।
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    गुरसराय नगर के मऊरानीपुर रोड पर परिवहन विभाग द्वारा एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, मऊरानीपुर से गुरसराय की ओर आ रही एक रोडवेज बस की जाँच की गई। चेकिंग के दौरान, बस में यात्रा कर रहे दो यात्री बिना टिकट पाए गए। परिवहन विभाग की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बस संख्या UP 78 LN 2601 के परिचालक (कंडक्टर) के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की है।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को टिकट जारी करना परिचालक की जिम्मेदारी है और बिना टिकट यात्रा पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। विभाग ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे अपनी यात्रा के दौरान टिकट अवश्य लें और उसे सुरक्षित रखें।
    user_Som mishra
    Som mishra
    पत्रकार गरौठा, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश में विकास, शिक्षा, पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी-ललितपुर क्षेत्र को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी है, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र के आधारभूत ढांचे और रोजगार के अवसरों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। वहीं, धार्मिक नगरी अयोध्या में वैक्स म्यूजियम का लोकार्पण किया गया है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगा तथा प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देगा। शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने अहम पहल करते हुए पीएमश्री स्कूलों के विद्यार्थियों को निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को विद्यालय पहुंचने में सुविधा मिलेगी और शिक्षा तक उनकी पहुंच और अधिक सुलभ होगी। इसके अलावा, प्रदेश के गांवों में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इन उद्योगों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ रही है। सरकार का मानना है कि विकास, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में किए जा रहे ये प्रयास उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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    उत्तर प्रदेश में विकास, शिक्षा, पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी-ललितपुर क्षेत्र को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी है, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र के आधारभूत ढांचे और रोजगार के अवसरों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

वहीं, धार्मिक नगरी अयोध्या में वैक्स म्यूजियम का लोकार्पण किया गया है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगा तथा प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देगा। शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने अहम पहल करते हुए पीएमश्री स्कूलों के विद्यार्थियों को निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को विद्यालय पहुंचने में सुविधा मिलेगी और शिक्षा तक उनकी पहुंच और अधिक सुलभ होगी।

इसके अलावा, प्रदेश के गांवों में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इन उद्योगों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ रही है। सरकार का मानना है कि विकास, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में किए जा रहे ये प्रयास उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • महोबा जिले के कबरई कस्बे के मोचीपुरा और लोडा पहाड़ मुहाल में रहने वाले लोगों का जीवन इन दिनों ओवरलोड डंपरों के कारण खतरे में पड़ गया है। पहाड़ों से भारी-भरकम बोल्डर भरकर दिन-रात घनी आबादी के बीच से गुजर रहे ये डंपर न केवल सड़कों को बुरी तरह जर्जर कर चुके हैं, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए दुर्घटना का स्थायी खतरा भी बन गए हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि तेज रफ्तार से दौड़ने वाले ये डंपर सड़कों को बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील कर चुके हैं। कई बार डंपरों से भारी बोल्डर रास्ते में गिर जाते हैं, जिससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थिति इतनी भयावह है कि वे अपने बच्चों को घर से बाहर खेलने भेजने से भी डरते हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर मुहाल के दर्जनों लोगों ने थाना प्रभारी कबरई को एक शिकायती पत्र सौंपा है, जिसमें तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं में कल्लू, राजकुमार, कामता, रामकिशोर, पंचा, सुशीला, रामप्यारी, शांति, हीरा, हल्की, कोमल, गोविंद सहित कई ग्रामीण शामिल हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार पहाड़ संचालकों से सड़क मरम्मत और ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने का अनुरोध किया, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय उन्हें धमकियां दी गईं। उनका आरोप है कि विरोध करने पर गाली-गलौज और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है। मुहालवासियों ने थाना प्रभारी से मांग की है कि पहाड़ संचालक कंचन पाण्डेय, अजयराज सिंह और कमल सिंह के डंपरों की जांच कराई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने बस्ती के बीच से गुजर रहे ओवरलोड वाहनों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की गुहार लगाई है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित संचालकों और प्रशासन की होगी।
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    महोबा जिले के कबरई कस्बे के मोचीपुरा और लोडा पहाड़ मुहाल में रहने वाले लोगों का जीवन इन दिनों ओवरलोड डंपरों के कारण खतरे में पड़ गया है। पहाड़ों से भारी-भरकम बोल्डर भरकर दिन-रात घनी आबादी के बीच से गुजर रहे ये डंपर न केवल सड़कों को बुरी तरह जर्जर कर चुके हैं, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए दुर्घटना का स्थायी खतरा भी बन गए हैं।

क्षेत्रवासियों का आरोप है कि तेज रफ्तार से दौड़ने वाले ये डंपर सड़कों को बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील कर चुके हैं। कई बार डंपरों से भारी बोल्डर रास्ते में गिर जाते हैं, जिससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थिति इतनी भयावह है कि वे अपने बच्चों को घर से बाहर खेलने भेजने से भी डरते हैं।

इस गंभीर समस्या को लेकर मुहाल के दर्जनों लोगों ने थाना प्रभारी कबरई को एक शिकायती पत्र सौंपा है, जिसमें तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं में कल्लू, राजकुमार, कामता, रामकिशोर, पंचा, सुशीला, रामप्यारी, शांति, हीरा, हल्की, कोमल, गोविंद सहित कई ग्रामीण शामिल हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार पहाड़ संचालकों से सड़क मरम्मत और ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने का अनुरोध किया, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय उन्हें धमकियां दी गईं। उनका आरोप है कि विरोध करने पर गाली-गलौज और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है।

मुहालवासियों ने थाना प्रभारी से मांग की है कि पहाड़ संचालक कंचन पाण्डेय, अजयराज सिंह और कमल सिंह के डंपरों की जांच कराई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने बस्ती के बीच से गुजर रहे ओवरलोड वाहनों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की गुहार लगाई है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित संचालकों और प्रशासन की होगी।
    user_पत्रकार अरबाज हाशमी
    पत्रकार अरबाज हाशमी
    News Anchor चरखारी, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक नया विवाद सामने आया है। ग्राम खकसीस निवासी शिवपाल सिंह ने पुलिस अधीक्षक जालौन को एक प्रार्थना पत्र देकर अपनी पत्नी से मुलाकात, विवाह संबंधी साक्ष्यों के सत्यापन और सुरक्षा की मांग की है। शिवपाल सिंह ने न्याय की गुहार लगाई है। शिवपाल सिंह का दावा है कि उनका विवाह वर्ष 2016 में हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार संपन्न हुआ था, लेकिन बाद में ऐसी परिस्थितियाँ बनीं कि उनकी पत्नी उनसे अलग हो गईं। उन्होंने इस अलगाव के पीछे बाहरी हस्तक्षेप और दबाव की भूमिका का आरोप लगाया है। प्रार्थना पत्र में यह भी बताया गया है कि हाल ही में एक अन्य व्यक्ति ने स्वयं को उनकी पत्नी का पति बताते हुए उन्हें कथित रूप से धमकाया, जिससे यह पूरा मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। शिवपाल सिंह ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और विवाह से जुड़े सभी दस्तावेजों एवं तथ्यों का सत्यापन कराने का अनुरोध किया है। उनकी प्राथमिक मांग केवल यह जानने की है कि उनकी पत्नी वर्तमान में अपनी स्वतंत्र इच्छा से किस परिस्थिति में रह रही हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष वातावरण में मुलाकात कराने का भी आग्रह किया है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग पुलिस प्रशासन की कार्रवाई तथा जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। यह उल्लेखनीय है कि समाचार में उल्लिखित सभी आरोप शिवपाल सिंह के प्रार्थना पत्र में किए गए दावों पर आधारित हैं, और इनकी स्वतंत्र पुष्टि संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही संभव हो पाएगी।
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    उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक नया विवाद सामने आया है। ग्राम खकसीस निवासी शिवपाल सिंह ने पुलिस अधीक्षक जालौन को एक प्रार्थना पत्र देकर अपनी पत्नी से मुलाकात, विवाह संबंधी साक्ष्यों के सत्यापन और सुरक्षा की मांग की है। शिवपाल सिंह ने न्याय की गुहार लगाई है।

शिवपाल सिंह का दावा है कि उनका विवाह वर्ष 2016 में हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार संपन्न हुआ था, लेकिन बाद में ऐसी परिस्थितियाँ बनीं कि उनकी पत्नी उनसे अलग हो गईं। उन्होंने इस अलगाव के पीछे बाहरी हस्तक्षेप और दबाव की भूमिका का आरोप लगाया है। प्रार्थना पत्र में यह भी बताया गया है कि हाल ही में एक अन्य व्यक्ति ने स्वयं को उनकी पत्नी का पति बताते हुए उन्हें कथित रूप से धमकाया, जिससे यह पूरा मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

शिवपाल सिंह ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और विवाह से जुड़े सभी दस्तावेजों एवं तथ्यों का सत्यापन कराने का अनुरोध किया है। उनकी प्राथमिक मांग केवल यह जानने की है कि उनकी पत्नी वर्तमान में अपनी स्वतंत्र इच्छा से किस परिस्थिति में रह रही हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष वातावरण में मुलाकात कराने का भी आग्रह किया है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग पुलिस प्रशासन की कार्रवाई तथा जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

यह उल्लेखनीय है कि समाचार में उल्लिखित सभी आरोप शिवपाल सिंह के प्रार्थना पत्र में किए गए दावों पर आधारित हैं, और इनकी स्वतंत्र पुष्टि संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही संभव हो पाएगी।
    user_SHIVPAL SINGH
    SHIVPAL SINGH
    Publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • जालौन की कालपी तहसील सभागार में शनिवार दोपहर 2 बजे आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना। इस दौरान कुल 145 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 28 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों की टीमें गठित कर जल्द से जल्द कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।
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    जालौन की कालपी तहसील सभागार में शनिवार दोपहर 2 बजे आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना। इस दौरान कुल 145 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 28 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों की टीमें गठित कर जल्द से जल्द कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।
    user_Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    रिपोर्टर उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • जालौन जनपद में 5650 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती का सफल आरम्भ हो गया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने पत्रकारों से विशेष भेंट वार्ता के दौरान यह जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले में 50-50 हेक्टेयर के कुल 114 क्लस्टर बनाए गए हैं, जहाँ महिला किसानों की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से अधिक है। इस पहल के तहत 10,601 किसानों को चिन्हित किया गया है, और 2,52,000 किसानों को ग्राम पंचायत, विकासखंड तथा जिला स्तर पर कृषि विज्ञान केंद्र के मॉडल प्रक्षेत्र एवं वैज्ञानिकों के माध्यम से प्रशिक्षित कर जागरूक किया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक खेती एक ऐसा तरीका है जिसमें जीवांश का उपयोग करके पोषक तत्व, सिंचाई, कीट-रोग एवं खरपतवार प्रबंधन किया जाता है, जिससे उत्पादन प्राप्त होता है। इसका मुख्य आधार देसी गोवंश है, जिसके गोबर और गोमूत्र से कई प्रकार के मिश्रण तैयार किए जाते हैं। इन मिश्रणों से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और कीट व रोगों की रोकथाम होती है। इसे 'ऑन फॉर्म प्रिपरेशन और प्रैक्टिस' भी कहते हैं, और इसमें सिंथेटिक रसायनों का प्रयोग बिल्कुल नहीं होता। हालांकि, उन्होंने प्राकृतिक खेती की कुछ चुनौतियों का भी जिक्र किया, जैसे रासायनिक खेती से प्राकृतिक खेती में संक्रमण के शुरुआती वर्षों में उत्पादन में गिरावट आना, क्योंकि मिट्टी को अपनी प्राकृतिक उर्वरता वापस लाने में समय लगता है। साथ ही, तकनीकी ज्ञान और जागरूकता की कमी तथा जीवामृत, बीजामृत और मल्चिंग जैसे प्राकृतिक तरीकों के सटीक उपयोग के लिए प्रशिक्षण व मार्गदर्शन का अभाव भी प्रमुख चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जनपद में 10,601 किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए चिन्हित कर उन्हें प्रशिक्षित किया गया है। प्राकृतिक खेती में मुख्य रूप से गाय के गोबर आधारित इनपुट जैसे जीवामृत, बीजामृत, घन जीवामृत और दस परणी स्वयं तैयार किए जाते हैं। जीवामृत से मिट्टी में सूक्ष्म जीवों और केंचुओं की वृद्धि होती है, बीजामृत नई जड़ों को फंगस और मिट्टी जनित बीमारियों से बचाता है, घन जीवामृत मिट्टी में लंबे समय तक पोषक तत्वों की उपलब्धता बनाए रखता है, और दस परणी फसलों को कीट व रोगों से बचाता है। जिलाधिकारी ने प्राकृतिक खेती के कई लाभों पर भी प्रकाश डाला, जिनमें मृदा स्वास्थ्य में सुधार, जीवांश और कार्बन में वृद्धि, रसायन मुक्त खेती, किसानों के आर्थिक स्तर में सुधार, आत्मनिर्भरता, कम लागत में अधिक आय और रसायनों की खरीद की आवश्यकता न होना शामिल है। यह 'जीरो बजट' की खेती है। जिले में प्राकृतिक खेती में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को देखते हुए, ग्राम मल्हनपुरा की महिला किसान सोमवती को जिले की प्राकृतिक खेती का 'रोल मॉडल' बनाया गया है।
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    जालौन जनपद में 5650 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती का सफल आरम्भ हो गया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने पत्रकारों से विशेष भेंट वार्ता के दौरान यह जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले में 50-50 हेक्टेयर के कुल 114 क्लस्टर बनाए गए हैं, जहाँ महिला किसानों की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से अधिक है। इस पहल के तहत 10,601 किसानों को चिन्हित किया गया है, और 2,52,000 किसानों को ग्राम पंचायत, विकासखंड तथा जिला स्तर पर कृषि विज्ञान केंद्र के मॉडल प्रक्षेत्र एवं वैज्ञानिकों के माध्यम से प्रशिक्षित कर जागरूक किया गया है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक खेती एक ऐसा तरीका है जिसमें जीवांश का उपयोग करके पोषक तत्व, सिंचाई, कीट-रोग एवं खरपतवार प्रबंधन किया जाता है, जिससे उत्पादन प्राप्त होता है। इसका मुख्य आधार देसी गोवंश है, जिसके गोबर और गोमूत्र से कई प्रकार के मिश्रण तैयार किए जाते हैं। इन मिश्रणों से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और कीट व रोगों की रोकथाम होती है। इसे 'ऑन फॉर्म प्रिपरेशन और प्रैक्टिस' भी कहते हैं, और इसमें सिंथेटिक रसायनों का प्रयोग बिल्कुल नहीं होता। हालांकि, उन्होंने प्राकृतिक खेती की कुछ चुनौतियों का भी जिक्र किया, जैसे रासायनिक खेती से प्राकृतिक खेती में संक्रमण के शुरुआती वर्षों में उत्पादन में गिरावट आना, क्योंकि मिट्टी को अपनी प्राकृतिक उर्वरता वापस लाने में समय लगता है। साथ ही, तकनीकी ज्ञान और जागरूकता की कमी तथा जीवामृत, बीजामृत और मल्चिंग जैसे प्राकृतिक तरीकों के सटीक उपयोग के लिए प्रशिक्षण व मार्गदर्शन का अभाव भी प्रमुख चुनौतियां हैं।

इन चुनौतियों से निपटने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जनपद में 10,601 किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए चिन्हित कर उन्हें प्रशिक्षित किया गया है। प्राकृतिक खेती में मुख्य रूप से गाय के गोबर आधारित इनपुट जैसे जीवामृत, बीजामृत, घन जीवामृत और दस परणी स्वयं तैयार किए जाते हैं। जीवामृत से मिट्टी में सूक्ष्म जीवों और केंचुओं की वृद्धि होती है, बीजामृत नई जड़ों को फंगस और मिट्टी जनित बीमारियों से बचाता है, घन जीवामृत मिट्टी में लंबे समय तक पोषक तत्वों की उपलब्धता बनाए रखता है, और दस परणी फसलों को कीट व रोगों से बचाता है।

जिलाधिकारी ने प्राकृतिक खेती के कई लाभों पर भी प्रकाश डाला, जिनमें मृदा स्वास्थ्य में सुधार, जीवांश और कार्बन में वृद्धि, रसायन मुक्त खेती, किसानों के आर्थिक स्तर में सुधार, आत्मनिर्भरता, कम लागत में अधिक आय और रसायनों की खरीद की आवश्यकता न होना शामिल है। यह 'जीरो बजट' की खेती है। जिले में प्राकृतिक खेती में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को देखते हुए, ग्राम मल्हनपुरा की महिला किसान सोमवती को जिले की प्राकृतिक खेती का 'रोल मॉडल' बनाया गया है।
    user_SONI NEWS
    SONI NEWS
    Media company उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि विकास का कोई विकल्प नहीं हो सकता और यही समाज तथा राष्ट्र के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपने संदेश में, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हर नौजवान, अन्नदाता किसान, कारीगर, हस्तशिल्पी, व्यापारी और बहन-बेटी को विकास की प्रक्रिया का सक्रिय सहभागी बनाना आवश्यक है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि समावेशी विकास के माध्यम से ही समाज के सभी वर्गों को आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त होंगे, जिससे प्रदेश आत्मनिर्भरता और समृद्धि की ओर तेजी से अग्रसर होगा। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि सरकार युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने, कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन देने तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी और विकासोन्मुख नीतियों के दम पर उत्तर प्रदेश नई ऊंचाइयों को अवश्य प्राप्त करेगा।
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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि विकास का कोई विकल्प नहीं हो सकता और यही समाज तथा राष्ट्र के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अपने संदेश में, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हर नौजवान, अन्नदाता किसान, कारीगर, हस्तशिल्पी, व्यापारी और बहन-बेटी को विकास की प्रक्रिया का सक्रिय सहभागी बनाना आवश्यक है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि समावेशी विकास के माध्यम से ही समाज के सभी वर्गों को आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त होंगे, जिससे प्रदेश आत्मनिर्भरता और समृद्धि की ओर तेजी से अग्रसर होगा।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि सरकार युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने, कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन देने तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी और विकासोन्मुख नीतियों के दम पर उत्तर प्रदेश नई ऊंचाइयों को अवश्य प्राप्त करेगा।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • कानपुर देहात में 'बोतल बाबा' के नाम से मशहूर हरिधाम सरकार आश्रम के संचालक हरिओम यादव को एक महिला की शिकायत पर छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि बाबा ने उसे काली शक्तियों का साया होने की बात कहकर आश्रम बुलाया और पूजा-पाठ के बहाने अश्लील हरकतें शुरू कर दीं, जिसमें दुष्कर्म का प्रयास भी शामिल था। महिला के शोर मचाने पर जब उसके परिजन वहां पहुंचे, तो वह किसी तरह आश्रम से बाहर निकल सकी। हरिओम यादव, जो कानपुर देहात के देवराहट थाना क्षेत्र स्थित हरिधाम सरकार आश्रम का संचालक है, 'बोतल बाबा' के नाम से अपनी पहचान रखता है। जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित इस आश्रम में हरिओम यादव बोतल के पानी में फूंक मारकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को ठीक करने का दावा करता है और उसके समागमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। औरैया के फफूंद थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली पीड़िता महिला के अनुसार, उसके ससुर और दो देवरों ने 6 जून को पूजा-पाठ करवाने के लिए बाबा को घर बुलाया था। महिला की शिकायत पर पुलिस ने पाँच नामजद व्यक्तियों और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपी बाबा को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया।
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    कानपुर देहात में 'बोतल बाबा' के नाम से मशहूर हरिधाम सरकार आश्रम के संचालक हरिओम यादव को एक महिला की शिकायत पर छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि बाबा ने उसे काली शक्तियों का साया होने की बात कहकर आश्रम बुलाया और पूजा-पाठ के बहाने अश्लील हरकतें शुरू कर दीं, जिसमें दुष्कर्म का प्रयास भी शामिल था। महिला के शोर मचाने पर जब उसके परिजन वहां पहुंचे, तो वह किसी तरह आश्रम से बाहर निकल सकी।

हरिओम यादव, जो कानपुर देहात के देवराहट थाना क्षेत्र स्थित हरिधाम सरकार आश्रम का संचालक है, 'बोतल बाबा' के नाम से अपनी पहचान रखता है। जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित इस आश्रम में हरिओम यादव बोतल के पानी में फूंक मारकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को ठीक करने का दावा करता है और उसके समागमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। औरैया के फफूंद थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली पीड़िता महिला के अनुसार, उसके ससुर और दो देवरों ने 6 जून को पूजा-पाठ करवाने के लिए बाबा को घर बुलाया था।

महिला की शिकायत पर पुलिस ने पाँच नामजद व्यक्तियों और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपी बाबा को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना रात करीब 11 बजे नदीगांव रोड स्थित कनासी के पास पुलिया मोड़ पर हुई, जब बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। इस दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, लहार, जिला भिंड निवासी मोहित शर्मा (30 वर्ष) पुत्र राधेश्याम और ब्रजेन्द्र कुशवाहा (34 वर्ष) पुत्र रामतीर्थ एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए कोंच आ रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक कनासी के पास पुलिया मोड़ पर अचानक फिसल गई, जिससे दोनों युवक सड़क पर गिरकर बुरी तरह चोटिल हो गए। हादसे के बाद वहां से गुजर रहे राहगीरों ने तुरंत घायलों की मदद की और 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचित किया। एम्बुलेंस की सहायता से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंच पहुंचाया गया, जहाँ डॉ. गौरव शर्मा ने उनका प्राथमिक उपचार किया। गंभीर हालत को देखते हुए, चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए दोनों घायलों को मेडिकल कॉलेज उरई रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर परिजनों में चिंता का माहौल है और पुलिस ने भी मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण बाइक का फिसलना बताया जा रहा है।
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    जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना रात करीब 11 बजे नदीगांव रोड स्थित कनासी के पास पुलिया मोड़ पर हुई, जब बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। इस दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार, लहार, जिला भिंड निवासी मोहित शर्मा (30 वर्ष) पुत्र राधेश्याम और ब्रजेन्द्र कुशवाहा (34 वर्ष) पुत्र रामतीर्थ एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए कोंच आ रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक कनासी के पास पुलिया मोड़ पर अचानक फिसल गई, जिससे दोनों युवक सड़क पर गिरकर बुरी तरह चोटिल हो गए।

हादसे के बाद वहां से गुजर रहे राहगीरों ने तुरंत घायलों की मदद की और 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचित किया। एम्बुलेंस की सहायता से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंच पहुंचाया गया, जहाँ डॉ. गौरव शर्मा ने उनका प्राथमिक उपचार किया। गंभीर हालत को देखते हुए, चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए दोनों घायलों को मेडिकल कॉलेज उरई रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर परिजनों में चिंता का माहौल है और पुलिस ने भी मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण बाइक का फिसलना बताया जा रहा है।
    user_Vivek Dwivedi public news
    Vivek Dwivedi public news
    पत्रकार Konch, Jalaun•
    20 hrs ago
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