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जहानाबाद जिले के डिहुरी गांव में श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन से पूर्व एक भव्य कलशयात्रा निकाली गई। इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जानकारी के अनुसार, श्रीमद्भागवत कथा का यह कार्यक्रम 25 मई से शुरू होकर 31 मई तक चलेगा।
मनोज कुमार
जहानाबाद जिले के डिहुरी गांव में श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन से पूर्व एक भव्य कलशयात्रा निकाली गई। इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जानकारी के अनुसार, श्रीमद्भागवत कथा का यह कार्यक्रम 25 मई से शुरू होकर 31 मई तक चलेगा।
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- भारतीय डाक विभाग के नालंदा मंडल द्वारा आज बिहार शरीफ के टाउन हॉल में वित्तीय वर्ष 2026-2027 को लेकर एक समीक्षा बैठक सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान डाक विभाग की विभिन्न सेवाओं की गहन समीक्षा की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले के लोगों को और भी बेहतर सेवाएँ प्रदान करना तथा अधिक से अधिक लोगों को डाकघर से जोड़ना था। इस बैठक में इन बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले डाककर्मियों को सम्मानित भी किया गया। सर्वाधिक खाता खोलने की श्रेणी में इस्लामपुर उपडाकघर के संजय कुमार ने प्रथम, हरनौत के संतोष कुमार ने द्वितीय और राजगीर के सोमन कुमार बोस ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जोड़ने के लिए श्री कुमार अभिषेक को पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त, दीपू कुमार, जितेंद्र कुमार, विशाल कुमार, डायरेक्ट एजेंट के रूप में कुमकुम कुमारी, सिमरन, विशाल कुमार, और पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस के क्षेत्र में प्रीति गुप्ता, रूबी कुमारी, अशोक कुमार को भी सम्मानित किया गया। प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर श्री मनीष कुमार आनंद को भी सर्वाधिक खाता खोलने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया, साथ ही सीमा कुमारी, आलोक कुमार प्रखर, मुन्ना कुमार, सिंकू कुमारी, मनोज कुमार, और संजीव कुमार जैसे अन्य कर्मियों को भी उनके योगदान के लिए सराहा गया। डाक अधीक्षक कुंदन कुमार ने इस अवसर पर जनता से अपील की कि वे डाक विभाग की विभिन्न बचत योजनाओं, बीमा सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाएँ। उन्होंने लोगों को डाकघर से जुड़कर सुरक्षित एवं विश्वसनीय सेवाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस समारोह में पोस्टमास्टर मनीष कुमार आनंद, डाक निरीक्षक रामाशीष कुमार, विकास राय, इंद्रेश विक्रांत, रंजीत रजक, डिप्टी पोस्टमास्टर अमलेश कुमार, मिथलेश कुमार, शैलेन्द्र कुमार सहित मंडल के सभी डाककर्मी उपस्थित रहे।1
- नालन्दा जिले में एक लूट कांड को अंजाम देने वाले अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में हुए लूट की घटना के संबंध में कार्रवाई हुई है।2
- सम्राट चौधरी से संबंधित पुलिस पर एक गैंगस्टर के सामने समर्पण करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर सम्राट चौधरी की पुलिस एक गैंगस्टर के सामने कमजोर क्यों पड़ गई। यह मुद्दा प्रदेश में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है।1
- नालंदा डाक विभाग द्वारा टाउन हॉल बिहार शरीफ में एक समीक्षा बैठक और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।1
- भारतीय डाक विभाग के नालंदा मंडल द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-2027 को लेकर एक समीक्षा बैठक सह सम्मान समारोह का आयोजन टाउन हॉल बिहार शरीफ में किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डाक विभाग की विभिन्न सेवाओं की समीक्षा करना तथा जिले के लोगों को और बेहतर सेवाएँ प्रदान करने के साथ-साथ अधिक से अधिक लोगों को डाकघर से जोड़ना था, जिस पर विस्तृत चर्चा हुई। समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले डाककर्मियों को सम्मानित भी किया गया। सर्वाधिक खाता खोलने की श्रेणी में इस्लामपुर उपडाकघर के संजय कुमार को प्रथम, हरनौत के संतोष कुमार को द्वितीय और राजगीर के सोमन कुमार बोस को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक जोड़ने के लिए श्री कुमार अभिषेक को पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त, दीपू कुमार, जितेंद्र कुमार, विशाल कुमार, डायरेक्ट एजेंट के रूप में कुमकुम कुमारी, सिमरन, विशाल कुमार और पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस के क्षेत्र में प्रीति गुप्ता, रूबी कुमारी, अशोक कुमार को भी पुरस्कृत किया गया। सीमा कुमारी, आलोक कुमार प्रखर, मुन्ना कुमार, सिंकू कुमारी, मनोज कुमार, संजीव कुमार सहित प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर श्री मनीष कुमार आनंद को सर्वाधिक खाता खोलने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डाक अधीक्षक कुंदन कुमार ने आम जनता से अपील की कि वे डाक विभाग की विभिन्न बचत योजनाओं, बीमा सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाएँ तथा डाकघर से जुड़कर सुरक्षित एवं विश्वसनीय सेवाओं का लाभ प्राप्त करें। समारोह में पोस्टमास्टर मनीष कुमार आनंद, डाक निरीक्षक रामाशीष कुमार, विकास राय, इंद्रेश विक्रांत, रंजीत रजक, डिप्टी पोस्टमास्टर अमलेश कुमार, मिथलेश कुमार, शैलेन्द्र कुमार सहित मंडल के सभी डाककर्मी उपस्थित थे।1
- नालंदा डाक मंडल द्वारा बिहारशरीफ के टाउन हॉल में एक समीक्षा बैठक सह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान, उत्कृष्ट कार्य करने वाले डाककर्मियों, एजेंटों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया। डाक अधीक्षक कुंदन कुमार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में कुंदन कुमार ने बचत योजनाओं, डाक जीवन बीमा, ग्रामीण डाक जीवन बीमा और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को आम लोगों तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर, विभिन्न श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह समारोह नालंदा डाक मंडल की उपलब्धियों का जश्न था, जिसमें कर्मियों के उत्कृष्ट योगदान को सराहा गया।1
- बिहार में कोसी नदी के किनारे बसे इलाकों की स्थिति आज भी अत्यंत दयनीय बनी हुई है, जहाँ हर वर्ष बाढ़, कटाव और विस्थापन के कारण लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। कोसी नदी को 'बिहार का शोक' कहा जाता है, क्योंकि इसके कारण सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में हर साल पानी का स्तर बढ़ने से गाँव डूब जाते हैं और खेत व घर कटाव में बह जाते हैं, जिससे लोगों को बार-बार पलायन करना पड़ता है। तटबंधों या पटवन वाले क्षेत्रों के पास रहने वाले कई परिवार अस्थायी झोपड़ियों में गुजारा करते हैं, जहाँ सड़क, बिजली, स्कूल और अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। खेती योग्य जमीन लगातार कम हो रही है, और लोग मजदूरी व पशुपालन के सहारे किसी तरह जीवन यापन कर रहे हैं। बाढ़ से खेती बर्बाद होने के कारण युवाओं को रोजगार की तलाश में पंजाब, दिल्ली और हरियाणा जैसे अन्य राज्यों में पलायन करना पड़ता है, जिससे महिलाओं और बच्चों की स्थिति और भी विकट हो जाती है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ भी बुरी तरह प्रभावित हैं; बरसात के मौसम में स्कूल बंद हो जाते हैं और नाव ही एकमात्र सहारा बचती है, जबकि स्वास्थ्य सेवाएँ समय पर उपलब्ध नहीं हो पातीं। सरकार द्वारा तटबंध निर्माण और मरम्मत, राहत शिविर, प्रधानमंत्री आवास योजना, बाढ़ सहायता राशि, तथा सड़क व पुल निर्माण जैसे कार्य किए जा रहे हैं। हालांकि, कई क्षेत्रों में अभी भी ये सुविधाएँ पूरी तरह से नहीं पहुँच पाई हैं। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद स्थानीय लोग खेती, मछली पालन, पशुपालन और दिहाड़ी मजदूरी करके जीवन चला रहे हैं। वे लगातार स्थायी पुनर्वास, बेहतर शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएँ और कटाव को रोकने के लिए मजबूत उपायों की मांग कर रहे हैं।1
- बिहार के कोशी नदी के किनारे बसे इलाकों की स्थिति आज भी बेहद दयनीय बनी हुई है, जहाँ हर साल बाढ़, कटाव और विस्थापन के कारण लोगों का जीवन प्रभावित होता है। विशेष रूप से सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में कोशी का प्रभाव सबसे अधिक देखा जाता है। नदी को 'बिहार का शोक' कहा जाता है, क्योंकि इसके बढ़ते जलस्तर से हर वर्ष गाँव डूब जाते हैं, खेत और घर कटाव में बह जाते हैं, जिसके कारण लोगों को बार-बार पलायन करना पड़ता है। इन क्षेत्रों में, खासकर तटबंधों और पटवन परियोजनाओं के पास, कई परिवार अस्थायी झोपड़ियों में जीवन बिताने को मजबूर हैं, जहाँ सड़क, बिजली, स्कूल और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। खेती योग्य भूमि लगातार कम हो रही है, जिससे रोजगार की समस्या गहरा गई है। बाढ़ के कारण फसलें बर्बाद हो जाती हैं और युवा बेहतर अवसर की तलाश में पंजाब, दिल्ली व हरियाणा जैसे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। महिलाओं और बच्चों के लिए परिस्थितियाँ और भी कठिन हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ भी बुरी तरह प्रभावित हैं; बरसात के मौसम में स्कूल बंद हो जाते हैं और नाव ही एकमात्र आवागमन का साधन बचती है, जिससे समय पर स्वास्थ्य सुविधाएँ भी नहीं मिल पातीं। सरकार द्वारा तटबंधों के निर्माण व मरम्मत, राहत शिविरों की स्थापना, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सहायता, बाढ़ सहायता राशि और सड़क व पुल निर्माण जैसे कार्य किए जा रहे हैं। हालाँकि, कई क्षेत्रों में ये सुविधाएँ अभी भी पूरी तरह से नहीं पहुँच पाई हैं। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद, स्थानीय लोग खेती, मछली पालन, पशुपालन और दिहाड़ी मजदूरी करके किसी तरह अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख माँगें हैं कि उन्हें स्थायी पुनर्वास मिले, बेहतर शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलें और कटाव को रोकने के लिए मजबूत व प्रभावी उपाय किए जाएँ।1
- गया शहर के नगर निगम गयाजी अंतर्गत वार्ड संख्या 34 के ग्वाल बिगहा पुलिस लाइन रोड में नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (NIMA) के तत्वावधान में डाबर इंडिया द्वारा एक निःशुल्क चिकित्सा, परामर्श एवं जाँच शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ वार्ड संख्या 34 की पार्षद शीला देवी एवं महिला अध्यक्ष ज्योति दांगी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर डॉ. चंद्रा तारा यादव और सुषमा कुमारी को अंगवस्त्र एवं बुके भेंट कर सम्मानित भी किया गया। इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ सैकड़ों लोगों ने उठाया, जिन्होंने चिकित्सा, परामर्श और जाँच सेवाओं का फायदा लिया। इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ. मृत्युंजय कुमार, डॉ. प्रेमलता, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. बादल कुमार माथुर, डॉ. कृष्ण प्रकाश, डॉ. जेड खान, दंत चिकित्सक अभिषेक मृणाल, माइक्रो डायग्नोस्टिक के गुंजन कुमार, सर्वदर्शन पांडेय, रुपेश कुमार, आशुतोष सिंह और डाबर इंडिया के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।1