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हरिद्वार में गंगा दशहरा के पावन पर्व पर एक बड़ा हादसा टल गया। हरियाणा के झज्जर निवासी 45 वर्षीय टीनू कुमार, जो महावीर सिंह के पुत्र हैं, हर की पौड़ी पर गंगा स्नान के दौरान तेज बहाव में बह गए। नशे की हालत में स्नान कर रहे टीनू कुमार बहते हुए हाथी पुल के पास लगी सुरक्षा जंजीर पर जाकर लटक गए, जिससे उनकी जान पर बन आई थी। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर तैनात SDRF टीम ने तुरंत कार्रवाई की। जवानों ने बेहद सतर्कता और सूझबूझ दिखाते हुए जंजीर पर लटके व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बचाव के बाद, टीनू कुमार को भविष्य में नशे की हालत में गंगा में न उतरने की सख्त हिदायत दी गई, और उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
Ashutosh kumar
हरिद्वार में गंगा दशहरा के पावन पर्व पर एक बड़ा हादसा टल गया। हरियाणा के झज्जर निवासी 45 वर्षीय टीनू कुमार, जो महावीर सिंह के पुत्र हैं, हर की पौड़ी पर गंगा स्नान के दौरान तेज बहाव में बह गए। नशे की हालत में स्नान कर रहे टीनू कुमार बहते हुए हाथी पुल के पास लगी सुरक्षा जंजीर पर जाकर लटक गए, जिससे उनकी जान पर बन आई थी। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर तैनात SDRF टीम ने तुरंत कार्रवाई की। जवानों ने बेहद सतर्कता और सूझबूझ दिखाते हुए जंजीर पर लटके व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बचाव के बाद, टीनू कुमार को भविष्य में नशे की हालत में गंगा में न उतरने की सख्त हिदायत दी गई, और उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
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- गया शहर के नगर निगम गयाजी अंतर्गत वार्ड संख्या 34 के ग्वाल बिगहा पुलिस लाइन रोड में नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (NIMA) के तत्वावधान में डाबर इंडिया द्वारा एक निःशुल्क चिकित्सा, परामर्श एवं जाँच शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ वार्ड संख्या 34 की पार्षद शीला देवी एवं महिला अध्यक्ष ज्योति दांगी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर डॉ. चंद्रा तारा यादव और सुषमा कुमारी को अंगवस्त्र एवं बुके भेंट कर सम्मानित भी किया गया। इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ सैकड़ों लोगों ने उठाया, जिन्होंने चिकित्सा, परामर्श और जाँच सेवाओं का फायदा लिया। इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ. मृत्युंजय कुमार, डॉ. प्रेमलता, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. बादल कुमार माथुर, डॉ. कृष्ण प्रकाश, डॉ. जेड खान, दंत चिकित्सक अभिषेक मृणाल, माइक्रो डायग्नोस्टिक के गुंजन कुमार, सर्वदर्शन पांडेय, रुपेश कुमार, आशुतोष सिंह और डाबर इंडिया के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।1
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेतृत्व में 23 मई 2026 को गया कॉलेज, गया में छात्र-छात्राओं ने भारी आक्रोश व्यक्त करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। यह आक्रोश छात्रा नैना के साथ हुई एक घटना को लेकर था, जिसके विरोध में एबीवीपी कार्यकर्ताओं और सैकड़ों छात्रों ने प्राचार्य कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान परिसर में "नैना न्याय दो", "छात्रा सम्मान से समझौता नहीं चलेगा" और "दोषियों पर कार्रवाई करो" जैसे नारों की गूंज सुनाई दी। एबीवीपी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक पीड़ित छात्रा को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा, क्योंकि छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर मामले को दबाने और लीपापोती करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। जीबीएम कॉलेज अध्यक्ष वैष्णवी कुमारी ने छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मसम्मान से किसी भी तरह के समझौते को अस्वीकार्य बताया, साथ ही चेतावनी दी कि यदि कॉलेज प्रशासन ने तत्काल निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की तो छात्र शक्ति सड़क से लेकर विश्वविद्यालय तक उग्र आंदोलन करेगी। वहीं, महानगर मंत्री आदित्य मिश्रा ने कहा कि छात्र हितों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन एबीवीपी अन्याय और अत्याचार के खिलाफ हमेशा मजबूती से खड़ी रही है और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन रुकने वाला नहीं है। प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन एबीवीपी कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अडिग रहे और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही। इस दौरान छात्र नेताओं और कर्मचारियों के बीच झड़प भी हुई, जिसके बाद डीएसपी मौके पर पहुंचे और छात्र नेताओं को समझाकर शांत कराया। लगातार बढ़ते छात्र आक्रोश और आंदोलन के दबाव के बाद गया कॉलेज प्रशासन को एबीवीपी प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता करनी पड़ी। वार्ता के उपरांत कॉलेज प्रशासन द्वारा एक लिखित आश्वासन जारी किया गया, जिसमें एबीवीपी की प्रमुख मांगों को स्वीकार किया गया। इन आश्वासनों में घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराना, जांच में दोषी पाए गए किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध तत्काल सख्त प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना, पीड़ित छात्रा के समुचित उपचार का संपूर्ण खर्च महाविद्यालय प्रशासन द्वारा वहन करना, महाविद्यालय परिसर एवं परीक्षा केंद्रों पर छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाना, तथा आगामी सभी परीक्षाओं में बिहार परीक्षा अधिनियम-1981 एवं मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के दिशा-निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करना शामिल था। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि मामले में किसी प्रकार की लापरवाही या लीपापोती नहीं की जाएगी और सभी बिंदुओं पर गंभीरता से अमल किया जाएगा। एबीवीपी गया महानगर ने स्पष्ट कहा है कि परिषद प्रशासन के हर कदम पर नजर रखेगी और यदि जांच में किसी भी प्रकार की ढिलाई, पक्षपात या लीपापोती की गई तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- गया जिले के कोंच प्रखंड सभागार भवन में सोमवार को एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम प्रखंड प्रमुख मनी देवी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) विपुल भारद्वाज और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय रमन के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, मेडल और पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में लोजपा रामविलास पार्टी के प्रदेश महासचिव एवं पूर्व विधायक प्रत्याशी कमलेश शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, उनके साथ पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष बबलू कुमार उर्फ गिरजेश शर्मा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख मनी देवी ने की, जबकि शिक्षक निलेश कुमार ने मंच संचालन किया। बीडीओ विपुल भारद्वाज ने शिक्षा को समाज के विकास का सबसे मजबूत आधार बताया और कहा कि प्रखंड प्रशासन योजनाओं में पारदर्शिता और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयासरत है। वहीं, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय रमन ने ऐसे आयोजनों को बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक एवं व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने में सहायक बताया। मुख्य अतिथि कमलेश शर्मा ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए जीवन में सफलता के लिए बड़े सपने देखने और असफलता से न घबराकर उससे सीखने की प्रेरणा दी। उन्होंने अभिभावकों से बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की, क्योंकि शिक्षित बेटियां ही समाज और देश की प्रगति की मजबूत आधारशिला होती हैं। इस अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। समारोह में शिक्षक माधवेंद्र कुमार, निलेश कुमार, संगम यादव सहित कई शिक्षक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायक आयोजनों को जारी रखने का आश्वासन दिया।1
- सम्राट चौधरी से संबंधित पुलिस पर एक गैंगस्टर के सामने समर्पण करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर सम्राट चौधरी की पुलिस एक गैंगस्टर के सामने कमजोर क्यों पड़ गई। यह मुद्दा प्रदेश में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है।1
- जहानाबाद जिले के डिहुरी गांव में श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन से पूर्व एक भव्य कलशयात्रा निकाली गई। इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जानकारी के अनुसार, श्रीमद्भागवत कथा का यह कार्यक्रम 25 मई से शुरू होकर 31 मई तक चलेगा।1
- टिकट और पार्किंग शुल्क में हुई बढ़ोतरी के बाद ककोलत जलप्रपात पर भीड़ पूरी तरह से नियंत्रित हो गई है। शुल्क वृद्धि का सीधा असर पर्यटकों की आवाजाही पर पड़ा है, जिसके कारण उनकी संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है।1
- बिहार के एक क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस ने कथित तौर पर एक घर का ताला तोड़कर उसमें प्रवेश किया। आरोप है कि इस कार्रवाई के दौरान पुलिस घर में रखी खटिया, चौखट और बर्तन तक अपने साथ ले गई। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी देखी गई है। मामले को लेकर पुलिस की ओर से अभी तक किसी आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।1
- ट्रैफिक सिपाही सतीश कुमार ने अपनी ड्यूटी के प्रति अपनी ईमानदारी पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि वह जहाँ भी तैनात होते हैं, इसी तरह पूरी ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाते हैं। सिपाही सतीश कुमार की पहचान एक ऐसे ट्रैफिक सिपाही के तौर पर की गई है जो सड़कों पर जाम नहीं लगने देते और सिग्नल की तरह अपनी ड्यूटी मुस्तैदी से करते हैं।1
- पवई गांव की सड़क की मरम्मत को लेकर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ बताया गया है कि इस सड़क के लिए वर्ष 2025 में नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, वर्ष 2026 तक आ जाने के बाद भी सड़क की मरम्मत का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इस स्थिति पर सवाल उठाया गया है कि आखिर इस सड़क की मरम्मत कब तक पूरी की जाएगी।1